राजस्व को लगा रहे चूना: आगरा में फिर से दौड़ने लगीं रोडवेज के रंग में रंगी बसें, यात्रियों को सफर में हो सकता है नुकसान

न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Sat, 25 Sep 2021 12:29 PM IST

सार

आईएसबीटी, ईदगाह और भगवान टाकीज से चल रहीं 30 से ज्यादा बसें, परिवहन निगम के बस अड्डों के सामने से सवारियों को उठा रहे हैं। करीब तीन महीने पहले विभाग ने अभियान चलाया था जिसे अब बंद कर दिया गया है।
आगरा: रोडवेज के रंग में रंगी बस
आगरा: रोडवेज के रंग में रंगी बस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

तीन माह पहले अभियान चलाकर बंद कराई गईं रोडवेज के रंग में रंगी बसें फिर से दौड़ने लगी हैं। आईएसबीटी, रामबाग, भगवान टॉकीज और ईदगाह से इस तरह की 30 से अधिक बसें चलाई जा रही हैं। यह बसें आगरा से दिल्ली, मथुरा, पलवल, फरीदाबाद, ग्वालियर, एटा, मैनपुरी तक चल रही हैं। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि यह बसें परिवहन निगम के बस अड्डों के सामने से सवारियां ढो रही हैं। 
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आईएसबीटी: बीच सड़क से भर रहे सवारियां
शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आईएसबीटी के सामने तिराहे पर मथुरा वाली रोड पर हरियाणा रोडवेज के रंग वाली बसें खड़ी मिलीं। बीच सड़क पर इन बसों में सवारियां बैठाई रही थीं। इसमें मथुरा, पलवल की सवारियां बैठ रही थीं। परिचालक आवाज लगा रहा था कि वह अन्य बसों से जल्दी पहुंचाएगा, जबकि इसके नजदीक ही खड़ी मथुरा डिपो की रोडवेज बस खाली थी। 


ईदगाह बस स्टैंड: कार्यशाला के सामने ही डग्गेमारी
दोपहर 2:00 बजे ईदगाह में ताज डिपो के सामने से ग्वालियर के लिए मध्य प्रदेश परिवहन निगम की सफेद नीली पट्टी की परिवहन निगम की फर्जी बस में सवारियां बैठाई जा रही थीं। बस ग्वालियर जा रही थी। इसी तरह की एक अन्य बस में ईदगाह की कार्यशाला के सामने से ही डग्गेमारी कर सवारियां बैठाई जा रही थीं। 

तीन माह पहले हुई थी धरपकड़
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार पुंढीर ने मई में रोडवेज के रंग में रंगी बसों को चिह्नित किया था। 60 बसें चिह्नित की गईं थीं। परिवहन की चेकिंग टीमों ने 20 से अधिक बसें बंद करवाई गईं। इसके बाद कुछ समय तक यह बसें बंद हो गईं थीं। अब फिर से इनका परिचालन शुरू हो गया है।
संयुक्त टीमें बनाएंगे
बस अड्डों के सामने से चलने वाली रोडवेज के रंग में रंगी फर्जी व डग्गेमार बसों की पहले धरपकड़ करवाई थी। अब दोबारा से संयुक्त टीमें बनाकर ऐसी बसों को बंद करवाया जाएगा। - मनोज कुमार पुंढीर, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम

इन बसों में सफर से नुकसान 
- फर्जी रोडवेज बसें जहां सवारी मिलती हैं, वहां रुक जाती है। इससे देरी से गंतव्य तक पहुंचाते हैं। 
- बस स्टैंड पर नहीं उतारते हैं। इन बसों को बस स्टैंड से दूर या हाईवे पर सवारियां उतारकर चल देते हैं। इससे यात्रियों को परेशानी होती है। 
- इन बसों से कोई हादसा होने पर मुआवजा भी मिलना मुश्किल होता है। 
- ज्यादातर बसों पर पार्टी परमिट होता है, जबकि यह एक-एक सवारियां ढोते हैं। कई दफा तो परमिट भी नहीं होता है। 
जैसा कि परिवहन विभाग के पीटीओ दिनेश कुमार ने बताया

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