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Terrorist Habibul: परिवार ने हबीबुल को तीन माह पहले घर से निकाला था...मां ने कही ये बड़ी बात

अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 15 Aug 2022 03:23 PM IST
Terrorist Habibul
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आतंकी गतिविधि में गिरफ्तार किए गए हबीबुल इस्लाम के परिवार वालों को कहीं न कहीं शंका हो गई थी कि वह गलत राह पर चल चुका है। उसकी गतिविधियां पिछले कुछ महीनों से बदली हुई थी। पिता जफरूल इस्लाम ने बताया कि सैफुल्ला ने गुजरात से आने के बाद पढ़ाई करने से मना कर दिया था। उसे किसी काम (रोजगार) में लगाना चाहते थे, लेकिन वह किसी गलत संगत में था। परेशान होकर सैफुल्ला को 29 मई को घर से निकाल दिया था और उसका मोबाइल भी तोड़ दिया था। किसी परिचित के घर पर रुकता था। इसी बीच उसने किस्तों में मोबाइल खरीदा था। कुछ महीने पहले उसकी तबीयत खराब हुई थी तो उसे घर ले आए थे। आतंकी हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला (19) का पिता शिक्षक है। वह पैतृक बिहार का रहने वाला है, लेकिन सैफुल्ला फतेहपुर में जन्मा है। उसके पिता बिहार से करीब ढाई दशक पहले परिवार के साथ फतेहपुर में आए थे। यहां मुस्लिम इंटर कॉलेज के पीछे हिस्से में बने मदरसे में वह पढ़ाते हैं।
आतंकी हबीबुल इस्लाम
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मां ने कहा, बेटा निर्दोष, किसी ने फंसाया
जफरूल हसन ने बताया कि उन्हें यह नहीं पता था कि उसे किसने और कहां से पकड़ा है। रविवार को एटीएस के एक इंस्पेक्टर ने फोन कर उसके पकड़े जाने की सूचना दी। वे कुछ और पूछताछ करते कि फोन कट गया। 
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पिता जफरूल इस्लाम और हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला
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इसके बाद दोबारा फोन लगाने की हिम्मत नहीं पड़ी। यह सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई कि बेटा आतंकी गतिविधि में पकड़ा गया है। मां रोशन आरा भी बदहवास हैं। उनका कहना है कि बेटा निर्दोष है, उसे किसी ने फंसाया है। 
हबीबुल इस्लाम का घर
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दो भाई महाराष्ट्र में करते हैं काम-धंधा
आतंकी सैफुल्ला चार भाइयों में तीसरे नंबर का है। सबसे बड़ा भाई फकरुल इस्लाम की पुणे में चश्मे की दुकान है। फतेहपुर कम आना-जाना होता है। दूसरे नंबर का भाई नूरुल इस्लाम मुंबई में प्राइवेट नौकरी करता है। सबसे छोटा भाई मोइनुल इस्लाम है। वह गुजरात के भरूच में आलिम की पढ़ाई कर रहा है। 
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हबीबुल इस्लाम के घर के पास लगी भीड़
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मोहल्ले के लोग अवाक 
जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठन से सैफुल्ला के कनेक्शन की खबर सुनकर मोहल्ले वाले भी अवाक हैं। सभासद भोले नवाब ने बताया कि जफरूल इस्लाम मदरसे में शिक्षक हैं। वह मदरसे की कालोनी के बने घर में सालों से रह रहे हैं।
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