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गुदगुदी: कब बन जाता है ‘अच्छे मूड का हलवा’

23 सितंबर 2021

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गुस्सा तो तब आता है जब किसी बरात की गाड़ी में सबसे पहले जाकर पहले तो सीट रोक कर बैठो, फिर जब गाड़ी चलने लगे तो घर वालो की आवाज आती है कि बेटा ऐसा कर तुम उठ जाओ, जरा फूफा जी को बैठने दो। तो ऐसे ही बन जाता है बने बनाए मूड का हलवा। ... Read More

गुदगुदी: कब बन जाता है ‘अच्छे मूड का हलवा’

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गुदगुदी: सुनिए शब्दों का मजेदार कंफ्यूजन!

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एक शख्स को चम्मच भी धोनी नहीं आती थी। मतलब ये समझ लो कि सारा का सारा काम उसने कभी करना ही नहीं। मगर जब मैंने उसे शादी करने की सलाह दी तो उसका कायाकल्प ही हो गया और अब वो बर्तन - कपडे सब धो लेता है।

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अपनी बीवियों से परेशान कुछ पति जब भी अपने सुसराल जाते हैं तो उनसे एक सवाल तो बहुत पूछा जाता है, वो ये कि दामाद जी हमारी बेटी से शादी करके आप खुश हैं ना? बस यही लाइन जैसे हर समय जले पर नमक छिड़कने वाली हो गई है ससुरालवालों की।

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कल रात एक शादी में डीजे पर एक गाना बजा। जिसको डांस नहीं करना, वो जाकर अपनी भैंस चराए। बस ये गाना सुनते ही ज्यादातर पति तो अपनी-अपनी बीवियों को खाना खिलाने के लिए ले गए

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शक करने की भी एक हद होती है और हद की भी हद तब हो जाती है जब पत्नी कर रही हो अपने डॉक्टर पति पर फालतू का शक। हुआ ऐसा कि एक डॉक्टर की बीवी का था ऑपरेशन, जो डॉक्टर को ही करना था।

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एक शख्स ने पहनी हुई थीं दस उंगलियों में अंगूठियां। ये देखकर उसके दोस्त ने कहा कि यार गजब है ये सारी उंगलियों में अंगूठियां क्यों डाली हुई हैं। अब सुनिए उस शादीशुदा शख्स का मस्त जवाब

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ये लड़कों वाली दोस्ती होती है ना, कभी-कभी बचा लेती है तो कभी कभार पिटवा भी देती है। जो दोस्त अपने दोस्त को पिटता देख अगर घर की तरफ भागता है तो उसे गद्दार नहीं कहना चाहिए क्योंकि हो सकता है वो डंडा या तलवार लेने के लिए भागा हो

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अमर उजाला आवाज 'गुदगुदी' में आज रानी से सुनिए दुनिया में तीन तरह के लोग खासतौर से पाए जाते हैं। पहले आयुर्वेदिक,दूसरे एलोपैथिक और तीसरे नंबर पर आते हैं होम्योपैथिक टाइप लोग।

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सुनो एक पति की कहानी उसी की जुबानी। एक रात कमरे का ताला हो गया खराब। बीवी ने टॉर्च मुझे थमा दी और खुद ताला खोलने में जुट गई। काफी समय गुजरने के बाद जब ताला नहीं खुला तो बीवी का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

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दिवाली पर पटाखा जलाना अब मुश्किल हो रहा है। वो भी प्रदूषण के कारण। अभी तक पूजा का मुहूर्त निकाला जाता था लेकिन अब तो पटाखे फोड़ने का भी मुहूर्त निकाला जाता है वो भी रात 8 बजे से 10 बजे तक।
 

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