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Lucknow : वक्फ संपत्तियों की हिफाजत बनी चुनौती, 36 जिलों में सुरक्षा के लिए नहीं है एक भी कर्मचारी

मोहम्मद इरफान, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 28 Nov 2022 05:15 AM IST
सार

Lucknow : 36 जिले ऐसे हैं जहां इन संपत्तियों की सुरक्षा के लिए एक भी कर्मचारी नहीं है। वहीं, 46 जिलों में वक्फ निरीक्षक ही नहीं हैं। सभी 75 जिलों में इन संपत्तियों के हिफाजत और निगरानी लिए सिर्फ सर्वे वक्फ विभाग में सिर्फ 60 कर्मचारी हैं। ऐसे में इन संपत्तियों पर अवैध कब्जे व बिक्री के मामले बढ़ते जा रहे हैं। 

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demo pic... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

प्रदेश में वक्फ संपत्तियों की हिफाजत चुनौती बनती जा रही है। 36 जिले ऐसे हैं जहां इन संपत्तियों की सुरक्षा के लिए एक भी कर्मचारी नहीं है। वहीं, 46 जिलों में वक्फ निरीक्षक ही नहीं हैं। सभी 75 जिलों में इन संपत्तियों के हिफाजत और निगरानी लिए सिर्फ सर्वे वक्फ विभाग में सिर्फ 60 कर्मचारी हैं। ऐसे में इन संपत्तियों पर अवैध कब्जे व बिक्री के मामले बढ़ते जा रहे हैं। 



वक्फ संपत्तियों की निगरानी और सुरक्षा के लिए वर्ष 1976 में वक्फ विभाग
प्रदेश में 1.30 लाख वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें से करीब 1.22 लाख सुन्नी और 8 हजार सम्पत्तियां शिया की हैं। इन संपत्तियों से अवैध कब्जे हटवाने, उनकी हदबंदी करवाने, खाली जमीनों पर पौधरोपण, कब्रिस्तानों की बाउंड्री कराकर उनका पंजीकरण कराने की जिम्मेदारी मुख्य वक्फ निरीक्षक और सर्वे वक्फ निरीक्षक की होती है। अभी वक्फ निरीक्षक के 70 पद सृजित हैं, लेकिन तैनाती सिर्फ 32 मुख्य वक्फ निरीक्षक व सर्वे वक्फ निरीक्षक की है। 


हर जिले में एक मुख्य वक्फ निरीक्षक/ सर्वे वक्फ निरीक्षक, वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक और एक अनुसेवक के जिला संवर्ग में कुल 280 पद सृजित हैं। इनमें से कनिष्ठ सहायक, निरीक्षक, अनुसेवक के पद सीधी भर्ती से और मुख्य निरीक्षक, वरिष्ठ सहायक के पद विभागीय प्रोन्नति से भरने का प्रावधान है।

इन जिलों में एक भी कर्मचारी नहीं
मैनपुरी, मथुरा, हाथरस, एटा, कासगंज, बलिया, मऊ, प्रयागराज, कौशांबी, कानपुर देहात, औरैया, फर्रुखाबाद, कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, बांदा, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर, श्रावस्ती, अंबेडकरनगर, पीलीभीत, सोनभद्र, बिजनौर, संभल, अमरोहा, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बागपत, लखीमपुर खीरी, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर और शामली में एक भी कर्मचारी तैनात नहीं है। इन 36 जिलों में 144 पदों पर न तो सीधी भर्ती से और न ही विभागीय प्रोन्नति से रिक्त पदों को भरा गया है। 

मुख्यालय से लेकर जिलों का 68 कर्मचारियों पर भार
वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा के लिए वर्तमान में सर्वे वक्फ कमिश्नर विभाग में मुख्यालय और जिला संवर्ग में कुल 300 पद सृजित हैं। सभी 75 जिलों में वक्फ संपत्तियों की निगरानी के लिए 7 मुख्य वक्फ निरीक्षक, 25 सर्वे वक्फ निरीक्षक, 9 वरिष्ठ सहायक, 4 कनिष्ठ सहायक और 15 अनुसेवक तैनात हैं जबकि विभाग के मुख्यालय स्तर पर 20 सृजित पदों पर सिर्फ 8 कर्मचारी ही तैनात हैं।

पांच जिलों में चपरासी के भरोसे सुरक्षा
कानपुर नगर, फतेहपुर, रामपुर, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर ऐसे हैं जहां पर वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा चपरासी के भरोसे हैं। यहां पर न तो मुख्य वक्फ निरीक्षक/सर्वे वक्फ निरीक्षक, वरिष्ठ सहायक और न ही कनिष्ठ सहायक तैनात है। इसके अलावा कन्नौज, बदायूं और सहारनपुर में सिर्फ कनिष्ठ सहायक को तैनाती है। 
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 विभाग में सीधी भर्ती के रिक्त पदों के लिए अधियाचन उप्र. अधीनस्थ चयन सेवा आयोग को भेजा गया है। जल्द ही रिक्त पदों के भरे जाने की उम्मीद है।
-जे रीभा, निदेशक अल्संख्यक कल्याण विभाग एवं अपर सर्वे कमिश्नर वक्फ

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