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Prayagraj Police Commissionerate : शहर के भी होंगे दो भाग, जिले को चार जोन में बांटने के लिए चल रहा मंथन

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 04 Dec 2022 05:23 AM IST
सार

एक जोन में पुराना शहर और दूसरे जोन में शेष हिस्सा आएगा। जबकि दो अन्य जोन गंगापार व यमुनापार में होंगे। इसी तरह अब तक चर्चा इस बात की थी जनपद में तीन सर्किल बढ़ेगी। लेकिन अब मंथन इस बात पर भी हो रहा है कि सर्किल की संख्या 15 कर दी जाए। 

Prayagraj News :  मातहतों के साथ बैठक करते पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा।
Prayagraj News : मातहतों के साथ बैठक करते पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

आयुक्त प्रणाली लागू होने के बाद से नवगठित कमिश्नरेट में तीन-तीन जोन बनाए जाने की चर्चा जोरों पर रही। लेकिन अब इस व्यवस्था में भी बदलाव की तैयारी है। सबकुछ प्लानिंग के मुताबिक रहा, तो जनपद चार जोन में बंटेगा। इनमें से दो जोन शहर में होंगे। 




इनमें से एक जोन में पुराना शहर और दूसरे जोन में शेष हिस्सा आएगा। जबकि दो अन्य जोन गंगापार व यमुनापार में होंगे। इसी तरह अब तक चर्चा इस बात की थी जनपद में तीन सर्किल बढ़ेगी। लेकिन अब मंथन इस बात पर भी हो रहा है कि सर्किल की संख्या 15 कर दी जाए। 



यानी मौजूदा व्यवस्था में चार सर्किल और बढ़ा दी जाए। इनमें से दो सर्किल शहर में जबकि एक-एक सर्किल देहात क्षेत्र में बढ़ाने की बात पर विचार विमर्श चल रहा है। इसी तरह कुछ थाना जो भौगोलिक रूप से बहुत बड़े हैं, उन्हें विभाजित कर एक और थाना स्थापित करने की योजना पर विचार चल रहा हैै। प्रारंभिक स्तर पर अभी जिन क्षेत्रों में थाने बनाए जाने के मुद्दे पर विचार विमर्श चल रहा है, उनमें धूमनगंज, कर्नलगंज व मेजा शामिल हैं। 

...इसलिए बदलाव की तैयारी
प्रस्तावित व्यवस्था में बदलाव पर मंथन की वजह कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने के उद्देश्यों की पूर्ति करना है। दरअसल प्रस्तावित व्यवस्था में जनपद में तीन जोन बनाए जाने की बात है। अफसरों का मानना है कि भले ही इसमें सीपी व एसीपी का पद बढ़ जाए, लेकिन यह व्यवस्था कमोबेश पूर्व की तरह की लगेगी। जानकारों का कहना है कि कमिश्नरेट लागू करने का उद्देश्य फरियादियों की अफसरों तक पहुंच को और सुलभ बनाना है। 


देर रात तक चली बैठक में गहन मंत्रणा 
उधर नए पुलिस आयुक्त रमित शर्मा ने शुक्रवार देर रात एक बार फिर राजपत्रित अधिकारियों संग बैठक की। इसमें कमिश्नरेट में लागू होने वाली व्यवस्था को लेकर गहन मंत्रणा की गई। भौगोलिक स्थिति के आधार पर क्षेत्रवार संसाधनों की उपलब्धता पर भी विचार-विमर्श किया गया। 
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