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तीन करोड़ की लूट का मामला : किसके पास क्यों भेजी जा रही थी रकम, 21 घंटे बाद भी नहीं बता पाए अफसर

अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 02 Oct 2022 10:06 PM IST
Kaushambi : तीन करोड़ की लूट के बाद घटनास्थल का जायजा लेते एडीजी।
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कौशाम्बी में तीन करोड़ की लूट की वारदात में पुलिस चकरघिन्नी बनी रही। हाल यह रहा कि घटना के 21 घंटे बाद भी पुलिस यह नहीं पता कर सकी कि रकम किसके पास और क्यों भेजी जा रही थी। यहां तक कि आला पुलिस अफसर भी कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं थे। 


घटना शनिवार-रविवार की दरमियानी रात 12.40 मिनट पर हुई। ठीक 10 मिनट बाद यानी 12.50 पर 112 नंबर पर ड्र्राइवर अल्पेश ने सूचना दी। तीन करोड़ की लूट की सूचना मिली तो सनसनी फैल गई। जिसके बाद कौशाम्बी एसपी समेत तमाम अफसर मौके पर पहुंच गए। 


दोनों ड्राइवरों से पूछताछ के साथ ही पुलिस जांच पड़ताल में जुटी रही। हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाते रहे। जांच पड़ताल में पता चला कि कार लूटने के बाद बदमाश आगे बढ़े तो आगे कड़ाधाम पुलिस की जीप खड़ी थी। पुलिसकर्मियों को देखते ही बदमाशों ने गाड़ी हाईवे से दाहिनी ओर सैनी की ओर मोड़ दी। नकदी लूटने के बाद कड़ाधाम चौराहे के पास गाड़ी छोड़कर भाग निकले। 




कौशाम्बी में लूट की घटना के बाद मौके पर पहुंचकर छानबीन करते पुलिस अधिकारी।
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गुजरात के रहने वाले हैं ड्राइवर
पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई कि दोनों ड्राइवर गुजरात के रहने वाले हैं। इनमें से पिंटू पाटन, जबकि अल्पेश मेहसाणा का रहने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने बताया कि वाराणसी में उन्हें एक बड़े पैकेट में रकम दी गई थी। जिसे कार में बनी विशेष कैविटी में रखा गया था। रकम कहां पहुंचाई जानी थी, इस बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि वाराणसी से चलते वक्त बताया गया था कि रुपये चेन्नई जाने हैं। कानपुर से दिल्ली के बीच में एक फोन कॉल आएगा। इसके बाद बताया जाएगा कि रकम कहां और किसे देनी है।
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कोखराज टोल प्लाजा जहां हुई वारदात।
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 प्रयागराज के पते पर पंजीकृत है एक्सयूवी
जिस गाड़ी से रकम ले जाई जा रही थी, वह प्रयागराज आरटीओ में पंजीकृत है। पुलिस की जांच में पता चला कि गाड़ी मालिक विनयराज सिंह वाघेला पुत्र अमर सिंह वाघेला है। गाड़ी के पंजीयन विवरण में उसका वर्तमान पता बाघंबरी हाउसिंग स्कीम, अल्लापुर अंकित है, जबकि मूल पता मेहसाणा स्थित कंथारावी गांव लिखा है। हालांकि जब सूचना पर जार्जटाउन पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि गाड़ी मालिक यहां किराये पर रहता था। लेकिन जनवरी में ही वह मकान छोड़कर चला गया। खास बात यह है कि गाड़ी अप्रैल में खरीदी गई लेकिन पता अल्लापुर का ही दर्शाया गया। फिलहाल गाड़ी मालिक से संपर्क नहीं हो सका। मकान मालिक ने यही बताया कि वह खुद को मसालों का कारोबारी बताता था।
एडीजी प्रेम प्रकाश ने कार का जायजा लिया, जिसमें रकम रखकर ले जाई जा रही थी।
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व्यापारी के नाम पर चुप्पी, उठते रहे सवाल
इस प्रकरण में वाराणसी के व्यापारी के नाम पर कौशाम्बी पुलिस की चुप्पी को लेकर कई सवाल उठते रहे। देर रात तक एसपी कौशाम्बी हेमराज मीणा जांच का हवाला देकर व्यापारी के बारे में कुछ बताने से इन्कार करते रहे।
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Kaushambi : तीन करोड़ की लूट के बाद घटनास्थल का जायजा लेते एडीजी।
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सवाल यह है कि अगर फोन पर व्यापारी ने उसकी रकम होने की बात स्वीकार की तो उसका नाम सार्वजनिक करने से पुलिस क्यों बचती रही। सवाल यह भी है कि रकम के संबंध में घटना के 21 घंटे बाद भी व्यापारी की ओर से कई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो आयकर विभाग को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई।
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