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पंजाब : अमरिंदर की महिला मित्र और पाक खुफिया एजेंसी के कनेक्शन की होगी जांच

पंजाब के डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा ने वीरवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह की पाक महिला मित्र व पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के कनेक्शन की जांच के लिए कार्यवाहक डीजीपी इकबाल प्रीत सहोता को आदेश दिए। रंधावा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को बार-बार आगाह करने के बावजूद उनकी पाक महिला मित्र साढ़े चार साल तक सरकारी कोठी में रही। 

वीरवार को जालंधर में पत्रकारों से बातचीत में डिप्टी सीएम रंधावा ने कहा कि कैप्टन को कैसे पता चला कि पंजाब पर आईएसआई का खतरा है। मतलब, उन्हें कोई न कोई जानकारी दे रहा था। रंधावा ने मौके पर ही डीजीपी इकबालप्रीत सिंह सहोता को आदेश दिए कि इसकी बारीकी से जांच की जाए। उन्होंने कहा कि ईडी केस का सामना करने और पाकिस्तानी नागरिक को शरण देने के बाद से कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बीजेपी के साथ हाथ मिला लिया है। 

जालंधर के पंजाब आर्म्ड पुलिस कांप्लेक्स में आयोजित शहीदी कार्यक्रम में उन्होंने डीजीपी को कहा कि शहीद परिवार पुलिस ऑफिस के चक्कर न काटें। क्लर्कों के आगे हाथ जोड़कर खड़े न रहें। ऐसी व्यवस्था की जाए कि उन्हें अपनी फाइल लेकर अलग-अलग ऑफिस न भागना पड़े। संभव हो तो हर जिले में एक अफसर नियुक्त कर दें, जो शहीद परिवार के घर जाकर उनकी मुश्किलें सुनें और उसे दूर करें।    

पंजाब पुलिस बीएसएफ से भी समर्थ...
पंजाब में सीमा सुरक्षा बल का इंटरनेशनल बॉर्डर से 50 किमी तक दायरा बढ़ाने पर डिप्टी सीएम रंधावा ने कहा कि बीएसएफ से ज्यादा काम पंजाब पुलिस करती है। पंजाब पुलिस ने आतंकवाद खत्म किया है, इसलिए पंजाब पुलिस पर अंगुली नहीं उठाई जा सकती। 
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कैप्टन अमरिंदर सिंह कैप्टन अमरिंदर सिंह

पंजाब की सियासत : सिद्धू-चन्नी विवाद से चिंतित है कांग्रेस हाईकमान, कलह से कुनबे का नुकसान तय

पंजाब कांग्रेस में नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच विवाद और दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा अपनी पार्टी बनाने के एलान ने कांग्रेस हाईकमान की चिंता बढ़ा दी है।

माना जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस में अगले दो महीने में अंदरूनी कलह खत्म नहीं हुई तो टिकट बंटवारे के मौके पर पार्टी के करीब 30-40 विधायक कैप्टन के साथ खड़े दिखाई दे सकते हैं, जो कांग्रेस के लिए बहुत की खराब प्रदर्शन का पहला संकेत होगा। पार्टी ऐसे विधायकों की सूची बनाने में जुटी है। कैप्टन स्वयं भी दावा कर चुके हैं कि प्रदेश कांग्रेस के कई नेता लगातार उनके संपर्क में हैं।

कांग्रेस की ओर से यही दावा किया जा रहा है कि कैप्टन की नई पार्टी का पंजाब में कांग्रेस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और न ही पार्टी को कैप्टन से किसी तरह का नुकसान होगा। लेकिन कैप्टन की ओर से अपनी पार्टी के गठन का एलान किए जाने के साथ ही पंजाब कांग्रेस के अनेक सीनियर नेताओं ने जिस तरह कैप्टन के खिलाफ मोरचा खोला, उसे सियासी हलकों में कांग्रेस पार्टी में फैली घबराहट माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार बुधवार को कैप्टन के कदम को देखते हुए पार्टी के पूर्व प्रधान राहुल गांधी ने पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत के साथ विचार-विमर्श किया। इस दौरान सिद्धू और चन्नी के बीच जारी विवाद पर भी चर्चा हुई, जिसके बाद राहुल ने अगले हफ्ते दिल्ली में सूबे के सीनियर कांग्रेसी नेताओं के साथ बैठक करने का फैसला किया है।

यह भी पता चला है कि हाईकमान प्रदेश के उन नेताओं की सूची भी तैयार करने लगा है, जो विधानसभा चुनाव में बागी रुख अपनाते हुए कैप्टन से जुड़ सकते हैं। ऐसे करीब 40 विधायक हैं, जो कैप्टन सरकार और अब चन्नी सरकार के दौरान पार्टी द्वारा अनदेखा किए जाने से आहत हैं। ये ऐसे विधायक हैं, जो न तो कभी सिद्धू के पक्ष में खुलकर सामने आए और न ही कैप्टन के समर्थन में।

अब इन विधायकों की चिंता आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर है, क्योंकि टिकट बंटवारे पर भले ही अंतिम फैसला हाईकमान का होगा, लेकिन नामों की सूची पंजाब में प्रदेश प्रधान नवजोत सिद्धू द्वारा चन्नी की सलाह के बिना फाइनल की गई, तो विवाद चरम पर पहुंचना तय है।

कैप्टन के भाजपा से गठजोड़ से कांग्रेस को राहत
अपनी नई पार्टी के साथ भाजपा से गठबंधन के रास्ते खुले रखने के कैप्टन के एलान ने पंजाब में कांग्रेस को बड़ी राहत दी है। पार्टी हाईकमान का मानना है कि राज्य के जो विधायक और नेता कैप्टन के साथ जा सकते थे, भाजपा से गठबंधन को देखते हुए कैप्टन से दूरी बनाए रखने में ही अपनी भलाई समझेंगे। वहीं प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने भी कैप्टन के खिलाफ हमलों में भाजपा से गठबंधन को मुख्य मुद्दा बना लिया है। कांग्रेस नेता अब कैप्टन और भाजपा के बीच साठगांठ के खुलकर आरोप लगा रहे हैं और इसके दम पर हरीश रावत ने भी कहा कि कांग्रेस को पंजाब में कैप्टन की पार्टी से कोई खतरा नहीं है। 
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जालंधर में हादसा: तेज रफ्तार ट्राले ने एक्टिवा सवार महिलाओं को मारी टक्कर, दोनों की मौत

जालंधर में चौगिट्टी के पास अमृतसर हाईवे पर एक तेज रफ्तार ट्राले ने एक्टिवा सवार महिलाओं को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई और चालक ट्राला लेकर भाग निकला। पुलिस ने रामा मंडी चौक पर आरोपी ट्राला चालक सतनाम सिंह निवासी को गिरफ्तार कर लिया है।

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लुधियाना: आयकर विभाग की 30 टीमों ने साइकिल एवं पार्ट्स निर्माताओं के ठिकानों पर दी दबिश, कब्जे में लिए दस्तावेज  

वहीं चालक का कहना है कि वह श्रीनगर से दिल्ली जा रहा था। उसे तो पता ही नहीं लगा कि उसके ट्राले के नीचे कोई आ गया है। उसे एक कार वाले ने बताया कि उसके ट्राले के नीचे महिलाएं आ गई हैं।मृतक महिलाओं की पहचान अमरजीत कौर और अनीता शर्मा के तौर पर हुई है।

दोनों महिलाएं लद्देवाली में मोहन विहार की रहने वाली थीं। महिलाएं लद्देवाली की तरफ से आ रही थीं। हाईवे पर चढ़ते ही तेज रफ्तार ट्राले ने उनको किनारे से टक्कर मार दी। इससे एक्टिवा समेत दोनों महिलाएं घिसटती हुईं आगे चली गईं और उनकी वहीं पर मौत हो गई। काफी समय तक दोनों के शव सड़क पर ही पड़े रहे। पुलिस एंबुलेंस का इंतजार करती रही, जिस कारण यातायात अवरुद्ध रहा।
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लुधियाना: आयकर विभाग की 30 टीमों ने साइकिल एवं पार्ट्स निर्माताओं के ठिकानों पर दी दबिश, कब्जे में लिए दस्तावेज 

आयकर विभाग की 30 टीमों ने गुरुवार सुबह लगभग छह बजे लुधियाना के साइकिल एवं पार्ट्स निर्माताओं के ठिकानों पर दबिश दी। देर शाम तक आयकर विभाग के अधिकारी अपनी कार्रवाई में जुटे हुए थे। इस कार्रवाई के दौरान आयकर विभाग अधिकारियों ने कारोबारियों के परिसर से दस्तावेज को अपने कब्जे में लिया है। कार्रवाई के समय पुलिस मुलाजिमों को साथ लिया गया है, ताकि दबिश की जगह पर कोई व्यक्ति अंदर न आ सके और कोई बाहर न जा सके। अभी तक क्या कुछ बरामद किया जा चुका है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। 

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कैप्टन पर भड़के नवजोत सिद्धू: पुराना वीडियो शेयर कर अमरिंदर को बताया कृषि कानूनों का निर्माता 

गुरुवार को आयकर विभाग ने अचानक साइकिल निर्माण से जुड़ी सात इकाइयों पर दबिश दी। बताया जा रहा है कि जालंधर, लुधियाना, पटियाला सहित कई अन्य शहरों में भी इस कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। आयकर विभाग के अधिकारी कारोबारियों के घर, दफ्तर, फैक्टरी, गोदाम सहित जहां जानकारी मिल रही है, वहां पर दबिश दे रहे हैं। 

आयकर विभाग की इस कार्रवाई की खबर के बाद साइकिल निर्माण से जुड़े कारोबारियों में हड़कंप का माहौल है। इन इकाइयों को कच्चा माल सप्लाई करने के साथ इनसे माल खरीद करने वाले भी रडार पर आ चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, अभी यह कार्रवाई लंबी चल सकती है।
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कैप्टन पर भड़के नवजोत सिद्धू: पुराना वीडियो शेयर कर अमरिंदर को बताया कृषि कानूनों का निर्माता

लुधियाना में आयकर विभाग की रेड के दौरान तैनात पुलिस।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लंबे समय बाद पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरुवार को उन पर जोरदार हमला बोलते हुए उन्हें तीन काले खेती कानूनों का निर्माता करार दिया। सिद्धू ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि पंजाब में अंबानी को लाने वाले कैप्टन ही हैं और कैप्टन ने एक-दो कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए पंजाब की किसानी को बर्बाद कर दिया। साथ ही सिद्धू ने दो पुराने वीडियो क्लिप भी शेयर किए, जिनमें कैप्टन अंबानी को पंजाब लाने का दावा करते हुए खेती में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने का पक्ष ले रहे हैं। 

उधर, सिद्धू के ट्वीट का तुरंत जवाब देते हुए कैप्टन ने भी तीन ट्वीट किए गए, जिनमें सिद्धू से सवाल किया कि राज्य में इनवेस्टर मीट की तैयारियों के बीच यह मुद्दा उठाकर वह (सिद्धू) किस पर निशाना साध रहे हैं?

सिद्धू ने गुरुवार को किए ट्वीट में लिखा- तीन काले कानूनों के निर्माता ... जो अंबानी को पंजाब की किसानी में लेकर आए ... जिन्होंने पंजाब के किसानों, छोटे व्यापारियों और मजदूरों के हितों को एक-दो कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाने के लिए बर्बाद कर दिया। इसके साथ ही सिद्धू ने कैप्टन के दो पुराने वीडियो और उद्योगपति मुकेश अंबानी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ कैप्टन की तस्वीरें भी शेयर कीं। 

वीडियो में कैप्टन खेती में निजी भागीदारी की वकालत करते सुनाई दे रहे हैं। साथ ही अंबानी को पंजाब में लाने की बात भी कह रहे हैं। पहले वीडियो में कैप्टन कह रहे हैं- मैं यह बात कई वर्षों से कह रहा हूं। मैं 1985-86 में राज्य का कृषि मंत्री था। तब से देख रहा था कि पंजाब में क्या होना है। सरकार आने पर ट्रोपिकाना और अंबानी को यहां लेकर आया। इसलिए मैंने मुकेश अंबानी से बात की। उन्हें कहा कि भारत में आपके 98 हजार आउटलेट्स हैं, जहां आप सब्जी और फल बेच सकते हो। पंजाब में 12700 गांवों में हम आपका साथ देंगे। आप बीज दोगे, देखभाल कर खरीद भी करोगे और उसे फिर हिंदुस्तान में कहीं भी ले जाकर बेच सकते हो।
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लुधियाना में हंगामा: कमिश्नर दफ्तर पहुंचे कांग्रेस नेता गुरसिमरन मंड को निहंगों ने दौड़ाया, अपशब्द बोलने का आरोप

लुधियाना के पुलिस कमिश्नर दफ्तर में गुरुवार को उस समय हंगामा मच गया जब निहंग जत्थेबंदियों ने कांग्रेस नेता गुरसिमरन सिंह मंड को घेर लिया। मंड निहंगों से बचकर भागने लगे तो वे गिर गए और उनकी दस्तार उतर गई। इसके बाद उनके सुरक्षा कर्मचारी और पुलिस कर्मचारी उन्हें घेर कर पुलिस कमिश्नर दफ्तर में ले गए। इसके बाद निहंग जत्थेबंदियों को पुलिस अधिकारियों ने समझाया और वहां से भेजा। 

थाना डिवीजन तीन में श्री गुरु नानक देव जी महाराज के माता पिता के बारे में सोशल मीडिया में अपशब्द बोलने के एक मामले में निहंग जत्थेबंदियां आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर इकट्ठा हुईं थीं। इसी दौरान कांग्रेसी नेता गुरसिमरन सिंह मंड और उनके साथ शिवसेना पंजाब के अमित अरोड़ा वहां पहुंचे। पहले तो वह दोनों पुलिस कमिश्नर से अपने किसी मामले में मिल कर आ गए। उसके बाद जब दोनों बाहर निकले तो निहंग सिंहों के साथ उनका आमना सामना हो गया।

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दोनों तरफ से गालियां निकालनी शुरू कर दी गईं। इसी दौरान निहंग जत्थेबंदियों ने दोनों का घेराव कर लिया। निहंग जत्थेबंदियों ने पुलिस की मौजूदगी में ही मंड का पीछा करना शुरू कर दिया। मंड के सुरक्षा कर्मचारी उन्हें घेर कर खड़े हो गए। जब निहंग सिंह आगे आए तो कांग्रेसी नेता मंड वहां से भागने लगे। इसी दौरान वह नीचे गिर गए और उनकी दस्तार भी उतर कर गिर गई और उनके घुटने पर चोट लगी। पुलिस ने बीच बचाव किया।  

निहंग सिंहों ने आरोप लगाया कि उन्हें देखने के बाद कांग्रेसी नेता जानबूझ कर अपशब्द बोल रहे थे। जबकि कांग्रेसी नेता मंड ने कहा कि वह और अमित अरोड़ा किसी काम से आए थे। जब वह बाहर निकलने लगे तो बेवजह उन्हें घेर लिया गया और उन्हें गालियां देनी शुरू कर दी गईं। जब उन्होंने विरोध किया तो उन्हें जान से मारने के लिए निहंग आगे आने लगे। सूचना मिलने के बाद पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए।    
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