सुमित हत्याकांड: चचेरे भाई का बड़ा खुलासा, बोले- 'पुलिस की ये बात गले से नहीं उतरती'

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Updated Tue, 13 Nov 2018 04:34 AM IST
अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला
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पुलिस भले ही अच्युतानंद हत्याकांड का खुलासा कर अपनी पीठ थपथपा रही हो लेकिन, इससे वादी पक्ष संतुष्ट नहीं है। खुद मुकदमा वादी का कहना है कि जिस तरीके से हत्या हुई, वह किसी गहरी साजिश की ओर इशारा करती है। मामूली झगड़े को लेकर कोई भाई जैसे शख्स की हत्या कर दे, यह बात गले से नहीं उतरती। अच्युतानंद हत्या मामले में उसका चचेरा भाई अभिमन्यु शुक्ला वादी है। खुलासे के दौरान सोमवार को वह भी पुलिस लाइन पहुंचा था। खुलासे को लेकर बात की गई तो उसका साफ कहना था कि उसे इस कहानी पर भरोसा नहीं है। आशुतोष के लिए अच्युतानंद बड़े भाई जैसा था। चुनाव ही नहीं, हर तरह से उसने आशुतोष की मदद की थी। उसे रहने का ठिकाना दिलाया था।
 
अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला
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आशुतोष को लोग जानते थे तो सिर्फ अच्युतानंद की वजह से। रही बात पार्टी के दौरान हुए झगड़े की तो उस दिन भी अच्युतानंद ने झगड़ा बढ़ता देख डांट-डपटकर तीनों को भगाया था। इसके बाद खुद ही आशुतोष को खाना खाने के लिए बुलाया। जिस पर आशुतोष वहां आया भी। जाते वक्त आशुतोष चुपचाप चला गया लेकिन, वापस आया तो उसके इरादे कुछ और थे। मामूली झगड़े के बाद कोई किसी की हत्या कर दे, वह भी उसकी जिसने उसकी जमीन तैयार की हो, यह संभव नहीं दिखता। अभिमन्यु ने कहा कि पुलिस गहनता से जांच-पड़ताल करे तो सच्चाई सामने आ सकती है। अच्युतानंद की लोकप्रियता के चलते ही उसके कई राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पैदा हो गए थे।

 
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फाइल फोटो
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वहीं इनामी छात्रनेता अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला हत्याकांड का सोमवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। तीन दिन पहले हिरासत में लिए गए 50-50 हजार के इनामी तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी दिखाते हुए दावा किया कि भागने में इनकी मदद चार युवकों ने की थी, जिनकी तलाश की जा रही है। 25 हजार के इनामी अच्युतानंद की हत्या 31 अक्तूबर की रात पीसीबी हॉस्टल में कर दी गई थी। मामले के तीनों आरोपियों 50-50 हजार के इनामी सीएमपी छात्रसंघ अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी, हरिकेश मिश्रा व सौरभ सिंह उर्फ प्रिंस को तीन दिन पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। 
मौके पर जमा भीड़
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सोमवार को तीनों की गिरफ्तारी नैनी के छिवकी से दिखाते हुए एसएसपी ने बताया कि इनसे गहन पूछताछ की गई। इसमें उन्होंने बताया कि हॉस्टल में आयोजित जन्मदिन पार्टी में आशुतोष दोस्तों हरिकेश व प्रवीण सिंह गज्जू के साथ पहुंचा था। डांस करने के दौरान गज्जू का अच्युतानंद के करीबी आलोक चौबे से विवाद हुआ तो हरिकेश व आशुतोष उसके पक्ष से बोलने लगे। जिस पर अच्युतानंद ने तीनों को वहां से भगा दिया। कुछ देर बाद अच्युतानंद ने ही फोन कर बुलाया। 
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घटनास्थल पर भीड़
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आशुतोष हरिकेश व गज्जू के साथ ही सौरभ, कनक उर्फ राहुल व देवऋषि सिंह उर्फ देवा शूटर के साथ पहुंचा। हालांकि भीतर केवल आशुतोष, हरिकेश व सौरभ ही गए। डर था कि अच्युतानंद व उसके साथी हमला कर सकते हैं, ऐसे में आशुतोष ही अच्युतानंद के पास गया और उसके ठीक पीछे वाली सीट पर जाकर बैठ गया। कुछ ही पल बीते थे कि अचानक उसने अच्युतानंद की पीठ पर गोली दाग दी और वहां से भाग निकला। 
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