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ABVP: दुनिया भारत को फॉलो करे ये समय आ गया है, एबीवीपी की राष्ट्रीय महामंत्री बोलीं- हम राष्ट्र विरोध के खिलाफ

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 25 Nov 2022 04:51 PM IST
सार

निधि ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी विद्यार्थी परिषद की सोच और निरंतर की गई कोशिश का ही परिणाम है। हम राजनीति के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी अग्रणी रूप से काम कर रहे हैं। चाहे वो फिर वनवासियों को हक की लड़ाई हो, विद्यार्थियों के हितों की बात हो या फिर समाज से भदभाव खत्म करने का मुद्दा।

एबीवीपी की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी
एबीवीपी की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

राजनीति एक दलदल है, क्या हमने ये तय कर लिया है कि गंदे लोग ही देश चलाएंगे? नहीं, हमे इस विचार से बाहर आकार यह तय करना होगा कि सिर्फ अच्छे लोग ही देश चलाएं। राजनीति में अच्छे लोगों की जरूरत है, जब युवा सीमा पर देश की रक्षा कर सकता, रक्तदान कर सकता है, तो राजनीति में आकार देश और उसके लोगों के लिए पॉलिसी क्यों नहीं बना सकता है? 



इस तरह के सवाल उठाते हुए यह बातें अखिल भारतीय विद्यार्थी पारिषद (एबीवीपी) की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहीं। जयपुर में उन्होंने अमर उजाला से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने एबीवीपी  के 68वें अधिवेशन के बारे में भी जानकारी दी। 

निधि त्रिपाठी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी पारिषद विश्व के सबसे बड़ा विद्यार्थी संगठन है। हमारे साथ 33 लाख से ज्यादा विद्यार्थी जुड़े हुए हैं। हमारा संगठन विद्यार्थियों को बेहतर इंसान बनाता है और उनमें राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव जगाता है। जिससे वे समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकें। समाज में जातीय भेदभाव को दूर करने के लिए एबीवीपी लगातार प्रयास कर रहा है। हम लगातार विद्यार्थियों को तैयार कर रहे हैं और छात्र-छात्राओं की परेशानियों को लेकर उनके साथ खड़े रहते हैं। 

निधि ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी विद्यार्थी परिषद की सोच और निरंतर की गई कोशिश का ही परिणाम है। हम राजनीति के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी अग्रणी रूप से काम कर रहे हैं। चाहे वो फिर वनवासियों को हक की लड़ाई हो, विद्यार्थियों के हितों की बात हो या फिर समाज से भदभाव खत्म करने का मुद्दा। एबीवीपी सभी क्षेत्रों में काम कर रहा है। वनवासियों के लिए उनके क्षेत्र में रहकर गिरीश कुलकर्णी काम कर रहे है। 

उन्होंने कहा कि राजनीति एक दलदल है, क्या हमने ये तय कर लिया है कि खराब लोग ही देश चलाएंगे? हमें इस विचार से बाहर आकार यह तय करना होगा कि देश को सिर्फ अच्छे लोग ही चलाएं। आज इसी सोच के कारण देश की दिशा बदल रही है। युवाओं का भी माइंड सेट बदला है कि राजनीति को अच्दे और ईमानदार लोगों की जरूरत है। जब देश का युवा सीमा पर हमारी रक्षा कर सकता है, रक्तदान कर सकता है, विषम परिस्थितियों में देश के साथ खड़ा हो सकता है तो राजनीति में आकार पॉलिसी क्यों नहीं बना सकता है?

धर्म और जाति के नाम पर हो रही राजनीति को लेकर निधि कहतीं हैं कि अखिल भारतीय विद्यार्थी पारिषद किसी समुदाय या पंत का संगठन नहीं है। विद्यार्थी किसी जाति का नहीं होता, वो सिर्फ विद्यार्थी होता है। आपके पास राष्ट्रीय हित का कोई आइडिया है तो एबीवीपी आपका स्वागत करता है, लेकिन अगर कोई राष्ट्र को बांटने की बात करेगा तो उसके खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। आतंकवादी की कोई जाति नहीं होती है, कोई विद्यार्थी भी इस तरह की हरकत करेगा तो हम आवाज उठाते रहेंगे। निधि त्रिपाठी ने कहा कि जेएनयू में राष्ट्र विरोधी नारे लगे, वे विद्यार्थी थे, लेकिन जहां राष्ट्र के विरोध की बात होगी एबीवीपी अवाज बुलंद करेगा। 
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राष्ट्र, नेशन और मुल्क की परिभाषा पर निधि ने कहा कि राष्ट्र, संस्कृति हमारी पहचान है। वेदों में भी राष्ट्र की संकल्पना है, जिसको लेकर हम चलते हैं। हमारे देश में हर कदम पर भाषा, संस्कृति और खान-पान सब बदलते हैं। हमारी अपनी पहचान है, अब समय आ चुका है कि दुनिया भारत को फॉलो करे। अखिल भारतीय विद्यार्थी पारिषद की यही कामना और प्रयास है।

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