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Mathura: जाली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार, देशभर में फैला है नेटवर्क

अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 09 Dec 2022 04:27 PM IST
सार

जाली नोट बनाने वाले गिरोह का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ है। गिरोह का सरगना पश्चिम बंगाल के मालदा का रहने वाला है। जीआरपी उसके बारे में जानकारी जुटा रही है। 

आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी देते जीआरपी एसपी मोहम्मद मुश्ताक
आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी देते जीआरपी एसपी मोहम्मद मुश्ताक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मथुरा जीआरपी ने जाली नोट बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। जीआरपी ने शुक्रवार को मथुरा जंक्शन से इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में दो राजस्थान के रहने वाले हैं। एक आरोपी बिहार का है,  जो कोच अटैंडर है। यह ट्रेन में जाली नोट लाने और ले जाने में मदद करता था। आरोपियों से डेढ़ लाख के जाली नोट और नोट छापने का पेपर बरामद हुआ है। पूछताछ में पता चला है कि गिरोह का सरगना पश्चिम बंगाल के मालदा का रहने वाला है। देशभर में उसका नेटवर्क फैला है। पकड़े गए शातिर ऑनलाइन सिक्योरिटी पेपर मंगाकर जाली नोट बनाते थे। 

ये आरोपी पकड़े गए 

  • कलीमुल्ला काजी निवासी सवाई माधोपुर, राजस्थान
  • मोहम्मद तकीम उर्फ तकी निवासी कोटा, राजस्थान
  • धर्मेंद्र निवासी कटिहार, बिहार

इन आरोपियों की तलाश

  • सनाउल निवासी मालदा, पश्चिम बंगाल
  • मुस्तफा निवासी मालदा पश्चिम बंगाल
  • जियाउल निवासी मालदा पश्चिम बंगाल
  • रौनक उर्फ मुकेश निवासी वाराणसी
  • दो अन्य 

आरोपियों से बरामद हुए जाली नोट
आरोपियों से बरामद हुए जाली नोट - फोटो : अमर उजाला

देशभर में फैला है गिरोह का नेटवर्क 

जीआरपी एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि आरोपी कलीमुल्ला टैक्सी चालक है। उसका साथी सनाउल है, जो पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। उसके कहने पर ही वह इस धंधे में आया। पूछताछ में पता चला है कि सनाउल और उसके साथी देशभर में जाली नोटों का धंधा करते हैं। सनाउल के कहने पर वह पश्चिम बंगाल गया था। जहां उसकी मुलाकात गिरोह के अन्य सदस्यों से हुई। उन लोगों ने उसे जाली नोट दिए, जो आसानी से चल गए। इसके बाद कलीमुल्ला भी गिरोह में शामिल हो गया। 

उसने अपने भांजे मोहम्मद तकीम को भी शामिल कर लिया। तकीम सिविल इंजीनियर है। आरोपी ने बताया कि मालदा काफी दूर होने के कारण बाद में उसने वहां जाने से मना कर दिया। इस पर सनाउल ने एक कंपनी का नाम और नंबर देकर बताया कि तुम लोग ऑनलाइन नकली नोट छापने के लिए सिक्योरिटी पेपर मंगाकर वाराणसी में गिरोह के सदस्य रौनक उर्फ मुकेश को देकर जाली नोट ले लेना। उसके बताए अनुसार कलीमुल्ला ई-कॉमर्स साइट अलीबाबा के माध्यम से कंपनी से ऑनलाइन सिक्योरिटी पेपर प्राप्त कर रौनक से जाली नोट लेकर आता था। 

कोच अटेंडर करता था मदद 

ट्रेन में सफर के दौरान उसकी मुलाकात कोच अटेंडर धर्मेंद्र से हुई। वह भी इस काम में शामिल हो गया। धर्मेंद्र सिक्योरिटी पेपर व जाली नोटों को एसी कोच के कम्पार्टमेंट में रखकर लाने ले जाने में मदद करता है। इससे कोई शक नहीं करता था। शुक्रवार को तीनों आरोपी रौनक से जाली नोट लेकर आ रहे थे। मुखबिर की सूचना पर जीआरपी ने मथुरा जंक्शन से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला है कि जाली नोट में बनाने में आरोपी जिस सिक्योरिटी पेपर का इस्तेमाल करते हैं, उसमें हरे रंग की सिक्योरिटी ग्रिड लगी है, जिसमें भारत व आरबीआई लिखा है। वाटर मार्क में गांधी जी की तस्वीर है।
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