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बुध का तुला राशि गोचर, जानें क्या होगा आपके जीवन पर प्रभाव
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Digital Edition

राहत: यूपी सरकार ने दी खुली जगहों पर शादी समारोह की अनुमति, इन शर्तों का करना होगा पालन

यूपी सरकार ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए खुले स्थानों पर वैवाहिक समारोह आयोजित करने की अनुमति दे दी है पर मेहमानों की संख्या वेन्यू (कार्यक्रम के स्थान) के क्षेत्रफल के अनुसार होगी। समारोह के मुख्य द्वार पर कोविड हेल्प डेस्क का होना जरूरी होगा।

वहीं, मंगलवार को टीम-9 के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जारी कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई में उत्तर प्रदेश सुरक्षित है। ट्रेस, टेस्ट और ट्रीटमेंट की रणनीति से जहां संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण बना है, वहीं 10 करोड़ 39 लाख 55 हजार वैक्सीन लगाकर उत्तर प्रदेश कोविड टीकाकरण में भी देश में प्रथम स्थान पर है।

टीकाकवर के लिए जागरूकता बढ़ी
विगत दिवस एक दिन में 36 लाख 68 हजार 183 लोगों को टीकाकवर मिला। यह देश के किसी राज्य में एक दिन में हुआ सर्वाधिक कोविड टीकाकरण है। इस सराहनीय कार्य के लिए स्वास्थ्यकर्मियों का विशेष अभिनन्दन। टीकाकवर के लिए आमजन की जागरूकता भी बढ़ी है।

यूपी में अब तक 8 करोड़ 42 लाख 80 हजार लोगों को पहली डोज लगी
अब तक प्रदेश में 8 करोड़ 42 लाख 80 हजार लोगों ने टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है। यह टीकाकरण के लिए पात्र प्रदेश की कुल आबादी के 57 फीसदी से ज्यादा है। दूसरी डोज लगाने के लिए विशेष अभियान की जरूरत है। इस दिशा में नियोजित कार्रवाई की जाए। वैक्सीन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए भारत सरकार से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

आईएएस अधिकारी के वीडियो से हड़कंप: कानपुर में परिवहन निगम के चेयरमैन धर्मांतरण के फायदे गिनाते दिखे, जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के चेयरमैन इफ्तिखारुद्दीन का विवादित वीडियो वायरल होने के मामले में यूपी सरकार ने भी जांच के आदेश दिए हैं। मामले में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा एसआईटी से जांच करने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। आपको बता दें कि आईएएस अधिकारी मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन का धर्मांतरण गैंग से कनेक्शन सामने आ रहा है। उनके सरकारी आवास पर उनकी मौजूदगी में धर्म परिवर्तन को लेकर तकरीरें की गईं। तकरीरों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसके बाद हड़कंप मच गया है। 

पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने जांच एडीसीपी पूर्वी सोमेंद्र मीणा को सौंप दी
आरोप है कि वीडियो में वरिष्ठ आईएएस दूसरे समुदाय के लोगों को कट्टरपंथ का पाठ पढ़ा रहे हैं।  वीडियो उनके आवास का बताया जा रहा है। मामले के तूल पकड़ने के बाद सोमवार को पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने वायरल वीडियो की जांच एडीसीपी पूर्वी सोमेंद्र मीणा को सौंप दी। उन्होंने बताया कि जांच में देखा जाएगा कि क्या वीडियो में कोई अपराध प्रदर्शित हो रहा है? या वरिष्ठ आईएएस की ओर से किसी नियम का उल्लंघन किया गया है?

मठ-मंदिर समन्वय समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भूपेश अवस्थी ने मुख्यमंत्री से शिकायत की 
इस मामले की दो दिन पहले ही मठ-मंदिर समन्वय समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भूपेश अवस्थी ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि वरिष्ठ आईएएस सनातन धर्म के विरुद्ध प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, जिससे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। 
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गैंगवार: रोहिणी कोर्ट में ढेर हुए राहुल के शव का फफूंडा में हुआ अंतिम संस्कार, लापरवाह रही पुलिस

दिल्ली स्थित रोहिणी कोर्ट में पुलिस की गोली से ढेर हुए राहुल उर्फ नितिन उर्फ केके का शव सोमवार देर रात उसके गांव फफूंडा में पहुंच गया। दिल्ली पुलिस शव को लेकर आई। इसकी जानकारी के बाद खरखौदा पुलिस गांव में पहुंची। मंगलवार सुबह शव का अंतिम संस्कार किया गया लेकिन इस दौरान पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई। मंगलवार सुबह राहुल के अंतिम संस्कार के दौरान जहां लोगों की भारी भीड़ रही, वहीं पुलिस नदारद रही।

बता दें कि शातिर अपराधी राहुल के परिवार को दिल्ली पुलिस ने खतरा बताया है। शनिवार को परिवार जब राहुल का शव लेने दिल्ली पहुंचा था तो पुलिस ने परिवार को वापस लौटा दिया था। दिल्ली पुलिस ने कहा था कि जितेंद्र मान उर्फ गोगी गैंग के बदमाश भी टिल्लू ताजपुरिया गैंग के बदमाशों को ढूंढ रहे हैं। गोगी की हत्या का बदला लेने के लिए उसके गुर्गे वारदात कर सकते हैं। राहुल का मेरठ में नेटवर्क भी खंगाला जा रहा है। हालांकि मेरठ पुलिस की जांच में सामने आया कि वह दिल्ली में वारदात करता था। फिलहाल वह टिल्लू गैंग से जुड़ा हुआ था।
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आरोप: गोरखपुर पुलिस की पिटाई से कानपुर के व्यापारी की मौत, होटल में मिला शव

गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां रामगढ़ताल इलाके के तारामंडल रोड पर स्थित कानपुर के बर्रा के व्यापारी मनीष गुप्ता (36) की सोमवार की देर रात रहस्यमय हाल में मौत हो गई। साथ में आए दोस्तों का आरोप है कि चेकिंग के नाम पर आधी रात आई पुलिस ने उसकी पिटाई कर दी जिससे बचने को वह भागा और गिरने से उसकी मौत हो गई। जबकि पुलिस का कहना है कि मनीष नशे में था और बिस्तर से उठते ही लड़खड़ा कर गिर गया जिससे मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं मामले में लापरवाही बरतने वाले प्रभारी निरीक्षक जगत नारायण सिंह व चौकी इंचार्ज सहित छह पुलिस कर्मी निलंबित कर दिए गए हैं।

 जानकारी के मुताबिक, कानपुर के बर्रा निवासी मनीष गुप्ता अपने दोस्त प्रदीप सिंह और हरवीर सिंह के साथ गोरखपुर घूमने आया था। सिकरीगंज के चंदन सैनी से तीनों की पुरानी दोस्ती थी। उसने ही कृष्णा पैलेस में अपने नाम पर रुम बुक कराया था। सोमवार की रात पुलिस चेकिंग करने के लिए पहुंची थी।

इस दौरान एक रुम में तीन लोगों के मौजूद होने पर कमरे में जाकर पुलिस चेकिंग करने लगी। इसी दौरान मनीष रहस्यमय तरीके से गंभीर रूप से जख्मी हो गया। आनन फानन पुलिस उसे लेकर जिला अस्पताल गई फिर मेडिकल कॉलेज लेकर गई। जहां पर उसकी मौत हो गई।
 
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अलीगढ़ मासूम मौत मामला: कहीं पानी में तो नहीं धुल गए दरिंदगी के सबूत, पोस्टमार्ट में सामने आया ये सच

मृतक व्यापारी।
अलीगढ़ जिले के गोंडा में अनुसूचित जाति की चार वर्षीया बच्ची की मौत कैसे हुई और मौत से पहले क्या घटित हुआ? यह सवाल अभी अनुत्तरित है। चूंकि बच्ची का शव रात भर दो फीट गहरे पानी में डूबा रहा, इसलिए पोस्टमार्टम में काफी कुछ साफ नहीं हुआ है। इसी वजह से मौत के अलावा दुष्कर्म आदि के अंदेशे पर विसरा के साथ-साथ स्लाइड सुरक्षित रखी गई है। स्लाइड जांच में साफ होगा कि उसके साथ दरिंदगी हुई या नहीं हुई।

ये हैं पोस्टमार्टम के तथ्य: बच्ची के शव का पोस्टमार्टम डॉ. अमित सिंह, डॉ. अभिषेक गुप्ता, डॉ. गीतांजलि व फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. कासिम के पैनल ने किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह तो स्पष्ट है कि बच्ची की मौत पानी में डूबने से हुई है। यह पुलिस जांच में साफ होगा कि उसे डुबोया गया या खुद डूबी। नाजुक अंग के बाह्य हिस्से या शरीर के अन्य हिस्से पर कोई चोट नहीं है। मगर अंदर हल्की चोट व रक्त के थक्के पाए गए हैं।
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फिरोजाबाद: कोरोना से ज्यादा डेंगू-बुखार ने बरपाया कहर, एक महीने में 223 मरीजों की हुई मौत

वैश्विक माहमारी कोरोना ने पूरी दुनिया में कोहराम मचाया। पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। फिरोजाबाद जिले में कई मरीजों को जान गंवानी पड़ीं, लेकिन आंकड़ों पर बात करें तो वायरल फीवर और डेंगू का डंक जिले में कोरोना की दोनों लहर से ज्यादा कई गुना घातक रहा। डेढ़ साल तक चली कोरोना की पहली और दूसरी लहर में सुहागनगरी में कुल 135 मौतें हुईं और 8718 मरीज संक्रमित मिले। 

वायरल फीवर और डेंगू के डंक से एक माह में ही 223 मौतें हो चुकी हैं। 26 अगस्त से शुरू हुए सौ शैय्या अस्पताल में एक माह करीब चार हजार से अधिक मरीजों को भर्ती किया जा चुका है। इससे ज्यादा मरीजों में डेंगू और वायरल की पुष्टि हुई। निजी क्लीनिकों और अस्पतालों में डेंगू और वायरल के मरीजों की संख्या सरकारी की अपेक्षा कई गुना ज्यादा है। 

गौंछ में एक और महिला ने तोड़ा दम
सोमवार को बुखार से पीड़ित एक और महिला ने दम तोड़ दिया। अब जिले में मृतकों की संख्या 223 हो गई है। नारखी के गांव गौंछ में नेहा (24) पत्नी देवेंद्र की रविवार देररात निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला को तीन दिन से बुखार आ रहा था। 
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यूपी में खुली जगहों पर हो सकेगी शादी, देखिए कैसे तय होगी मेहमानों की संख्या

यूपी: रुकेगी न फंसेगी, हर मिनट बरसाएगी 800 गोलियां, दुश्मन को 200 मीटर तक ढूंढकर मारेगी जेवीपीसी

यूपी पुलिस को आतंकियों व अपराधियों से लोहा लेने के लिए 5.56 एमएम की अत्याधुनिक ज्वॉइंट वेंचर प्रोटेक्टिव कारबाइन (जेवीपीसी) से लैस किया जा रहा है। 200 मीटर तक सटीक मार करने वाली इस कारबाइन से नाइट विजन कैमरे की मदद से रात में भी दुश्मन को ढूंढकर मारा जा सकता है। पहले चरण में 105 कारबाइन की खेप टेस्टिंग के बाद सोमवार को कानपुर की स्माल आर्म्स फैक्टरी से सीतापुर स्थित यूपी पुलिस के आयुध भंडार पहुंच गई हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इन्हें विभिन्न जनपदों में भेजा जाएगा।  

डीआरडीओ के आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान पुणे की ओर से डिजाइन व कानपुर की स्माल आर्म्स फैक्टरी में आयुध निर्माणी बोर्ड जेवीपीसी (सब मशीनगन) बनाई जा रही हैं। पूर्ण रूप से स्वदेशी इस कारबाइन का नाम मार्क अल्फा जेवीपीसी रखा गया है। सटीक लक्ष्य देने वाली यह कारबाइन फायरिंग के समय न फंसती है और न रुकती है। यह आधुनिकीकरण की दिशा में पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। 

सीतापुर स्थित यूपी पुलिस के आयुध भंडार प्रभारी एएसपी अजीजुल हक ने बताया कि रविवार को कई आर्म्स मोहर्रिर की टीम कानपुर की स्माल आर्म्स फैक्टरी भेजी गई थी। वहां टीम ने टेक्निकल परीक्षण के साथ ही फायरिंग टेस्ट भी किया। मानकों पर खरी उतरने के बाद पहली खेप सीतापुर पहुंच गई है। एएसपी ने बताया कि हेडक्वार्टर के निर्देश पर इसे विभिन्न जनपदों में भेजा जाएगा। 

केंद्रीय बलों की पहली पसंद है जेवीपीसी 
जेवीपीसी के पहले वर्जन को पैरा मिलिट्री फोर्स ने काफी उपयुक्त माना था। ऐसे में सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ व बीएसएफ अब अपने जवानों को नई जेवीपीसी से लैस कर रहा है। साथ ही नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ पुलिस को भी यही कारबाइन दी जा रही है।  
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