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Jewellery Allergy: बारिश में कहीं एलर्जी का कारण न बन जाए मैटल ज्वेलरी

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वाति शर्मा Updated Sun, 14 Aug 2022 03:31 PM IST
आर्टिफिशियल ज्वेलरी दे सकती है नुकसान
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गले में पहनी एक पतली सी चेन हो या कानों में पहने झुमके, बारिश के मौसम में कई बार गहने पहनने के बाद त्वचा संबंधी समस्याएं उभरना शुरू हो जाती हैं। कई बार तो गहने पहले हुए 5 मिनिट भी नहीं होते और उस जगह पर खुजली, रैशेज आदि उभरने लगते हैं। इसी वजह से चाहते हुए भी आप मनपसंद ज्वेलरी पहन नहीं पातीं। ऐसा आमतौर पर नकली गहने पहनने पर होता है लेकिन कई बार यह समस्या गोल्ड या सिल्वर आदि के गहने पहनने पर भी हो सकती है, खासतौर पर तब जब उस गहने में कोई अन्य धातु मिलाकर प्रयोग में लाई गई हो। 

बाजार में दुकानों पर सजी खूबसूरत आर्टिफिशियल ज्वेलरी को देखकर आपका भी मन उन्हें खरीदने को ललक उठता है। आप बड़े मन से उसे खरीदकर घर लाती हैं और किसी ख़ास दिन पहनने के लिए रखती हैं लेकिन पहनने के तुरंत बाद आपको स्किन पर इरिटेशन होने लगता है। विशेषतौर पर मानसून के दौरान। क्या है इसका कारण और कैसे हो सकता है बचाव, जानिए। 
आर्टिफिशियल ज्वेलरी का परफेक्ट लुक
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बारिश और आर्टिफिशियल ज्वेलरी 

बारिश के दिन बहुत खूबसूरत होते हैं। प्रकृति द्वारा की जा रही अमृत वर्षा का इंतज़ार मनुष्यों, पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों सहित हर प्राणी को होता है। जब वर्षा की बूँदें तपती धरती पर पड़ती हैं तो धरती सुख पाती है। जल स्रोत, फसलों और हम सबके लिए वर्षा केवल आनंददायक ही नहीं, बहुत लाभकारी भी है। बारिश के इन दिनों में जहां प्रकृति खूबसूरत रंग सजाती है, चटख रंग पहनने के लिए भी यह मौसम बढ़िया होता है और इसका साथ देती है मैचिंग आर्टिफिशियल ज्वेलरी। जाहिर है कि किसी भी व्यक्ति के पास इतनी गोल्ड या रियल ज्वेलरी नहीं होती कि वह हर रोज नए डिजाइन के गहने पहने। सुरक्षा की दृष्टि से भी यह अच्छा विकल्प नहीं होता। ऐसे में काम आती है आर्टिफिशियल ज्वेलरी लेकिन बारिश में मन से पहनी गई इस मैचिंग ज्वेलरी से हो सकती हैं दूसरी तकलीफें भी। 
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बारिश के दिनों में नमी से होती है परेशानी
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मुश्किल का कारण 

बारिश के ठंडक और उमस से भरे दिनों में प्राकृतिक रूप से नमी की एक परत पूरे वातावरण में मौजूद होती है। यह परत हमारे शरीर से लेकर कपड़ों, जूतों और गहनों सहित हर चीज पर बैठ जाती है। सूक्ष्म जीव जैसे कि बैक्टीरिया, फंगस व जर्म्स आदि के पनपने के लिए यह एकदम अनुकूल स्थिति होती है। यही मुख्य वजह बनती है तरह तरह की समस्याओं की। उसपर अगर बारिश की वजह से सिंथेटिक कपड़े पहने हैं या तेज पसीना आ रहा है तो मुश्किल और भी बढ़ सकती है क्योंकि त्वचा को न तो सूखने का मौका मिल पाता है न ही उस तरह ताजा हवा ही पहुंच पाती है। बारिश के दिनों में आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहनते हैं तो त्वचा पर पहले से ही इतनी स्थितियां हमला कर रही होती हैं, ऊपर से हम मैटल की ज्वेलरी और उसके हवाले कर देते हैं। नमी, पसीने और बाकी चीजों के साथ मिलकर यह मैटल त्वचा के लिए अधिक दिक्कतें खड़ी करने लगती है। 
तकलीफदायक होते हैं एलर्जी के लक्षण
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ये हो सकते हैं लक्षण 

केवल आर्टिफिशियल ज्वेलरी ही नहीं, कई बार रियल ज्वेलरी या रियल ज्वेलरी के साथ जुड़े अटैचमेंट भी समस्या का कारण बन सकते हैं। जैसे कि झुमकों या इयररिंग्स के साथ लगने वाले पेच यानी स्टॉपर्स, नेकलेस की डोरी या ज्वेलरी में मौजूद कोई अन्य धातु। इसकी वजह से त्वचा पर लाली आकर खुजली चलना, दाने उठना, सूजन आना, पानी वाले छाले होना, फुंसियां होना, रैशेज़ होना, जलन होना, चमड़ी का निकलना या पस पड़ना आदि लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ज्यादा सेंसेटिव त्वचा वालों या पहले से किसी प्रकार की एलर्जी से ग्रसित लोगों में समस्या कुछ ही देर में गंभीर रूप भी ले सकती है और लक्षण तेजी से एक जगह से दूसरी जगह फ़ैल भी सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि लक्षण दिखाई देते ही तुरंत सतर्क होकर उपाय किये जाएँ। 
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सोच समझकर चुनें ज्वेलरी
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यह उपाय अपनाएं 

* एक बार ज्वलेरी पहनने पर होने वाली समस्या के बाद सबसे पहला निर्णय होता है उस ज्वेलरी को न पहनने का। यह सुरक्षा की ओर सबसे पहला और सामान्य कदम है कि समस्या पैदा करने वाली चीज से ही दूर रहा जाये। 

* यदि ज्वेलरी पहन भी रहे हों तो कोशिश करें कि वह त्वचा से एकदम चिपकी हुई न हो। जैसे गले में बंद नेकलेस या ब्रेसलेट। इयररिंग्स के लिए आप रबर या प्लास्टिक कवर वाले पेच या स्टॉपर्स चुन सकती हैं। नेकलेस की डोरी के लिए इरिटेशन पैदा करने वाली कड़क डोरी की जगह मुलायम रेशम या कॉटन की डोरी चुन सकती हैं। रबर के अलावा लैदर का चुनाव भी गहनों या एक्सेसरीज के साथ किया जा सकता है। लेकिन ये सब तब, जब आपकी एलर्जी का स्तर माइल्ड हो। 

* ज्यादातर निकल धातु की ज्वेलरी समस्या का कारण बन सकती है। इसलिए इसे पहनना अवॉइड करें। बहुत अधिक कृत्रिम रंगों वाली, चमक वाली ज्वेलरी में मौजूद कैमिकल्स भी त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं, इनसे भी बचें। 
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