यूपी में बाढ़ का कहर: पूर्वांचल के कई जिलों में गंगा खतरे के निशान से ऊपर, घरों में पानी घुसने से हालात बिगड़े

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: हरि User Updated Tue, 10 Aug 2021 04:28 PM IST
बनारस में बाढ़।
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उत्तर प्रदेश में कई जिलों में बाढ़ का कहर जारी है। पूर्वांचल के कई जनपदों में गंगा खतरे का निशान पार कर चुकी हैं। बनारस, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही, बलिया में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यहां के गांवों में घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोगों का जनजीवन काफी प्रभावित है। 
बनारस में मंगलवार दोपहर 12 बजे तक गंगा का जलस्तर 71.79 मीटर पहुंच गया। जो खतरे से 53 सेंटीमीटर ऊपर है। वाराणसी में गंगा का खतरा बिंदु 71.26 मीटर है। बता दें कि वाराणसी में सबसे भयंकर बाढ़ 1978 में आई थी। मणिकर्णिका घाट पर शवदाह करने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गलियों तक पानी भर जाने से नावों के जरिए शवों को घाट तक ले जाना पड़ रहा है। मणिकर्णिका घाट का निचला इलाका जलमग्न होने के कारण छतों पर ही शवदाह किया जा रहा है। वहीं हरिश्चंद्र घाट पर सीढ़ियां भी डूब गई हैं। गलियों और ऊंचे स्थानों पर शवदाह कराया जा रहा है। अगली स्लाइड्स में भी देखें तस्वीरें...।
वाराणसी: बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेते डीएम, पुलिस आयुक्त व मंत्री।
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1978 में गंगा पहुंची थी 73.90 मीटर
बनारस में गंगा का जलस्तर बढ़ने से हर साल बाढ़ की समस्या पैदा होती है। इसके पूर्व में 2019 में गंगा का जलस्तर अधिकतम 71.46 मीटर तक पहुंचा था। 2013 और 2016 के बाद 2019 में गंगा ने खतरे का निशान पार किया था। इसके पूर्व 1978 की बाढ़ में अधिकतम जलस्तर 73.90 मीटर तक पहुंच गया था। मंगलवार को वाराणसी के डीएम कौशलराज शर्मा और पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश व मंत्री नीलकंठ तिवारी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के हालात जाने। लोलार्क कुंड में गंगा का पानी पहुंच गया।
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वरुणा के तटवर्तीय क्षेत्रों में राहत सामग्री का वितरण।
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सामनेघाट की कॉलोनियों की ओर बढ़ चली गंगा 
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण बनारस में सामनेघाट की कॉलोनियों की ओर गंगा बढ़ने लगी हैं। नगवां से लेकर सामनेघाट, मलहिया, रमना तक पानी घुस गया है। लोग राहत शिविरों में पहुंचने लगे हैं। वहीं कुछ लोगों ने अपने परिवार को गांव या रिश्तेदारों के घर सुरक्षित पहुंचा दिया है। नगवां गंगोत्री विहार लेन नंबर एक, संगमपुरी, महेश नगर के निचले हिस्सों में पानी घुस गया। बाढ़ प्रभावित इलाकों में मंत्री नीलकंठ तिवारी ने राहत सामग्री पहुंचाई। छतों पर शरण लिए लोगों तक एनडीआरएफ की मदद से राशन भेजा गया। 
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री का वितरण।
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एनडीआरएफ कर रही पेट्रोलिंग
बनारस के सामनेघाट ज्ञानप्रवाह नाले में पानी लगातार बढ़ने के कारण मारुति नगर, हरिओम नगर, गायत्री नगर और छित्तूपुर के पूर्वी भाग में रहने वाले लोग परेशान हो गए हैं। इन बाढ़ग्रस्त इलाके में एनडीआरएफ के जवान लगातार नाव से पेट्रोलिंग कर बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।
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बनारस में बाढ़।
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पांच सौ बीघा से अधिक फसल हुई जलमग्न
बनारस के रमना मलहिया में पानी प्रवेश करने से निचले इलाके में रहने वाले लोग पशुओं को लेकर गांव के बाहर जाने की तैयारी करने लगे हैं। रमना गांव के किसान दीना पटेल, लालजी पटेल, जीउत, मास्टर मुरारी पटेल, नखड़ू साहनी, दीपेन्द्र मोहन पटेल ने बताया कि गंगा की बाढ़ बढ़ने से रमना गांव के पूरब तरफ तैयार करेला, लौकी, नेनुआ, भिंडी, सेम, खीरा, टमाटर, परवल, धनिया, पालक की फसल करीब 500 बीघे से अधिक जलमग्न हो गई हैं। 
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