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प्रेत लोक

Horror Story: रात 12.56 बजे

7 August 2022

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10:58
आज से संयम की नाइट शिफ्ट शुरू होने वाली थी. वो एक BPO में नौकरी करता था. भले ही उसको रात में काम करना बिलकुल पसंद न हो, लेकिन 15 दिनों तक नाइट शिफ्ट में काम करना उसकी मजबूरी थी. संयम का ऑफिस गुरुग्राम में था. करीब रात की 11 बजकर 45 मिनट पर ऑफिस की कैब संयम को उसके घर पर लेने आती है. ऑफिस और संयम की घर की दूरी करीब-करीब 30 मिनट की थी, ऐसे में संयम कैब में बैठकर ऑफिस का अपना सफर शुरू करता है. अंधेरी रात में कैब की खिड़की से बाहर झांकते हुए संयम रात की इस खामोशी को गौर से सुन रहा था. वो महसूस करता है कि उसका इलाका दिन में जितना गुलजार होता है, रात में उतना ही सुनसान और डरावना लगने लगता है. कुछ देर बाद संयम ऑफिस पहुंच जाता है, वो देखता है कि ऑफिस में दो लड़के और थे. इन लोगों के चेहरों के हाव-भाव देख कर लगता है कि यह लोग भी नए-नए ही कंपनी से जुड़े हैं. क्योंकि कोरोना की वजह से पुराने कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम थे...  

Horror Story: रात 12.56 बजे

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सभी 24 एपिसोड

pretlok

5 October 20228 mins 28 secs

Pretlok : शापित विवाह

सोनाली उसे और उसकी यह अजीब सी हरकत देख, बुरी तरह डर गई, लेकिन फिर उसने खुद पर काबू पाया और उसके पास जाने के लिए कदम बढ़ाया, लेकिन अचानक पीछे से आवाज़ आई...

बाहर चल रही तेज़ बारिश का शोर अब बढ़ गया था, खिड़कियों पर लगे शीशे तेज हवा के थपेड़ों से मुकाबला कर रहे थे. खिड़की से बाहर दरख्तों के बीच झांकती राज की निगाहें, प्रिया की इस दहशत की असल वजह को तलाश रही थीं, कि तभी उसकी नज़रों ने एक खौफनाक मंजर को कैद किया...

हकीकत तो यह थी कि इंतज़ार तो मिस्टर आशीष राणे भी कर रहे थे, लेकिन अपनी रिहाई का. पंकज की नज़रें अब भी जवाब तलाश रही थी, लेकिन स्कूल में अचानक पसरा सन्नाटा अशांत कर रहा था, यह वो मंज़र था जब नौ साल का पंकज, बेचैनी, खौफ, दहशत या फिर किसी भी तरह के डर से सही मायने में वाकिफ नहीं था...

अयान अपने कदमों को रोक न पाया और धीरे-धीरे उसी तरफ बढ़ने लगा. कुछ ही कदमों का फसला तय कर वो अपनी मरहूम दादी के कमरे के दरवाज़े पर जा पहुंचा. हो न हो, मगर उस कमरे की दहलीज़ किसी अजीब सी सर्द घेरे में थी, आखिर क्या था अंदर?... 

आफिया

24 September 20228 mins 41 secs

Pretlok: एक आखिरी कॉल

आफिया आज भी ऑफिस में देर तक रुकने वाली थी, ताकि कल की प्रेजेंटेशन के लिए सारी तैयारियां वक्त पर मुकम्मल हो सकें. अभी रात ने अपना आधा ही फासला तय किया होगा, कि बीच में अचानक पूरे ऑफिस की लाइट गुल हो गई. आफिया यह देख ज़रा चौंक सी गई, लेकिन गनीमत थी कि कम्प्यूटर की स्क्रीन अब भी चालू थी. कीबोर्ड पर हाथ चलाते हुए आफिया एकाएक पसरे इस आसपास के अंधेरे को घूर के देखने लगी, तभी उसके मोबाइल की घंटी बजी. यह उसके शौहर ज़ुहान का कॉल था. लेकिन नामालूम क्यों आफिया इस कॅाल को बजता देख बुरी तरह डर चुकी थी... आखिर इतनी रात, उसके शौहर ने उसे खैरियत पूछने को फोन किया होगा, इसमें डरने की क्या बात...

अबतक जो चीज़ उन्हें

20 September 20229 mins 12 secs

Pretlok: लाशों की सड़क

अबतक जो चीज़ उन्हें परेशान कर रही थी, अब वो उन्हें डराने लगी थी. रात के 2 बजने को हैं और न जाने क्यों इस सुनसान दहशतनाक सड़क के बीच उनके साथ यह खौफनाक वाक्या हो रहा था. अभी वो कुछ समझ पाते कि तभी अचानक उनके सामने का मंजर देख, उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं.

थोड़ी देर बाद राहुल एक भयानक चीख सुनकर जागता है. चीख रीता की थी लेकिन वो कमरे में नहीं थी. राहुल दरवाजा खोलकर बाहर आता है. पूरे क्रूज में सन्नाटा पसरा था. खामोश समंदर के बीचोंबीच क्रूज में राहुल के अलावा कोई नहीं थी. वो रीता को हर जगह ढूंढता है लेकिन उसका कोई पता नहीं चलता... 

प्रियंका

13 September 202210 mins 19 secs

Pret lok: भूतिया मकान

प्रियंका आज काफी थकी हुई थी, एक तो पूरे दिन शिफ्टिंग का काम ऊपर से किराये को लेकर नए मकान मालिक से बहस. भला अंतिम समय में कोई मकान मालिक किराया बढ़ाने की बात करता है क्या? चलो फिर भी इतना ढूंढने के बाद शहर में एक अच्छा और किफायती मकान तो मिला... यही सोचते हुए प्रियंका बाथरूम में नहाने चली जाती है. शॉवर चालू कर ठंडे पानी में पूरे दिन की थकान उतारती प्रियंका न जाने क्यों धीरे धीरे 80 के दशक के गानों को गुनगुने लगती है... वैसे तो प्रियंका काफी मॉडर्न, एडवांस और एनरजेटिक लड़की है, लेकिन आज उसका मन एक दम शांत और थोड़ा उदासी भरा था. शायद घर से अभी अभी लौटने का गम उसके दिल के किसी छोर में दबा बैठा था...

राकेश

10 September 20229 mins 56 secs

Horror Story: चीखता कुआं

राकेश गांव पहुंचकर लोगों को आपबीती बताता है. सिरकटी महिला की डरावनी हंसी की आवाज गांव तक पहुंच रही थी...लोग उसकी आवाज सुनकर सहम जाते हैं और अपने-अपने घरों में दुबक जाते हैं...

चार दीवारी में पसरे खौफनाक सन्नाटे को चीरती हुई इस आवाज़ ने मानों नीरज के खून को सुखा दिया था. वो डरा हुआ था, लेकिन फिर जब कुछ समझ नहीं पाया, तो इसे महज़ एक नशे का धोखा मान नज़रअंदाज कर देता है और सीधा अपने बिस्तर पर सोने चला जाता है...

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