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सूर सरोवर पक्षी विहार: अब 800 हेक्टेयर की होगी कीठम सेंक्चुअरी, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश, बढ़ेगा दायरा

अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 27 Sep 2022 01:21 PM IST
आगरा की कीठम झील किनारे प्रवासी पक्षी
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आगरा के कीठम स्थित सूर सरोवर पक्षी विहार का दायरा 403 हेक्टेयर से बढ़कर 800 हेक्टेयर कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरणविद् डॉ. शरद गुप्ता की याचिका पर यह आदेश जारी किया है। सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी (सीईसी) ने इस संबंध में सिफारिश की थी। प्रदेश सरकार ने मामले में बार-बार रुख बदला, लेकिन सीईसी की सिफारिश के बाद शपथ पत्र देकर सहमति जता दी। कीठम स्थित सेंक्चुअरी की अब नई सीमाएं तय की जाएंगी और 800 हेक्टेयर दायरे के मुताबिक ही ईको सेंसिटिव जोन तय किया जाएगा।

पर्यावरण मुद्दों के याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने इस संबंध में 19 दिसंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें 18 फरवरी, 2021 को कोर्ट ने सीईसी से रिपोर्ट मांगी। 25 नवंबर, 2021 को कमेटी ने रिपोर्ट दाखिल कर दी। इसमें सूर सरोवर पक्षी विहार के मौजूदा क्षेत्र में सूरदास रिजर्व फॉरेस्ट ब्लॉक के 380.558 हेक्टेयर और 15.514 हेक्टेयर राजकीय भूमि पर किए गए पौधरोपण वाली जगह को सेंक्चुअरी का हिस्सा बनाने की सिफारिश की गई। यही करीब 396 हेक्टेयर का हिस्सा बफर जोन की तरह इस्तेमाल हो रहा था, जिस पर प्रशासनिक नियंत्रण भी राष्ट्रीय चंबल सेंक्चुअरी प्रोजेक्ट का था। कोर्ट में अंशुल गुप्ता और कीर्ति दुआ ने 800 हेक्टेयर सेंक्चुअरी के लिए पैरवी की। 
सूर सरोवर पक्षी विहार का नक्शा
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ऐसे शुरू हुआ था विवाद

चार साल पहले 24 अप्रैल, 2018 को राष्ट्रीय चंबल सेंक्चुअरी प्रोजेक्ट ने सूर सरोवर पक्षी विहार के ईको सेंसिटिव जोन को तय करने के लिए इसका क्षेत्रफल 800 हेक्टेयर के मुताबिक तय किया था। पर्यावरण मंत्रालय ने प्री- गजट जारी किया। लोगों से आपत्तियां मांगीं। एक साल बाद 10 अक्तूबर, 2019 को मंत्रालय ने इसे बदलकर 403 हेक्टेयर सेंक्चुअरी क्षेत्र का गजट जारी कर दिया। अमर उजाला ने गजट जारी होने से पहले ही इस संबंध में खबर प्रकाशित की, जिस पर पर्यावरणविद् डॉ. शरद गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी।
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कीठम सेंक्चुअरी
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आगरा के फेफड़ों का काम करेगी सेंक्चुअरी

याचिकाकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि 800 हेक्टेयर की सेंक्चुअरी आगरा के लिए फेफड़ों का काम करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दे दिया है। यह संरक्षित वन क्षेत्र पर्यावरण के लिए जरूरी था। 
कीठम झील में प्रवासी पक्षी
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नई सीमाओं के साथ गजट जारी होगा

राष्ट्रीय चंबल सेंक्चुअरी प्रोजेक्ट के डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव ने कहा कि कीठम सेंक्चुअरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद नई सीमाओं के साथ गजट जारी होगा। ईको सेंसिटिव जोन की नई सीमाएं तय होंगी। सूर वन ब्लॉक के 396 हेक्टेयर जंगल को भी सेंक्चुअरी का हिस्सा बनाया गया है।
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सूर सरोवर में पक्षी ( फाइल)
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1991 में पक्षी विहार बना था कीठम

31 साल पहले कीठम झील और इसके आसपास के 403.09 हेक्टेयर क्षेेत्र को पर्यावरण मंत्रालय ने सूर सरोवर पक्षी विहार नाम से सेंक्चुअरी के रूप में संरक्षित किया। इसमें कीठम झील का आकार 300 हेक्टेयर था। 92.49 हेक्टेयर क्षेत्र का वन क्षेत्र और 310.60 हेक्टेयर राजकीय भूमि शामिल की गई थी। इस पक्षी विहार में चिड़ियों की 222 प्रजातियां, 229 प्रजातियों के पौधे, कछुए की 7 प्रजातियां, सांपों की 15 प्रजातियां, नौ प्रकार के स्तनधारी व कई अन्य जीव-जंतु हैं। आगरा भालू संरक्षण केंद्र भी इसी क्षेत्र में है।
 
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