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विक्रम बेताल की कहानियां

विक्रम बेताल की कहानी : ब्राह्मण पुत्र को क्यों नहीं मिली सिद्धि ?

9 August 2022

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विश्व साहित्य के धरोहरों में से एक है विक्रम और बेताल की कहानियां। जिन्हें बेताल पच्चीसी के नाम से जाना जाता है, ये कहानियां संस्कृत के एक ग्रंथ बेतालपञ्चविंशतिका में मौजूद हैं। इसके रचयिता सोमदेव भट्ट थे।

विक्रम बेताल की कहानी : ब्राह्मण पुत्र को क्यों नहीं मिली सिद्धि ?

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विश्व साहित्य के धरोहरों में से एक है विक्रम और बेताल की कहानियां। जिन्हें बेताल पच्चीसी के नाम से जाना जाता है, ये कहानियां संस्कृत के एक ग्रंथ बेतालपञ्चविंशतिका में मौजूद हैं। इसके रचयिता बेताल भट्टराव थे।

विश्व साहित्य के धरोहरों में से एक है विक्रम और बेताल की कहानियां। जिन्हें बेताल पच्चीसी के नाम से जाना जाता है, ये कहानियां संस्कृत के एक ग्रंथ बेतालपञ्चविंशतिका में मौजूद हैं। इसके रचयिता सोमदेव भट्ट थे।

विश्व साहित्य के धरोहरों में से एक है विक्रम और बेताल की कहानियां। जिन्हें बेताल पच्चीसी के नाम से जाना जाता है, ये कहानियां संस्कृत के एक ग्रंथ बेतालपञ्चविंशतिका में मौजूद हैं। इसके रचयिता सोमदेव भट्ट थे।

विश्व साहित्य के धरोहरों में से एक है विक्रम और बेताल की कहानियां। जिन्हें बेताल पच्चीसी के नाम से जाना जाता है, ये कहानियां संस्कृत के एक ग्रंथ बेतालपञ्चविंशतिका में मौजूद हैं। इसके रचयिता सोमदेव भट्ट थे।

विश्व साहित्य के धरोहरों में से एक है विक्रम और बेताल की कहानियां। जिन्हें बेताल पच्चीसी के नाम से जाना जाता है, ये कहानियां संस्कृत के एक ग्रंथ बेतालपञ्चविंशतिका में मौजूद हैं। इसके रचयिता सोमदेव भट्ट थे।

विश्व साहित्य के धरोहरों में से एक है विक्रम और बेताल की कहानियां। जिन्हें बेताल पच्चीसी के नाम से जाना जाता है, ये कहानियां संस्कृत के एक ग्रंथ बेतालपञ्चविंशतिका में मौजूद हैं। इसके रचयिता सोमदेव भट्ट थे।

विश्व साहित्य के धरोहरों में से एक है विक्रम और बेताल की कहानियां। जिन्हें बेताल पच्चीसी के नाम से जाना जाता है, ये कहानियां संस्कृत के एक ग्रंथ बेतालपञ्चविंशतिका में मौजूद हैं। इसके रचयिता सोमदेव भट्ट थे।

विश्व साहित्य के धरोहरों में से एक है विक्रम और बेताल की कहानियां। जिन्हें बेताल पच्चीसी के नाम से जाना जाता है, ये कहानियां संस्कृत के एक ग्रंथ बेतालपञ्चविंशतिका में मौजूद हैं। इसके रचयिता सोमदेव भट्ट थे।

विक्रम और बेताल की कहानियां विश्व साहित्य के धरोहरों में से एक है। जिन्हें बेताल पच्चीसी के नाम से जाना जाता है, ये कहानियां संस्कृत के एक ग्रंथ बेतालपञ्चविंशतिका में मौजूद हैं। इसके रचयिता बेताल भट्टराव थे, जो न्याय के लिये प्रसिद्ध राजा विक्रम के नौ रत्नों में से एक थे। ये कथाएं राजा विक्रम की न्याय-शक्ति का बोध कराती हैं। बेताल प्रतिदिन एक कहानी सुनाता है और आखिर में राजा से ऐसा प्रश्न कर देता है कि राजा को उसका उत्तर देना ही पड़ता है। उसने शर्त लगा रखी है कि अगर राजा बोलेगा तो वह उससे रूठकर फिर से पेड़ पर जा लटकेगा।
 

विश्व साहित्य के धरोहरों में से एक है विक्रम और बेताल की कहानियां। जिन्हें बेताल पच्चीसी के नाम से जाना जाता है, ये कहानियां संस्कृत के एक ग्रंथ बेतालपञ्चविंशतिका में मौजूद हैं। इसके रचयिता सोमदेव भट्ट थे।

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