डेनिस रेडर
अपराध लोक

सुनिए उस पूर्व फौजी की कहानी, जो सनकी हत्यारा बन पहता था महिलाओं के अंडरगारमेंट्स

8 April 2022

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6:47
सुनिए एक ऐसे सीरियल किलर के बारे में, जिसने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। डेनिस रेडर नाम के इस कुख्यात सीरियल किलर  ने 10 लोगों को मौत के घाट उतारा था। इस सीरियल किलर के हैवानियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है कि इसने पड़ोसी शख्स, उसकी पत्नी के साथ-साथ दो छोटे बच्चों को भी मार दिया था जिनकी उम्र 9 और 11 वर्ष थी।  

सुनिए उस पूर्व फौजी की कहानी, जो सनकी हत्यारा बन पहता था महिलाओं के अंडरगारमेंट्स

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जुर्म की दुनिया में आज बात होगी रूस के सीरियल किलर अलेक्जेंडर निकोलायेविच स्पीसिवत्सेव की, जिसने महज 6 साल में 80 से ज्यादा महिलाओं और बच्चों की बेदर्दी से हत्या की. अफसोस की बात ये थी कि इस गुनाह में उसकी मां ल्यूडमिला ने भी उसका साथ दिया. कहा तो ये भी जाता है कि ये हैवान अपने शिकार का मांस भी चबा जाता था. अलेक्जेंडर को द नोवोकुज़नेत्स्क मॉन्स्टर और द साइबेरियन रिपर के नाम से भी जाना जाता है...

अनातोली मोस्कविन को साल 2011 में गिरफ्तार किया गया था, जब ये सामने आया था कि उसने कब्रिस्तान से तीन से 12 साल की उम्र की लड़कियों की लाशें निकाली थीं। इन लड़कियों के शवों को ये सनकी इतिहासकार अपने घर ले जाता था और उन्हें सजाकर रखता था। इस अपराधी के घर से पुलिस ने एक दो नहीं बल्कि 26 लड़कियों के शव बरामद किया था।

अमेरिका का कुख्यात सीरियल किलर थियोडोर रॉबर्ट बंडी उर्फ टेड बंडी एक ऐसा सिरफिरा अपराधी था। जिसने सीरियल किलिंग, रेप, किडनैपिंग और चोरी जैसे संगीन अपराधों को अंजाम दिया। इसके निशाने पर ज्यादातर महिलाएं होती थी। वो उनके साथ  रेप करके उन्हें दर्दनाक मौत देता था। उसके अपराधों के लिए उसे कड़ी सजा हुई और उसकी मौत तड़प-तड़प कर हुई थी।

आज से लगभग पांच दशक पहले जब इस अपराधी की उम्र महज 21 साल की थी। तभी उसने जिंदगी में किसी इंसान के कत्ल की पहली वारदात को अंजाम दिया था, उसके बाद इस खूंखार सीरियल किलर ने साल 1974 से 1978 के बीच महज चार साल में 4 बेकसूर लोगों को एक के बाद एक कत्ल कर डाला। 

1980 के दशक के मध्य में, अमेरिका के लॉस एंजिल्स में खूनी खेल खेला शुरू होता है। 1983 और 1985 के बीच कम से कम 13 अश्वेत महिलाओं की लाशें पुलिस को मिलती हैं, जिन्हें या तो छुरा घोंपकर मारा गया था या फिर गला दबाकर. कातिल उन अश्वेत महिलाओं को शिकार बना रहा था जो यौनकर्मी थीं और नशीले पदार्थों का सेवन करती थीं. शहर खौफ में था और पुलिस परेशान. कातिल का कोई सुराग नहीं मिल रहा था.  हालांकि मीडिया ने इस कातिल को साउथसाइड स्लेयर और महिलाओं की हत्याओं को स्ट्रॉबेरी मर्डर नाम दिया. जुर्म की दुनिया में आज बात होगी अमेरिकी सीरियल किलर लॉनी फ्रैंकलिन की लगभग 200 महिलाओं को अपना शिकार बनाया। इस सीरियल किलर की करतूत को पुलिस इसलिए नजरअंदाज करती रही, क्योंकि मरने वाली महिलाएं या तो ड्रग्स की लती थीं या फिर वेश्या। अमेरिका में ये कातिल ग्रिम स्लीपर, साउसाइड स्लेयर और 25 ऑटो किलर के नामों से कुख्यात हुआ....

2000 शुरुआती दौर में मिस्र के काहिरा और अलेक्जेंड्रिया शहरों के बीच ट्रेन की पटरियों के किनारे 10 से 14 साल के बच्चों की लाशें मिलनी शुरू होती हैं. पहले एक, फिर दो, फिर तीन और इसके बाद मासूमों की लाशें मिलने का सिलसिला बढ़ता जाता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चलता है कि बच्चों को कुकर्म के बाद ट्रेन से फेंका गया था. पुलिस ने रेलवे स्टेशनों के आसपास और ट्रेन में जासूस लगाए लेकिन उनके हाथ सफलता नहीं लग रही थी...जुर्म की दुनिया में आज बात होगी मिस्र के एक ऐसे सीरियल किलर की जिसने राजधानी काहिरा, अलेक्जेंड्रिया, कलयूबेया और बेनी सुइफ सहित मिस्र में कई स्थानों पर सात साल के दौरान कम से कम 32 बच्चों का बलात्कार और हत्या की द। उसके सभी शिकार 10 से 14 साल की उम्र के थे, उनमें से अधिकांश लड़के थे। ये बच्चे या तो अनाथ थे या ट्रेन में भटक जाते थे...अफसोस की बात ये रही कि ये दरिंदा फांसी पर लटकाए जाने के बाद इतना लोकप्रिय हुआ कि लोगों ने अपना बिजनेज चलाने के लिए इसके नाम का इस्तेमाल किया...इस जालिम का नाम था रमजान अब्दुल रहीम मंसूर...

24 मई 1973. जगह ब्राजील की सेंटा रीटा जेल. एक 19 साल का लड़का जेल में बंद अपने पिता से मिलने पहुंचता है. पुलिसकर्मी दोनों को एकांत कमरे में छोड़कर चले जाते हैं. थोड़ी की देर में कमरे से चीखने की आवाज आने लगती है. पुलिसकर्मी जैसे ही कमरे का दरवाजा खोलते हैं उनके होश उड़ जाते हैं. लड़के के हाथ में उसके पिता का दिल था जिसे वो नोच-नोचकर खा रहा था. फर्श पर चारों तरफ खून बिखरा पड़ा था और पिता की लाश जमीन पर पड़ी होती है. लड़के ने उस धारदार हथियार से पिता की हत्या कर दी थी जिसे वो छिपाकर लाया था. जुर्म की दुनिया में आज बात होगी एक ऐसे सीरियल किलर की जिसे ब्राजील के लोगों ने सिर आंखों में बिठाया. वजह ये थी कि उसके ज्यादातर शिकार अपराधी या भ्रष्टाचारी थे. उसने हत्यारों, बलात्कारियों, ड्रग डीलरों, धोखेबाजों, चोरों और ऐसे ही 100 लोगों को मौत के घाट उतारा. ब्राजील के इस सीरियल किलर का नाम पेड्रो रोड्रिग्स है.पेड्रो रोड्रिग्स ने जेल में अपने पिता की हत्या इसलिए की क्योंकि उसके पिता ने उसकी मां और बहन की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. अपनी मां और बहन की मौत से उसे गहरा सदमा हुआ और उसने पिता को खत्म करने की ठानी. पिता की हत्या के जुर्म में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार होने के बाद पेड्रो को एक बलात्कारी सहित दो अन्य अपराधियों के साथ पुलिस की गाड़ी में कोर्ट ले जाया जा रहा था. जब पुलिस ने कोर्ट पहुंचकर गाड़ी का दरवाजा खोला तो उन चार कैदियों में एक की मौत हो चुकी होती है। दरअसल पेड्रो ने बलात्कारी कैदी की हत्या कर दी थी. 

जनवरी 1995...दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया का अटेरिजविले इलाका...यहां जंगल में मवेशी चरा रहे एक चरवाहे को एक महिला की लाश मिलती है. पुलिस मौका ए वारदात पर पहुंचती है और शव की शिनाख्त में जुट जाती है. ये 27 साल की स्थानीय अश्वेत महिला ब्यूटी नुकु सोको का शव था. सोको की बलात्कार के बाद हत्या की गई थी। इसके बाद अश्वेत महिलाओं की लाशें मिलने का सिलसिला शुरू होता है और जनवरी से अप्रैल तक 5 महिलाओं के शव पुलिस को और मिलते हैं. सभी महिलाओं को एक ही पैटर्न से मारा गया था. पहले उनके साथ बलात्कार किया जाता फिर किसी कपड़े से उनका गला घोंट दिया जाता.
जुर्म की दुनिया में बात होगी दक्षिण अफ्रीका के एक ऐसे सीरियल किलर की जिसने महज एक साल में 38 महिलाओं की आबरू को लूटा और उन्हें मौत की नींद सुला दिया. वह बाद में पीड़ितों के परिवारों को फोन करता और अपनी हैवानियत की दास्तां सुनाता. देश में इसका इतना खौफ हो गया था कि तत्कालीन राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला ने हत्यारे को पकड़ने के लिए लोगों से सार्वजनिक सहायता मांगी और उस जिले का दौरा किया जहां इस अपराध को अंजाम दिया जा रहा था. इस कातिल के गुनाहों के लिए इसे 2410 सालों की सजा सुनाई गई. इसका नाम था मोसेस सिथोल जिसे दक्षिण अफ्रीका का टेड बंडी भी कहा जाता है. 

जनवरी 1994....जगह फ्रांस की बर्नहौप्ट-ले-हौट...पुलिस को खबर मिलती है कि यहां कि एक गली में रहने वालीं मैरी विंटरहोलर अपने बिस्तर पर मृत पाई गई हैं...पुलिस मौके पर पहुंचती है और देखती है कि मैरी पीठ के बल लेटी थी। डॉक्टरों ने निष्कर्ष निकाला कि यह एक प्राकृतिक मौत है उन्हें दफनाने का लाइसेंस जारी कर दिया. लेकिन ये प्राकृतिक मौत नहीं बल्कि कत्ल था. जुर्म की दुनिया में आज बात होगी फ्रांसीसी सीरियल किलर यवन केलर की जिसे द पिलो किलर भी कहा जाता है. इस हत्यारे ने 1989 और 2006 के बीच तीन देशों फ्रांस, स्विटजरलैंड और जर्मनी में कम से कम 23 बूढ़ी महिलाओं को मौत के घाट उतारा और कानून  के शिकंजे से बचता रहा। आखिर ये कातिल बूढ़ी महिलाओं को क्यों शिकार बनाता था सुनिए पूरी कहानी..

सीरियल किलर से जुड़ी आपने ऐसी कई कहानियां सुनी होगी, जिसने एक-दो नहीं बल्कि कई लोगों की बेरहमी से हत्या की होगी। लेकिन क्या आपने कभी ऐसे सीरियल किलर के बारे में सुना है, जो इंसान नहीं बल्कि बिल्लियों का कत्ल करता हो। आपको ये बात थोड़ी अजीब जरूर लग रही होगी, लेकिन कुछ साल पहले ब्रिटेन के अलग-अलग इलाकों में ऐसी खौफनाक घटनाएं घटी थी, जिसने पूरे देश को हिला दिया था। जुर्म की दुनिया में आज बात होगी एक ऐसे सीरियल किलर की जो पालतू जानवरों को अपना शिकार बनाता था, इन जानवरों में खरगोश, उल्लू, कुत्ते और सबसे ज्यादा संख्या में पालतू बिल्लियां थीं. इस शख्स ने पूरे ब्रिटेन में 400 से अधिक बिल्लियों और कई अन्य जीव-जंतुओं की बेरहमी से हत्या की और उनके शवों को भी क्षत-विक्षत कर दिया...
बिल्लियों की हत्याओं की शुरुआत साल 2014 में दक्षिण लंदन के क्रॉयडन शहर से होती है। इसलिए मीडिया अंजान कातिल को 'क्रॉयडन कैट सीरियल किलर' का नाम देती है। कुछ लोग इसे 'एम-25 कैट किलर' भी कहते हैं। क्रॉयडन शहर से शुरू हुई ये वारदातें धीरे-धीरे पूरे लंदन में फैल जाती हैं और देखते ही देखते इस कैट सीरियल किलर की दहशत पूरे ब्रिटेन में महसूस की जाने लगती है.

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