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कुल्लू: लोगीना ठाकुर बनीं नर्सिंग ऑफिसर, एम्स में देंगी सेवाएं

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की तीर्थन घाटी के कलवारी गांव की लोगीना ठाकुर नर्सिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हुई हैं।

25 अक्टूबर 2021

Digital Edition

weather update: प्रदेश भर में खिली धूप, अधिकतम तापमान में दस डिग्री की कमी

हिमाचल प्रदेश में मौसम खुलने के बाद भी ठंडक कम नहीं हुई है। सोमवार को प्रदेश भर में धूप खिलने के बावजूद अधिकतम तापमान में नौ से दस डिग्री की कमी दर्ज हुई। 29 अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम साफ बना रहने की संभावना जताई गई है। न्यूनतम तापमान में कमी होने से प्रदेश में सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक बढ़ गई है।

सोमवार को नाहन में अधिकतम तापमान 22.0, ऊना में 20.7, धर्मशाला में 18.8, बिलासपुर में 16.9, कांगड़ा में 16.0, सुंदरनगर में 15.7, भुंतर में 15, शिमला में 14.6, हमीरपुर में 14.1, चंबा में 13.3, कल्पा में 12.0, डलहौजी में 7.3 और केलांग में 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उधर, केलांग में रविवार रात को न्यूनतम तापमान माइनस 0.5, कल्पा में 0.6, मनाली में 5.0, डलहौजी में 6.1, शिमला में 6.4, हमीरपुर में 9.4, धर्मशाला में 10.2, बिलासपुर में 11.5 और ऊना में 12.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

सामान्य से 117 फीसदी अधिक बरसे बादल
येलो अलर्ट के बीच रविवार से सोमवार सुबह आठ बजे तक प्रदेश भर में सामान्य से 117 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई। रविवार को प्रदेश में 54 मिलीमीटर बारिश हुई। जबकि इस अवधि में 25 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। इसके अलावा राजगढ़ में 77, कसौली में 68, नयनादेवी में 52, अंब में 42, झंडूता में 40, सोलन में 34, ऊना में 23, कुल्लू में 13, हमीरपुर में 22, कांगड़ा में 10 और शिमला में 9 मिलीमीटर बारिश हुई।

शिमला में महसूस हुए भूकंप के हल्के झटके
राजधानी शिमला में सोमवार सुबह चार बजकर आठ मिनट पर भूकंप के हल्के झटके महसूस हुए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.1 मापी गई। भूकंप से किसी भी प्रकार के जान और माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
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हिमाचल: जोगिंद्रनगर के सैनिक अमित कुमार अरुणाचल प्रदेश में शहीद, नौ माह पहले हुई थी शादी

अरुणाचल प्रदेश में 13 डोगरा रेजीमेंट में तैनात हिमाचल प्रदेश के जोगिंद्रनगर के भटवाड़ा गांव के नायक अमित कुमार की पेट्रोलिंग के दौरान सड़क हादसे में मौत हो गई है। सैनिकों को ले जा रहा वाहन खाई में गिर गया, जिसमें नौ सैनिक घायल हो गए। नायक अमित कुमार को सेना ने युद्ध में हताहत का दर्जा दिया है और 26 अक्तूबर को राजकीय सम्मान के साथ शहादत पाने वाले सैनिक का पैतृक गांव में अंतिम संस्कार होगा। हवाई मार्ग से दिल्ली तक शहीद की पार्थिव देह पहुंचेगी और उसके बाद सेना के एक विशेष वाहन में मंगलवार को जोगिंद्रनगर में 11 बजे पहुंचने की उम्मीद है।

इस दौरान स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देंगे। सैन्य सम्मान भी नायक अमित कुमार को मिलेगा। जोगिंद्रनगर के एसडीएम डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने सैनिक की शहादत की पुष्टि करते हुए कहा कि सैनिक के राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी सैनिक के परिजनों को दी जा रही है। एसडीएम ने वीर सैनिक की शहादत पर परिजनों को सांत्वना देते हुए प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता दिलाने का एलान किया है। यह हादसा 23 अक्तूबर का बताया जा रहा है। 

करवाचौथ पर पति की दीर्घायु की करनी थी कामना, नौ माह में ही उजड़ गया सुहाग
बदेहड़ पंचायत के भटवाड़ा गांव से संबंध रखने वाले नायक अमित कुमार की नौ माह पहले ही शादी हुई थी और इस करवाचौथ में पत्नी ने अपने पति की दीर्घायु की कामना के लिए व्रत रखने की भी तैयारी थी। इसी दौरान पति की शहादत की खबर मिलने से पूरा परिवार स्तब्ध है। पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं बहन भी भाई की आकस्मिक मौत पर बेसुध है। माता पिता के बुढ़ापे का सहारा छिन जाने से हर आंख नम है। बदेहड़ पंचायत के प्रधान धनी राम ने बताया कि बेटे की शहादत पर समूचे उपमंडल में शौक की लहर है।
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बर्फबारी: जलोड़ी दर्रा में साढ़े तीन घंटे फंसे रहे 26 पर्यटक, पुलिस व स्थानीय युवाओं ने सुरक्षित निकाला

जुब्बल-कोटखाई उपचुनाव: मंडल उपाध्यक्ष समेत 11 और पदाधिकारी भाजपा से छह साल के लिए निष्कासित

हिमाचल प्रदेश के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी चेतन बरागटा का समर्थन करने वालों पर भाजपा की कार्रवाई जारी है। भाजपा जिला महासू के अध्यक्ष अजय श्याम ने जुब्बल कोटखाई विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में पार्टी विरोधी कार्य करने पर 11 पदाधिकारियों को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। पार्टी ने मंडल उपाध्यक्ष महावीर झगटा, जिला उपाध्यक्ष इंद्र चौहान, मंडल उपाध्यक्ष सुरेंद्र धौलटा के अलावा कार्यसमिति सदस्य कृष्ण चंद मांटा, वीरेंद्र चौहान, नरेंद्र चौहान, अशोक चौहान, निक्कम सिंह बालटू, बलवीर ठाकुर, श्याम शर्मा और मोहिंद्र झगटा को निष्कासित किया है। इस संबंध में मंगलवार सुबह पार्टी की ओर से निष्कासन आदेश जारी किए गए हैं। इससे पहले  भाजपा, युवा मोर्चा और महिला मोर्चा पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई का चाबुक चला था।  

सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा और भाजयुमो के जुब्बल-कोटखाई मंडल अध्यक्षों समेत 15 और पदाधिकारियों को छह-छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। निष्कासित होने वालों में भाजयुमो मंडल अध्यक्ष जतिन चौहान, जिला उपाध्यक्ष महासू अजय बिष्ट, जिला सचिव रिंकू परवीन चौहान, जिला प्रवक्ता वेद शर्मा, सह प्रवक्ता राजेश छिंजवान, मंडल महामंत्री चेतन कडैइक और काकू के अलावा मंडल कोषाध्यक्ष हितेष खागटा शामिल हैं। वहीं, जुब्बल-कोटखाई मंडल अध्यक्ष नैना तनेटा, मंडल उपाध्यक्ष पिंकी कोटवी, महामंत्री रजनी सलाकटा, महासू जिला उपाध्यक्ष विजेता खिमटा, महासू जिला सचिव पूनम मोखटा, विशेष आमंत्रित सदस्य रूबजा नेपटा और मीनाक्षी मानटा को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इन पर यह कार्रवाई भाजपा प्रत्याशी नीलम सरैईक के खिलाफ प्रचार करने पर की गई थी। कुछ दिन पहले ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने पार्टी के 13 नेताओं को छह साल के लिए निष्कासित करने के आदेश जारी किए थे।
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मंडी में हत्या: दोस्त की शादी में हुई कहासुनी, पीट-पीटकर युवक को उतारा मौत के घाट

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर में दोस्त की शादी में शामिल होने गए तीन युवकों की कुछ स्थानीय लोगों के साथ बहसबाजी हो गई। बहसबाजी इतनी बढ़ गई कि लोगों ने मिलकर तीनों की बेरहमी से पीटाई कर दी, जिसमें एक युवक की मौत हो गई है। मामला जोगिंद्रनगर उपमंडल के तहत आने वाले तरयाबंली गांव का है। मिली जानकारी के अुनसार दिनेश, सुनील और राकेश अपने दोस्त की शादी में शामिल होने तरयांबली गांव गए हुए थे। यहां पर उनकी कुछ स्थानीय लोगों के साथ कहासुनी हो गई। हालांकि मामला वहीं पर शांत करवाने का प्रयास हो गया था लेकिन स्थानीय लोगों ने बदला लेने के लिए सड़क पर नाकेबंदी कर दी। शादी में आई गाड़ियों को रोककर उनकी चैकिंग करने लगे।

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जैसे ही इन तीन युवकों की गाड़ी वहां पहुंची तो इन्होंने तीनों को गाड़ी से निकालकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि डंडे के प्रहार से सुनील और राकेश वहीं पर बेहोश गए। इसके बाद उन्हें पिछले कल होश आया तो फिर सारे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद  परिजन पुलिस थाने में गए और मामला दर्ज करवाकर दिनेश की तलाश शुरू की। बीती रात को दिनेश का शव घटनास्थल से काफी दूर खड्ड में पत्थरों के बीच से बरामद हुआ। शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी मंडी शालिनी अग्निहोत्री ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूछताछ के लिए दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच जारी है।

डेढ़ साल पहले हुई थी शादी, दो माह की बेटी
 जिस युवक की हत्या हुई,  उसकी डेढ़ वर्ष पहले ही शादी हुई थी और दो महीने की छोटी बेटी भी है। 27 वर्षी दिनेश शिमला में आउटसोर्स पर नौकरी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था।
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आत्महत्या: शिमला से सटे रझाना में युवक ने फंदा लगाकर दी जान, पेड़ से लटका मिला अमित

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक 21 वर्षीय युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान अमित कुमार (21) पुत्र मोहन सिंह निवासी रझाना के तौर पर हुई है। युवक ने घर के पास पेड़ की शाखा पर चुनरी से फंदा बनाकर फांसी लगाई है। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगा रही है। पुलिस के मुताबिक शहर से सटे रझाना गांव में यह घटना पेश आई। मृतक की दादी घर के पास खेतों में काम करने गई थी। पोते को पेड़ से लटका देखकर उनके होश उड़ गए।

इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लिया और अस्पताल ले गए। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस ने मौके से साक्ष्य भी एकत्र किए हैं। शुरुआती जांच में पुलिस मानकर चल रही है कि युवक ने रात के वक्त आत्महत्या की वारदात को अंजाम दिया। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह का पता लगा पाएगा। पुलिस के मुताबिक मृतक के कमरे और घटनास्थल से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसकी जांच की जा रही है।
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हिमाचल: अटल आशीर्वाद योजना के तहत बेबी केयर किट में शामिल होंगी छह नई वस्तुएं

अटल आशीर्वाद योजना के तहत नवजात शिशुओं को दी जाने वाली बेबी केयर किट मेें छह नई वस्तुएं शामिल की जा रही हैं। इनमें थर्मामीटर, नेलकटर, बीब, हेयर ब्रश, गाउन और माताओं के लिए छह पीस नैपकिन शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्लान तैयार कर इसे मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार को भेजा है। आचार संहिता खत्म होने के बाद इसे मंजूरी दी जा सकती है। वर्तमान में नवजात बेबी केयर किट में 12 वस्तुएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

जन्म के समय के बाद मां और नवजात शिशुओं के लिए इन वस्तुओं की ज्यादा जरूरत होती है। सरकार का दावा है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थान व निजी अस्पतालों में यह किट मुफ्त में मुहैया करवाई जा रही है। बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए माताओं को हैंड सैनिटाइजर भी दिया जा रहा है। माताओं के लिए ब्रश, टूथ पेस्ट, नहाने के साबुन के अलावा वैसलीन भी दी जा रही है। प्रदेश सरकार को यह किट करीब एक हजार रुपये में उपलब्ध हो रही है। प्रदेश सरकार करीब ढाई वर्षों से यह किट उपलब्ध करवा रही है।

अभी ये 12 वस्तुएं मिल रहीं
- टूथ ब्रश, टूथ पेस्ट, नहाने का साबुन और महिलाओं के लिए वैसलीन
- नवजात के लिए पोशाक
- बनियान के दो पीस
- मलमल के कपड़े
- दस्ताने और बूट
- बेबी मसाज ऑयल
- बेबी टावल
- बेबी क्लाथ नेपीज
- हैंड सैनिटाइजर बोतल
- बेबी मच्छरदानी
- कंबल
- खिलौना
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विश्लेषण: हिमाचल में लंबे वक्त से मंडी संसदीय सीट रही है हाईप्रोफाइल, जानें कब-कब कौन बने सांसद

बेबी केयर किट(फाइल)
हिमाचल प्रदेश में लंबे वक्त से मंडी संसदीय सीट हाईप्रोफाइल रही है। यह पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पंडित सुखराम और पूर्व केंद्रीय इस्पात मंत्री एवं छह बार सीएम रहे वीरभद्र सिंह की परंपरागत लोकसभा सीट रह चुकी है। स्वतंत्र भारत की पहली महिला कैबिनेट मंत्री रहीं राजकुमारी अमृत कौर भी वर्ष 1951 में इस सीट से सांसद बनी थीं। इस बार यह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह संसदीय क्षेत्र होने से हाईप्रोफाइल हो गया है। उपचुनाव में सीएम जयराम ठाकुर की प्रतिष्ठा की यहां कांग्रेस के दिग्गज नेता स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की साख का झंडा थामे उनकी पूर्व सांसद पत्नी प्रतिभा सिंह से लड़ाई है। भाजपा के पूर्व सांसद रामस्वरूप शर्मा के अकस्मात देहांत के बाद खाली हुई इस सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं, जिस पर सबकी नजरें गड़ी हैं। अभी तक चुने सांसदों पर दृष्टिपात करें तो इस सीट पर राजपूत या ब्राह्मणों का ही वर्चस्व रहा है।

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 हिमाचल उपचुनाव: अग्निपरीक्षा पास करने पर ही बचेगा प्रत्याशियों का भविष्य

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार मंडी लोकसभा सीट के यह उपचुनाव इस बार भी सामान्य नहीं हैं। ये भाजपा और कांग्रेस दोनों के भविष्य की सियासत का रुख तय करने जा रहे हैं। अनुराग ठाकुर को छोड़कर अन्य बड़े केंद्रीय नेताओं के स्टार प्रचारकों की सूची में न होने की वजह से इस सीट को सीएम जयराम ठाकुर की हर हाल में जीतना चुनौती है। यहां चूकना उनके मिशन रिपीट की दिशा में भी सही संकेत नहीं होगा। दूसरी ओर, कांग्रेस के कद्दावर नेता स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के न रहने के बाद अब यह सीट उनके वारिसों के भविष्य की रूपरेखा तय करेगी। वीरभद्र सिंह की पत्नी पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह भी अगर चूक जाती हैं तो इससे वीरभद्र खेमे के राजनीतिक भविष्य पर भी खतरे की घंटी बजेगी। ऐेसे में इस दफा भी दोनों हाईप्रोफाइल नेताओं के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा की जंग है। 

कब-कब कौन सांसद बने मंडी लोकसभा सीट से
1951 मेें कांग्रेस की राजकुमारी अमृत कौर, 1957 में कांग्र्रेस के जोगिंद्र सेन, 1962 में कांग्रेस के ललित सेन, 1967 में कांग्रेस के एल सेन, 1971 में कांग्रेस के वीरभद्र सिंह, 1977 में बीएलडी के गंगा सिंह, 1980 में कांग्रेस के वीरभद्र सिंह, 1984 में कांग्रेस के पंडित सुखराम, 1989 में भाजपा के महेश्वर सिंह, 1991 में कांग्रेस के पंडित सुखराम, 1996 में कांग्रेस के सुखराम, 1998 में भाजपा के महेश्वर सिंह, 1999 में भी भाजपा के महेश्वर सिंह, 2004 में कांग्रेस की प्रतिभा सिंह, 2009 में कांग्रेस के वीरभद्र सिंह, 2014 में भाजपा के रामस्वरूप शर्मा और 2019 में भी दूसरी बार भाजपा के प्रत्याशी रामस्वरूप शर्मा सांसद बने।

पंडित सुखराम की खामोशी भी बनी पहेली
इस सीट से कांग्रेस के बड़े नेता रहे पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पंडित सुखराम की खामोशी भी सबके लिए पहेली बनी हुई है। पंडित सुखराम और उनके पोते आश्रय शर्मा कांग्रेस में हैं। पंडित सुखराम के बेटे अनिल शर्मा भाजपा विधायक हैं, वह दोबारा मंत्री पद चाह रहे हैं। आश्रय शर्मा पिछली बार यहां से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार थे। मंझधार में फंसी सुखराम परिवार की किश्ती किधर जाएगी, इस बारे में अभी तक कुछ साफ नहीं है।

भौगोलिक दृष्टि से प्रदेश में सबसे बड़ा है मंडी संसदीय क्षेत्र 
 मंडी संसदीय क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से भी सबसे बड़ा है। इसमें मंडी जिले के नौ विधानसभा क्षेत्र मंडी सदर, सराज, नाचन, सरकाघाट, द्रंग, बल्ह, सुंदरनगर, जोगिंद्रनगर और करसोग हैं। कुल्लू जिले के चार कुल्लू, मनाली, बंजार और आनी विधानसभा क्षेत्र आते हैं। जिला चंबा का भरमौर और जिला शिमला का रामपुर हलका भी इसमें है। किन्नौर और लाहौल स्पीति तो पूरे-पूरे जिले इसके अंतर्गत आते हैं। 
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हिमाचल: अब लोगों को घर-घर लगेगी कोविड वैक्सीन, 30 नवंबर तक सौ फीसदी दूसरी डोज देने का रखा लक्ष्य

कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज में भी नंबर वन आने के लिए प्रदेश सरकार ने लोगों को घर-घर वैक्सीन लगाने की योजना तैयार की है। सरकार ने 30 नवंबर तक हिमाचल प्रदेश के सौ फीसदी लोगों को दूसरी डोज देने का लक्ष्य रखा है। इसके चलते यह प्लान तैयार किया है। वहीं, दूसरी ओर स्कूली विद्यार्थियों में कोरोना के मामले बढ़ने पर शिक्षा विभाग ने स्कूल बंद करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग से राय मांगी है। हिमाचल में बीते एक सप्ताह से 25 से 30 छात्र कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। 

प्रदेश में 60 प्रतिशत आबादी को कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। प्रदेश में 55 लाख 23 हजार पात्र लोग हैं, जिनका कोविड -19 के खिलाफ  टीकाकरण किया जा रहा है। किन्नौर जिले में 100 फीसदी लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है। लाहौल-स्पीति 85 फीसदी लक्ष्य हासिल कर दूसरे स्थान पर है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि 30 नवंबर तक हिमाचल में लक्षित सभी लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने का लक्ष्य रखा है। लोगों को घर-घर जाकर वैक्सीन लगाने का भी प्लान तैयार किया है।  

मोदी ने हिमाचल, शाह ने जम्मू को दूसरी डोज में नंबर वन पर आने को कहा
कोरोना वैक्सीन की पहली डोज में नंबर वन पर आने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवाद के दौरान हिमाचल सरकार को दूसरी डोज में भी नंबर वन पर आने के लिए कहा है। वहीं जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह ने वहां एक जनसभा में जम्मू-कश्मीर सरकार को पहले नंबर पर आने की बात कही है।
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हिमाचल उपचुनाव: अग्निपरीक्षा पास करने पर ही बचेगा प्रत्याशियों का भविष्य

हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव की अग्नि परीक्षा पास करने पर ही चारों प्रत्याशियों का राजनीतिक कॅरिअर बचेगा। चुनावी वैतरणी पार नहीं कर पाने वाले उम्मीदवारों का राजनीतिक सफर चौपट हो सकता है। जैसे-जैसे मंडी संसदीय क्षेत्र सहित जुब्बल-कोटखाई, अर्की और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के उप चुनाव की तारीख करीब आने लगी है, कांग्रेस प्रत्याशियों की धड़कने बढ़ने लगी हैं। पार्टी नेता और पदाधिकारी प्रचार में खूब पसीना बहा रहे हैं। उपचुनाव कांग्रेस के चारों प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य संवारने के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं।

अगर कोई प्रत्याशी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे तो इससे उनके राजनीतिक भविष्य में भी आंच आ सकती है। बताया जा रहा है कि मंडी संसदीय क्षेत्र और जुब्बल-कोटखाई विधानसभा उपचुनाव पर पार्टी नेताओं ने पैनी नजर है। दूसरी ओर, अर्की से संजय अवस्थी और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के भवानी सिंह पठानिया के राजनीतिक कॅरिअर को भी दोनों नेताओं की जीत और हार से जोड़कर देखा जा रहा है। देखना यह है कि सत्ता पक्ष भाजपा के उम्मीदवारों को कौन पराजित कर अपना भविष्य सुरक्षित करता है। 
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उपचुनाव: जनजातीय जिलों में बर्फबारी ने बढ़ाई राजनीतिक दलों की चिंता

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिलों में बर्फबारी ने राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर और भरमौर में ताजा बर्फबारी से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। मंडी संसदीय सीट के इन क्षेत्रों में वोटरों को घरों से निकालना अब आसान नहीं हैं। मौसम में आए बदलाव के बाद इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान माइनस में पहुंच गया है। अधिकतम तापमान में भी कमी दर्ज हुई है।

मंडी संसदीय सीट के तहत जिला किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और जिला चंबा का भरमौर क्षेत्र आता है। बीते दिनों इन क्षेत्रों में बर्फबारी होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चुनाव प्रचार भी खराब मौसम के चलते प्रभावित हुआ है। 30 अक्तूबर को मंडी संसदीय सीट के उपचुनाव के लिए मतदान होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचने के लिए राजनीतिक दलों के नेताओं को खूब पसीना बहाना पड़ेगा।

मतदाताओं को वोट देने के लिए मतदान केंद्रों तक पहुंचाना चुनाव आयोग के लिए भी आसान नहीं रहने वाला है। आने वाले दिनों में अगर मौसम खराब होता है तो मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इसके अलावा मंडी जिले के कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई है। चुनाव प्रचार के लिए इन क्षेत्रों में पहुंचना भी नेताओं के लिए चुनौती भरा कार्य है। बर्फबारी के चलते इन क्षेत्रों में अगर कम मतदान होता है तो राजनीतिक दलों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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शिमला: निजी शिक्षण संस्थान में नकल के लिए ताक पर नियम, निरीक्षक के साथ केंद्र अधीक्षक भी अपना

हिमाचल प्रदेश के निजी शिक्षण संस्थानों में नकल के लिए नियम ताक पर रख दिए हैं। जिला शिमला के एक निजी बीएड कॉलेज में बरती जा रही इस तरह की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस संस्थान में सोमवार को हुए एलएलबी के चौथे सेमेस्टर और बीएड की परीक्षा में परीक्षा निरीक्षक और केंद्र अधीक्षक संस्थान का अपना था। नकल की आशंका को समाप्त करने के लिए नियमों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अपने निरीक्षक और अधीक्षक होने चाहिए। जबकि आयोग की ओर से सोमवार को इस संस्थान में दी गई दबिश में नियमों की साफ तौर पर अनदेखी पाई गई। विनियामक आयोग ने विश्वविद्यालय के कुलपति को इस बाबत रिपोर्ट भेजते हुए कड़ाई बरतने की अपील की है।

राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि निजी बीएड कॉलेजों को नियमानुसार परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाता है। अगर किसी कारणवश परीक्षा केंद्र बनाए भी जाए तो वहां परीक्षा लेने के लिए एचपीयू की ओर से केंद्र अधीक्षक और निरीक्षक नियुक्त किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को आयोग की एक टीम ने जिला शिमला के एक निजी बीएड कॉलेज में दबिश दी। इस संस्थान में ली जा रही परीक्षा में बीएड कॉलेज के स्टाफ को ही केंद्र अधीक्षक और निरीक्षक नियुक्त किया गया था। आयोग अध्यक्ष ने बताया कि निजी संस्थान के अयोग्य स्टाफ को परीक्षा केंद्र में नियुक्ति नहीं दी जा सकती है। इस मामले पर कड़ा संज्ञान लिया गया है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर मामले की जानकारी दी गई है।
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कुल्लू: बर्फ में दौड़ने वाली फोर बाई फोर गाड़ियों की बढ़ी बिक्री

सर्दी के मौसम में हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू का अधिकतर क्षेत्र बर्फीला होने से घाटी में बर्फ के बीच चलने वाले फोर बाई फोर वाहनों का क्रेज बढ़ने लगा है। निजी क्षेत्र में फोर बाई फोर वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। कुल्लू में सालाना लगभग 100 से अधिक वाहन खरीदे जा रहे हैं। खासकर पर्यटन नगरी मनाली में इन वाहनों का प्रचलन अधिक बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि रोहतांग दर्रा के लिए जब से एनजीटी ने सख्ती दिखाई है तब से लेकर निजी क्षेत्र में फोर बाई फोर वाहनों में तेजी आई है। कुल्लू में सैकड़ों की संख्या में ऐसे वाहन हैं, जिन्हें लोग टैक्सी के रूप में इस्तेमाल कर खूब मुनाफा कमा रहे हैं। टैक्सी यूनियन मनाली के महासचिव संदीप ने कहा कि मनाली में सबसे अधिक निजी क्षेत्र में यह वाहन हैं।

जिनका प्रयोग पर्यटन सीजन के साथ बर्फबारी के दौरान पर्यटकों को ढोने में किया जाता है, जो गैर कानूनी है। मनाली में सैलानियों को ढोने की मकसद से निजी क्षेत्र में फॉर बाई फॉर वाहनों में एकाएक वृद्धि होने लगी है। 2014-15 के बाद रोहतांग दर्रा के लिए एनजीटी की ओर से सीमित वाहनों की संख्या को निर्धारित करने तथा अटल टनल बनने के बाद से इन वाहनों को संख्या में भारी वृद्धि हुई है। बर्फबारी में सैलानियों के फंसने के बाद उन्हें रेक्स्यू करने के लिए भी प्रशासन भी इन्हीं गाड़ियों की मदद लेता है। कुल्लू-मनाली का अधिकतर हिस्सा बर्फबारी वाला है। ऐसे में लोग फोर बाई फोर वाहनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह गाड़ियां बर्फबारी के साथ बर्फ के ऊपर आसानी से चलती हैं। इसके चारों टायर बर्फ में काम करते हैं।  

टैक्सी यूनियन में कम हो गए फोर बाई फोर वाहन 
कुल्लू। टैक्सी यूनियन में अधिकतर जिप्सियों का चलाया जाता है, लेकिन अब जिप्सियों को निर्माण नहीं होने से यूनियन में फोर बाई फोर वाहनों की संख्या में कमी आई है। जिप्सी छह से सात लाख में मिल जाती थी, लेकिन दूसरे फोर बाई फोर वाहन मंहगे हो गए हैं। 

एफडब्ल्यूडी, आरडब्ल्यूडी और फोर बाय फोर में यह है अंतर
स्नोव्यू ऑटोमोबाइल के महाप्रबंधक रिशांत वर्मा के अनुसार इंजन की पावर से टायर घूमते हैं। अधिकतर छोटी कारें फ्रंट व्हील ड्राइव होती हैं, इनमें इंजन से पावर अगले टायर को मिलती है। गाड़ी का अधिकतर भार अगले टायर पर होता है। रियर व्हील ड्राइव में इंजन की पावर पिछले टायर को मिलती है। इनमें अगले और पिछले टायरों को हिस्सा आपस में जोड़ता है। ऐसे वाहन कीचड़ और बर्फ पर नहीं फिसलते। 
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