कचड़ा सॉन्ग

Ankita Raj
2:23
                
                                                             
                            ज़िम्मेदारी से निपटेंगे कचड़े से हे कचड़े से
                                                                     
                            
ज़िम्मेदारी से निपटेंगे कचड़े से हे कचड़े से
जलवायु को बचाना है
धरती को स्वर्ग बनाना है
जलवायु को बचाना है
धरती को स्वर्ग बनाना है

प्लास्टिक कूड़ा अलग फेंके
छिलका सारा अलग डालें
प्लास्टिक कूड़ा अलग फेंके
छिलका सारा अलग डालें

ताकि उस पर काम हो पाये
ग्रीनहाउस गैस कम हो जाये
ताकि उस पर काम हो पाये
ग्रीनहाउस गैस कम हो जाये
और सुनहरा कल बन जाये

ज़िम्मेदारी से निपटेंगे कचड़े से हे कचड़े से
कचड़े से हे कचड़े से
कचड़े से हे कचड़े से
 
हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।  आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
5 months ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
X