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Rajasthan: खाटूश्याम में भगदड़ और दलित की मौत के विरोध में सीकर बंद, सामाजिक संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर Published by: रोमा रागिनी Updated Thu, 18 Aug 2022 11:46 AM IST
सार

विरोध जता रहे संगठनों का कहना है कि खाटूश्यामजी में भगदड़ होने पर एकतरफा कार्रवाई की गई। केवल जाति विशेष लोगों पर कार्रवाई की गई। वहीं दलित छात्र की मौत मामले को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। इसलिए बाजार बंद रखा गया।

सीकर में बाजार बंद
सीकर में बाजार बंद - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार

सीकर के खाटूश्यामजी में हुई भगदड़ मामले में कार्रवाई और जालोर में दलित छात्र की मौत के विरोध में गुरुवार को सीकर बंद रखा गया है। विरोध जताने वालों ने सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर हमारी मांगें नहीं सुनी गई तो आगे बड़ा आंदोलन भी किया जाएगा।


दोनों घटनाओं से आक्रोशित लोगों ने कहा कि शिक्षक की पिटाई से एक दलित छात्र की मौत हो गई। वहीं खाटूश्यामजी में हुई भगदड़ के बाद तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई। उसके बाद प्रशासन ने समाज और जाति विशेष के अधिकारियों को निलंबित कर खानापूर्ति की है। मंदिर कमेटी को बचाने का काम किया है। भगदड़ में तीन श्रद्धालुओं की मौत वास्तव में मंदिर कमेटी की अव्यवस्था का नतीजा है, उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर  सीकर बंद रखा गया है।


आक्रोशित लोगों ने मांग की कि सरकार खाटूश्यामजी मंदिर कमेटी को भंग करके देवस्थान में शामिल कर दे और व्यवस्था अपने हाथ में ले। साथ ही निलंबित अधिकारियों के वापस बहाल करे। जालोर में हुई दलित छात्र की हत्या के मामले को लेकर भी अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। 

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