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शरद पूर्णिमा पर कराएं श्री कृष्ण की विशेष पूजा, बांके बिहारी मंदिर, वृन्दावन 19 अक्टूबर 2021
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शरद पूर्णिमा पर कराएं श्री कृष्ण की विशेष पूजा, बांके बिहारी मंदिर, वृन्दावन 19 अक्टूबर 2021

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अलीगढ़ : आस्था के कत्ल में पति के साथ तीन लोग और थे

मेडिकल ऑफिसर डॉ. आस्था अग्रवाल की हत्या में पति के साथ मौका-ए-वारदात पर तीन लोग और मौजूद थे। इस बात के ठोस सुराग पुलिस के हाथ लग गए हैं। इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने कुछ संदिग्ध उठाए हैं और अरुण सहित अन्य आरोपियों की लोकेशन भी मिल गई है। इसी क्रम में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही हैं। सब ठीक रहा तो पांच दिन की साजिश के बाद हुई इस वारदात का सोमवार को खुलासा कर दिया जाएगा।
रमेश विहार में रहने वाली स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर तैनात डॉ. आस्था अग्रवाल का शव 13 अक्तूबर को उनके घर में फंदे पर लटकता मिला था। बाद में पता चला कि मंगलवार रात पति अरुण से झगड़े के बाद उनकी गला दबाकर हत्या की गई और घटना को आत्महत्या दर्शाने के लिए इस तरह शव लटकाया गया।
आस्था की बहन की ओर से दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस ने उसी दिन से अरुण की तेजी से तलाश शुरू कर दी। कासिमपुर पावर हाउस में राधिका ऑक्सीजन प्लांट के संचालक अरुण और आस्था को लेकर पुलिस ने जब जांच शुरू की तो इस घटना में तमाम रहस्य उजागर होते चले गए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आया कि अरुण ने करीब पांच दिन पहले इस वारदात की साजिश रचना शुरू किया। इसी क्रम में उसने अपने प्लांट से दो तीन दिन पहले ही आनन-फानन में माल बेचा है। अपने साथ तीन अन्य लोगों को आस्था की हत्या के लिए तैयार किया। वारदात के वक्त वे तीन लोग भी घर में ही मौजूद थे।
हालांकि, पुलिस को यह भी स्पष्ट हो गया है कि वे तीन लोग कौन थे। मगर पुलिस उनकी गिरफ्तारी होने तक इस तथ्य पर पर्दा डाले हुए है। झगड़े के दौरान बच्चों को दूसरे कमरे में बंद किया गया और फिर आस्था को मौत के घाट उतारा गया।
हत्या के बाद अरुण बच्चों को लेकर पहले कासिमपुर प्लांट की ओर भागा। मगर बाद में उसे बच्चों की सुध आई तो फिर बच्चों को अपने भाई के घर छोड़कर दिल्ली की ओर गया। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस को अरुण व उसके साथियों की सटीक लोकेशन मिल गई है।
इस आधार पर पुलिस की चार टीमें अलग-अलग शिमला, चंडीगढ़, दिल्ली और अपने जिले में रविवार देर रात तक दबिश दे रही थीं। संकेत हैं कि पुलिस गिरफ्तारी व खुलासे के बेहद करीब है। सब ठीक रहा तो सोमवार को खुलासा कर दिया जाएगा। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय इतना ही बताते हैं कि इस वारदात में काफी कुछ हाथ लग गया है। जल्द खुलासा कर दिया जाएगा।
लगता है बच्चों को डराया, इसलिए ज्यादा नहीं बोले
अब तक जो साक्ष्य पुलिस को मिले हैं और जो बातें बच्चों ने बताई हैं। उनमें काफी कुछ मिलान तो है, मगर बच्चों ने घर में घटना के समय तीन अन्य लोगों के होने की बात छिपाई है। इससे पुलिस मान रही है कि बच्चों को इतना डराया गया कि वे कुछ बताने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं।
इसे लेकर पुलिस का मानना है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के बयान के आधार पर बच्चों से एक बार फिर पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। बच्चों को सही बोलने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हो सकता है कि बच्चों के बयान से तथ्यों का स्पष्ट मिलान हो जाए।
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अलीगढ़ः गांव दतावली में मिले बुखार के 124 मरीज

बरला थाना क्षेत्र के गांव दतावली में स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाकर 373 मरीजों की जांच की। 124 बुखार के मरीज मिले। मरीजों को एंबुलेंस से छर्रा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजकर भर्ती कराया गया है। मलेरिया की 68 जांच रैपिड किट से की गई, जिसमें पांच लोग धनात्मक पाए गए हैं। एलाइजा टेस्ट के लिए 13 सैंपल लिए गए हैं। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने स्वयं गांव जाकर मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। इसके साथ ही गांव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि गांव में गंदगी है । घर-घर जांच में 10 जगह डेंगू का लार्वा मिला है। फॉगिंग एवं एंटी लार्वा का छिड़काव गांव में किया जा रहा है। सफाई व्यवस्था के लिए सचिव इंद्रजीत एवं प्रधान सुरेश से कहा गया है। सचिव द्वारा जेसीबी मंगाकर गांव की सफाई कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त मलखान सिंह जिला अस्पताल एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के इमरजेंसी में उपचार के लिए 200 से अधिक मरीज पहुंचे, जिसमें 160 से अधिक बुखार के मरीज थे। दीनदयाल चिकित्सालय में रविवार को 40 एवं मलखान सिंह जिला अस्पताल में 10 से अधिक मरीज भर्ती किए गए हैं। ... और पढ़ें

अलीगढ़ः गांव दतावली पहुंची विशेषज्ञों की टीम, डेंगू से नहीं हुई लोगों की मौत

गंगीरी के दतावली गांव में बुखार से आठ लोगों की मौत की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों की टीम गांव में जांच करने पहुंची। विभाग का दावा है कि डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है। सरसरी जांच में तीन बच्चों सहित पांच की मौत का कारण तीव्र ज्वर बताया गया है।
मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार, पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. रोहित गोयल, ईपीडिमियोलोजिस्ट डॉ. शोएब एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ ने घर-घर जाकर बुखार से हुई मृत्यु का सत्यापन किया। जांच टीम का कहना है कि भूदेवी पत्नी विष्णु शर्मा (80 वर्ष) की मृत्यु स्वाभाविक एवं वृद्धावस्था के कारण हुई है। गर्विता उर्फ जैमी पुत्री राजवीर (8 वर्ष) की मृत्यु का कारण डिपथिरिया था। शाइस्ता पत्नी शाकिर (38 वर्ष) की मृत्यु का कारण ओवेसिटी के साथ डायबिटीज एवं मल्टीपिल आर्गन डिस्फंक्शन है। विशाल पुत्र नेत्रपाल (14 वर्ष), राखी पुत्री राम अवतार (11 वर्ष), प्रीति पुत्री महीपाल सिंह (18 वर्ष), अजय कुमार पुत्र राकेश पाल (23 वर्ष), विनोद पुत्र रामपाल (36 वर्ष) की मृत्यु का कारण एक्यूट फेब्राईल इलनेश है। जांच टीम का कहना है कि कोई भी मृत्यु डेंगू से नहीं हुई है।
शहर से देहात तक बुखार का प्रकोप
शहर से लेकर गांवों तक में बुखार का प्रकोप है। अकराबाद थाना क्षेत्र के सीहोर में बुखार से तीन लोगों की मौत हुई थी। गांव में काफी लोग बुखार की चपेट में आए थे। अब गांव दतावली एवं मढ़ौली में कई लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सफाई दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डेंगू की पुष्टि एलाइजा टेस्ट के बाद ही करते हैं। हालात यह है कि 24 घंटे में जिला अस्पताल में मुश्किल से 92 और किसी-किसी दिन 180 लोगों की जांच हो पाती है। जांच की पॉजिटिव रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग स्वीकार नहीं करता है। कुछ चिकित्सक ही विभाग के रवैये से संतुष्ट नहीं हैं। सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय का कहना है कि हम अधिक से अधिक एलाइजा टेस्ट की कोशिश कर रहे हैं। सीएचसी एवं पीएचसी से नमूने मंगाकर जांच किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरोधात्मक कार्रवाई युद्धस्तर पर जारी है।
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लोगों को रूढ़ियों और अंधविश्वास से बाहर निकाला सर सैयद ने : जस्टिस ठाकुर

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा कि इतिहास में बहुत कम लोगों ने रूढ़िवादिता और अंधविश्वास से लोगों को बाहर निकालने में जीत हासिल की है। इनमें सर सैयद अहमद खान का नाम भी शामिल है। वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद अहमद खां की 204वीं जयंती पर आयोजित सर सैयद दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि ऑनलाइन कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सर सैयद का एक सिविल सोसाइटी का विचार, स्वदेशी आधुनिकता का उनका मॉडल आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना पहले था। यह दिन आत्म विश्लेषण, आत्मनिरीक्षण और भारत के मूल्यों के प्रति विश्वास को समर्पित है।
जस्टिस ठाकुर ने कहा कि ऐसे समय में जब सभी देश परमाणु हथियार रखने की होड़ में लगे हैं, ऐसे में सर सैयद का शांतिपूर्ण सह अस्तित्व का संदेश आज पहले से कहीं अधिक अर्थपूर्ण और प्रासंगिक है। एएमयू इस दुनिया को जीने के लिए एक बेहतर स्थान बनाने के लिए विविधता और समावेश की सकारात्मक भूमिका निभा रहा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्वीकार करते हुए एएमयू को मिनी इंडिया की संज्ञा दी थी। सर सैयद हिंदू-मुस्लिम एकता के महान चैंपियन थे। सर सैयद के धर्म निरपेक्षता और समावेशिता के विचार एएमयू के काम करने और संचालन के तरीके में प्रतिबिंबित होते हैं। यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि जिस संस्था की उन्होंने स्थापना की थी, वह उनकी उम्मीदों पर खरी उतरी है।
इस मौके पर प्रो. नाजिया हसन, प्रो. मोहम्मद जफर महफूज नोमानी, छात्रा सिदरा नूर (बीए अंग्रेजी), यासिर अली खान (पीएचडी) ने सर सैयद अहमद खान की शिक्षा, दर्शन, कार्य व मिशन पर विचार व्यक्त किए। संचालन डॉ. फायजा अब्बासी व डॉ. शारिक अकील ने किया। स्टूडेंट वेलफेयर के डीन प्रो. मुजाहिद बेग ने धन्यवाद ज्ञापित किया। ऑनलाइन कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के कोषाध्यक्ष पद्मश्री हकीम सैयद जिल्लुर रहमान, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मुजीब उल्लाह जुबैरी, वित्त अधिकारी प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान, प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली, कार्यवाहक रजिस्ट्रार एसएम सुरूर अतहर आदि शामिल हुए।
लेखन व ज्ञान की शक्ति को गले लगाना चाहिए : प्रिंस इजुद्दीन
सर सैयद दिवस समारोह के मानद अतिथि सैफी अस्पताल ट्रस्ट व सैफी बुरहानी अपलिफ्टमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रिंस डॉ. कायद जोहर इजुद्दीन ने एएमयू के विद्यार्थियों को नवीन विचारों और नवाचार के साथ अपना भाग्य खुद लिखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज में महत्वपूर्ण जगह बनाने के लिए दूरदर्शी और उद्यमी बनें।
सर सैयद के कार्यों ने बदल दिया इतिहास : कुलपति
एएमयू के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि सर सैयद, एक बहुआयामी व्यक्तित्व के स्वामी थे, जिनके कार्यों ने 19वीं सदी के उत्तरार्ध के दौरान इतिहास को बदल दिया। इस युग को कई प्रकार की उथल-पुथल से जाना जाता है। इसी बीच असाधारण प्रतिभा, व्यापक ज्ञान, स्पष्ट दृष्टि और दूरदर्शिता वाले सर सैयद अहमद खान ने देशवासियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि एएमयू में कई नए कोर्स शुरू हो गए हैं। जल्द ही एमबीबीएस सीटों की संख्या 150 से बढ़ाकर 200 कर दी जाएगी।
डॉ. फ्रांसिस व प्रो. नारंग को मिला सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार
मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस ठाकुर ने लंदन विश्वविद्यालय में प्रसिद्ध ब्रिटिश इतिहासकार व दक्षिण एशिया के इतिहास के प्रो. फ्रांसिस क्रिस्टोफर रोलैंड राबिन्सन और प्रख्यात भारतीय सिद्धांतकार पद्म भूषण व साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. गोपी चंद नारंग को क्रमश: अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय श्रेणियों में सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। प्रो. फ्रांसिस को प्रशस्ति पत्र व दो लाख रुपये और प्रो. गोपी चंद नारंग को प्रशस्ति पत्र के साथ एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
मेरे काम को सराहा : प्रो. फ्रांसिस
अंतरराष्ट्रीय श्रेणी में सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त करते हुए प्रो. फ्रांसिस राबिन्सन ने कहा कि सर सैयद अंतरराष्ट्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त करना एक सम्मान की बात है। यह उनके लिए बहुत मायने रखता है कि उनके काम को पढ़ा, समझा और महत्व दिया है।
सर सैयद का जीवन एक खुली किताब था: प्रो. नारंग
राष्ट्रीय श्रेणी में सर सैयद उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित प्रो. गोपी चंद नारंग ने कहा कि सर सैयद ने शिक्षा के माध्यम से सुधार लाने के लिए अपना जीवन समर्पित करने का फैसला किया।सर सैयद चाहते थे कि भारतीय आधुनिक विज्ञान में रुचि लें। सर सैयद का जीवन एक खुली किताब था और उन्होंने सभी धर्मों के लोगों के लिए एमएओ कॉलेज के दरवाजे खुले रखे।
इन्हें मिला पुरस्कार
सर सैयद दिवस पर गणित विभाग के प्रो. कमरुल हसन अंसारी को गणित के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए विज्ञान श्रेणी में उत्कृष्ट शोधकर्ता पुरस्कार-2021 से सम्मानित किया गया। डॉ. मोहम्मद जैन खान (सहायक प्रोफेसर, रसायन विज्ञान विभाग), डॉ. मोहम्मद तारिक (सहायक प्रोफेसर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग) को विज्ञान श्रेणी में यंग रिसर्चर्स पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। डॉ. मोहम्मद अरशद बारी (सहायक प्रोफेसर, शारीरिक शिक्षा विभाग) को मानविकी और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में यंग रिसर्चर्स पुरस्कार दिया गया।
निबंध लेखन प्रतियोगिता में रजा रहे अव्वल
एएमयू जनसंपर्क कार्यालय की ओर से ‘सर सैयद इंटरफेथ डायलॉग के नायक’ विषय पर आयोजित अखिल भारतीय निबंध लेखन प्रतियोगिता में एएमयू बीएएलएलबी के छात्र रजा हैदर जैदी अव्वल रहे, उन्हें 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। दूसरा पुरस्कार राजिब शेख (बीएए दारुल हुदा इस्लामिक यूनिवर्सिटी, पश्चिम बंगाल) को मिला। तीसरे स्थान पर अब्राहम हादी (एएमयू) रहे। इनके अलावा स्टेट टॉपर्स में मोहम्मद यासिर जमाल किदवई (बीएससी, एएमयू) उप्र, अनिर्बान नंदा (पीएचडी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई महाराष्ट्र), श्रींजय रूप सरबधिकारी (बीएससी, मौलाना अबुल कलाम आजाद यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, सिमहट, नादिया, पश्चिम बंगाल), मरियम मकसूद (पीएचडी, श्री वेंकटेश्वर फार्मेसी कॉलेज, हाईटेक सिटी रोड, हैदराबाद, तेलंगाना), वंशिका बहनाल (शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी जम्मू एंड कश्मीर) व शादाब आलम (बीयूएमएस, आयुर्वेदिक एंड यूनानी तिब्बिया कॉलेजए करोल बाग, नई दिल्ली), आमना (बीए, पीएसएमओ कॉलेज, तिरुरंगडी, मालप्पुरम, केरल), मोहम्मद आशीर (बीएए जामिया मदीना, थुन्नूर मरकज गार्डन, केरल), चेन्नासमुद्रम चेन्ना केसावुलु और मायदुकुरु पूजा (अन्नमाचार्य कॉलेज ऑफ फार्मेसी, राजम्पेटए कडपा केडी फॉर्मा) ने आंध्र प्रदेश से पुरस्कार साझा किया।
दो पुस्तकों का विमोचन
सर सैयद दिवस पर प्रो. आसिम सिद्दीकी, डॉ. राहत अबरार व डॉ. फायजा अब्बासी की संपादित ‘ए हिस्ट्री ऑफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (1920-2020) ए सेंटेनरी पब्लिकेशन व हुमा खलील की ‘द एल्योर ऑफ अलीगढ़: ए पोएटिक जर्नी इन द यूनिवर्सिटी सिटी’ पुस्तक का विमोचन किया गया।
सर सैयद की मजार पर चादरपोशी
फज्र (सुबह) की नमाज के बाद यूनिवर्सिटी की मस्जिद में कुरान पाठ किया गया। इसके बाद कुलपति प्रो. तारिक मंसूर मंसूर ने यूनिवर्सिटी के अन्य शिक्षकों और पदाधिकारियों के साथ सर सैयद अहमद की मजार पर चादरपोशी की गई।इसके बाद में कुलपति ने सर सैयद हाउस में मौलाना आजाद पुस्तकालय और सर सैयद अकादमी की ओर से आयोजित सर सैयद अहमद खान से संबंधित पुस्तकों और तस्वीरों की ऑनलाइन प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
आज एएमयू वर्ल्ड एल्युमिनाई मीट
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की ओर से सोमवार सात बजे आयोजित ऑनलाइन वर्ल्ड एल्युमिनाई मीट-2021 के मुख्य अतिथि फोर्टिस एस्कार्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष व प्रख्यात हृदय सर्जन डॉ. अशोक होंगे।
एएमयू पूर्व छात्र मामलों की समिति के अध्यक्ष प्रो. एमएम सूफियान बेग ने बताया कि ऑनलाइन कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. तारिक मंसूर करेंगे। इस वर्ष सम्मेलन का विषय ‘महामारी उपरांत समय में अवसर और चुनौतियां’ हैं। उन्होंने कहा कि विशिष्ट अतिथि प्रो. तलत अहमद कुलपति कश्मीर विश्वविद्यालय श्रीनगर, डॉ. शहीर खान संस्थापक एएमयू नेटवर्क सैन फ्रांसिस्को अमेरिका, इंजी. फैसल सलीम स्मार्ट ड्राइव प्रोग्राम मैनेजर फीनिक्स अमेरिका, मिस हुमा खलील होंगी।
 कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य न्यायधीश जस्टिस तीरथ सिंह।
कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्य अतिथि पूर्व मुख्य न्यायधीश जस्टिस तीरथ सिंह।- फोटो : CITY OFFICE
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चादरपोशी करते एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर व अन्य। विज्ञप्ति चादरपोशी करते एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर व अन्य। विज्ञप्ति

अलीगढ़ः धूमधाम से निकली अग्रसेन शोभायात्रा, लगे जयकारे

श्री अग्रवाल युवा संगठन की ओर से रविवार को हर्षोल्लास के साथ महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव का आयोजन किया गया। सुबह महायज्ञ के साथ महोत्सव शुरू हुआ। इसके बाद अभिनंदन समारोह हुआ। यहां अग्र ज्योति पत्रिका के 28वें अंक का विमोचन किया गया। दोपहर दो बजे से धूमधाम से महाराजा अग्रसेन की शोभायात्रा निकाली गई। बैंड की धुन पर श्रद्धालुओं ने नृत्य किया और महाराजा अग्रसेन के जयकारे लगाए।
महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव का शुभारंभ रविवार सुबह अग्रसेन चौक पर महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके हुआ। इसके बाद यहां महायज्ञ हुआ। मुख्य यजमान के रूप में मुकेश सिंघल व रीमा सिंघल के साथ अग्र बंधु ने देश की सुख-समृद्धि के लिए आहूतियां दीं। इसके बाद अभिनंदन समारोह में अतिथियों का स्वागत सम्मान कर अग्र ज्योति पत्रिका के 28वें अंक का विमोचन किया गया। दोपहर में धूमधाम से समाज ने महाराजा अग्रसेन की शोभायात्रा निकाली गई। सबसे आगे 18 राजकुमार घोड़ों पर सवार होकर चल रहे थे। मां लक्ष्मी, राधा-कृष्ण, मां सरस्वती, सिंदूरी हनुमानजी की सवारी चल रही थी। दिल्ली के जिया बैंड और महाराष्ट्र के पीएसएम बैंड पर समाज के लोग झूमते हुए साथ चल रहे थे।
अंत में महाराजा अग्रसेन जी का डोला चल रहा था। शहर में जगह-जगह महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने महाराजा अग्रसेन शोभायात्रा का स्वागत फूल बरसाकर किया। इसके बाद आरती उतारकर भोग प्रसादी लगाई और मिष्ठान का वितरण किया। शोभायात्रा अग्रसेन चौराहे से मामू भांजा, गांधीपार्क चौराहा, आर्य समाज मंदिर, अचलताल होते हुए रामलीला ग्राउंड पर पहुंची। यहां समाज के लोगों ने अग्रसेन महाराज की आरती उतारकर जयंती महोत्सव का समापन किया।
काली का रहा आकर्षक प्रदर्शन
- शोभायात्रा में शामिल काली के स्वरूप ने तलवारबाजी का आकर्षक प्रदर्शन किया। इस मौके पर अग्र समाज के कई लोगों ने भी तलवारबाजी की। इस दौरान काली के साथ सेल्फी खिंचाने की होड़ भी लगी रही।
सूक्ष्म रूप से निकाली गई शोभायात्रा
- कोरोना काल की वजह से सन 2020 में अग्रसेन शोभायात्रा नहीं निकली थी। सूक्ष्म रूप में कोरोना प्रोटोकॉल के साथ अग्रसेन सेवा सदन में अभिनंदन समारोह का आयोजन हुआ था। कोरोना संक्रमण का खतरा कम हुआ तो इस बार सूक्ष्म रूप में सात झांकियों के साथ शोभायात्रा निकाली गई, जबकि विगत वर्षों में 40 से 45 झांकियां शामिल होती थीं।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कोषाध्यक्ष अंकित गुप्ता स्वास्तिक, उपमंत्री अंकित अग्रवाल, मीडिया प्रभारी एडवोकेट प्रशांत अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सीए लोकेश अग्रवाल, सीए निगम अग्रवाल, डॉ. प्रतीक अग्रवाल, ऋ षभ गर्ग, दुर्गेश अग्रवाल, आशीष अग्रवाल कोठी, निदेशक भव्य अग्रवाल, राहुल गोयल, सीए प्रखर गर्ग, आकाश गर्ग, विवेक अग्रवाल, शोभित अग्रवाल, नितेश अग्रवाल, मोहित अग्रवाल, आकाश अग्रवाल, सोनू अग्रवाल, शरद बंसल, राहुल गर्ग, अंकुर अग्रवाल, अभिनव अग्रवाल, पीयूष तायल, दिव्यांश अग्रवाल, पुनीता गर्ग बालाजी, कल्पित अग्रवाल, शौर्य अग्रवाल, अनुल गर्ग, सागर अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
बारिश में भीगकर
- शोभायात्रा जैसे ही अचलताल क्षेत्र में पहुंची। वैसे ही शाम सात बजे के आसपास अचानक बारिश शुरू हो गई। ऐसे में कुछ लोग तो बारिश से बचते दिखे। लेकिन बैंड-बाजा की धुन के साथ ही आयोजकों और श्रद्धालुओं का उत्साह और भी बढ़ गया। महाराजा अग्रसेन के जयकारे लगाकर पदाधिकारियों ने शोभायात्रा को जारी रखा। रामलीला मैदान पर पहुंचकर शोभायात्रा का समापन किया। हालांकि, इस दौरान हवा चलने पर लोगों को ठंड भी लगने लगी।
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एएमयू में कार सवार युवकों की हरकत से तनाव, नारे लगाए

सर सैयद डे पर रविवार रात शराब के नशे में धुत कार सवार तीन युवकों की हरकत ने एएमयू कैंपस का माहौल तनावपूर्ण कर दिया। कार सवार इन युवकों को बाब-ए-सैयद के रास्ते कैंपस से बाहर निकलने पर सुरक्षाकर्मियों ने रोका तो कहासुनी के बीच भड़काऊ नारे लगा दिए। इसको लेकर वहां पर भीड़ जमा हो गई। खबर पर पहुंची पुलिस तीनों को हिरासत में लेकर थाने आ गई। प्रॉक्टर कार्यालय ने तीनों के खिलाफ तहरीर दे दी है। देर रात तीनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी।
वाकया रात करीब साढ़े ग्यारह बजे का है। नैनो कार सवार तीन युवक शोरशराबा करते हुए पुरानी चुंगी साइड से कैंपस में अंदर होकर बाब-ए-सैयद से बाहर निकल रहे थे। तभी गेट पर सुरक्षाकर्मियों ने इन्हें रोक लिया। सुरक्षाकर्मियों ने बेवजह हंगामा करने की वजह पूछी तो आरोप है कि इन युवकों ने कहासुनी के बीच भड़काऊ नारे लगा दिए। इससे वहां हंगामे के हालात बन गए और काफी संख्या में भीड़ जमा हो गई। चूंकि, वहां पहले से पुलिस तैनात थी। इसलिए प्रॉक्टोरियल टीम की सूचना पर इंस्पेक्टर सिविल लाइंस पहुंच गए। तीनों युवकों को पकड़ कर थाने लाया गया। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय ने बताया कि नशे में धुत कार सवार इन युवकों पर टोकने पर विवाद पैदा करने और नारे लगाने का आरोप है। तीनों हिरासत में हैं। तीनों पूछताछ में बाहरी पता चल रहे हैं। इनमें एक रामघाट रोड, एक गांधीपार्क इलाके का है। बेवजह हंगामा करने में कार्रवाई की जाएगी। प्रॉक्टर वसीम अली के अनुसार, तीनों के खिलाफ प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से तहरीर भेजी गई है। उनके द्वारा रोकटोक करने पर नारे लगाए गए हैं। यह बात ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने बताई है।
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अलीगढ़ः बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के विरोध में प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदुओं की निर्मम हत्या एवं नोआखली में इस्कॉन मंदिर पर हमले के विरोध में बजरंग दल एवं अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सासनी गेट चौराहे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब एक घंटे तक यहां यातायात बाधित रहा।
बांग्लादेश में दो हिंदुओं की हत्या एवं नोआखली जिले में इस्कॉन मंदिर पर हमले की खबर से बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। कार्यकर्ता सुबह सासनी गेट चौराहा स्थित काली मंदिर के पास इकट्ठा हुए और नारेबाजी की। इस्कॉन की कीर्तन मंडली के सदस्य भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
करीब एक घंटे तक ' हरे राम, राम-राम हरे-हरे और जय श्रीराम ' का जयघोष होता रहा है। भीड़ को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस पहुंच गई थी। काफी समझाने के बाद बजरंग दल कार्यकर्ता शांत हुए। बजरंग दल के गौरव शर्मा ने बताया कि हम लोगों की मंशा सड़क जाम करने की नहीं थी। काफी लोग जुट गए और आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान जाम में फंसी एंबुलेंस को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने निकाला। वहीं, सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक चयन परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों को निकलने दिया गया। शहर में 23 केंद्रों पर परीक्षा हो रही है। प्रदर्शन के दौरान शेखर शर्मा, अशोक चौधरी, अमित भारद्वाज, कर्नल निशीथ सिंघल, योगेंद्र गोदानी, अजय गुप्ता, रितेश, अजय सिंह आदि मौजूद थे।
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अलीगढ़ः रेल रोको आंदोलन आज, पुलिस अलर्ट

सासनी गेट चौराहे पर प्रदर्शन करते बजरंग दल के कार्यकर्ता।
भारतीय किसान यूनियन (स्वराज) के राष्ट्रीय आह्वान पर अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर सोमवार 18 अक्तूबर को रेल रोको आंदोलन होगा। जिसमें जनपद से संगठन के पदाधिकारी कार्यकर्ता व किसान बंधु सहभागिता करेंगे।
हरियाणा के प्रदेश प्रभारी एवं संगठन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने बताया कि किसान आंदोलन को तेज करने के लिए रेल रोको आंदोलन को सफलता से पूरा किया जाएगा। गत दिवस अलीगढ़ पुलिस प्रशासन द्वारा संगठन के पदाधिकारियों को नजरबंद किया जाना सरकार की तानाशाही नीतियों को दर्शाता है। सरकार के दबाव में अफसर भी किसी भी स्तर तक कार्रवाई कर रहे हैं। भाकियू स्वराज के किसान सदैव शांतिपूर्ण ढंग से संवैधानिक नीतियों को मानते हुए गांधीवादी मार्ग पर चलते हुए हक की लड़ाई लड़ते आएं हैं, लेकिन सरकार लोकतंत्र की हत्या कर हठधर्मिता पर उतारू हो रही है।
इधर, जीआरपी और आरपीएफ ने इस आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए है। आसपास से भी फोर्स मंगवाया गया है। रात से ही गश्त बढ़ा दी गई है। आरपीएफ इंस्पेक्टर चमन सिंह तोमर ने कहा है कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम कर दिए गए हैं। किसान भाइयों को समझा कर ट्रेनों में व्यवधान नहीं डालने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद भी यदि आंदोलन होता है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी।
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अलीगढ़ : नलकूप पर सो रहे किसान को चाकू से गोदा, मौत

शनिवार की रात गांव शादीपुर में धान की रखवाली के लिए नलकूप पर सोए किसान पर किसी ने चाकू से हमला किया। गर्दन व चेहरे पर कई वार किए और मरा समझकर चला गया। रविवार की सुबह गांव के लोगों ने उसे लहूलुहान देखकर परिवार वालों को खबर दी। इसके बाद गंभीर हालत में परिवार वाले अलीगढ़ शहर के निजी अस्पताल में ले गए जहां दोपहर में घायल किसान ने दम तोड़ दिया।
गांव शादीपुर निवासी 32 वर्षीय किसान महेश पुत्र स्व. ढालचंद्र उर्फ पातीराम का गांव से करीब पांच सौ मीटर दूर ही नलकूप है। दो दिन से धान की पिटाई चल रही थी। नलकूप पर रखे धान की रखवाली के लिए शनिवार की रात वह नलकूप के पास ही खेत पर चारपाई पर सोए थे। रात में किसी ने उन्हें चाकू से गोदा और भाग निकला।
रविवार की सुबह करीब सात बजे गांव के कुछ लोग अपने खेतों में निराई करने जा रहे थे तब महेश को लहूलुहान को देखकर परिवार वालों को जानकारी दी। मृतक के भतीजे आकाश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनकी हत्या से पत्नी व बेटे का रोकर बुरा हाल था।
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अलीगढ़ः किसान अपनी मांगों के वास्ते ज्ञापन दे, रास्ता न रोके

तीन नये कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वह अपनी मांग के समर्थन में शांतिपूर्ण तरीके अपनाए। अनावश्यक रूप से रास्ता अवरुद्ध न करें। इससे आम लोगों की असुविधा होती है । जाम में फंसने के कारण लोगों के जरूरी काम नहीं हो पाते हैं। आम जनता भी किसान परिवारों से है । उनका भी ख्याल रखना होगा। जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि किसान अपनी मांग के समर्थन में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर ज्ञापन दें। जिसे संबंधित पटल तक पहुंचाया जाएगा।
रविवार को खैर मंडी गेट पर धान मूल्य को निर्धारित करने के लिए तथाकथित किसानों के हंगामे से आम जनमानस को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। लंबे जाम में फंसे लोगों का कसूर सिर्फ इतना था कि वह आम नागरिक थे। तथाकथित किसान आंदोलन के कारण जन सामान्य पहले भी परेशान है। यदि किसान हर छोटी बड़ी मांग को मनवाने के लिए मनमानी पर आमादा रहते हैं तो इस तरह की परेशानी आम बात होगी। किसानों को समझना होगा कि वह अपनी बात को शांति ढंग से भी कह सकते हैं।
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अलीगढ़ : 40 किलो वजनी, 12 फुट लंबा अजगर मिला, गंग नहर में छोड़ा

हरदुआगंज थाना क्षेत्र के एटावली गांव में रविवार को 40 किलो वजनी और 12 फीट लंबा अजगर मिलने से कई घंटों तक अफरातफरी का माहौल रहा। वन विभाग की टीम ने उसको पकड़ कर गंग नहर में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया है।
जिला वन अधिकारी रवींद्र वशिष्ठ ने बताया कि इस मौसम में सुरक्षित ठिकानों की तलाश में सांप, अजगर, छिपकली अंधेरी जगहों की तलाश में भटकते हैं। इसी तरह से अजगर गांव में किसी घर में छिपने के लिए पहुंच गया था। ग्रामीणों ने उसको मारा नहीं बल्कि विभाग को सूचना दी। विभागीय टीम ने उसको पकड़ा और गंग नहर में सुरक्षित इलाके में छोड़ दिया।
उन्होंने बताया कि ठंडे रक्त वाले ये जानवर इस मौसम में अक्सर अपने प्रवास के लिए सुरक्षित जगह ढूंढने के लिए निकलते हैं। सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचने के बाद छह महीने तक हायबरनेशन (प्रवास) में चले जाते हैं। रविवार को पकड़ा गया अजगर आसपास के इलाके से गांव में पहुंचा था। इसका वजन 40 किलो और लंबाई लगभग 12 फुट थी। जहां पर इसको छोड़ा गया है, वहां पहले से ही कछुए, मछली और अन्य जानवर हैं, जिससे इसको पर्याप्त खाना भी मिल पाएगा और सुरक्षित रहेगा।
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अलीगढ़ : पंचायत में पिता की हत्या का आरोपी बेटा भेजा गया जेल

महुआ खेड़ा थाना क्षेत्र के गांव मूसेपुर जलाल में शनिवार की दोपहर संपत्ति विवाद में चल रही पंचायत में पिता की हत्या का आरोपी बेटा देर रात गिरफ्तारी के बाद रविवार को जेल भेज दिया गया। उसे पुलिस ने पानखानी रोड से उस समय दबोचा, जब वह खेतों से निकलकर बाईपास पहुंच रहा था और वहां से कई और भागने की तैयारी में था। इस दौरान उसने गुस्से में पिता की हत्या स्वीकारी है और हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कराया है।
यह वाकया शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे का है। जब गांव मूसेपुर जलाल के किसान सुनील व उनके बेटे सूरज में जमीन बेचने को लेकर चल रहे विवाद की रिश्तेदार व परिवार के सदस्य पंचायत कर रहे थे। गांव के बाहर नलकूप पर चल रही पंचायत के बीच गुस्से में सूरज ने तमंचे से गोली मारकर अपने पिता की हत्या कर दी थी।
इसके बाद वह बाजरे की फसल में होकर भाग गया था। पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। सूरज ने अंधेरा होने पर खेतों में से निकलकर भागने की प्लानिंग बनाई। इसी बीच वह पानखानी के रास्ते बाईपास पर जा रहा था। तभी किसी मुखबिर की मदद से पुलिस को खबर मिल गई और देर रात उसे दबोच लिया गया।
सीओ द्वितीय मोहसिन खान के अनुसार पकड़े गए आरोपी ने स्वीकारा कि उसके पिता जमीन बेचना चाहते थे। वह इस बात का विरोध कर रहा था। इसी गुस्से में उसने पिता की हत्या कर दी। आरोपी से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया गया है। रविवार को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।
नौकर की हत्या में फरार आरोपियों के कुर्की नोटिस चस्पा
मडराक क्षेत्र में नामचीन कारोबारी के नौकर की हत्या में फरार चल रहे आरोपियों के घरों पर पुलिस ने रविवार को कुर्की नोटिस चस्पा किए हैं। इंस्पेक्टर कुलदीप कुमार सिंह ने बताया कि 12 अगस्त को चौहट्टा नगला निवासी आशीष शर्मा की अपहरण कर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में पुलिस ने सासनीगेट क्षेत्र के राम विहार कॉलोनी निवासी विनीत जादौन व मृतक की पत्नी सरोज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसमें रोरावर के अमरपुर कोंडला निवासी शिवा ठाकुर व प्रदीप फरार चल रहे हैं। न्यायालय ने इनके खिलाफ कुर्की नोटिस जारी किए थे। ये नोटिस रविवार को चस्पा करा दिए गए हैं। इस दौरान मुनादी कराकर चेतावनी भी दी गई कि अगर ये जल्द हाजिर नहीं हुए तो कुर्की कराई जाएगी। ब्यूरो
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अलीगढ़ : कांग्रेस नेता की बहू की दहेज के लिए हत्या, बेटा गया जेल

महानगर के पुराने कांग्रेस नेता बसंत शर्मा उर्फ गुरु की पुत्रवधु की मौत के बाद उनका परिवार दहेज हत्या के आरोप में फंस गया है। राजस्थान में पत्नी संग रह रहे कांग्रेस नेता के इंजीनियर बेटे व परिवार पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बाकी आरोपियों की नामजदगी को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
घटनाक्रम के अनुसार, मामू भांजा निवासी बसंत शर्मा का बेटा राहुल राजस्थान के अलवर जिले के भिवाड़ी में एक निजी कंपनी में बतौर इंजीनियर सेवारत है। राहुल की शादी 11 नवंबर 2016 को अवंतिका कॉलोनी एलआईजी 36, क्वार्सी निवासी केंद्रीय सेवा से रिटायर्ड कमलेश शर्मा की बेटी रुचि संग हुई थी। कमलेश शर्मा का आरोप है कि शादी के बाद से उनकी बेटी को ससुराल में दहेज के लिए परेशान किया जाने लगा। कुछ दिनों बाद राहुल रुचि के साथ भिवाड़ी के टपुकड़ा क्रिश सिटी स्थित आवास में रहने लगा।
आरोप के अनुसार, वाकया 29 सितंबर 2021 की रात का है, जब राहुल अलीगढ़ से अपने परिवार से मिलकर गया और वहां जाकर रुचि संग मारपीट की। इसके बाद रुचि ने अपने पिता को फोन किया। पिता ने कहा कि वे सुबह पहुंच रहे हैं। मगर, कुछ ही देर में बेटी की मौत हो गई। उनका आरोप है कि बेटी को मारकर फंदे पर लटकाया गया है। कमलेश शर्मा की तहरीर पर टपुकड़ा थाने में राहुल के अलावा उनके पिता, मां व बहन के खिलाफ दहेज हत्या व साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
रुचि के अधिवक्ता भाई विनय के अनुसार, सुबह वहां पहुंचकर उन्होंने पुलिस को तहरीर दी और पोस्टमार्टम आदि के बाद शव को अपने साथ अलीगढ़ लेकर आए। रुचि की ढाई साल की बेटी माही भी है। उसे भी अपने पास ले आए हैं। उधर, मुख्य आरोपी राहुल को टपुकड़ा पुलिस ने जेल भेज दिया है। बता दें कि रुचि अपने मां-बाप की दो संतानों में अकेली बेटी थी। एक छोटा भाई है। उसकी मौत के बाद परिवार का हाल बेहाल है।
आरोप निराधार हैं, सच्चाई की जांच कर रही पुलिस : बसंत गुरु
इस घटना को लेकर बसंत गुरु ने कहा कि उनके बेटे व परिवार पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। पुलिस सच्चाई की जांच कर रही है। घटना वाले दिन बेटा अलीगढ़ में अपने मित्र का मेडिकल में इलाज कराकर गया था। यहां से नातिन के लिए हमने कुछ सामान दिया था।
उसके पहुंचते ही वहां विवाद शुरू हो गया। इसके बाद रात में यह घटना हुई। खुद हमारे बेटे ने ही पुलिस को खबर देकर बुलाया था। खबर पर यहां से हम लोग व बहू के मायके पक्ष के लोग पहुंचे थे। भिवाड़ी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बेटे को जेल भेजा है, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों को पुलिस ने जमानत पर घर भेजा है। जांच के बाद सच सामने आएगा।
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