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इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा के घर में आगमन से होंगी ये राशियां धनवान
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इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा के घर में आगमन से होंगी ये राशियां धनवान

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शिक्षक दिवस विशेष: कोरोना काल में भी इन शिक्षकों ने नहीं मानी हार, अपने इनोवेशन से फैलाया ज्ञान का प्रकाश

कोरोना काल में हर क्षेत्र को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ऐसी विकट परिस्थितियों में भी कुछ शिक्षकों ने चुनौतियों को स्वीकार किया और अपने नवाचार के जर...

5 सितंबर 2021

Digital Edition

राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप-2021: बजरंग पुनिया बोले- देश में सुविधा की मोहताज नहीं कुश्ती, मेडल लाने के लिए करनी पड़ती कड़ी मेहनत

राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप-2021 में शामिल पहलवानों का हौसला बढ़ाने के लिए ओलंपिक-2021 के फ्री स्टाइल कुश्ती के कांस्य पदक विजेता बजरंग पुनिया शुक्रवार को अमेठी में थे। सुबह से लेकर शाम तक कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे। देश के 23 राज्यों से आए पहलवानों के प्रदर्शन पर ताली बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। पुनिया जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित हुए। पहले दिन की प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद अमर उजाला ने पुनिया से कुश्ती व अमेठी में हो रहे इस आयोजन पर बातचीत की।

पुनिया ने कहा कि यह बहुत ही अच्छा आयोजन है। कुश्ती मुख्य रूप से गांव का ही खेल है। इससे खिलाड़ी प्रेरणा लेंगे। ऐसा नहीं कि कोई हरियाणा दिल्ली के पहलवान ही मेडल जीत सकते हैं। मन से मेहनत करे तो भारत के किसी भी हिस्से में रहने वाला पहलवान मेडल जीत सकता है।

कुश्ती का खेल सुविधाओं का मोहताज नहीं होता। मैं भी गांव से ही निकल कर आया हूं। यह सब कोई बात नहीं है कि गांव के लड़के यह सब नहीं कर सकते हैं। मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। अगर मेहनत करेंगे। अपने बड़ों का सम्मान करेंगे, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। जो भी खिलाड़ी यहां आए हैं। उनसे प्रेरणा लें। जीवन में आगे बढ़ें। संघर्ष से ही मुकाम तय होता है। कुश्ती का बहुत अच्छा भविष्य है। हर साल मेडल आ रहे हैं। कुश्ती में भारत दिन-ब-दिन आगे जा रहा है।

कुश्ती में भाग्य आजमाएं लड़कियां
शनिवार को सैनिक स्कूल पहुंचीं फ्री स्टाइल कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय पहलवान गीता फोगाट ने ग्रामीण क्षेत्र में हो रहे राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता के आयोजन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्रीय मंत्री स्मृति की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। यह आयोजन अमेठी के साथ उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इस आयोजन से जिले के युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। युवा दिन रात मेहनत करें। हमने भी गांव से निकलकर यहां तक का सफर तय किया है। लड़कियों को चाहिए कि वे संकोच तोड़कर कुश्ती में भाग्य आजमाएं। अभिभावकों को भी चाहिए कि वे इस क्षेत्र में बढ़ने वाली अपनी लाडली को सपोर्ट करें। बेटियों को सपोर्ट करेंगे तो वे आपके साथ देश का भी नाम रोशन करेंगी।

लखनऊ में भी ऐसे आयोजन की जरूरत
शनिवार को प्रदेश के कानून मंत्री बृजेश पाठक भी सैनिक स्कूल पहुंचे। कानून मंत्री ने अमेठी में हो रही राष्ट्रीय स्तर की दंगल प्रतियोगिता की मुक्तकंठ से सराहना की। कहा कि यह ग्रामीण इलाके में होने वाला शानदार आयोजन है। अमेठी की सरजमीं पर यह ऐतिहासिक कार्य है। आयोजन के लिए बड़ी बहन स्मृति व राष्ट्रीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह बधाई के पात्र हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कुश्ती को लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं। हरियाणा व कई अन्य प्रांतों से निकलकर खिालाड़ी खेल के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पटल पर पहचान बना रहे हैं। देश का नाम रोशन कर रहे हैं। अब पूरे देश की निगाहें यूपी पर हैं। इस आयोजन से युवा प्रेरणा लेंगे। यूपी से भी खिलाड़ी निकलेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों में प्रतिभाग कर मेडल लाने में सफल होंगे।
 
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राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप-2021 राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप-2021

बहराइच सीरियल हत्याकांड का खुलासा: तीन हत्यारोपी गिरफ्तार, एक ही परिवार के थे तीन बच्चे व मां, मुंबई में बना था प्रेम संबंध

36 घंटे के अंदर तीन मासूम समेत चार लोगों की गला रेतकर बेरहमी से हत्या करने के बाद खेत में शव फेंक देने की घटना का खुलासा पुलिस ने शनिवार को कर दिया। हत्यारोपी ने पैसे की लालच व शादी के दबाव से छुटकारा पाने के लिए अपने दो सहयोगियों के साथ मिलकर चार लोगों की हत्या को अंजाम दिया था और मुंबई भाग गया था। मां व तीन बच्चे एक ही परिवार के थे। एसओजी टीम ने सीसीटीवी फुटेज व रेलवे के रिर्जवेशन चार्ट की मदद से मुंबई पहुंचकर हत्यारोपियों को हिरासत में लिया व बहराइच आए। उनके पास से मृतक महिला का मोबाइल व अन्य सामान बरामद हुआ। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। दो दोहरे हत्याकांड का खुलासा होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। जघन्य अपराध के खुलासे पर शासन, आईजी व एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को नगद इनाम देकर पुरस्कृत करने की घोषणा किया है। 

फखपुर थाना क्षेत्र के गजाधरपुर गांव में बीते 11 सितंबर को गन्ने के खेत में दो मासूम बच्चों का शव फेंका गया था। जिनकी गला रेतकर हत्या की गई थी। इसकी जांच पुलिस कर ही रही थी। इसी बीच 12 सितंबर को इसी थाना क्षेत्र के माधवपुर गांव में धान के खेत में महिला का सिर कटा शव व गन्ने के खेत में मासूम बच्ची का शव मिला। सीरियल हत्याकांड से जिला थर्रा उठा। देवीपाटन मंडल के आईजी डॉ. राकेश सिंह ने दौरा कर कमान संभाली और एसपी सुजाता सिंह के निर्देशन में कैसरगंज सीओ कमलेश सिंह को विवेचक बनाकर चार टीमें गठित की। जिसमें एसओजी प्रभारी मुकेश सिंह व सर्विलांस प्रभारी निखिल श्रीवास्तव की टीमों ने अहम रोल निभाया। 

आईजी ने बताया कि जांच के दौरान ग्रामीणों ने हत्यारों का हुलिया बताया तो टीम ने लखनऊ जाने वाले मार्ग पर होटल व ढाबे पर सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। जिसमें कुछ जगहों पर हुलिया व उम्र मिलती दिखी तस्वीरें व फुटेज सामने आए। उसके बाद टीम ने लखनऊ के आसपास होटलों को खंगाला तो एक होटल के सीसीटीवी में वहीं लोग दिखे। वहां पर टीम को उनका नाम व नंबर मिला। उसके बाद टीम ने कड़ी से कड़ी को जोड़ना शुरू किया। टीम ने रेलवे के रिजर्वेशन चार्ट को खंगाला तो होटल में दर्ज नाम व उम्र का मिलान हुआ। टीम तत्काल मुंबई रवाना हुई और सर्विलांस की मदद से हत्यारोपियों के पास पहुंची और उनको हिरासत में लेकर बहराइच आई। 

पकड़े गए हत्यारोपियों की पहचान फखरपुर थाना क्षेत्र के ततेहरा गांव निवासी ननकू पुत्र मुबारक अली, सलमान खान पुत्र उस्मान खान व दानिश खान पुत्र नसीम खान के रूप में हुई। हत्यारोपियों से पूछताछ के दौरान अज्ञात शवों की शिनाख्त हुई। आईजी ने बताया कि पूछताछ के दौरान अज्ञात शवों की शिनाख्त करते हुए हत्यारोपियों ने बताया कि 35 वर्षीय महिला मैरी काशी कत्रायन पुत्री काशी कत्रायन, 11 वर्षीय राजाती, सात वर्षीय जोसेफ व चार वर्षीय सौंदर्या निवासी मुमरा देवी आर्केड दिवा ईस्ट थाना मुम्ब्रा जिला थाणे राज्य महाराष्ट्र के रहने वाले थे। सभी ने महिला का मकान बेचे जाने के बाद मिले 60 लाख रुपये हड़पने व छुटकारा पाने के लिए हत्याकांड को अंजाम देने की बात स्वीकार की। तीनों हत्यारोपियों को नामजद करते हुए पुलिस ने जेल भेज दिया है। 
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नहीं थमा बारिश से तबाही का सिलसिला: छप्पर का मकान ढहने से मां की मौत, बेटी घायल

दो दिन हुई तेज बारिश रुकने के बाद भी तबाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार रात मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के पेमापुर गांव में छप्पर का मकान ढहने से मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। ग्रामीणों ने आनन-फानन में दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने मां को मृत घोषित कर दिया जबकि बेटी की हालत नाजुक बनी हुई है।

गांव निवासी दिलीप कुमार शुक्रवार रात अपनी पत्नी कमला (35) देवी व दो बेटियों आयुषी (13) व मोनी के साथ छप्पर के मकान में सोया हुआ था। मकान के चारों तरफ पानी होने से दीवार में काफी नमी हो गई थी। रात करीब एक बजे छप्पर की दीवार भर-भराकर ढह गई।

चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने सभी घायलों को छप्पर के नीचे से निकाला। ग्राम प्रधान ने सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सक ने कमला देवी को मृत घोषित कर दिया। आयुषी की हालत नाजुक बनी हुई है। इस हादसे में दिलीप को मामूली चोटें आई हैं। वहीं, मोनी बाल-बाल बच गई है।
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मौसम पर बटरफ्लाई इफेक्ट: यलो अलर्ट में उड़ गए काले बादल, नहीं हुई बारिश, निकली धूप

राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को यलो अलर्ट के बावजूद सुबह धूप निकली। हालांकि 11 बजे के बाद काले बादल फिर घिर आए पर बरसे नहीं। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे बदलावों को ‘बटर फ्लाई प्रभाव’कहा जाता है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार संभवत: तेज हवाएं बादलों को बहा ले गईं। या फिर बृहस्पतिवार को रिकॉर्डतोड़ बारिश के कारण बादलों की नमी खत्म हो गई होगी या फिर बूंदें इतनी हल्की और छोटी रह गईं कि  हवाओं के प्रतिरोध के कारण वे नीचे तक आ ही नहीं सकीं।

.2 मिमी बरसात का दावा
सुबह घिरे काले-काले बादल हर कदम यही अहसास करा रहे थे कि अब होगी तेज बारिश। दिन ऐसे ही बीत गया, पर शहर में कहीं बारिश रिकॉर्ड नहीं हुई, हालांकि सुदूर अंचल में पड़ी बौछारों के कारण मौसम विभाग ने .2 मिमी बरसात का दावा किया है।
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यूपी: बोर्ड की 10वीं और 12वीं की इंप्रूवमेंट परीक्षाएं शुरू, कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से हो रहा पालन

यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की इंप्रूवमेंट परीक्षाएं आज से शुरू हो रही हैं। जिले में नौ परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां शुक्रवार देर शाम तक तैयारियां चलती रही। कहीं डेस्क स्लिप लगाए जा रहे थे तो कहीं बारिश की वजह से निदेशालय में बने कंट्रोल रूम से कटे केंद्रों की गड़बड़ियां दूर की जा रहीं थीं।

वहीं, शनिवार को अभ्यर्थियों को कोरोना प्रोटोकॉल को सख्त्ती से पालन करने के लिए कहा गया है। स्कूलों में सैनिटाइजर का इंतजाम किया गया था और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने पर भी शिक्षक ध्यान दे रहे थे।

इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए जिले से 2,895 छात्रों ने पंजीकरण कराया है। इनमें हाईस्कूल के 1,719 और इंटर के 1,176 छात्र शामिल हैं। सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों के बैठने के लिए डेस्क स्लिप लगाई गई। कोविड प्रोटोकॉल के तहत सीटिंग अरेंजमेंट किया गया है।

इसके अलावा परीक्षा कक्षों में लगे सीसीटीवी कैमरे को भी सुचारु किया गया है। वहीं, भारी बारिश की वजह से राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में तार टूटने से कनेक्टिविटी गायब हो गई थी, जिसे देर रात तक दुरुस्त करने का काम चलता रहा।
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सियासत से सत्ता : गुजरात के बदलाव में यूपी के लिए भी बड़ा संदेश, असंतुष्टों को नसीहत

गुजरात में नए मंत्रिमंडल के गठन से भाजपा ने सिर्फ स्थानीय समीकरणों को ठीक करने का काम नहीं किया है बल्कि इसके जरिये यूपी व भाजपा शासित अन्य राज्यों के पार्टी नेताओं को समझाने के साथ बड़ा और कड़ा संदेश देने की कोशिश की है। असंतुष्टों को नसीहत भी दी है कि भाजपा में किसी को कभी भी किसी भूमिका के लिए मौका मिल सकता है, लेकिन उसके लिए संयम रखना होगा। दबाव बनाने से कुछ हीं मिलेगा। पाने के लिए क्षमता व योग्यता साबित करना ही होगा। संदेश सिर्फ  पार्टी के लोगों को नहीं है बल्कि विपक्ष को भी है कि भाजपा कभी भी कोई फैसला कर सकती है। 

भाजपा हाईकमान ने पिछले कुछ महीनों में उत्तराखंड में दो और कर्नाटक में येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से हटाकर नए चेहरों को मौका दिया। केंद्रीय मंत्रिमंडल से रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावडेकर जैसे बड़े चेहरों को बाहर किया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह के गृह प्रदेश गुजरात में बदलाव कर दिया। गुजरात में मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि पूरा मंत्रिमंडल बदलकर यह बता दिया गया कि कोई खुद को पार्टी के ऊपर न समझे। पार्टी हित पर आंच आने या चुनावी राज्यों में भाजपा की सत्ता वापसी में संकट दिखने पर किसी की भी कुर्सी छिन सकती है, उसका कद और पद कितना भी ऊंचा क्यों न हो। 

साधने का साथ समझाया भी

गुजरात में मुख्यमंत्री के साथ पूरा मंत्रिमंडल बदलकर शीर्ष नेतृत्व ने यूपी के उन लोगों को साधने के साथ समझाने की भी कोशिश की है जो किसी कारण खुद को उपेक्षित या अलग-थलग महसूस कर रहे हैं। नेतृत्व ने संदेश दिया है कि भाजपा में संभावनाओं व तरक्की के द्वार हमेशा खुले हैं। भले ही किसी पर बड़े या ताकतवर नेता का हाथ हो या न हो। बशर्ते अनुशासन के साथ संयम और विवेक रखें। पहली बार का विधायक मुख्यमंत्री बन सकता है और कई बार के विधायक अगर पार्टी की पुन: सत्ता प्राप्ति की राह में सक्रिय योगदान नहीं दे रहा है तो मंत्रिमंडल से ही नहीं किसी भी पद से किसी वक्त हटाया जा सकता है।

साथ चलें तो हो सकता है समायोजन

वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल भी कहते हैं कि गुजरात के जरिये मोदी और शाह ने प्रदेश में भाजपा के असंतुष्ट खेमे को प्रकारांतर से यह संदेश देने की कोशिश की है कि कोई असंतुष्ट नहीं रहेगा। आज नहीं तो कल उसे मौका मिलेगा जरूर। शर्त एक ही है कि अनुशासन में रहे और संगठन व सरकार के साथ चलें। लाल की बात मानें तो मोदी व शाह के गुजरात के फैसले से यूपी के उन विधायकों के लिए खासतौर से संदेश निकला है जिनको लेकर बीते दिनों तरह-तरह की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं। संदेश साफ  है कि दबाव या खेमेबाजी से कुछ नहीं होने वाला। कुछ चाहिए तो संगठन व सरकार के साथ समन्वय बनाकर कदमताल करें। नहीं तो आने वाले दिनों में टिकट भी कट सकता है।

विपक्ष में भी सेंधमारी की कोशिश

राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि भाजपा नेतृत्व ने गुजरात के जरिये विपक्ष को भी सियासी बिसात पर कठघरे में खड़़ा कर उसमें सेंधमारी की कोशिश की है। राजनीतिक समीक्षक प्रो. एपी तिवारी कहते हैं कि छत्तीसगढ़, पंजाब और  राजस्थान की सियासी उठापटक को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की असमंजस व अनिर्णय की स्थिति के बीच उत्तराखंड, कर्नाटक और अब गुजरात के फैसलों से भाजपा ने जन सरोकारों व दायित्वों के साथ पार्टी के आंतरिक फैसलों को लेकर विपक्ष से ज्यादा स्पष्ट और सजग होने का संदेश देने की कोशिश की है।

तिवारी कहते हैं कि राजनीति में मुद्दों पर सजगता और स्पष्टता जनता के बीच ही नहीं अन्य राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच उस दल की विश्वसनीयता बढ़ाती है। साथ ही दल और बाहर के लोगों की महत्वाकांक्षाओं को भी उत्साह व उम्मीद प्रदान करती है। इससे स्पष्ट है कि भाजपा ने विपक्षी दलों के भीतर भी उन लोगों को संकेतों में भाजपा के साथ चलने का न्यौता देने की कोशिश की है जो अपने दलों में किसी गुट या हाईकमान के कारण महत्वाकांक्षाओं को मुकाम तक पहुंचाने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं।
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सीतापुर: सब्जी काटने वाले चाकू से देवर ने भाभी का गला रेत कर मार डाला

थाना रामकोट इलाके में शुक्रवार की देर रात किसी बात को लेकर उपजे विवाद के बाद देवर ने भाभी की चाकू से गला काटकर निर्मम हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया है। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की।

पुलिस का कहना है कि मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। रामकोट इलाके के गांव इंदरौली निवासी सुमन (40) के पति की तीन साल पहले मौत हो गई थी। बताते हैं कि पति की मौत के बाद महिला अपने देवर शंकर के साथ रहने लगी थी। वह दो साल से देवर के साथ रह रही थी।
परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार की देर रात महिला का देवर शंकर शराब के नशे में घर पहुंचा और किसी बात को लेकर उसका अपनी भाभी से विवाद हो गया। वाद विवाद बढ़ने पर आरोप है कि शंकर ने महिला को पहले धक्का दिया। इसके बाद सब्जी काटने वाले चाकू से महिला के का गला रेत दिया, इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना में घायल महिला को अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी लेकिन उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पाकर सीओ सिटी पीयूष सिंह, एसओ रामकोट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ सिटी ने बताया कि देवर ने भाभी की गला रेत कर हत्या की है। आरोपी के खिलाफ मामले में केस दर्ज किया जा रहा है। मृतका के बच्चों ने घटना की जानकारी दी है।

घटना के समय आरोपी शराब के नशे में था। घटना की स्पष्ट वजह अभी तक सामने नहीं आ सकी है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। आरोपी अभी कुछ दिन पूर्व चोरी के मामले जेल से छूटकर आया था।
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लखनऊ: दो महीने में ही धंस गईं करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़कें, बारिश ने उधेड़ दी स्मार्ट सिटी के दावों की पोल

स्मार्ट सिटी योजना में जिम्मेदार कितनी जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं कि इसकी हकीकत बारिश ने सामने ला दी है। हालत यह है कि बारिश थमने के बाद शुक्रवार को एक तरफ धंसी सड़कों के गड्ढे भरवाए जा रहे थे तो दूसरी तरफ कई इलाकों से जगह-जगह सड़क धंसने के मामले भी सामने आ रहे थे। त्रिलोक नाथ रोड और भोपाल हाउस रोड पर धंसी सड़कें दो महीने पहले करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई थीं।

स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम की जो सड़कें खोदी गई हैं उनको जल निगम की वही ठेकेदार कंपनी केके स्पैन बनवा रही है जिसको सीवर लाइन बिछाने का ठेका मिला है। मानक अनुसार निर्माण सामग्री इस्तेमाल न किए जाने से दो महीने में ही सड़कें धंस जा रही हैं।

प्रेस क्लब के सामने और उसके बगल से फैमिली कोर्ट की तरफ जाने वाले वाली सड़क जगह-जगह धंस गई हैं। जल निगम के ठेकेदार को यह सड़क  ठीक करानी थी, पर वह गायब रहा। इसके कारण नगर निगम के सहायक अभियंता सतीश रावत ने नगर आयुक्त के निर्देश पर सुबह जाकर गड्ढे को मलवा डलवाकर भरवाया।
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लखनऊ: डीएल आवेदकों को दोबारा लेनी होगी तारीख, बारिश के कारण आरटीओ कार्यालय का कामकाज हुआ ठप

राजधानी लखनऊ में बृहस्पतिवार को जिन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, वह बारिश के कारण आरटीओ कार्यालय नहीं पहुंच सके। ऐसे में इनके आवेदन रद्द कर दिए गए। अब आवेदकों को अगली तारीख लेनी होगा।

यही नहीं, आरटीओ कार्यालय में पानी भर जाने से दूसरे दिन शुक्रवार को भी कामकाज ठप रहा। ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ कार्यालय के आरआई प्रशांत कुमार ने बताया कि रोज 700 के आसपास डीएल संबंधित आवेदन आ रहे हैं। लेकिन बारिश के कारण 150-200 आवेदक ही पहुंच सके।

बाकियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए। बाकी आवेदकों को दोबारा तारीख लेनी होगी। इसके लिए पूर्व में किए गए आवेदन के अप्लीकेशन नंबर पर ही नया टाइम स्लॉट मिल जाएगा। कोई फीस नहीं जमा करनी होगी।
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