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MP News: EOW ने पेश नहीं की केस डायरी, बिशप पीसी सिंह की जमानत याचिका पर नहीं हो सकी सुनवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 30 Sep 2022 09:36 PM IST
सार

बिशप बनकर धोखाधड़ी करने और अकूत संपत्ति बनाने वाले पीसी सिंह की जमानत आज फिर टल गई। ईओडब्ल्यू ने केस डायरी पेश नहीं की थी। अब मामले की सुनवाई 11 अक्टूबर को होगी। 

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

बिशप के रूप में शैक्षणिक संस्थाओं की राषि के दुरुपयोग तथा मिशन की संपत्ति का फर्जीवाड़ा करने के आरोप में गिरफ्तार पीसी सिंह ने जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट जस्टिस नंदिता दुबे की एकलपीठ के समक्ष ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) की तरफ से बताया किया कि आरोपी के खिलाफ 90 से अधिक प्रकरण दर्ज हैं। जांचकर्ता अधिकारी केस डायरी अपने साथ ले गए हैं। ईओडब्ल्यू ने एकलपीठ को बताया कि अगली सुनवाई के दौरान निश्चित तौर पर केस डायरी पेश कर दी जाएगी। एकलपीठ ने जमानत आवेदन पर अगली सुनवाई 11 अक्टूबर को निर्धारित की है।


गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू की टीम ने 8 सितंबर को बिशप पीसी सिंह के नेपियर टाउन स्थित कार्यालय तथा घर में दबिश दी थी। दबिश के दौरान 80 लाख का सोना, 1 करोड़ 65 लाख रुपये नगद, 48 बैंक खाते, 18352 यूएस डॉलर, 118 पाउंड, 9 लग्जरी गाड़ियां, 17 संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। दबिश के दौरान बिशप देश के बाहर थे। ईओडब्ल्यू ने बिशप को नागपुर एयरपोर्ट से 12 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। ईओडब्ल्यू ने पूछताछ के लिए विषप को चार दिन के रिमांड पर लिया था।

 रिमांड के दौरान 10 एफडी सहित 174 बैंक खातों की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा बिशप ने मिशन कम्पाउण्ड स्थित बेशकीमती जमीन खुद के नाम आधे दामों में खरीदी थी। 

बिशप रहते हुए आरोपी ने जमीन बेची और क्रेता के तौर पर स्वयं खरीद ली। उनके खिलाफ देशभर के अलग-अलग राज्यों में 99 मामले दर्ज हैं। रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद 16 सितंबर को न्यायालय ने बिशप को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के निर्देश जारी किए थे।  जमानत के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया था। एकलपीठ ने आवेदन की सुनवाई करते हुए केस डायरी पेश करने के निर्देश जारी किए हैं। आवेदक की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे ने पैरवी की।
 

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