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Prayagraj : गड्ढों में तब्दील शास्त्री पुल की सतह की मरम्मत शुरू, एक लेन पर आवागमन बंद

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 02 Oct 2022 08:17 PM IST
सार

भारी वाहनों के दबाव से गड्ढों में तब्दील हो चुकी शास्त्री सेतु की सड़क की मरम्मत पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-तीन ने रविवार को शुरू करा दी। प्रयागराज से वाराणसी ही नहीं, पूरे पूर्वांचल को जोड़ने वाले इस अहम सेतु की मरम्मत न होने से आए दिन हादसे हो रहे थे।

Prayagraj News :  शास्त्री सेतु प्रयागराज।
Prayagraj News : शास्त्री सेतु प्रयागराज। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

गड्ढों में तब्दील शास्त्री पुल की मरम्मत का काम रविवार को आरंभ हो गया। इसी के साथ प्रयागराज से वाराणसी की ओर जाने वाली लेन पर यातायात पखवारे भर के लिए बंद कर दिया गया। इस सेतु की दूसरी लेन से यातायात चालू रखा गया है, ताकि दुर्गापूजा, दशहरा के मेलार्थियों को किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। हालांकि, पहले दिन ही एक लेन बंद करने के बाद पुल पर कई बार लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। 




भारी वाहनों के दबाव से गड्ढों में तब्दील हो चुकी शास्त्री सेतु की सड़क की मरम्मत पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-तीन ने रविवार को शुरू करा दी। प्रयागराज से वाराणसी ही नहीं, पूरे पूर्वांचल को जोड़ने वाले इस अहम सेतु की मरम्मत न होने से आए दिन हादसे हो रहे थे। दशक भर पहले पुल की सतह की मरम्मत कराई गई थी। इसके बाद सिर्फ  गड्ढों को भरने की रस्म अदायगी ही की जाती रही है।

ऐसे में लगातार भारी और ओवरलोड वाहनों के आवागमन की वजह से इस पुल की सतह क्षतिग्रस्त होकर गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई। इस सेतु की क्षतिग्रस्त सड़क बनाने की योजना पिछले वर्ष ही तैयार कर ली गई थी। लेकिन, बारिश से पहले रूट डायवर्जन न मिल पाने की वजह से यह प्रस्ताव लटक गया था। गंगा पर शास्त्री पुल की नींव वर्ष 1966-67 में रखी गई थी। बाद में इस पुल को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का नाम दे दिया गया।

खराब बेयरिंग और ज्वाइंट एक्सपेंशन की भी अब होगी मरम्मत
शास्त्री पुल से गुजरने वाली जीटी रोड पड़ोसी राज्य बिहार और पश्चिम बंगाल को भी संगमनगरी से जोड़ती है। लेकिन, समुचित रखरखाव के अभाव में इस पुल के जहां कई पिलर और ज्वाइंट एक्सपेंशन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, वहीं इसकी बेयरिंग भी कई बार खिसकने से बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है। अफसरों के मुताबिक उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम को इसके पिलर और बेयरिंग समेत अन्य तकनीकी पक्षों को लेकर रीमॉडलिंग की योजना बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। अफसरों का कहना है कि इस पुल के ज्वाइंट एक्सपेंशन और पिलर की भी मरम्मत जल्द ही आरंभ करा दी जाएगी।


शास्त्री सेतु की मरम्मत का काम शनिवार से ही होना था, लेकिन मशीनों के न आ पाने की वजह से इसे एक दिन और बढ़ाना पड़ा। पखवारे भर में एक लेन की मरम्मत पूरी कराने के बाद दूसरी लेन बंद की जाएगी और उसे दुरुस्त कराया जाएगा। इस सेतु की मरम्मत के लिए महीने भर का लक्ष्य रखा गया है। - अजय कुमार गोयल, एक्सईएन-पीडब्ल्यूडी-तृतीय खंड
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