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इंदौर: चाकूबाजी का वीडियो आया सामने, जोया-जोया नाम की 200 लड़कियों से पुलिस की पूछताछ, आखिर में हुआ यह खुलासा

इंदौर में रियल एस्टेट कंपनी के सीनियर डायरेक्टर देवांशु मिश्रा से लूट के बाद हत्या की घटना की जांच कर रही है पुलिस के हाथ एक बड़ा सुराग लगा है। घटना की जांच कर रही पुलिस को वीडियो फुटेज मिला है। वीडियो  में आरोपियों द्वारा जोया नामक किन्नर को आवाज लगाई जा रही थी। वीडियो के आधार पर पुलिस ने शहर में अपराधी किस्म की 200 से अधिक जोया नाम की लड़कियों को पता किया। और इसी नाम की चार संदिग्ध युवतियों को थाने में पूछताछ के लिए बुलाया। ये वीडियो बॉम्बे हॉस्पिटल के पास मौजूद लोगों ने बनाया है।  इसके बाद आजाद नगर स्थित किन्नर का नाम सामने आया तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। आइए जानते हैं इस घटना को आरोपियों ने कैसे अंजाम दिया। 

बुधवार की रात में क्या-क्या हुआ?
  • 8 अक्तूबर की रात में वारदात को अंजाम दिया गया। रीवा का रहने वाला देवांशु मिश्रा इंदौर में रियल एस्टेट कंपनी फ्यूचर लैंडमार्क में सीनियर सेल्स डायरेक्टर था। वह रीवा का रहने वाला था। उसके पिता भी प्रोपर्टी डीलर का काम करते हैं। देवांशु कुछ दिन पहले ही काम करने के लिए इंदौर आया था।  
  • बुधवार की रात करीब 12:30 बजे वह बाइक से अपने दोस्त सतीश के साथ पार्टी कर रूम पर लौट रहा था। वह डेढ़ तौला सोने की चेन पहना था। बॉम्बे हॉस्पिटल के पास एक लड़की ने उसे लिफ्ट मांगी, लेकिन देवांशु ने लिफ्ट देने से इनकार कर दिया। फिर वहां पर दो तीन और बदमाश पहुंच गए।
  • देवांशु और बदमाशों के बीच बहस शुरू हो गई। बदमाश अल्लू और दोस्त किन्नर जोया ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। किन्रर जोया और बदमाश अल्लू ने देवांशु पर छोटे चाकू से कई बार हमले कर दिए। इतना ही नहीं किन्नर जोया देवांशु को लात घूंसे से मारता रहा। 
  • एक राहगीर ने इस वारदात का पूरा वीडियो बना लिया और पुलिस को यह वीडियो मुहैया करा दिया। इससे पुलिस को हत्याकांड का खुलासा करने में मदद मिली।
  • पुलिस ने उस वीडियो को कई बार देखा। वीडियो में एक आरोपी आवाज लगा रहा था।आरोपी बार-बार जोया चल...जोया चल की आवाज लगा रहा । जोया किन्नर है और बदमाश अल्लू के साथ वह रास्ते पर मौज मस्ती के लिए निकले थे। 
  • घटना के बाद सभी आरोपी वहां से फरार हो गए। देवांशु के शरीर से धीरे-धीरे खून बहने लगा था। उसका दोस्त सतीश अस्पताल ले जाने के बजाए उसे कमरे पर ले गया। जहां सुबह होते होते उसकी मौत हो गई।  
  • शुक्रवार की रात घटना से कुछ समय पहले ही देवांशु की पत्नी से बात हुई थी। पत्नी ने कहा कि वह किसी काम में बिजी होने की बात कहकर फोन काट दिए। उसके बाद अगले दिन इस घटना की सूचना मिली। 
  • घटना के बाद देवांशु की पत्नी और पिता इंदौर पहुंचे। पति के ऊपर कफन देखकर पत्नी पिता के कंधे पर सिर रखकर फफकर रोने लगीं। 
  • इधर परिजन देवांशु के दोस्त सतीश पर भी शक कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि अगर देवांशु के साथ चाकूबाजी हुई तो उसने किसी को बताया क्यों नहीं और अस्पताल में भर्ती नहीं कराकर रूम में क्यों छोड़ दिया।
  • फिलहाल पुलिस ने किन्रर जोया को पकड़ लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। 

कौन है जोया?
बॉम्बे हॉस्पिटल के सामने हुई चाकूबाजी में आरोपी किन्नर जोया ग्लैमरस लाइफस्टाइल जीता है। उसने कई फोटो भी शूट कराए हैं। जोया नशे के साथ पब और होटलों में जाने का शौकीन है। उसके कई कारोबारियों से भी नजदीकी संबंध है। कई बार विवादों में आ चुका है।

200 अपराधी किस्म की युवतियों से पूछताछ
पुलिस की तफ्तीश जोया नामक युवती की तरफ मुड़ गई। इसके बाद शहर के 200 से अधिक अपराधी किस्म की युवतियों से पूछताछ की, लेकिन खुलासा नहीं हुआ। फिर पुलिस ने वीडियो को गैर से देखा उसके आधार पर चार जोया नाम की लड़की को थाने पर पूछताछ के लिए बुलाया। इन्हें लगातार पूछताछ करने पर आजाद नगर की किन्नर का नाम सामने आया।

मदद के लिए नेताओं के आते रहे कॉल
 अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के दौरान देवांशु के परिवार के लोगों की मदद के लिए कई नेताओं के कॉल आते रहे। पुलिस अधिकारियों के पास भी मामले में कई कॉल आए।

रीवा के देवांशु की चार महीने पहले भोपाल में हुई थी शादी
देवांशु रीवा का रहने वाला था। कुछ महीने पहले ही इंदौर आया था। 4 महीने पहले ही भोपाल में उसकी शादी हुई थी। रिश्तेदार के अनुसार, वह अपने परिवार के साथ इंदौर शिफ्ट होने की तैयारी कर रहा था। 
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मध्यप्रदेश: वन मंत्री के रिश्तेदार पर 10 करोड़ रुपये का जुर्माना, बैतूल में दूसरी जगह से पत्थर निकालने का मामला

मध्यप्रदेश के बैतूल में वन मंत्री विजय शाह के रिश्तेदार पर अवैध खुदाई करने पर जुर्माना लगाया गया है। कलेक्टर ने पत्थर के अवैध उत्खनन पर 10.12 करोड़ 50 हजार का जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। मंत्री के रिश्तेदार पर  स्वीकृत जगह के बजाय दूसरी जगह से पत्थर निकालने का आरोप है। 

जिला खनिज अधिकारी ज्ञानेश्वर तिवारी के मुताबिक, 2019 में हरदा के जिनवानिया गांव के रहने वाले तेजबहादुर शाह पुत्र भारत शाह को बैतूल के हर्रई गांव में पत्थर उत्खनन के लिए भूमि आवंटित की गई थी। स्वीकृत भूमि लीज भूमि खसरा नंबर 69/10, 77, 78 कुल रकबा 1.284 हेक्टेयर है। इसके बावजूद उन्होंने खसरा नं. 72 से अवैध रूप से उत्खनन कर 67,500 घन मीटर पत्थर निकाल लिया। इस दौरान प्रशासन को जब इसकी जानकारी मिली तो 6 फरवरी 2019 को क्रशर पर छापा डाला गया। इसके बाद मामले को कलेक्टर कोर्ट में पेश किया गया।

मामले में गुरुवार को मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के नियम 53 (1) के तहत देय रॉयल्टी का 30 गुणा यानी 10 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही, मजिस्ट्रेट के सामने तेजबहादुर शाह के खिलाफ केस दायर करने के आदेश दिए गए हैं।
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मप्र उपचुनाव : एक लोकसभा और तीन विधानसभा सीटों के लिए भाजपा ने तय किए अपने उम्मीदवार, आठ अक्तूबर तक करना होगा नामांकन

मध्यप्रदेश की तीन विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनावों को लेकर पार्टियां उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर रही है। इसी कड़ी में बुधवार देर रात भाजपा ने भी उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली है। गुरुवार को प्रदेश भाजपा की ओर से औपचारिक एलान किया जाएगा। 

खंडवा लोकसभा सीट से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ज्ञानेश्वर पाटिल, जोबट से सुलोचना रावत, पृथ्वीपुर से शिशुपाल यादव और रैगांव से प्रमिमा बागरी के नामों को फाइनल किया गया है। भाजपा सांसद और नंदकुमार पटेल के निधन के बाद सीट खाली हुई है।   इससे पहले कांग्रेस ने खंडवा लोकसभा सीट से राज नारायण सिंह, रैगांव से कल्पना वर्मा, जोबट से महेश पटेल और पृथ्वीपुर से नितेंद्र सिंह राठौर को उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। 

एक लोकसभा और तीन विधानसभा उपचुनावों को लेकर  प्रदेश संगठन ने चार नामों का पैनल दिल्ली भेजा था। इस सूची में सांसद नंदकुमार सिंह के बेटे हर्षवर्धन सिंह का नाम पहले नंबर पर था, लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात कहकर रोक लगा दी थी कि भाजपा में परिवार या वंशवाद नहीं चलता, यह सब कांग्रेस की परंपरा  है। इसके बाद संगठन ने इस सीट पर ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के उम्मीदवार को मैदान में उतारना चाहती है। ऐसे में ज्ञानेश्वर पाटिल का नाम फाइनल किया गया।
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धार: प्रतिबंधित क्षेत्र से जुलूस निकालने की नहीं थी अनुमति, पुलिस ने किया लाठीचार्ज 

मध्यप्रदेश के धार शहर में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस निकालने के दौरान भगदड़ की स्थिति मच गई। प्रतिबंधित क्षेत्र से जुलूस नहीं निकालने की अनुमति थी, लेकिन मंगलवार को करीब सवा 10 बजे अचानक से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जुलूस जब उटावद दरवाजा क्षेत्र से गुजर रहा था तो उसमें शामिल कुछ लोगों ने बेरिकेड्स हटाकर प्रवेश निषेध वाले क्षेत्र में घुसने का प्रयास करने लगे। इस पर पुलिस के जवानों ने प्रवेश करने से रोका, लेकिन कुछ युवा अंदर घुसने के लिए हंगामा करने लगे। इसपर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। ऐसे में वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी के हालात बन गए। हालांकि, पुलिस बल ने हालात पर तुरंत ही काबू पा लिया। लाठीचार्ज के बाद कई इलाकों में भीड़ जमा होने लगी थी।

ईद मिलादुन्नबी के मौके पर धार प्रशासन ने शुरुआत में जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन सोमवार देर शाम को फैसला हुआ कि सीमित क्षेत्रों में जुलूस निकाला जा सकेगा। इसके लिए रूट तय किया था। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे जुलूस शुरू हुआ। धार की गुलमोहर कॉलोनी से होते हुए जुलूस बस स्टैंड व धान मंडी होता हुआ पिंजारवाड़ी पहुंचा। रास्ते में से लोग जुलूस में शामिल होते गए और देखते ही देखते संख्या एक हजार के ऊपर हो गई। पिंजारवाड़ी क्षेत्र में पुलिस ने बैरिकेड्स लगा  रखे थे। इसे प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर रखा था। जब जुलूस यहां पहुंचा तो पुलिस ने समझाया कि इस रूट पर अनुमति नहीं है। फिर भी कुछ लोग उसमें घुसने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन मानने को तैयार नहीं हुए। जिसपर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। 

शरारती तत्वों के खिलाफ होगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग के बजाए जब एक वर्ग के कुछ लोग परंपरागत मार्ग से जाने का दबाव बनाने लगे। इस पर इन लोगों को रोका गया, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हुए इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ उलझने लगे।  पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस निकलवाया। फिलहाल हम शरारती तत्वों को चिह्नित कर रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
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प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने की थी अनुमति प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने की थी अनुमति

खंडवा उपचुनाव: 41 साल बाद इस सीट पर उपचुनाव, भाजपा-कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर, गांव-गांव घूमकर इंदिरा गांधी ने मांगा था समर्थन

खंडवा लोकसभा सीट पर छह बार से सांसद रहे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह के निधन के बाद उपचुनाव हो रहा है। इस सीट पर 41 साल बाद हो रहे उपचुनाव के लिए 30 अक्तूबर को वोट डाले जाएंगे। कांग्रेस ने पूर्व विधायक राजनारायण सिंह पुरनी को मैदान में उतारा है, वहीं, भाजपा ने ज्ञानेश्वर पाटिल को उम्मीदवार बनाकर ओबीसी कार्ड खेला है।   इस चुनाव में दोनों ही दलों के राष्ट्रीय नेता चुनाव प्रचार में शामिल नहीं हो रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इस सीट पर प्रदेश के सबसे बड़े स्टार प्रचारक हैं।

इससे पहले इस सीट पर 1979 में तत्कालीन सांसद परमानंद गोविंदवाला के निधन के बाद उपचुनाव हुए थे। तब जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे ने कांग्रेस के ठाकुर शिवकुमार सिंह को हराया था। उस उपचुनाव में इंदिरा गांधी गांव-गांव घूमी थीं, लेकिन वे शिवकुमार को नहीं जितवा सकीं, लेकिन ठीक एक साल बाद 1980 में हुए आम चुनाव में ठाकरे को हार का सामना करना पड़ा था।

नंदकुमार सिंह ने बनाया ज्यादा अंतरों से चुनाव जीतने का रिकॉर्ड
खंडवा लोकसभा सीट से सबसे ज्यादा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड नंदकुमार सिंह के नाम पर है। 2019 में इस लोकसभा सीट पर 79 फीसदी वोटिंग हुई थी। नंदकुमार चौहान ने कांग्रेस उम्मीदवार अरुण यादव को तीन लाख से ज्यादा मतों के अंतर से हराकर चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया था। भाजपा अब इस सीट को अपने हाथ से फिसलने नहीं देना चाहती है। भाजपा ने संसदीय क्षेत्र में जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए करीब ढाई दशक बाद ओबीसी चेहरा पर भरोसा जताया है। भाजपा-कांग्रेस के लिए यह उपचुनाव नाक की लड़ाई बन गई है। खंडवा लोकसभा क्षेत्र में आठ विधानसभा सीटें आती हैं। इसमें खंडवा, बुरहानपुर, नेपानगर, पंधाना, मांधाता, बड़वाह, भीकनगांव और बागली शामिल हैं।

भाजपा ने  25 साल बाद ओबीसी पर लगाया दांव
मध्यप्रदेश भाजपा ने खंडवा लोकसभा सीट पर 25 साल बाद ओबीसी चेहरा को मैदान में उतारा है। इस संसदीय क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 19.68 लाख है। इसमें से पिछड़ा वर्ग 5 लाख 16 हजार हैं, जबकि समान्य वर्ग के मतदाता 4 लाख से कम हैं। जातीय समीकरण के गणित पर गैर करे तो एससी-एसटी वर्ग के वोटर सबसे ज्यादा 7 लाख 68 हजार हैं। इस क्षेत्र में आठ में से सिर्फ 3 विधानसभा क्षेत्रों में आदिवासी वोटर निर्णायक भूमिका में हैं।
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नवरात्र में माता रानी से अनूठी अर्जियां: किसी ने लिखा - मां उससे मिलाने के लिए धन्यवाद, तो एक ने नोट प्रेस में पति की नौकरी लगाने के लिए मांगी मन्नत

अभी तक आपने दफ्तरों में पत्र लिखकर वरिष्ठ अधिकारियों से अर्जी लगाते हुए सुना या देखा होगा, लेकिन किसी मंदिर या धार्मिक कार्यक्रमों में भगवान से मनोकामना पूर्ण होने के लिए अर्जी नहीं लगाई होगी, किंतु आज हम आपको ऐसी ही खबर बताने जा रहे हैं जहां माता रानी को पत्र लिखकर गुहार लगाई गई है। माता रानी के पास कई अर्जियां पहुंची हैं। मध्यप्रदेश के देवास टेकरी के दान पेटियों में ऐसी कई अर्जियां मिली हैं।

नवरात्रि के बाद माता को आए चढ़ावे की गिनती के दौरान ये अर्जियां मिली हैं। 18 अक्तूबर को (सोमवार) छोटी माता और बड़ी माता मंदिर में दान पेटियों को खोला गया। एक अर्जी में लिखा गया कि मां उससे मिलवाने के लिए थैंक्यू, दूसरी अर्जी में लिखा गया कि हे मां नोट प्रेस में मेरे पति की नौकरी लग जाए । काउंटिंग मंगलवार शाम तक ही पूरी हो पाएगी। 

सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में गिनती
नवरात्रि के समापन के बाद सोमवार को माता टेकरी पर दोनों माता मंदिरों की दान पेटियों में आए चढ़ावे की गिनती शुरू हुई। सुबह करीब 10 बजे मंदिर प्रांगण में 85 पटवारियों ने पेटी खोलकर चढ़ावे को गिनना शुरू किया। तहसीलदार पूनम तोमर ने बताया कि हमने छोटी माता की सभी 7 दान पेटी खोली है। इसके अलावा बड़ी माता की एक मेन दान पेटी खोलकर गिनती की गई है। गिनती करने वाली जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। 

ज्यादा राशि आने की उम्मीद
इमसें नकदी के साथ कुछ जेवरात भी निकले हैं, जिसमें चांदी के हार, त्रिशूल समेत कई चीजें शामिल हैं।  इसके अलावा इंडोनेशिया का एक नोट भी दानपेटी में मिला। कई लोगों ने मन्नत के साथ माता को पत्र लिखा तो कुछ ने मनोकामनापूर्ण होने पर मां को धन्यवाद दिया। सोमवार को खोली गई दानपेटी में नकदी के अलावा पायल, बिछिया और इंडोनेशिया का एक नोट भी मिला है। इस बार दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक थी। ऐसे में दान राशि भी अधिक आने की उम्मीद है।
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अब भोपाल में सिरफिरे ने लोगों को कुचला: दुर्गा विसर्जन करने जा रही भीड़ पर चढ़ा दी कार, सात लोग घायल, एक ही हालत गंभीर

पहले लखीमपुर खीरी, फिर जशपुर और अब भोपाल में कार से रौंदने की घटना सामने आई है। बजारिया थाना क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के जुलूस में एक युवक ने तेज रफ्तार कार घुसा दी। कार की चपेट में आने से सात लोग घायल हो गए। दो की हालत गंभीर है। सभी को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जुलूस में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हुए थे। सिरफिरे युवक ने जुलूस को टक्कर मारते हुए कार घुसा दी।

इस बीच, इस घटना का एक वीडियो सामने आया जिसमें कार तेज रफ्तार से रिवर्स होते हुए नजर आ रही है, जबकि लोग खुद को वाहन से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, कार में दो अज्ञात लोग सवार थे। उनकी कार जुलूस में घुसी और लोगों से टकरा गई। इसके बाद वे वाहन को रिवर्स ले गए, जिससे कार ने फिर लोगों को टक्कर मारी और बादे में मौके से कार सहित चले गए। पुलिस ने सघन अभियान चलाकर आरोपी कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है। 



इस दौरान वहां अफरा तफरी मच गई। लोग कार ड्राइवर को पकड़ने के लिए दौड़ लगाई, लेकिन वह भाग निकला। गुस्साए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने लोगों से शांति बनाने की अपील की लेकिन लोग हंगामा करते रहे, जिसपर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद माहौल और गर्म हो गया। 

पुलिस कार्रवाई के बाद चक्काजाम
स्टेशन क्षेत्र बजरिया में शनिवार रात 11:15 बजे श्रद्धालु दुर्गा विसर्जन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान एक सिरफिरे ने तेज रफ्तार कार पीछे से जुलूस में घुसा दी। भगदड़ मचने के बाद तेजी से कार रिवर्स कर भाग निकला।  इसके बाद मौजूद भीड़ ने हंगामा शुरू कर दिया। उधर, पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज कर दिया जिससे नाराज होकर श्रद्धालुओं ने थाना बजरिया के सामने चक्काजाम कर दिया। 

कार रिवर्स कर भाग निकला युवक
भोपाल डीआईजी इरशाद वली के मुताबिक, विसर्जन जुलूस जब  स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के सामने से निकल  रहा था, इसी दौरान चांदबड़ की ओर से एक तेज रफ्तार कार लोगों को रौंदते हुए जुलूस में घुस गई। लोग जबतक कुछ समझ पाते कार ड्राइवर ने तेज रफ्तार में ही गाड़ी को रिवर्स किया और वहां से फरार हो गया। इस दौरान कुछ लोग घायल हो गए। फिलहाल आरोपी ड्राइवर पुलिस गिरफ्त में है। पुलिस आरोपी ड्राइवर से पूछताछ कर रही है। 
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तंज: सीएम शिवराज सिंह ने कांग्रेस आलाकमान पर साधा निशाना, बोले- सर्कस जैसी बन गई है पार्टी

भोपाल में कार ने रौंदा
दिल्ली में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक पर  भाजपा ने निशाना साधा है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस आलाकमान पर को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उस दल की स्थिति किसी सर्कस की तरह हो गई है। पूरी दुनिया में आपको ऐसा नहीं दिखेगा। खंडवा संसदीय उपचुनाव के मद्देनजर बुरहानपुर के फोफनार में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए शिवराज ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक चल रही है। यह ऐसा दल है, जिसका कोई अध्यक्ष नहीं है। सोनिया गांधी कार्यकारी अध्यक्ष हैं। एक 'जी 23' ग्रुप अलग है। राहुल गांधी कुछ नहीं हैं, लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री को हटाने का फैसला करते हैं। यह सब सर्कस जैसा हो गया है। 

कांग्रेस आलाकमान पर बरसे शिवराज
सभा को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह ने आगे कहा कि विश्व में इस तरह का कोई अजूबा नहीं देखा होगा। पंजाब में सीएम पद से कैप्टन को हटाकर चन्नी को बैठा दिया गया और सिद्धू तो उस तरह ही हैं कि हम तो डूबेंगे सनम, तुम्हें भी ले डूबेंगे। चौहान ने कहा कि इसी तरह छत्तीसगढ़ कांग्रेस में 'फिफ्टी-फिफ्टी' चल रहा है। मध्यप्रदेश में कांग्रेस कमलनाथ तक सिमट कर रह गई है। मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और स्टार प्रचारक सभी पदों पर  कमलनाथ काबिज हैं या रहे हैं। एक दूसरे नेता हैं तो वे हैं नकुलनाथ। 

प्रदेश कांग्रेस पर भी साधा निशाना
प्रदेश कांग्रेस में अपने लोगों को ही निपटाने का कार्य चल रहा है। कांग्रेस के नेता एक दूसरे को कमजोर करने में लगे हुए हैं। खंडवा संसदीय उपचुनाव में वरिष्ठ नेता अरुण यादव को टिकट नहीं दिया गया। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने ही यादव के दिवंगत पिता सुभाष यादव  को एक समय मुख्यमंत्री नहीं बनने दिया था।
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भोपाल: 'बुढ़ापा और अगला जन्म तक हो जाएगा खराब', आखिर क्यों प्रज्ञा ठाकुर ने युवक को दे दिया श्राप, जानें

भोपाल की सांसद प्रज्ञा ठाकुर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने एक युवक को रावण कहकर बुढ़ापा और अगला जन्म खराब होने का श्राप दिया है। सांसद प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान पर मध्यप्रदेश कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है।  कांग्रेस नेताओं ने प्रज्ञा ठाकुर पर कटाक्ष करते हुए एक चेहरे पर कई चेहरे लगाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सांसद कभी व्हीलचेयर पर दिखती हैं, तो कभी गरबा करते तो कभी कबड्डी खेलते हुए। अगर किसी ने यह वीडियो बना ही लिया तो उसे श्राप देने की क्या जरूरत है। जनता के लिए एक सांसद की भाषा मर्यादित नहीं है।  

सोशल मीडिया पर प्रज्ञा ठाकुर का कबड्डी खेलने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। पिछले दिनों प्रज्ञा ठाकुर भोपाल के काली मंदिर परिसर में कुछ खिलाड़ियों के साथ कबड्डी खेलते हुए दिखी थीं। इसी दौरान किसी ने उनका वीडियो तैयार कर लिया और सोशल मीडिया पर इसे शेयर कर दिया। वीडियो शेयर होने के बाद प्रज्ञा ठाकुर आगबबूला हो उठीं। 



प्रज्ञा ठाकुर ने वीडियो बनाने वाले को रावण भी कहा
भोपाल के संत नगर (बैरागढ़) में सिंधी समुदाय की ओर से आयोजित दशहरे के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने वायरल वीडियो पर अपनी भड़ास निकालीं। सांसद ठाकुर ने कहा कि "मैं दो दिन पहले एक दुर्गा पंडाल में आरती करने गई थी, जब मैदान पर खेल रहे कुछ खिलाड़ियों ने मुझसे (कबड्डी) खेलने का अनुरोध किया तो मैं खुद को रोक नहीं पाई। खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए मैं मैदान में चली गई। इसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया। वीडियो बनाने वाला कोई रावण ही होगा, जिसका बुढ़ापा और अगला जन्म खराब हो जाएगा। 

प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि मैं किसी की दुश्मन नहीं हूं, लेकिन कोई मुझे दुश्मन मानता है तो इसमें मैं क्या कर सकती हूं। अगर इस बीच कोई मुझसे वहां पर नाराज था तो वह रावण ही था। मुझे नहीं पता कि मैंने उससे क्या कीमती वस्तु छीन ली है। रावण कहीं भी हो सकता है। 

क्रांतिकारी और संतों का अपमान करने वाले बच नहीं पाते- ठाकुर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद ठाकुर ने कहा कि मैं संस्कार खराब होने वाले लोगों से सुधरने की अपील करती हूं, अगर वह नहीं सुधरता तो उसका बुढ़ापा और अगला जन्म खराब होना निश्चित है, क्योंकि देशभक्तों, क्रांतिकारियों और संतों से जिसने टकराने की कोशिश की है वह बच नहीं पाया है। वह चाहे रावण हो कंस हो या वर्तमान का अधर्मी' या 'विधर्मी' व्यक्ति क्यों ना हों। 
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अनोखी परंपरा: दशहरे पर दशानन की होती है पूजा, प्रतिमा के सामने घूंघट में पहुंचती हैं महिलाएं

देशभर में दशहरा पर रावण दहन या रावन वध की परंपरा है, लेकिन कुछ जगहों पर इस दिन रावण की पूजा करने की भी मान्यता है। मध्यप्रदेश के मंदसौर में रावण की पूजा करने की परंपरा है। मंदसौर के पास रावणग्राम में रावण की पहले पूजा की जाती है, यहां रावण वध या दहन को लेकर कई मान्यताएं हैं। यहां के निवासी रावण को दामाद मानते हैं।

मान्यता है कि रावण की पत्नी मंदोदरी मंदसौर की रहने वाली थीं। प्राचीन समय में मंदसौर का नाम मंदोत्तरी हुआ करता था, इसीलिए मंदसौर रावण की ससुराल है। मंदसौर में नामदेव समाज की महिलाएं आज भी रावण की प्रतिमा के सामने घूंघट करती हैं। महिलाएं रावण के पैरों पर लच्छा (धागा) बांधती हैं। मान्यता है कि धागा बांधने से बीमारियां दूर होती हैं। यहां दशहरे के दिन रावण की पूजा की जाती है। हर साल दशहरे पर रावण के पूजन का आयोजन मंदसौर के नामदेव समाज द्वारा किया जाता है।

रावण की प्रतिमा पर गधे का सिर
नामदेव समाज के लोगों के अनुसार खानपुरा में करीब 200 साल से भी पुरानी रावण की प्रतिमा लगी हुई थी। 2006-07 में आकाशीय बिजली गिरने से यह प्रतिमा खंडित हो गई। उसके बाद नगर पालिका ने रावण की दूसरी प्रतिमा की स्थापना कराई। हर साल नगर पालिका प्रतिमा का रखरखाव कराती है। रावण की प्रतिमा पर 4-4 सिर दोनों तरफ व एक मुख्य सिर है। मुख्य सिर के ऊपर गधे का एक सिर है। बुजुर्गों की मांने तो रावण की बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी, उसके इसी अवगुण को दर्शाने के लिए प्रतिमा पर गधे का भी एक सिर लगाया गया है।

इंदौर के परदेशीपुरा में है रावण का मंदिर
इंदौर के परदेशीपुरा में रावण का मंदिर है। यहां लोग मन्नत का धागा भी बांधते हैं। यह मंदिर महेश गौहर ने 2010 में बनवाया था। तब उनके पड़ोसियों ने भी उनके इस मंदिर को लेकर सवाल उठाए थे, लेकिन धीरे-धीरे अब लोगों का मंदिर पर विश्वास बढ़ता जा रहा है। लोग आरती में शामिल होते हैं।
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रतलाम में भीषण आग: कई किलोमीटर में फैला धुआं, पेट्रोल पंप पास होने से घरों को कराया गया खाली

बड़ी खबर मध्यप्रदेश के रतलाम से आ रही है। शहर के विरियाखेड़ी क्षेत्र के मोहन नगर में पेट्रोल पंप के पीछे भीषण आग लग गई। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर आग बुझाने लगी। हालांकि, इस दौरान बचाव कर्मियों को आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। जानकारी के मुताबिक, प्लास्टिक पाइप के गोदाम में भीषण आग लगी है। आग का धुआं शहर में तीन से चार किलोमीटर दूर तक फैल गया है। सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के घर को खाली करवा लिया गया है।  वहीं, पेट्रोल पंप को खाली करवाकर बंद कर दिया गया है। 



आग लगने के बाद गोदाम के पास भारी भीड़ जुट गई थी। अफरा तफरी का माहौल मच गया। पुलिस ने तत्काल सभी को वहां से हटाया। गोदाम के पास स्थित पेट्रोल पंप और रिहायशी इलाके तक आग नहीं फैले, इसके लिए प्रशासन और दमकल कर्मी दो घंटे तक आग बुझाने में लगे रहे। रिहायशी इलाका होने की वजह से आग बुझाने में दमकल टीम को खासी मशक्कत भी करनी पड़ी। फिलहाल, आग कैसे लगी इस बारे में कुछ भी  पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

हालांकि जिस पाइप गोदाम में आग लगी है उसके बारे में चौंकाने वाली जानकारी मिली है। जिस कॉलोनी में गोदाम बना है वह अवैध है और गोदाम की भी अनुमति नहीं ली गई है। नगर निगम अब बाउंड्रीवॉल तोडऩे की बात कह रहा है। गोदाम संचालक पर केस दर्ज भी करवाने की बात कही जा रही है।

किसी ने जलाया कचरा तो गोदाम तक पहुंची चिंगारी
आग लगने के कारण कचरा जलाना बताया जा रहा है। दरअसल जिस गोदाम में लगी वहां प्लास्टिक के पाइप बनते हैं। घटना के वक्त भी बड़ी मात्रा में पाइप रखे हुए थे। गोदाम के पास ही कचरे का ढेर लगा है। किसी ने इस कचरे में आग लगा दी और इसकी चिंगारी गोदाम तक जा पहुंची। शुरुआत में तो कुछ नहीं हुआ लेकिन कुछ ही देर में आग ने प्लास्टिक को अपनी जद में लिया और बेकाबू हो गई। मौके पर पुलिस और निगम के अधिकारी पहुंचे।

दस फायर लॉरियों से बुझाई आग
आग बुझाना आसान नहीं था, लिहाजा इसके लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। नगर निगम ने दस फायर लॉरी भेजी। इनमें फोम की लॉरियां भी थीं। इनकी मदद से आग बुझाई गई।  आग लगते ही अफरा तफरी मच गई थी। जब प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तो सबसे पहले गोदाम के पास के घरों को खाली करवाया। खासतौर से घरों में रखे गैस सिलेंडरों को हटवाया क्योंकि इससे आग फैलने का खतरा था। जो बाइक रखी थी उनकी बैटरियां निकलवाई। बड़े हादसे की आशंका को देख सामने स्थित पेट्रोल पंप को भी बंद करवाया।
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भोपाल: मदद के बहाने लड़की को घर बुलाया, कमरे में बंद कर किया सामूहिक दुष्कर्म

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक युवती से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने मदद के बहाने लड़की को पहले घर बुलाया फिर अपने तीन दोस्त के साथ मिलकर युवती के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद मंगलवार सुबह पांच बजे थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई। लड़की की शिकायत पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

घटना ईटखेड़ी थाना क्षेत्र के इस्लाम नगर की है।  पुलिस ने बताया कि 23 साल की लड़की के माता-पिता दिव्यांग हैं। परिवार चलाने के लिए उसके पास पैसे तक नहीं हैं। आर्थिक तंगी के कारण वह काम की तलाश में मार्केट में घुमती रहती है। पिछले दिनों उसके एक परिचित ने एक व्यक्ति का फोन नंबर दिया और कहा कि इससे बात कर लेना ये तुम्हें मदद के अलावा काम भी दिलवा देगा। जिस शख्स का नंबर दिया था उसका नाम अबरार है। 

चार युवकों ने लड़की से किया दुष्कर्म
लड़की ने सोमवार शाम को उसे फोन किया। उससे कुछ मदद मांगी। जिसपर अबरार ने उसे घर आने को कह दिया। वहां पहुंचने पर बात करते हुए उसने उसे कमरे में बंद कर दिया। उसके साथ उसके तीन और दोस्त थे। पहले अबरार ने उसके साथ दुष्कर्म किया। फिर उसके तीन दोस्तों ने भी ज्यादती की। पुलिस ने लड़की की शिकायत पर अबरार, याकूब, सारिक और रहमान पर सामूहिक दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। 
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उज्जैन: महाकाल मंदिर में डांस कर बनाया था वीडियो, फिर डिलीट कर मांगी थी माफी, अब दर्ज हुआ मामला

उज्जैन के विश्वविख्यात महाकाल मंदिर में डांस कर वीडियो बनाने वाली महिला ने माफी मांग ली है। महिला ने माफी मांगने के साथ इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए अपने वीडियो भी डिलीट कर दिए हैं। हालांकि, पुलिस ने इसके बाद भी इस घटनाक्रम में महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 

महाकाल थाने में राकेश नामक युवक की ओर से दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने महिला के खिलाफ धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया है।

महिला ने महाकाल मंदिर में डांस करते हुए दो वीडियो बनाए थे। इसके बाद इन वीडियो में फिल्मी गीतों का इस्तेमाल किया था और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। वीडियो वायरल हुए तो विवाद भी बढ़ गया। मंदिर के पुजारियों ने भी इस पर आपत्ति जताई और कहा इस तरह के लोगों के मंदिर में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए।

हिंदू संगठनों ने भी इसे लेकर आपत्ति जताई थी। विवाद बढ़ा तो महिला ने एक वीडियो जारी कर माफी मांगी और इन वीडियो को डिलीट कर दिया है। यह महिला इंदौर की रहने वाली बताई जा रही है। जो दो वीडियो महिला ने पोस्ट किए थे उनमें से एक सात सेकेंड का था और दूसरा 14 सेकंड का।

महिला ने माफी मांगते हुए कहा था कि मेरा मकसद किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था। अगर मेरे वीडियो से किसी संगठन या व्यक्ति को ठेस पहुंची हो तो मैं माफी मांगती हूं और आगे भी इस बात का ध्यान रखूंगी। 
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