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तीन साल बाद किसान मेले का आयोजन: सीएम भगवंत मान ने किया उद्घाटन, उमड़ पड़ा जन सैलाब

संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 23 Sep 2022 05:54 PM IST
सार

लुधियाना में तीन साल बाद किसान मेले का आयोजन हुआ है। 2019 में किसान मेला लगा था लेकिन 2020 और 21 में कोविड के कारण किसान मेला नहीं लग सका। इस बार किसान मेले में पंजाब के युवा, कृषि और प्राकृतिक स्रोतों को बचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

किसान मेले में पहुंचे सीएम भगवंत मान।
किसान मेले में पहुंचे सीएम भगवंत मान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (पीएयू) में तीन साल बाद दो दिवसीय किसान मेले के पहले दिन जन सैलाब उमड़ पड़ा। पहले दिन पंजाब के सीएम भगवंत मान और कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने उद्घाटन किया। किसान मेले का उद्घाटन करने के बाद सीएम भगवंत मान ने कहा कि किसान मेले में इतनी भारी संख्या में किसानों को देखकर अच्छा लगा। 



उन्होंने पंजाब के कृषि अधिकारियों को भी इस दौरान नसीहत दे डाली कि वह एसी कमरों में बैठ कर काम करने के बजाय किसानों के साथ उनके खेतों में जाकर समस्याओं का समाधान करेंगे तो सही रहेगा। यह बात उन्होंने पीएयू के एक अफसर के संबोधन पर कही, जिसमें उन्होंने कहा था कि किसी भी समस्या का हल करने के लिए वह बैठे हैं तो इसका जवाब सीएम ने दिया था कि आप किसानों का इंतजार न करें, बल्कि उनके पास खुद जाएं। किसान का नुकसान नहीं होना चाहिए। 


किसान के खेत में सुंडी लग जाए और लुधियाना विशेषज्ञों के पास पहुंचे, तब हल ढूंढा जाएगा। तब तक किसान खत्म हो जाएगा। यूनिवर्सिटी को ही खेतों और समस्याओं के पास जाना होगा। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि समस्या आज किसानों के पास यह है कि अगर किसी फसल को कीड़ा लग जाए तो किसानों को समझ नहीं आता कि किसे दिखाएं और कैसे समाधान करें। 

सीएम ने विशेषज्ञों से आग्रह किया कि किसानों को शिक्षित करें, ताकि किसानों को पता रहे कि किस स्प्रे से क्या समाधान होता है। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कृषि अधिकारियों से कहा कि किसी भी नई फसल या समस्या का हल करने के लिए किसान को न कहें। किसान खुद तजुर्बा या जोखिम नहीं लेना चाहता। 

यूनिवर्सिटी अपनी जमीन में रिसर्च करे और फिर किसानों को समझाए। मान ने कहा कि एफसीआई ने यह कहते हुए धान खरीदने से हाथ खड़े किए हैं कि उनके पास पांच साल का धान है। जब देश में अन्न संकट था तो धान पैदा करवाया और अब दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। सेंट्रल पूल में पंजाब सबसे ज्यादा धान देता है। अगर किसानों को धान पैदा करने से रोकना है तो केंद्र को एमएसपी देना ही होगा। 

सीएम ने कहा कि विदेश भाग रहे युवाओं को अब पंजाब में रोकना ही होगा। पंजाब की जमीन खेती के लिए सबसे उपजाऊ है और विदेशी धरती की उपजाऊ शक्ति पंजाब की धरती से कहीं पीछे है। मान ने कहा कि पराली पंजाब की सबसे बड़ी समस्या है। इसके निपटान के लिए बायोगैस प्लांट लगाए जा रहे हैं। लहरागागा में एक प्लांट जल्द शुरू हो जाएगा। इस प्लांट में कुछ अड़चनें थी, जो समाप्त कर दी हैं।

एक दिन में 33 टन पराली इसमें उपयोग होगी। उन्होंने कहा कि कृषि के लिए किसान जो पालिसी कहेंगे, उस पर ही सरकार उनके साथ चलेगी। इस दौरान वहां खड़े एक किसान सुखचैन सिंह ने कहा कि पराली जलाना किसानों की मजबूरी है। अगर सरकार सब्सिडी किसानों को दे तो शायद कहीं न कहीं पराली जलाना रुक सकता है। वहीं जहां तक सीधी बिजाई की बात है तो इसका लाभ है लेकिन अभी किसानों को शिक्षित होने की जरूरत है।

तीन साल बाद मेले का आयोजन
लुधियाना में तीन साल बाद किसान मेले का आयोजन हुआ है। 2019 में किसान मेला लगा था लेकिन 2020 और 21 में कोविड के कारण किसान मेला नहीं लग सका। इस बार किसान मेले में पंजाब के युवा, कृषि और प्राकृतिक स्रोतों को बचाने पर भी जोर दिया जा रहा है। किसानों को खेती के लिए प्रेरित करने के लिए गीतों की विशेष सीडी भी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रिलीज की। 
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