Vrat Niyam : देवी देवताओं का व्रत करते समय जान लें उनसे जुड़े जरूरी नियम

धर्म डेस्क, अमरउजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Thu, 21 Oct 2021 01:13 PM IST

सार

यदि कोई भी व्रत नियमानुसार नहीं रखा जाता है तो उस व्रत का फल प्राप्त नहीं होता। व्रत में नियम और संयम बेहद जरूरी है। चलिए जानते हैं कि व्रत रखते समय किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। 
पूजा पाठ करते समय व्रत नियम
पूजा पाठ करते समय व्रत नियम - फोटो : istock
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

हिन्दू धर्म में 33 कोटि देवी-देवताओं की मान्यता है। हिन्दू धर्म के अनुयायी देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए पूजा अर्चना के साथ-साथ व्रत भी रखते हैं। सभी अनुयायियों की कामना रहते हैं कि ईश्वर या देवी-देवताओं की कृपादृष्टि उन पर बनी रहे। अपनी मनोकामनाएं, दुख परेशानियों और कष्टों से छुटकारा पाने के लिए भी व्रत का ही सहारा लिया जाता है ताकि कष्टों का निवारण हो सके। परंतु आजकल व्रत का अर्थ लोगों के लिए बदलता जा रहा है। आजकल व्रत तो लोग रखते हैं लेकिन उनसे जुड़े नियमों का ध्यान नहीं रखते। ऐसे में सबको चाहिए कि किसी भी देवी देवता के लिए रखे गए व्रत के नियमों को अच्छे से जान लेना बहुत जरूरी है। यदि कोई भी व्रत नियमानुसार नहीं रखा जाता है तो उस व्रत का फल प्राप्त नहीं होता। व्रत में नियम और संयम बेहद जरूरी है। चलिए जानते हैं कि व्रत रखते समय किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। 
विज्ञापन

पूजा पाठ व्रत नियम
पूजा पाठ व्रत नियम - फोटो : istock
व्रत रखते समय इन नियमों का रखें खास ध्यान 
  • व्रत रखने का सबसे पहला नियम यह है कि व्रत में पूरी तरह से ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। और मन में किसी भी प्रकार कि काम भावना नहीं लानी चाहिए। 
  • व्रत को हमेशा शुभ दिन और शुभ मुहूर्त में ही प्रारंभ किया जाना चाहिए, ताकि व्रत का संकल्प बिना किसी विघ्न के संपन्न हो सके। 
  • व्रत शुरू करते समय संकल्प लेना चाहिए कि संबंधित देवी-देवता का व्रत कितने दिनों तक करेंगे और किन नियमों का पालन करते हुए करेंगे, साथ ही व्रत का पारण भी करेंगे। 
  • व्रत रखते समय इस बात का भी ध्यान अवश्य रखें कि किसी भी देवी-देवता के लिए आप व्रत सिर्फ तभी रखेंगे जब आपकी अटूट श्रद्धा और विश्वास हो। 
  • व्रत के के दौरान साधक को इन 10 नियमों का सख्त पालन करना चाहिए। यह नियम हैं- क्षमा, सत्य, दया, दान, शौच, इन्द्रिय संयम, देवपूजा, अग्निहोत्र, संतोष तथा चोरी न करना। 
  • व्रत के दौरान दिन में सोना नहीं चाहिए बल्कि  अपने आराध्य की कथा, भजन, कीर्तन आदि करते रहें। 
  • गलती से भी यदि आपका व्रत टूट जाता है तो उसके लिए अपने आराध्य से क्षमा मांगें।  
  • यदि आपने व्रत पूर्ण कर लिए हैं तो पूरे विधि विधान से उसका पारण या उद्यापन करें।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00