लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Gandhi Jayanti 2022: हे राम, बापू का स्मारक सहेजा न प्रतिमाएं, इस बगीची में 11 दिन रहे थे महात्मा गांधी

मनीष शर्मा, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 02 Oct 2022 12:02 AM IST
गांधी स्मारक
1 of 5
विज्ञापन
आगरा में 93 साल पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी यमुना किनारे एत्माद्दौला की जिस बगीची में तक रहे वह स्मारक अब खंडहर में तब्दील हो गया है। बापू की जयंती के 150 साल पूरे होने के सरकारी समारोह के बाद गांधी स्मारक का बिजली कनेक्शन काट दिया गया। तीन साल से कनेक्शन कटा हुआ है। स्मारक में बापू की प्रतिमा टूट गई है। वर्ष 2015-16 में तत्कालीन मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर की पत्नी संगीता भटनागर के प्रयासों से एडीए ने स्मारक का जीर्णोद्धार कराया। दीवारों के साथ चबूतरा सही कराया। जिन कमरों में गांधीजी रुके थे वहां संग्रहालय बना दिया गया था। बाद में देखभाल नहीं की गई।

स्मारक की दीवारों और छतों से प्लास्टर टूट गया है। संग्रहालय में रखी बापू की प्रतिमा का पैर टूटा है। चरखा भी टूट चुका है। चश्मा गायब है। केवल यह स्मारक नहीं, बल्कि शहर में बापू की 12 से ज्यादा प्रतिमाएं हैं, गांधी जयंती पर भी जिनकी न मरम्मत हुई है न सफाई कराई गई। बापू की प्रतिमा के पास कचरा गाड़ी खड़ी की जा रही हैं। कुछ जगह सब्जी वालों के ठेल लगने लगे हैं।
टूटा हुआ चरखा
2 of 5

जुआरियों, शराबियों का अड्डा बन गया स्मारक

गांधी को पेट दर्द की समस्या थी। वह यमुना किनारे एत्माद्दौला की बगीची के कुएं का पानी पीने के लिए आगरा आए थे। स्वास्थ्य लाभ के लिए वह 11-21 सितंबर, 1929 को यहां रहे। जिस चबूतरे पर गांधी जी भजन गाया करते थे वहां अब शराबियों और जुआरियों का जमावड़ा लगा रहता है। एत्माद्दौला स्मारक से सटे बापू के स्मारक तक जाने के लिए बेहद संकरी गली है, जहां आवारा पशुओं और शराबियों के बीच से होकर निकलना पड़ता है। गंदगी और घास के कारण स्मारक में बैठना दूभर है।
विज्ञापन
जर्जर भवन
3 of 5

1948 में बगीची को बनाया बापू का स्मारक

गांधी स्मारक में लगी पट्टिका के अनुसार गांधीजी ने बृजमोहन दास मेहरा की बगीची में कस्तूरबा गांधी, आचार्य कृपलानी, मीरा बहन और प्रभावती के साथ प्रवास किया था। वर्ष 1948 में बृजमोहन दास मेहरा ने अपने पिता राम कृष्ण दास मेहरा की स्मृति में बगीची को महात्मा गांधी स्मारक ट्रस्ट को दान कर दिया। यहां वर्ष 1955 में महात्मा गांधी की जयंती पर म्यूनिसिपल महिला आयुर्वेदिक औषधालय और मातृत्व शिशु कल्याण केंद्र खोले गए थे। 
गांधी स्मारक, आगरा
4 of 5

बापू ने कहा-बुरा न देखो, अफसरों ने स्मारक देखना ही छोड़ दिया

बैंक से सेवानिवृत्त जगदीश यादव गांधी स्मारक के पास में ही रहते हैं। पिछले डेढ़ दशक से स्मारक की देखभाल कर रहे हैं। प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण स्मारक की बदहाली से वह दुखी हैं। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
भवन पर उगी घास
5 of 5

लिखित में भी की शिकायत

उन्होंने बताया कि यहां पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। लिखित में शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बापू ने कहा कि बुरा मत देखो, पर अफसरों ने तो स्मारक को देखना, सहेजना ही छोड़ दिया।
विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00