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कुल्लू: लोगीना ठाकुर बनीं नर्सिंग ऑफिसर, एम्स में देंगी सेवाएं

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की तीर्थन घाटी के कलवारी गांव की लोगीना ठाकुर नर्सिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हुई हैं।

25 अक्टूबर 2021

Digital Edition

मंडी उपचुनाव: कुशाल बोले- बाजार में मिलते तो सभी कांग्रेसी मेडल पहनकर घूमते

हिमाचल प्रदेश की मंडी संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशी ब्रिगेडियर कुशाल चंद ठाकुर ने विक्रमादित्य सिंह के आरोपों को घटिया राजनीति की सोच बताया है। कहा कि मेडल एक सैनिक का सम्मान होते हैं। मेडल देश की रक्षा के लिए जान न्योछावर करने के जज्बे के सम्मान को मिलते हैं। उन्होंने तंज कसा, बाजार में मिलते तो सभी कांग्रेसी मेडल पहनकर घूमते नजर आते। जनता के सहयोग से इस बार मंडी के वरिष्ठ कांग्रेस नेता कौल सिंह का संन्यास करवाकर ही रहेंगे, जिससे लंबे समय से उनकी यह इच्छा पूरी की जा सके। कुशाल ठाकुर द्रंग विधानसभा के कटौला में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समूचे हिमाचल में एक समान विकास कर रहे हैं।

धड़ों में बंटी कांग्रेस के नेता एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए घटिया राजनीति का सहारा ले रहे हैं। राजनीति में ईमानदार लोगों की सख्त जरूरत है। देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में विश्वास करती है। बेरोजगारी और महंगाई पर प्रधानमंत्री शीघ्र काबू पाएंगे। आरोप लगाया कि कुछ लोग राजपरिवारों को ही सत्ता में देखना चाहते हैं। भेदभाव, अनापशनाप बयानबाजी को राजनीति मानते हैं, जबकि भाजपा साफ सुथरी राजनीति में विश्वास रखती है। सोमवार को भाजपा प्रत्याशी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र में दो दर्जन से ज्यादा जनसभाएं कीं। 
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उपचुनाव: सीईओ सी पालरासु बोले- मतदान के लिए फोटोयुक्त दस्तावेज ही मान्य

हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र तथा फतेहपुर, अर्की और जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्रों में 30 अक्तूबर को मतदान के दिन मतदाताओं को मताधिकार का प्रयोग करते समय मतदान केंद्रों पर अपना मतदाता पहचान पत्र दिखाना होगा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार उप निर्वाचन में सभी अगर वह इस पहचान पत्र को प्रस्तुत नहीं कर पाता है तो उसे पहचान स्थापित करने के लिए फोटोयुक्त 11  वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।

इन दस्तावेजों में आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक/डाकघरों की ओर से जारी फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई से जारी स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, राज्य अथवा केंद्र सरकार के लोक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड कंपनियों की ओर से कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों, विधायकों को जारी सरकारी पहचान पत्र में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिमाचल प्रदेश सी पालरासु ने कहा कि लोगों को हर हाल में अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए।
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कांगड़ा: बड़ा भंगाल पहुंचे 168 सोलर पैनल, जल्द रोशनी से जगमगाएंगे घर

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल में सौर ऊर्जा के लिए 168 पैनल पहुंच गए हैं। 250 किलोवाट के यह सोलर पैनल ऑफ ग्रिड हैं। इसके साथ बैटरी बैकअप भी है। बैटरी की वारंटी पांच साल की है। चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर से हेलीकॉप्टर के माध्यम से दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल के लिए पैनल पहुंचाए गए। एसडीएम सलीम आजम ने बताया कि बड़ा भंगाल में 168 घर हैं। सौर ऊर्जा के पैनल को इंस्टाल करने के लिए कंपनी का इंजीनियर भी भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने तीन महीने पहले यहां पर बिजली पहुंचाने की घोषणा की थी। हर घर में एक-एक सोलर पैनल लगेगा। जिससे चार ट्यूब के साथ एक टीवी भी चलेगा। वहीं, फोन भी चार्ज कर सकेंगे। एसडीएम ने कहा कि प्रदेश के दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर नायब तहसीलदार  बैजनाथ विजय कुमार, नायब तहसीलदार पालमपुर जोगिंदर अवस्थी, हिम ऊर्जा से परियोजना अधिकारी कपिल कुमार, केएल कंपनी इंजीनियर मनीष कुमार दुबे और मनसा राम भंगालिया मौजूद रहे। 
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हिमाचल: अटल आशीर्वाद योजना के तहत बेबी केयर किट में शामिल होंगी छह नई वस्तुएं

अटल आशीर्वाद योजना के तहत नवजात शिशुओं को दी जाने वाली बेबी केयर किट मेें छह नई वस्तुएं शामिल की जा रही हैं। इनमें थर्मामीटर, नेलकटर, बीब, हेयर ब्रश, गाउन और माताओं के लिए छह पीस नैपकिन शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्लान तैयार कर इसे मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार को भेजा है। आचार संहिता खत्म होने के बाद इसे मंजूरी दी जा सकती है। वर्तमान में नवजात बेबी केयर किट में 12 वस्तुएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

जन्म के समय के बाद मां और नवजात शिशुओं के लिए इन वस्तुओं की ज्यादा जरूरत होती है। सरकार का दावा है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थान व निजी अस्पतालों में यह किट मुफ्त में मुहैया करवाई जा रही है। बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए माताओं को हैंड सैनिटाइजर भी दिया जा रहा है। माताओं के लिए ब्रश, टूथ पेस्ट, नहाने के साबुन के अलावा वैसलीन भी दी जा रही है। प्रदेश सरकार को यह किट करीब एक हजार रुपये में उपलब्ध हो रही है। प्रदेश सरकार करीब ढाई वर्षों से यह किट उपलब्ध करवा रही है।

अभी ये 12 वस्तुएं मिल रहीं
- टूथ ब्रश, टूथ पेस्ट, नहाने का साबुन और महिलाओं के लिए वैसलीन
- नवजात के लिए पोशाक
- बनियान के दो पीस
- मलमल के कपड़े
- दस्ताने और बूट
- बेबी मसाज ऑयल
- बेबी टावल
- बेबी क्लाथ नेपीज
- हैंड सैनिटाइजर बोतल
- बेबी मच्छरदानी
- कंबल
- खिलौना
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बेबी केयर किट(फाइल) बेबी केयर किट(फाइल)

विश्लेषण: हिमाचल में लंबे वक्त से मंडी संसदीय सीट रही है हाईप्रोफाइल

हिमाचल प्रदेश में लंबे वक्त से मंडी संसदीय सीट हाईप्रोफाइल रही है। यह पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पंडित सुखराम और पूर्व केंद्रीय इस्पात मंत्री एवं छह बार सीएम रहे वीरभद्र सिंह की परंपरागत लोकसभा सीट रह चुकी है। स्वतंत्र भारत की पहली महिला कैबिनेट मंत्री रहीं राजकुमारी अमृत कौर भी वर्ष 1951 में इस सीट से सांसद बनी थीं। इस बार यह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह संसदीय क्षेत्र होने से हाईप्रोफाइल हो गया है। उपचुनाव में सीएम जयराम ठाकुर की प्रतिष्ठा की यहां कांग्रेस के दिग्गज नेता स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की साख का झंडा थामे उनकी पूर्व सांसद पत्नी प्रतिभा सिंह से लड़ाई है। भाजपा के पूर्व सांसद रामस्वरूप शर्मा के अकस्मात देहांत के बाद खाली हुई इस सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं, जिस पर सबकी नजरें गड़ी हैं। अभी तक चुने सांसदों पर दृष्टिपात करें तो इस सीट पर राजपूत या ब्राह्मणों का ही वर्चस्व रहा है।

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार मंडी लोकसभा सीट के यह उपचुनाव इस बार भी सामान्य नहीं हैं। ये भाजपा और कांग्रेस दोनों के भविष्य की सियासत का रुख तय करने जा रहे हैं। अनुराग ठाकुर को छोड़कर अन्य बड़े केंद्रीय नेताओं के स्टार प्रचारकों की सूची में न होने की वजह से इस सीट को सीएम जयराम ठाकुर की हर हाल में जीतना चुनौती है। यहां चूकना उनके मिशन रिपीट की दिशा में भी सही संकेत नहीं होगा। दूसरी ओर, कांग्रेस के कद्दावर नेता स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के न रहने के बाद अब यह सीट उनके वारिसों के भविष्य की रूपरेखा तय करेगी। वीरभद्र सिंह की पत्नी पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह भी अगर चूक जाती हैं तो इससे वीरभद्र खेमे के राजनीतिक भविष्य पर भी खतरे की घंटी बजेगी। ऐेसे में इस दफा भी दोनों हाईप्रोफाइल नेताओं के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा की जंग है। 

कब-कब कौन सांसद बने मंडी लोकसभा सीट से
1951 मेें कांग्रेस की राजकुमारी अमृत कौर, 1957 में कांग्र्रेस के जोगिंद्र सेन, 1962 में कांग्रेस के ललित सेन, 1967 में कांग्रेस के एल सेन, 1971 में कांग्रेस के वीरभद्र सिंह, 1977 में बीएलडी के गंगा सिंह, 1980 में कांग्रेस के वीरभद्र सिंह, 1984 में कांग्रेस के पंडित सुखराम, 1989 में भाजपा के महेश्वर सिंह, 1991 में कांग्रेस के पंडित सुखराम, 1996 में कांग्रेस के सुखराम, 1998 में भाजपा के महेश्वर सिंह, 1999 में भी भाजपा के महेश्वर सिंह, 2004 में कांग्रेस की प्रतिभा सिंह, 2009 में कांग्रेस के वीरभद्र सिंह, 2014 में भाजपा के रामस्वरूप शर्मा और 2019 में भी दूसरी बार भाजपा के प्रत्याशी रामस्वरूप शर्मा सांसद बने।

पंडित सुखराम की खामोशी भी बनी पहेली
इस सीट से कांग्रेस के बड़े नेता रहे पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पंडित सुखराम की खामोशी भी सबके लिए पहेली बनी हुई है। पंडित सुखराम और उनके पोते आश्रय शर्मा कांग्रेस में हैं। पंडित सुखराम के बेटे अनिल शर्मा भाजपा विधायक हैं, वह दोबारा मंत्री पद चाह रहे हैं। आश्रय शर्मा पिछली बार यहां से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार थे। मंझधार में फंसी सुखराम परिवार की किश्ती किधर जाएगी, इस बारे में अभी तक कुछ साफ नहीं है।

भौगोलिक दृष्टि से प्रदेश में सबसे बड़ा है मंडी संसदीय क्षेत्र 
 मंडी संसदीय क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से भी सबसे बड़ा है। इसमें मंडी जिले के नौ विधानसभा क्षेत्र मंडी सदर, सराज, नाचन, सरकाघाट, द्रंग, बल्ह, सुंदरनगर, जोगिंद्रनगर और करसोग हैं। कुल्लू जिले के चार कुल्लू, मनाली, बंजार और आनी विधानसभा क्षेत्र आते हैं। जिला चंबा का भरमौर और जिला शिमला का रामपुर हलका भी इसमें है। किन्नौर और लाहौल स्पीति तो पूरे-पूरे जिले इसके अंतर्गत आते हैं। 
 
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उपचुनाव: जनजातीय जिलों में बर्फबारी ने बढ़ाई राजनीतिक दलों की चिंता

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिलों में बर्फबारी ने राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर और भरमौर में ताजा बर्फबारी से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। मंडी संसदीय सीट के इन क्षेत्रों में वोटरों को घरों से निकालना अब आसान नहीं हैं। मौसम में आए बदलाव के बाद इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान माइनस में पहुंच गया है। अधिकतम तापमान में भी कमी दर्ज हुई है।

मंडी संसदीय सीट के तहत जिला किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और जिला चंबा का भरमौर क्षेत्र आता है। बीते दिनों इन क्षेत्रों में बर्फबारी होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चुनाव प्रचार भी खराब मौसम के चलते प्रभावित हुआ है। 30 अक्तूबर को मंडी संसदीय सीट के उपचुनाव के लिए मतदान होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचने के लिए राजनीतिक दलों के नेताओं को खूब पसीना बहाना पड़ेगा।

मतदाताओं को वोट देने के लिए मतदान केंद्रों तक पहुंचाना चुनाव आयोग के लिए भी आसान नहीं रहने वाला है। आने वाले दिनों में अगर मौसम खराब होता है तो मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इसके अलावा मंडी जिले के कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई है। चुनाव प्रचार के लिए इन क्षेत्रों में पहुंचना भी नेताओं के लिए चुनौती भरा कार्य है। बर्फबारी के चलते इन क्षेत्रों में अगर कम मतदान होता है तो राजनीतिक दलों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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हिमाचल उपचुनाव: अग्निपरीक्षा पास करने पर ही बचेगा प्रत्याशियों का भविष्य

हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव की अग्नि परीक्षा पास करने पर ही चारों प्रत्याशियों का राजनीतिक कॅरिअर बचेगा। चुनावी वैतरणी पार नहीं कर पाने वाले उम्मीदवारों का राजनीतिक सफर चौपट हो सकता है। जैसे-जैसे मंडी संसदीय क्षेत्र सहित जुब्बल-कोटखाई, अर्की और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के उप चुनाव की तारीख करीब आने लगी है, कांग्रेस प्रत्याशियों की धड़कने बढ़ने लगी हैं। पार्टी नेता और पदाधिकारी प्रचार में खूब पसीना बहा रहे हैं। उपचुनाव कांग्रेस के चारों प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य संवारने के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं।

अगर कोई प्रत्याशी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे तो इससे उनके राजनीतिक भविष्य में भी आंच आ सकती है। बताया जा रहा है कि मंडी संसदीय क्षेत्र और जुब्बल-कोटखाई विधानसभा उपचुनाव पर पार्टी नेताओं ने पैनी नजर है। दूसरी ओर, अर्की से संजय अवस्थी और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के भवानी सिंह पठानिया के राजनीतिक कॅरिअर को भी दोनों नेताओं की जीत और हार से जोड़कर देखा जा रहा है। देखना यह है कि सत्ता पक्ष भाजपा के उम्मीदवारों को कौन पराजित कर अपना भविष्य सुरक्षित करता है। 
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शिमला: निजी शिक्षण संस्थान में नकल के लिए ताक पर नियम, निरीक्षक के साथ केंद्र अधीक्षक भी अपना

हिमाचल उपचुनाव(सांकेतिक)
हिमाचल प्रदेश के निजी शिक्षण संस्थानों में नकल के लिए नियम ताक पर रख दिए हैं। जिला शिमला के एक निजी बीएड कॉलेज में बरती जा रही इस तरह की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस संस्थान में सोमवार को हुए एलएलबी के चौथे सेमेस्टर और बीएड की परीक्षा में परीक्षा निरीक्षक और केंद्र अधीक्षक संस्थान का अपना था। नकल की आशंका को समाप्त करने के लिए नियमों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अपने निरीक्षक और अधीक्षक होने चाहिए। जबकि आयोग की ओर से सोमवार को इस संस्थान में दी गई दबिश में नियमों की साफ तौर पर अनदेखी पाई गई। विनियामक आयोग ने विश्वविद्यालय के कुलपति को इस बाबत रिपोर्ट भेजते हुए कड़ाई बरतने की अपील की है।

राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि निजी बीएड कॉलेजों को नियमानुसार परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाता है। अगर किसी कारणवश परीक्षा केंद्र बनाए भी जाए तो वहां परीक्षा लेने के लिए एचपीयू की ओर से केंद्र अधीक्षक और निरीक्षक नियुक्त किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को आयोग की एक टीम ने जिला शिमला के एक निजी बीएड कॉलेज में दबिश दी। इस संस्थान में ली जा रही परीक्षा में बीएड कॉलेज के स्टाफ को ही केंद्र अधीक्षक और निरीक्षक नियुक्त किया गया था। आयोग अध्यक्ष ने बताया कि निजी संस्थान के अयोग्य स्टाफ को परीक्षा केंद्र में नियुक्ति नहीं दी जा सकती है। इस मामले पर कड़ा संज्ञान लिया गया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी गई है।
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कुल्लू: बर्फ में दौड़ने वाली फोर बाई फोर गाड़ियों की बढ़ी बिक्री

सर्दी के मौसम में हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू का अधिकतर क्षेत्र बर्फीला होने से घाटी में बर्फ के बीच चलने वाले फोर बाई फोर वाहनों का क्रेज बढ़ने लगा है। निजी क्षेत्र में फोर बाई फोर वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। कुल्लू में सालाना लगभग 100 से अधिक वाहन खरीदे जा रहे हैं। खासकर पर्यटन नगरी मनाली में इन वाहनों का प्रचलन अधिक बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि रोहतांग दर्रा के लिए जब से एनजीटी ने सख्ती दिखाई है तब से लेकर निजी क्षेत्र में फोर बाई फोर वाहनों में तेजी आई है। कुल्लू में सैकड़ों की संख्या में ऐसे वाहन हैं, जिन्हें लोग टैक्सी के रूप में इस्तेमाल कर खूब मुनाफा कमा रहे हैं। टैक्सी यूनियन मनाली के महासचिव संदीप ने कहा कि मनाली में सबसे अधिक निजी क्षेत्र में यह वाहन हैं।

जिनका प्रयोग पर्यटन सीजन के साथ बर्फबारी के दौरान पर्यटकों को ढोने में किया जाता है, जो गैर कानूनी है। मनाली में सैलानियों को ढोने की मकसद से निजी क्षेत्र में फॉर बाई फॉर वाहनों में एकाएक वृद्धि होने लगी है। 2014-15 के बाद रोहतांग दर्रा के लिए एनजीटी की ओर से सीमित वाहनों की संख्या को निर्धारित करने तथा अटल टनल बनने के बाद से इन वाहनों को संख्या में भारी वृद्धि हुई है। बर्फबारी में सैलानियों के फंसने के बाद उन्हें रेक्स्यू करने के लिए भी प्रशासन भी इन्हीं गाड़ियों की मदद लेता है। कुल्लू-मनाली का अधिकतर हिस्सा बर्फबारी वाला है। ऐसे में लोग फोर बाई फोर वाहनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह गाड़ियां बर्फबारी के साथ बर्फ के ऊपर आसानी से चलती हैं। इसके चारों टायर बर्फ में काम करते हैं।  

टैक्सी यूनियन में कम हो गए फोर बाई फोर वाहन 
कुल्लू। टैक्सी यूनियन में अधिकतर जिप्सियों का चलाया जाता है, लेकिन अब जिप्सियों को निर्माण नहीं होने से यूनियन में फोर बाई फोर वाहनों की संख्या में कमी आई है। जिप्सी छह से सात लाख में मिल जाती थी, लेकिन दूसरे फोर बाई फोर वाहन मंहगे हो गए हैं। 

एफडब्ल्यूडी, आरडब्ल्यूडी और फोर बाय फोर में यह है अंतर
स्नोव्यू ऑटोमोबाइल के महाप्रबंधक रिशांत वर्मा के अनुसार इंजन की पावर से टायर घूमते हैं। अधिकतर छोटी कारें फ्रंट व्हील ड्राइव होती हैं, इनमें इंजन से पावर अगले टायर को मिलती है। गाड़ी का अधिकतर भार अगले टायर पर होता है। रियर व्हील ड्राइव में इंजन की पावर पिछले टायर को मिलती है। इनमें अगले और पिछले टायरों को हिस्सा आपस में जोड़ता है। ऐसे वाहन कीचड़ और बर्फ पर नहीं फिसलते। 
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कोरोना: हिमाचल मे एक संक्रमित की मौत, 78 विद्यार्थियों समेत 246 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव

हिमाचल प्रदेश में सोमवार को एक और कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत हो गई। शिमला की 77 वर्षीय संक्रमित महिला ने दम तोड़ दिया। वहीं, प्रदेश में रिकॉर्ड 78 विद्यार्थियों समेत 246 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। प्रदेश में कोरोना मृतकों का आंकड़ा 3721 पहुंच गया है। प्रदेश में अब तक कोरोना के 222890 मामले आ चुके हैं। इनमें से 217495 ठीक हो चुके हैं। कोरोना सक्रिय मामले 1657 हो गए हैं। इसमें से बिलासपुर जिले में 116, चंबा 21, हमीरपुर 343, कांगड़ा 672, किन्नौर नौ, कुल्लू 33, लाहौल-स्पीति शून्य, मंडी 168, शिमला 79, सिरमौर शून्य, सोलन 31 और ऊना में 185 सक्रिय मामले हैं। बीते 24 घंटों के दौरान 90 मरीज ठीक हुए हैं और कोरोना की जांच के लिए 7261 लोगों के सैंपल लिए गए।

कांगड़ा जिले के तीन स्कूलों के 46 विद्यार्थी और तीन शिक्षक पॉजिटिव आए हैं। 27 विद्यार्थी एक ही स्कूल के हैं। बिलासपुर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला विद्यार्थी घुमारवीं के 15 विद्यार्थी पॉजिटिव आए हैं। स्कूल दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है। हमीरपुर जिले में चार, मंडी चार और ऊना में नौ विद्यार्थी पॉजिटिव आए हैं। 27 सितंबर से प्रदेश में विद्यार्थियों के लिए स्कूल खुले हैं। तब से अब तक प्रदेश के निजी और सरकारी स्कूलों में 556 विद्यार्थी संक्रमित हो चुके हैं। इसमें से अब 250 मामले सक्रिय हैं। 

शादी में शामिल होने के बाद बीमार हुई मृतक छात्रा
प्रदेश में कोरोना संक्रमित विद्यार्थियों में एक छात्रा की मृत्यु भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उक्त छात्रा अपने परिवार सहित शादी समारोह में शामिल हुई थी, जिसके बाद उसे बुखार और गले में खराश जैसे लक्षण पाए गए थे।
 
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जुब्बल-कोटखाई उपचुनाव: भाजपा महिला और युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्षों समेत 15 नेता निष्कासित

हिमाचल प्रदेश के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी चेतन बरागटा का समर्थन करने वालों पर भाजपा के युवा मोर्चा और महिला मोर्चा ने भी कार्रवाई का चाबुक चला दिया है। इससे पहले भी भाजपा ने पदाधिकारियों को पार्टी से निकाला था। वहीं, सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा और भाजयुमो के जुब्बल-कोटखाई मंडल अध्यक्षों समेत 15 और पदाधिकारियों को छह-छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। भाजयुमो के आठ और महिला मोर्चा के सात पदाधिकारियों पर यह कार्रवाई की गई है। निष्कासित होने वालों में भाजयुमो मंडल अध्यक्ष जतिन चौहान, जिला उपाध्यक्ष महासू अजय बिष्ट, जिला सचिव रिंकू परवीन चौहान, जिला प्रवक्ता वेद शर्मा, सह प्रवक्ता राजेश छिंजवान, मंडल महामंत्री चेतन कडैइक और काकू के अलावा मंडल कोषाध्यक्ष हितेष खागटा शामिल हैं। 

उधर, जुब्बल-कोटखाई मंडल अध्यक्ष नैना तनेटा, मंडल उपाध्यक्ष पिंकी कोटवी, महामंत्री रजनी सलाकटा, महासू जिला उपाध्यक्ष विजेता खिमटा, महासू जिला सचिव पूनम मोखटा, विशेष आमंत्रित सदस्य रूबजा नेपटा और मीनाक्षी मानटा को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इन पर यह कार्रवाई भाजपा प्रत्याशी नीलम सरैईक के खिलाफ प्रचार करने पर की गई है। कुछ दिन पहले ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने पार्टी के 13 नेताओं को छह साल के लिए निष्कासित करने के आदेश जारी किए हैं।
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उपचुनाव: प्रचार के अंतिम दिन आमने-सामने होंगे अनुराग ठाकुर और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल

हिमाचल प्रदेश के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में 27 अक्तूबर को केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला काउंटर करेंगे। उप चुनाव के अंतिम चरण के प्रचार में कांग्रेस तेजी लाएगी। कांग्रेस ने मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रभारी राजीव शुक्ला को प्रचार के लिए बुलाया है। दोनों नेता 27 अक्तूबर को मंडी जिले के कांसा चौक में प्रत्याशी प्रतिभा सिंह के पक्ष में जनसभा करेंगे।

इसी दिन प्रभारी राजीव शुक्ला रैली में हिस्सा लेंगे। इसके बाद बघेल और प्रभारी शुक्ला 27 अक्तूबर को ही जुब्बल-कोटखाई के खड़ापत्थर में रैली करेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा जुब्बल-कोटखाई में प्रचार कर चुके हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार उप चुनाव के लिए कांग्रेस के कोई अन्य स्टार प्रचारक अब किसी भी क्षेत्र में पार्टी प्रचार के लिए नहीं बुलाए हैं। 
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सीएम जयराम और मंत्री भारद्वाज के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत

हिमाचल प्रदेश के जुब्बल-कोटखाई में 22 अक्तूबर को हुई सीएम जयराम ठाकुर की रैली को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत की गई है। इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार सुमन कदम ने सीएम जयराम ठाकुर और शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज के खिलाफ आचार संहिता का उल्लंघन कर रैली में घोषणाएं करने का आरोप लगाया है।

निर्दलीय उम्मीदवार का आरोप है कि 22 अक्तूबर को हुई रैली में सीएम ने जुब्बल और कोटखाई में एसडीएम बैठाने और कोटखाई में बीडीओ कार्यालय बनाने की घोषणा की है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार आचार संहिता के बीच कोई नई घोषणा नहीं की जा सकती, लेकिन रैली में जनता को लालच देने की कोशिश की गई है। निर्दलीय प्रत्याशी के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त के अलावा इस सीट के लिए जनरल ऑब्जर्वर परमपाल कौर, जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी के पास भी इसकी शिकायत दर्ज करवाई गई है। 
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