चुनाव 2022: उत्तराखंड बना दल-बदल का अखाड़ा, भाजपा की पिच पर अब कांग्रेस की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी

राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 12 Oct 2021 04:04 PM IST
हरीश रावत/ यशपाल आर्य/ पुष्कर सिंह धामी
1 of 5
विज्ञापन
चुनाव से पहले दल-बदल के जरिये कांग्रेस को बार-बार सदमे में डाल रही भाजपा आज खुद सदमे में है। प्रचंड बहुमत वाली सत्तारूढ़ भाजपा ने विरोधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए दल-बदल की जो पिच तैयार की, उस पर अब कम संख्या बल वाली कांग्रेस बल्लेबाजी कर रही है। 

कांग्रेस भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे यशपाल आर्य और उनके विधायक बेटे संजीव आर्य की घरवापसी कराने में कामयाब रही। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, ये ट्रेलर है, पिक्चर तो अभी बाकी है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस भाजपा के एक अन्य विधायक उमेश शर्मा काऊ की घर वापसी कराने से चूक गई, जबकि काऊ की कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात हो चुकी थी। 

उत्तराखंड चुनाव 2022: यशपाल आर्य के कांग्रेस में आने पर बोले गोदियाल- ट्रेलर दिया है, पिक्चर अभी बाकी है

सियासी जानकारों के मुताबिक, ऐसा करके कांग्रेस ने भाजपा से न सिर्फ 2016 की बगावत का हिसाब बराबर करने की दिशा में पहला कदम बढ़ाया बल्कि एक विधायक के बदले कैबिनेट मंत्री समेत दो विधायकों को तोड़कर जोर का झटका दिया। भाजपा छोड़कर कांग्रेस में लौटे यशपाल आर्य की घरवापसी को कांग्रेस एक बड़ा राजनीतिक दांव मान रही है।

आर्य की वापसी कराकर कांग्रेस ने क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश की। आर्य दलित चेहरा हैं और ऐसा करके पार्टी ने न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि राज्य से बाहर भी संदेश देने की कोशिश की। इसे ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले के चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। आर्य का जिले की सियासत में तगड़ा रसूख है और जिले की आधा दर्जन सीटों पर उनका प्रभाव माना जाता है। 
पुष्कर सिंह धामी
2 of 5
चर्चा तो यहां तक है कि आर्य अपने प्रभाव वाली ऐसी पांच सीटों पर तय होने वाले टिकटों में वीटो की शर्त पर कांग्रेस में लौटे हैं। सच्चाई जो भी हो, लेकिन आर्य के पाला बदलने से भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। ऊधमसिंह नगर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गृह जिला है और भाजपा ने खास समीकरणों को ध्यान में रखकर ही उन्हें सत्ता की कमान सौंपी। भाजपा यह मानकर चल रही है कि धामी के हाथों में बागड़ोर सौंपने के बाद ऊधमसिंह नगर में पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा के शामिल हुए विधायक राजकुमार
3 of 5
हालांकि जानकारों का मानना है कि किसान आंदोलन के बाद ऊधमसिंह नगर में कुछ सीटों पर स्थितियां उतनी सुगम नहीं रही। आर्य के जाने से कांग्रेस को अपने पक्ष में माहौल बनाने में मदद मिल सकती है। कुल मिलाकर दल-बदल का अखाड़ा बने उत्तराखंड में भाजपा ने अभी तक जितने भी दांव चले, उनके जवाब में कांग्रेस का यह दांव ज्यादा चौंकाने वाला रहा। भाजपा अब तक तीन विधायकों को अपने पाले में लाई। इन दो में से कांग्रेस के केवल एक विधायक राजकुमार थे। 
उमेश शर्मा 'काऊ'
4 of 5
जबकि इसके जवाब में कांग्रेस कैबिनेट मंत्री आर्य समेत दो विधायकों की घरवापसी कराने में सफल रही। कांग्रेस में लौटने की चर्चा तो रायपुर विधानसभा के विधायक उमेश शर्मा की भी थी। लेकिन दोपहर में ही सोशल मीडिया में उमेश शर्मा और भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी व सांसद अनिल बलूनी की फोटो वायरल हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
यशपाल आर्य की कांग्रेस में घर वापसी
5 of 5
इस तस्वीर को भाजपा की ओर से यह संदेश देने की कोशिश माना गया कि उमेश भाजपा का दामन नहीं छोड़ रहे हैं। हालांकि कांग्रेस की ओर से आर्य की घर वापसी को सियासी हलकों में कांग्रेस के बागियों की घरवापसी की शुरुआत मानी जा रही है। पार्टी के दिग्गज नेता भी कह रहे हैं कि भाजपा के अभी कुछ और विधायक कांग्रेस में वापसी करेंगे।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00