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हैरानी: जलकुंभी में 32 घंटे फंसा रहा बुजुर्ग, अंतिम संस्कार की तैयारी थी शुरू, लेकिन बाहर आते ही खोल दीं आंखें

राजस्थान के बांसवाड़ा में एक अधेड़ जलकुंभी में ऐसा फंसा कि वह 32 घंटे तक पानी में ही रह गया। यहां सिविल डिफेंस की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बुजुर्ग को जिंदा बाहर निकाला। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, काली मिट्टी वाले दलदल में अधेड़ जलकुंभी से बुरी तरह उलझा हुआ था। जलकुंभी के बीच वह गर्दन तक पानी में डूबा हुआ था। घटना के बाद अधेड़ को हार्ट अटैक भी आया। उसका महात्मा गांधी राजकीय चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। सदर थाना प्रभारी पूनाराम गुर्जर ने बताया कि खांडा डेरा निवासी नानू मंगलवार सुबह 6 बजे घर से मछली पकड़ने के लिए निकला था। जो गलती से गहरे दलदली हिस्से में जलकुंभी के बीच फंस गया था। सिविल डिफेंस की मदद से आदिवासी नानू को बाहर निकाला गया। 


गमछे और चप्पलों से  हुई पहचान
मंगलवार सुबह घर से निकला नानू रात तक घर नहीं लौटा। परिजनों ने रात को आसापस में ढूंढा लेकिन कोई पता नहीं चला, पिरजनों ने नजदीकी रिश्तेदारों के यहां भी पता किया। कोई संपर्क नहीं हुआ तो दूसरे दिन सुबह जल्दी तलाश की। बुधवार सुबह करीब 8 बजे परिजन ने बेक वाटर के करीब उसका गमछा और चप्पलें देखी। इससे उन्हें नानू के आस-पास ही होने का अंदेशा हुआ। कई घंटों की तलाश के बाद दलदल के बीच नानू की हलचल दिखी तो घरवालों ने उसे आवाज दी। उसने घरवालों की आवाज सुनकर एक-दो बार पानी से बाहर हाथ निकालने की कोशिश भी की। बाद में पुलिस के माध्यम से पहुंची सिविल डिफेंस की टीम ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद जलकुंभी के दलदल के बीच से नानू को निकाल लिया।


कड़ी मशक्कत के बाद नानू बाहर निकला
परिवार वालों ने मान लिया था कि नानू की मौत हो चुकी है। सभी इधर उधर नानू को ढूंढे लेकिन नानू कही नहीं मिले। परिवार के कुछ लोगों ने तो अंतिम संस्कार की तैयारी भी शुरू कर दी थी, लेकिन इसी वक्त खबर आई कि नानू पास के तालाब में जलकुंभी में फंसा है। पुलिस और बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद नानू को वहां से बाहर निकाला। पानी से बाहर निकलते ही नानू को दिल का दौरा पड़ गया। अस्पताल में भर्ती कराया गया , जहां करीब 9 घंटे तक नानू को होश नहीं आया। 
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कार्रवाई: जयपुर में NEET का पेपर हुआ लीक, 35 लाख रुपये में हुआ था करार, कॉलेज प्रशासक ने खुद ही भेजा था प्रश्नपत्र

राजस्थान में नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (NEET) की परीक्षा पेपर सेंटर से लीक होने के मामले में पुलिस ने एक युवती समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से मुख्य सरगना का पता लगा रही है। दरअसल, बीते दिनों जयपुर में NEET की परीक्षा का पेपर 35 लाख रुपए में सॉल्व करने का सौदा हुआ था। परीक्षार्थी ने पेपर की कॉपी मोबाइल से फोटो खींच कर सीकर में दो युवकों को भेज दिया। पेपर लीक की खबर आग की तरह फैल गई। आनन फानन ने  जयपुर पुलिस ने राजस्थान इंस्टीटयूट ऑफ इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी में परीक्षा सेंटर से एक परीक्षार्थी समेत आठ लोगों को धर दबोचा। परीक्षार्थियों के परिजन बाहर गाड़ियों में 10 लाख रुपये लेकर बैठे थे। 


पुलिस ने सीकर के मुकेश कुमार, राम सिंह, धनेश्वरी यादव, सुनील यादव, नवरत्न स्वामी, अनिल यादव , संदीप और पकंज यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है इन आरोपियों के जरिए मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सकता है। बताया जा रहा है कि कॉलेज प्रशासक खुद ही पेपर लीक कराने के लिए युवती के प्रश्नपत्र की कॉपी मुन्नाभाई को भेजा था। 
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राजस्थान : अश्लील वीडियो मामले में बड़ा खुलासा, पांच साल से चल रहा था डीएसपी और महिला कांस्टेबल के बीच अफेयर

राजस्थान पुलिस का घिनौना वीडियो सामने आने के बाद निलंबित महिला कांस्टेबल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने रविवार को महिला कांस्टेबल को कलवार इलाके में उसके चाचा के आवास से पकड़ा है। उसे पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया और उससे पूछताछ की जा रही है। इससे पहले गिरफ्तार डीएसपी को कोर्ट ने 17 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस हीरालाल सैनी से पूछताछ कर रही है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों के बीच पिछले पांच साल से अफेयर चल रहा था। दोनों 2016 में अजमेर में मिले थे, तब से दोनों के बीच संबंध हैं। पांच साल के दौरान कई दफा दोनों ने अवैध संबंध बनाए। 

पुष्कर के फाइव स्टार होटल के रिजॉट के स्विमिंग पूल में बच्चे के सामने निलंबित डीएसपी हीरालाल सैनी और महिला कांस्टेबल  ने अश्लील हरकत की थी। उसके बाद महिला ने 27 जुलाई को अपने व्हाट्सएप पर इस वीडियो को शेयर कर दिया, जिसके बाद वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। इसकी जानकारी महिला के पति और परिवारवालों को भी हो गई। महिला पुलिसकर्मी के पति ने चितवा थाने में शिकायत दर्ज की, लेकिन चितवा थाना प्रभारी ने महकमे से जुड़ा मामला होने की वजह से इसे दबा दिया। उसके बाद महिला के पति ने नागौर एसपी से लिखित शिकायत की। मामला इतना बढ़ गया कि डीजीपी खुद ही कार्रवाई करते हुए  चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। 

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राजस्थान: झुंझुनू में सातवीं कक्षा की लड़की से दुष्कर्म, सरकारी स्कूल के आरोपी प्रिंसिपल गिरफ्तार

राजस्थान में एक छात्रा के साथ स्कूल में दुष्कर्म का मामला सामने आया है। झुंझुनू में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल पर  सातवीं कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पीड़ित के परिजनों की शिकायत पर 31 साल के आरोपी प्रिंसपिल केशव यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। 

 आरोप ये भी है कि केशव पिछले कई दिन से पीड़ित छात्रा को अश्लील मैसेज भेज रहा था और छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रहा था। जब छात्रा ने स्कूल की दो शिक्षिका को इस संबंध में जानकारी दी तो उन्होंने उल्टे छात्रा को ही धमकाना शुरू कर दिया। शिक्षिका ने ये बातें किसी और को नहीं बताने की बात कहते हुए उससे मोबाइल लेकर अश्लील मैसेज और फोटो डिलीट कर दिए। वहीं,  इस संबंध में थाना प्रभारी भजनलाल राम ने कहा कि प्रिंसिपल पर पहले भी लड़कियों के साथ गलत हरकत करने के आरोप लग चुके हैं। 

पीड़ित छात्रा का आरोप है कि प्रिंसिपल ने एक दिन जल्दी स्कूल आने को कहा। स्कूल पहुंचने के बाद प्रिंसिपल ने मेरे साथ दुष्कर्म किया और बाहर में किसी से यह बात नहीं बोलने की धमकी दी, लेकिन पीड़ित छात्रा जब घर लौटी तो अपने चचेरी बहन और मां को सारी बात बताई। परिजनों ने 13 अक्टूबर को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना दी।  

पीड़ित छात्रा से पूछताछ के बाद आरोपी गिरफ्तार
अगले दिन 14 अक्तूबर को टीम छात्रा के गांव पहुंची और पीड़ित से पूछताछ करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के मुताबिक, आरोपी प्रिंसिपल को साल 2020 में नौकरी मिली थी। वह उसी गांव में किराये पर मकान लेकर रह रहा था।
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

राजस्थान: ट्रांसजेंडर्स की माली स्थिति दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने उठाया बड़ा कदम, ऐसे लागू होगी योजना , जानें पूरा मामला?

 ट्रांसजेंडर्स के समावेशी विकास के लिए राजस्थान सरकार ने अलग योजना बनाई है। इसके तहत ट्रांसजेंडर्स को पढ़ाई से लेकर कारोबार करने की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। गहलोत सरकार ने  ट्रांसजेंडर बच्चों के लिए पूरी पढ़ाई मुफ्त में कराने का फैसला किया है। राज्य सरकार सरकारी खर्चे पर ड्रांसजेंडर्स को स्किल डेवलपमेंट के जरिए  सशक्त करने में भी जुटी है। गहलोत सरकार ने ट्रांसजेंडर्स उत्थान कोष के नाम से योजना के नियम जारी कर इसे लागू कर दिया है। सीएम ने इस साल के बजट में इस योजना की घोषणा की थी।

 छात्रवृत्ति लेने वाले छात्रों का खर्च भी उठाएगी सरकार
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग को इसका नोडल विभाग बनाया गया है। योजना को कई चरणों में चलाया जा रहा है। पहला फेज ट्रांसजेडर बच्चों के लिए है ट्रांसजेंडर बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। तकनीकी और प्रोफेशनल पढ़ाई के लिए पूरी फीस सरकार भरेगी।। योजना का फायदा उन्हें ही मिलेगा, जिनकी सालाना आय 8 लाख रुपये से कम हैं। ट्रासंजेंडर बच्चों को हर महीने प्री मैट्रिक स्कॉलरशिप में 225 रुपये और पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के 1000 रुपये मिलेंगे। इसके अलावा स्कॉलरशिप ले रहे ट्रांसजेंडर्स बच्चे अगर घर से बाहर पढ़ाई करेंगे तो उनके मकान किराए का पैसा भी सरकार देगी। इसके लिए 72 हजार रुपये तक देने का प्रावधान किया गया है।

कारोबार के लिए कर्ज लेने पर 25 फीसदी सब्सिडी
ट्रांसजेंडर्स को स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग मुफ्त में करवाई जाएगी। स्किल डेवलपमेंट की पूरी फीस का भुगतान सरकार करेगी। इसके बाद खुद कारोबार शुरू करने के लिए सरकार उसकी लागत की 25 फीसदी सब्सिडी देगी। 

सर्जरी के लिए 2.5 लाख की सहायता
ट्रांसजेंडर्स को लिंग चेंज सर्जरी करवाने पर भी सरकार मदद करने की घोषणा की है। सर्जरी के लिए 2.5 लाख रुपये तक की लागत सरकार उठाएगी। यह लाभ मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के तहत उन्हें प्रदान किया जाएगा। 

 20 नवंबर को ट्रांसजेंडर्स दिवस मनाएगी सरकार
20 नवंबर को सरकार प्रदेश भर में ट्रांसजेंडर्स दिवस मनाने का फैसला किया है। प्रदेश स्तर से लेकर जिला स्तर तक किन्नर महोत्सव और किन्नर आर्ट एंड कल्चर फेस्टिवल आयोजित कराए जाएंगे। राज्य स्तर के कार्यकम के लिए सरकार 10 लाख रुपये और जिला स्तर के कार्यक्रम के लिए 1 लाख रुपये देगी।
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योगदान: इस राज्य से आया राम मंदिर के लिए सबसे ज्यादा चंदा, केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी

राम मंदिर निर्माण में सबसे ज्यादा आर्थिक सहयोग राजस्थान ने किया है। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने ये जानकारी दी है। अहमदाबाद में राजस्थान-गुजरात मैत्री संघ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैलाश चौधरी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए अभी तक आए चंदों में से सबसे ज्यादा राशि राजस्थान से आई है। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज समाजिक कार्यों में बढ़चढ़कर हिस्सा लेने वाला समाज है। मंदिर बनाने के लिए इस समाज ने बहुत बड़ा योगदान दिया है। 

मोदी प्रधानमंत्री नहीं होते तो अर्थव्यवस्था ठप हो जाती- कैलाश चौधरी
इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कोरोना काल को लेकर भी लोगों से चर्चा की। संतोष चौधरी ने कहा कि कोरोनाकाल के दौरान नरेंद्र मोदी के अलावा अगर कोई दूसरा प्रधानमंत्री होता तो देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाती। केंद्रीय मंत्री चौधरी ने कहा कि पीएम मोदी ने मार्च 2020 में लॉकडाउन लागू कर अच्छा फैसला किया। नहीं तो कोरोना से कितने लोगों की मौत होती यह कह पानी मुश्किल होता। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में केंद्र सरकार ने महामारी से निपटने के लिए आवश्यक सैनिटाइटर और अस्पतालों में बेड,ऑक्सीजन की व्यवस्था करने के लिए भरपूर मदद की। 


कृषि वैज्ञानिकों से भी मिले कैलाश चौधरी
कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी गुजरात प्रवास के दौरान आंणद कृषि विश्वविद्यालय के निरीक्षण करने भी पहुंचे।  इस दौरान उन्होंने विवि परिसर में लगाए गए फल, सब्जियों एवं औषधीय पदार्थों की विभिन्न प्रकार की किस्मों और उन्नत तकनीक का अवलोकन किया। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों से कृषि व किसान कल्याण से जुड़े विषयों पर संवाद किया। 
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राजस्थान: 'काले हीरे' से बिजली की चमक पड़ी फीकी, शहरों में छह से सात घंटों तक कटौती, सीएम बोले- एसी कम चलाएं अधिकारी

राजस्थान में बिजली संकट गहराता जा रहा है। सरकार का बिजली उत्पादन से लेकर खरीद और वितरण प्रबंधन पूरी तरह चरमरा गया है। बिजली उत्पादन के लिए कोयले की खरीदारी समय पर नहीं होने से उत्पादन पर असर पड़ने लगा है।  प्रदेश के कई जिलों में घोषित और अघोषित बिजली कटौती शुरू हो गई है। बिजली संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जागरूकता फैलाने की अपील की है। साथ ही अधिकारियों से एयर कंडिशनर (एसी) कम चलाने का आग्रह किया है। ।

राज्य सरकार ने खुद भी माना है कि प्रदेश में बिजली संकट बढ़ा है। हालात ये हैं कि राजधानी में ही शुक्रवार को करीब 200 कॉलोनी और बस्तियों में 4 से 7 घंटे तक बिजली सप्लाई नहीं आने की घोषणा की जा चुकी है।  राजस्थान में 35 डिग्री से ऊपर के तापमान के बीच लोगों को गर्मी में रहना पड़ रहा है। जयपुर डिस्कॉम क्षेत्र में आने वाले ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 2 से 5 घंटे की बिजली कटौती की जा रही है। जोधपुर डिस्कॉम क्षेत्र के अंतर्गत कई जिलों में कंपनी की ओर से बिजली कटौती लागू की गई है।

सीएम ने जरूरत के हिसाब से बिजली खर्च करने की अपील की
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह लोगों को बिजली बचाने के लिए जागरूक करें। इसके साथ ही सरकारी अधिकारियों को भी कहा है कि वह एसी कम चलाएं और बिजली की बचत करें। सरकारी विभागों में भी जरूरत के समय ही बिजली खर्च की जाए, बाकी समय उपकरणों को बंद रखा जाए। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों पर ध्यान रखकर बिजली को बचया जा सकता है। 
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राजस्थान: REET दोबारा कराने की मांग को सीएम ने किया खारिज, बोले- जहां पेपर लीक हुआ वहां पर होगी फिर से परीक्षा

बिजली कटौती (फाइल फोटो)
राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (REET) दोबारा नहीं कराई जाएगी। इस परीक्षा का पेपर लीक हुआ था ना कि वायरल हुआ था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने साफ किया कि परीक्षा को लेकर अगर कोई शिकायत मिलेगी तो सच्चाई का पता लगाया जाएगा। गड़बड़ी की पुष्टि होने पर उस सेंटर पर फिर से परीक्षा कराई जाएगी। इसकी आड़ में लाखों लोगों को फिर से परीक्षा के लिए बुलाना कहां कि समझदारी है। यह समझ से परे है। गहलोत ने स्पष्ट कर दिया है कि चाहे नकल हो या पेपर लीक। पूरी परीक्षा फिर से कराना संभव नहीं है। 

पिछले दिनों REET-2021 परीक्षा में नकल मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG)के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें सवाई माधोपुर में तैनात कॉन्स्टेबल दिगम्बर, उसका भाई व एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। 

समाज में कुछ लोग युवाओं को भ्रमित कर रहे- सीएम 
गहलोत ने एक साक्षात्कार में कहा-राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा में राजस्थान के लोगों ने इतिहास रचा है। अभी भी हमने कहा है कि चाहे भाजपा का राज हो या कांग्रेस का। पेपर आउट होने की खबरें आती रहती हैं। हमने इस बार काफी कड़ाई बरती है। सरकारी अधिकारी-कर्मचारी के लिप्त पाए जाने पर उसे नौकरी से बर्खास्त करने की बात पहले ही बता दी थी। जिन सेंटर पर नकल करते हुए पाया गया, ऐसे स्कूलों की मान्यता समाप्त करने और कार्रवाई करने की बात कह दी थी।

33 हजार युवाओं को लगेगी नौकरी
15-17 लाख नौजवान छात्र परीक्षा में बैठे थे। फ्री खाना और ठहरने की व्यवस्था कराई गई थी। ये हमारे विपक्ष के साथियों को पच नहीं रहा है। REET देने आए नौजवान लोगों ने सरकार,समाजसेवियों, एक्टिविस्टों के जिन्दाबाद के नारे लगाए। विपक्ष से यह हजम नहीं हो रहा। इसलिए समाज में कुछ लोग ऐसे हैं, जो युवाओं को भ्रमित कर रहे हैं।
गहलोत ने कहा कि 33 हजार युवाओं की इस परीक्षा से नौकरी लगने वाली है। यह संख्या अपने आप में बड़ी है। विपक्ष ऐसे लोगों को भड़का रहा है, जिनकी नौकरी ही नहीं होने वाली। ऐसे लोगों को भ्रमित करना काफी आसान होता है। गहलोत ने कहा कि आज-कल पेपर ओमएमआर शीट से आते हैं। उसी वक्त बच्चों को मालूम पड़ जाता है कि मैं पास होऊंगा या फेल। ऐसे लोगों को भाजपा टारगेट कर भड़काने की कोशिश में लगी रहती है। 
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सियासी कलह : पंजाब सीएम का मंगलवार को जयपुर दौरा, चन्नी मुख्यमंत्री गहलोत से लेंगे सियासी संकट दूर करने के टिप्स

पंजाब कांग्रेस में सियासी हलचल के बीच अब राजस्थान कांग्रेस कूद पड़ी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पंजाब में जारी सियासी विवाद को खत्म करने के लिए आगे आए हैं। गहलोत मुख्यमंत्री चन्नी को कलह शांत करने का मंत्र देंगे। इस सिलसिले में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी मंगलवार को जयपुर पहुंच रहे हैं।  चन्नी के सम्मान में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भोज का कार्यक्रम रखा है। इस भोज में गहलोत कैबिनेट के सभी मंत्री और प्रमुख कांग्रेस नेताओं को बुलाया है।

पंजाब में सियासी संकट पर अब तक सीएम गहलोत केवल सोशल मीडिया पर कैप्टन अमरिंदर सिंह को अनुभवी नेता बताते हुए पार्टी के खिलाफ कोई ऐसा कदम नहीं उठाने की अपील थी। गहलोत ने कहा था कि कैप्टन अमरिंदर पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और वह कोई भी फैसला ऐसा नहीं लेंगे जिससे पार्टी को नुकसान पहुंचेगा। इसके अलावा गहलोत ने कोई बयान नहीं दिया था। अब चन्नी को बड़ा भोज देकर एक तरह से पंजाब कांग्रेस विवाद को सुलझाने के लिए गहलोत की भी एंट्री हो गई है।

चन्नी का जयपुर दौरा काफी अहम
गहलोत कैबिनेट में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी अब भी चंडीगढ़ में कैंप करके पंजाब कांग्रेस विवाद पर हाईकमान के साथ कोऑर्डिनेट कर रहे हैं। चन्नी के जयपुर दौरे को कांग्रेस की सियासत के हिसाब से काफी अहम माना जा रहा है।

सियासी कलह दूर करने के लिए गहलोत देंगे चन्नी को टिप्स
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव है। चुनाव में अब कुछ ही महीने बचे हुए हैं। ऐसे में अशोक गहलोत के साथ चन्नी मौजूदा राजनीतिक मसलों पर चर्चा करेंगे। पंजाब में नवजोत सिद्धू के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस में कलह जारी है।

चन्नी को हाईकमान ने चुनाव से ठीक पहले सीएम बनाया है। ऐसे में सरकार को तेज गति से फैसले लेने के साथ पार्टी को भी साध कर चुनावी मोड में लाना चन्नी के सामने बड़ी चुनौती है। चरणजीत सिंह चन्नी के सामने कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत कई नाराज नेताओं को भी संभालकर रखने की चुनौती है। ऐसे में चन्नी का जयपुर दौरा कांग्रेस और चन्नी के लिए बेहद अहम है। 
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सियासी संकट: पंजाब के बाद अब राजस्थान में उथल-पुथल का दौर शुरू, बसपा से कांग्रेस में आए चार विधायक भाजपा का थामेंगे दामन

पंजाब के ताजा घटनाक्रम का राजस्थान में भी असर दिखने लगा है।  राजस्थान का सियासी पारा अचानक से बढ़ गया है। बहुजन समाज पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायक में से चार विधायक बगावत के मूड में हैं। ये विधायक दिल्ली में डारे डाले हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, विधायक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं और बात बनती है तो ये कांग्रेस से भाजपा में शामिल भी हो सकते हैं। 

बता दें कि बीएसपी से छह विधायकों को सीएम अशोक गहलोत ने कांग्रेस में काफी पहले ही शामिल कराया था। कहा जा रहा है कि इन विधायकों को तब मंत्रीपद का भरोसा दिया गया था, लेकिन मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से चार विधायक नाराज चल रहे हैं और वह भाजपा में जाने का मूड बनाए हुए हैं।

दलबदल कानून के तहत विधायकों पर लटकी तलवार
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दलबदल कानून के तहत पार्टी बदलने के लिए रिपोर्ट पेश करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों छह विधायकों से रिपोर्ट पेश करने को आदेश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विधायकों को अपनी सदस्यता खत्म होने का डर भी सताने लगा है। 
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राजस्थान : श्रीगंगानगर में धरने पर बैठे किसानों से पीएचईडी मंत्री ने की मुलाकात, मांगों पर विचार करने का दिया आश्वासन

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में करीब 250 किसानों ने इंदिरा गांधी नहर से सिंचाई का पानी छोड़ने की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी है। बीते शनिवार को घड़साना में सैकड़ों किसानों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर जमा होकर परिसर का घेराव किया। उन्होंने कार्यालय में प्रवेश को अवरुद्ध कर दिया जिसके बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि वहां तैनात कुछ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को किसानों ने कुछ देर के लिए कार्यालय के अंदर बंद कर दिया। श्रीगंगानगर के कलेक्टर जाकिर हुसैन ने कहा, स्थिति शांतिपूर्ण है और लगभग 250 किसान इस समय घड़साना में धरने पर बैठे हैं और नहर से सिंचाई के पानी की मांग कर रहे हैं।

वहीं रविवार को किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान सरकार के जलसंसाधन मंत्री बीडी कल्ला से मुलाकात की। जिसके बाद मंत्री ने किसानों की मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया है। कलेक्टर ने कहा, बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत ने कहा कि एसडीएम कार्यालय के अंदर और बाहर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्थान सशस्त्र बल (आरएसी) की एक बटालियन को भी तैनात किया गया है।

किसानों की नहीं सुनी जा रही थी बातें
कई दिन से किसान खेतों में सिंचाई के लिए पानी दिए जाने की ठोस मांग करने का अनुरोध कर रहे थे। किसानों ने कई बार इस बाबत प्रशासन को घेराव और बंधक बनाने की चेतावनी भी दी थी, लेकिन सरकार पर असर नहीं हो रहा था। शनिवार को किसानों का धर्य टूटने लगा और उन्होंने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर डीएसपी समेत कई पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों को कब्जे में लेकर एक कमरे में बंद कर दिया। हालांकि, कलेक्टर और एसपी के दखल के बाद कब्जे में लिए गए अधिकारियों को रिहा किया गया। 

2004 में किसानों का हुआ था उग्र आंदोलन
घड़साना में वर्ष 2004 में भी सिंचाई पानी के लिए उग्र आंदोलन हुआ था। उस वक्त भी किसानों ने सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने पर प्रदर्शन किया था। कई दिनों तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन को पानी की व्यवस्था करना पड़ा था। एक बार फिर से किसानों के इस प्रदर्शन को देखते हुए सरकारी अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।  

पुलिस और किसानों के बीच धक्का मुक्की
शुक्रवार को जिला कलेक्टर और एसपी ने भी घड़साना के किसान नेताओं से बात कर उनसे शांति बनाए रखने की अपील की थी,  लेकिन शाम होते-होते यह बेअसर हो गई। किसान नेताओं ने कलेक्टर और एसपी को किसानों की ओर से टकराव की पहल नहीं करने का विश्वास दिलाया था , लेकिन शाम को किसान पुलिसकर्मियों से उलझ गए और धक्का मुक्की की नौबत आ गई ।

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सियासत: पंजाब कांग्रेस में जारी सियासी संकट से राजस्थान मंत्रिमंडल में फेरबदल का अटका काम, आलाकमान ने दिया संकेत

पंजाब कांग्रेस की कलह और खींचतान का असर अब राजस्थान और छत्तीसगढ़ पर भी दिखने लगा है। राजस्थान में सरकार और संगठन में होने वाले बदलावों को कुछ समय के लिए टाल दिया गया है।अब पंजाब विवाद सुलझने के बाद ही कांग्रेस हाईकमान राजस्थान में मंत्रिमंडल फेरबदल और संगठन की नियुक्तियों पर फैसला करेगा। 

राजस्थान में अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में मंत्रिमंडल फेरबदल की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन अब यह तारीख आगे बढ़ेंगी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान मौजूदा हालात में अब तत्काल कोई बदलाव करने की जगह पहले इन दोनों राज्यों में विवाद सुलझने का इंतजार करने का प्लान बना रहा है।

कांग्रेस ने राजस्थान में बदलावों के लिए तीन फार्मूले तैयार किए हैं। पहला फार्मूला सभी मंत्रियों से इस्तीफे लेकर नए सिरे से मंत्रिमंडल बनाने का है। 

दूसरा फार्मूला- नॉन परफॉर्मर मंत्रियों को हटाकर मंत्रिमंडल फेरबदल करने का है।

तीसरा फार्मूला- खाली पड़ी जगहों को भरने का है। पंजाब में सियासी घटनाक्रम के बाद हाईकमान कोई भी फैसला जल्दीबाजी में नहीं लेना चाह रहा है। हाईकमान का मानना है कि हालात को देखते हुए ही कोई भी फैसला लिया जाएगा।  
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राजस्थान: छबड़ा थर्मल पावर में सुरक्षागार्ड्स की हैवानियत, मजदूरों को उल्टा लटकाकर डंडे से पीटा, मामला दर्ज

राजस्थान के बारां जिले में सुरक्षागार्डों द्वारा दो मजदूरों की बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार जिले के छबड़ा कस्बे में मोतीपुरा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर में मजदूरी करने आए दो लोगों को सुरक्षा गार्डों ने अफसरों के कहने पर उल्टा लटाकर डंडे से पिटाई की। मामला सार्वजनिक होने के बाद शनिवार को पुलिस हरकत में आई तथा पीड़ित मजदूरों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानिए क्या है मामला
स्थानीय विधायक सिंघवी के अनुसार शुक्रवार को दो मजदूर छबड़ा थर्मल में मजदूरी करने गए थे। थर्मल के अधिकारियों ने इन्हें बेवजह गार्डों से बेरहमी से पिटवाया। गार्डों ने अधिकारियों की मौजूदगी में चोरी का आरोप लगाकर मजदूरों के कपड़े उतारकर क्रूरतापूर्वक पीटा। उन्होंने कहा कि जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली ऐसी शर्मनाक घटना पहली बार हुई है। जब घटना का वीडियो वायरल हुआ तो थर्मल पावर के अधिकारियों ने चोरी का आरोप लगाकर दोनों मजदूरों को पुलिस के हवाले कर दिया।

मजदूरों पर लगाया चोरी का आरोप
अधिकारियों ने कहा कि ये मजदूर बनकर चोरी करने आए थे। अधिकारियों के अनुसार प्लांट की बाउंड्री बहुत बड़ी है। प्लांट में पिछले सात साल से हर महीने 8 से 10 चोरी की घटनाएं हो रही है। सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी गार्ड लगाए गए हैं, जो रात के समय मे गश्त करते है। कई बार अपराधी प्रवृति के लोग भागते समय पत्थर फेंकते है, जिससे कई गार्ड चोटिल हुए।

एमएलए ने की कार्रवाई की मांग
विधायक सिंघवी ने कहा कि अधिकारियों के दबाव में अब इस मामले को रफा दफा करने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में सरकार को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए थर्मल के दोषी अधिकारियों व सुरक्षा गार्ड के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
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