आगरा: मालखाने से चोरी के आरोप में पकड़े सफाई कर्मी की हिरासत में मौत, निरीक्षक सहित पांच निलंबित

अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 20 Oct 2021 08:16 AM IST

सार

आगरा में जगदीशपुर थाने के मालखाना से हुई 25 लाख की चोरी के मामले में हिरासत में लिए सफाईकर्मी की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस सफाईकर्मी से पूछताछ कर रही थी, इसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई। 
आगरा: अरुण की फाइल फोटो
आगरा: अरुण की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के थाना जगदीशपुरा के मालखाना से 25 लाख रुपये की चोरी में मंगलवार को हिरासत में लिए गए सफाई कर्मी अरुण (30) की बुधवार तड़के मौत हो गई। वाल्मीकि जयंती पर घटना से बवाल की आशंका पर अधिकारियों के होश उड़ गए। शहरभर में फोर्स तैनात की गई। मृतक के भाई सोनू ने पुलिस की कड़ाई और बदसलूकी से मौत का आरोप लगाते हुए अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। उधर, मामले में एसएसपी मुनिराज जी. ने क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग के निरीक्षक आनंद कुमार शाही, थाने के एक दरोगा योगेंद्र कुमार, सिपाही महेंद्र, सत्यम और रूपेश को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। 
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मालखाना में 17 अक्तूबर की रात चोरी हो गई थी
थाना जगदीशपुरा के मालखाना में 17 अक्तूबर की रात चोरी हो गई थी। चोर दरवाजे और बक्से का ताला तोड़कर 25 लाख रुपये ले गया था। इस मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक सहित छह को निलंबित किया गया था। पुलिस चोर की तलाश में लगी थी। पुलिस की विवेचना में अरुण का नाम सामने आया। वह लोहामंडी स्थित पुल छिंगामोदी, वाल्मीकि बस्ती के रहने वाला था। घटना के बाद से फरार था। पुलिस ने मंगलवार दोपहर आरोपी को हिरासत में ले लिया। उसे थाने लाकर पूछताछ की जा रही थी।

अरुण ने चोरी करना कबूल किया था
एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि अरुण ने चोरी करना कबूल किया था। रुपये घर में रखे होने के बारे में बताया। इस पर तड़के चार बजे पुलिस उसे घर लेकर गई। 15 लाख रुपये बरामद किए। बरामदगी के दौरान अरुण की तबीयत बिगड़ गई। इस पर पुलिस और परिजन अस्पताल ले गए, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम कराया गया है। परिवार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शाम तकरीबन साढ़े तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार पुलिस की मौजूदगी में कराया गया।

शहर भर में तैनात की पुलिस-पीएसी
उधर, अरुण की मौत के बाद वाल्मीकि समाज के संगठनों ने वाल्मीकि जयंती पर कोई भी कार्यक्रम नहीं करने का एलान कर दिया। बड़ी संख्या में लोग मृतक के घर और पोस्टमार्टम हाउस पर जुट गए। सपा और कांग्रेस के नेता भी पहुंच गए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। बवाल की आशंका के मद्देनजर शहर के कई इलाकों में पुलिस और पीएसी को तैनात कर दिया।  आगरा के अलावा मथुरा, एटा, फिरोजाबाद, कासगंज से भी फोर्स बुलाई गई। पुराने तेज तर्रार अधिकारी और निरीक्षक भी आगरा बुला लिए गए। इनमें कासगंज के एसएसपी बोत्रे रोहन प्रमोद भी शामिल रहे। सभी वाल्मीकि समाज के नेताओं से बातचीत में लगे रहे।

पुलिस की बदसलूकी से मौत का आरोप, अज्ञात पर हत्या का मुकदमा
थाना जगदीशपुरा में मृतक अरुण के भाई सोनू ने मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें लिखा कि मेरे भाई अरुण को थाने में चोरी के मामले में पुलिस पूछताछ करते हुए घर पर पैसे बरामदगी के लिए लाई थी। जब तलाशी व बरामदगी कर रहे थे, तभी अचानक अरुण की तबीयत खराब हो गई। हम व पुलिसवाले अस्पताल लाए थे, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस की कड़ाई और बदसलूकी से भाई मरा है। इस पर कार्रवाई की जाए। मामले में अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया है।

मां बोली, चोरी पुलिस ने की, मार दिया मेरा लाल
पोस्टमार्टम हाउस पर अरुण की मां कमला देवी का हाल बेहाल था। वह एक ही बात कह रही थीं कि थाने में पुलिस वालों ने चोरी की। मगर, मार दिया मेरा बेटा। थाने में पुलिस थी तो वो अकेला कैसे चोरी कर सकता है? वह पुलिसवालों के नाम बताने वाला था, इसलिए उसकी जान ले ली।

योगी सरकार के खिलाफ बोलने पर कांग्रेसियों की पिटाई
पोस्टमार्टम हाउस पर बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी परिवार के लोगों के साथ जुटे थे। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य कमल वाल्मीकि भी आए पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। मगर, सारी कवायद फेल हो गई। इसी बीच कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह मीनू अपने कार्यकताओं के साथ पहुंच गए। लोगों से बातचीत के दौरान एक कार्यकर्ता ने योगी सरकार के खिलाफ कुछ बोल दिया। इस पर विवाद हो गया। आरोप है कि इससे गुस्साए कुछ युवकों ने धक्का मुक्की कर दी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष को जमीन पर गिरा लिया। कार्यकर्ताओं की भी पिटाई लगाई। बाद में किसी तरह लोगों को अलग किया गया। 

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