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सुन सिनेमा शो में आपको सुनने को मिलती हैं मनोरंजन जगत की दिलचस्प कहानियां

प्राण के साथ काम करने से घबराती थीं हेमा मालिनी, अरुणा ईरानी को भी थी परेशानी

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दोस्तों वैसे तो बॉलीवुड में कई खलनायक रहे हैं लेकिन किसी को खलनायक के रूप में सबसे अधिक याद किया जाता है तो वो हैं प्राण साहब। एक दौर ऐसा था कि प्राण साहब के नाम से ही लोग कांप जाते थे। जब भी वो शूटिंग करते थे तो लोगों के मन में उनकी वही विलन वाली छवि रहती थी, जिसकी वजह से लोग उनसे दूरी बनाकर रखते थे। प्राण साहब अपने हर किरदार को पर्दे पर इस तरह से उतारते थे मानों वो किरदार सच में उनका ही हो। उनके साथ काम करने वाली अभिनेत्रियां भी उनके नाम से कापती थीं। हेमा मालिनी ने प्राण साहब के साथ कई फिल्मों में काम किया। हालांकि हेमा मालिनी खुद भी एक मशहूर अभिनेत्री थीं, लेकिन अपनी शूटिंग के दौरान जब भी प्राण साहब उनकी तरफ देखते थे तो वो सहम जाती थीं। 

दोस्तों शोहरत की दास्तां भी बड़ी अजीब होती है...इसकी कहानी कब खत्म हो जाए पता ही नहीं चलता...जो बुलंदी पर है वो कब जमीन पर आ जाए कहा नहीं जा सकता...ऐसी ही कहानी है अपने जमाने के मशहूर अभिनेता भगवान दादा की....हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता और निर्देशक भगवान दादा का असली नाम भगवान अबाजी पांडव था। खुद भगवान दादा ने भी फिल्मों में आने से पहले मजदूरी तक की थी। 

हमें लगता है कि फिल्म स्टार्स की जिंदगी कितनी खुशनुमा होती है...दौलत...शोहरत...इज्जत उनके पास क्या नहीं होता...लेकिन शायद आप ये नहीं जानते कि इनकी दौलत, शोहरत और इज्जत सब दर्शकों की पसंद-नापसंद की मोहताज होती है...दर्शक इन्हें अर्श पर पहुंचाते हैं तो फर्श पर भी ले आते हैं...आज एक ऐसी ही शख्सियत की मैं बात करूंगा जिसे लोगों ने खूब चाहा लेकिन उनके जनाजे में कोई नहीं दिखा...यहां तक कि उसके शव को हाथ ठेले पर लादकर श्मशान घाट ले जाना पड़ा... 

हेलन एक ऐसी अदाकारा रही हैं जिन्होंने फिल्मों में हर तरह के किरदार निभाए हैं। उन्हें हिंदी फिल्मों की आइटम नंबर क्वीन भी कहा जाता है। कहते हैं कि दर्शकों में जोश भरने के लिए उनके आइटम नंबर को फिल्म में जरूर रखा जाता था। उनके डांस के आगे बड़ी-बड़ी अभिनेत्रियां भी फीकी थीं। आइए जानते हैं उनकी जिंदगी के बारे में कुछ दिलचस्प बातें....

1933 में नवाब बानो यानी निम्मी का जन्म आगरा के एक मुस्लिम परिवार में हुआ था...उनकी मां वहीदन एक मशहूर गायिका थीं और पिता सेना में ठेकेदारी करते थे...गायिका होने के नाते निम्मी की मां फिल्म जगत से जुड़ी थीं...निम्मी को नवाब नाम उनकी दादी ने दिया था  और इसमें बानो उनकी मां ने जोड़ा था...निम्मी के मां के संबंध फिल्मकार महबूब खान और उनके परिवार से अच्छे थे...जब निम्मी 11 साल की थीं तभी उनकी मां का इंतेकाल हो गया...इसलिए उनकी देखरेख के लिए उन्हें उनकी नानी के घर एबटाबाद भेज दिया गया...

दोस्तों हम जो फिल्म देखते हैं एक तो वो कहानी होती है...दूसरी कहानी होती है पर्दे के पीछे की...फिल्म को बनाने के दौरान अभिनेता-अभिनेत्री...डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के किस्से भी खूब मशहूर होते हैं...ऐसा ही एक किस्सा है हेमा मालिनी और मनोज कुमार का...

हिंदी फिल्मों में कुछ कलाकार ऐसे हुए हैं जिन्होंने स्टीरियोटाइप होकर भी खूब नाम कमाया...उन्हें खूब काम मिला...लोग भी उन्हें एक ही किरदार में देखना चाहते थे और बोर भी नहीं होते थे....उन्हीं में से एक थीं निरूपा रॉय....

शम्मी कपूर मनमौजी अभिनेताओं में से एक थे। वैसे तो उनका दिल कई अभिनेत्रियों पर आया लेकिन सभी ने उनसे शादी से करने से किनारा कर लिया। गीता बाली से आखिरकार उन्होंने शादी की। शम्मी से शादी करने के लिए उनसे उम्र में बड़ी गीता तैयार तो हो गईं लेकिन शम्मी के परिवारवाले इस शादी के खिलाफ थे। ऐसे में शम्मी को मशहूर कॉमेडियन जॉनी वॉकर ने सलाह दी और फिर...

बॉलीवुड में ऐसी कई हीरोइनें आईं जिन्होंने अपनी एक्टिंग के दम पर पहचान बनाई । जब तक वो पर्दे पर दिखीं तब तक तो खूब वाहवाही लूटी, जहां एक-दो फिल्में फ्लॉप हुईं, दर्शकों के दिल से भी उतर गईं । माला सिन्हा ऐसी ही हीरोइनों में से एक थीं। माला सिन्हा ने बॉलीवुड में कदम रखते ही एक के बाद एक कई हिट फिल्में दीं।हुस्न और एक्टिंग के हुनर से उन्होंने कई सालों तक दर्शकों के दिल पर राज किया ।

ओम पुरी को सिने जगत के दिग्गज अभिनेताओं में शुमार किया जाता है। ओम पुरी एक ऐसे अभिनेता थे जिनकी तूती बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक बोलती थी। उन्हें समानांतर फिल्मों का सुपरस्टार कहा जाए तो अतिश्योक्ति न होगी। उनके निभाए किरदार आज भी याद किए जाते हैं। कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम करने वाले ओम पुरी 2017 को दुनिया से अलविदा कह गए थे। आइए जानते हैं उनके बारे में....

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