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रबर फैक्टरी : चार साल में 120 करोड़ बढ़ी देनदारी, अब चार सौ करोड़ का दावा ठोका

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 06 Oct 2022 02:30 AM IST
सार

बताया जा रहा है कि 1454 कर्मचारियों में से 11 कर्मचारियों के दस्तावेज अधूरे हैं। उधर, बॉम्बे हाईकोर्ट में भी कोरोना की वजह से सुनवाई शुरू नहीं हो सकी।करीब चार साल बाद जुलाई में बॉम्बे हाईकोर्ट के ऑफिशियल लिक्विडेटर ने फैक्टरी मालिक, पक्षकार, बैंक और याचिकाकर्ता सभी की संयुक्त बैठक बुलाई थी। कहा कि जिन 11 कर्मचारियों के दस्तावेज अधूरे हैं, उनके भुगतान में दिक्कत होने पर वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।

400 crore claim on rubber factory
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विस्तार

बरेली। बंद पड़ी रबर फैक्टरी की जमीन पर मालिकाना हक के फैसले से पहले कर्मचारियों ने करीब चार सौ करोड़ की देनदारी का दावा ठोका है। मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के ऑफिशियल लिक्विडेटर के पास सभी दस्तावेज भी जमा करा दिए हैं। बताया जा रहा है कि 1454 कर्मचारियों में से 11 कर्मचारियों के दस्तावेज अधूरे हैं। इस कारण उनका क्लेम मंजूर होने में अड़चन आ रही है।

कर्मचारियों के भुगतान संबंधी प्रकरण पर 2018 में पक्षकारों के साथ तत्कालीन एडीएम एफआर की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। उस दौरान कर्मचारियों ने 280 करोड़ की देनदारी की मांग करते हुए बतौर साक्ष्य सभी दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। बैठक में मौजूद रहे श्रम विभाग के अधिकारियों ने भी इस मांग पर सहमति जताई थी। इसके बाद कमिश्नरी सभागार में सभी पक्षकारों की बैठक कर अंतिम रूप से विचार कर देनदारी की धनराशि को स्वीकृति देनी बाकी थी लेकिन कुछ अधिकारियों के तबादलों की वजह से बैठक नहीं हो सकी। उधर, बॉम्बे हाईकोर्ट में भी कोरोना की वजह से सुनवाई शुरू नहीं हो सकी।

करीब चार साल बाद जुलाई में बॉम्बे हाईकोर्ट के ऑफिशियल लिक्विडेटर ने फैक्टरी मालिक, पक्षकार, बैंक और याचिकाकर्ता सभी की संयुक्त बैठक बुलाई थी। इसमें कर्मचारियों की देनदारी पर सहमति बनी थी लेकिन भत्तों के भुगतान से इन्कार कर दिया गया। सभी कर्मचारियों के वेतन संबंधी दस्तावेज मांगे गए थे। करीब चार सौ कर्मियों के अधूरे रिकॉर्ड को दुरुस्त कराकर देने को कहा गया था।
चार साल का ब्याज जोड़कर मांगा भुगतान
साल 2018 में तय हुई 280 करोड़ की देनदारी अब करीब चार सौ करोड़ तक जा पहुंची है। एस एंड सी कर्मचारी यूनियर के महासचिव अशोक मिश्रा के मुताबिक सभी कर्मचारियों की बकाए पर चार साल के ब्याज के साथ भुगतान की मांग की गई है। इसके साथ एलाउंस और दूसरी मद भी जोड़ी गई हैं जो फैक्टरी बंद होने से पहले दी जा रही थीं। फैक्टरी बंद होने के दौरान कर्मचारियों को सवेतन अवकाश पर भेजा गया था। ऐसी घोषणा नहीं की गई थी कि एलाउंस नहीं मिलेगा। लिहाजा इसे भी देनदारी में शामिल किया गया है।
सीडी, पैन ड्राइव और हार्ड कॉपी भी सौंपी
बॉम्बे हाईकोर्ट के ऑफिशियल लिक्विडेटर को कर्मचारियों के ज्वॉइनिंग लेटर, जन्म तिथि, आधार कार्ड, वेतन के कंपनी रजिस्टर की कॉपी, मृतक कर्मचारियों के प्रमाण पत्र, डीएलसी की स्टेटस रिपोर्ट की हार्ड कॉपी सौंपी गई है। 1432 कर्मचारियों के दस्तावेज रखरखाव में अड़चन न रहे इसलिए सीडी, पैन ड्राइव में स्कैन कॉपी भी दी है। ऑफिशियल लिक्विडेटर को दस्तावेज उपलब्ध कराते समय महासचिव अशोक मिश्रा, प्रमोद कुमार और अधिवक्ता अकबर निहाल रिजवी मौजूद रहे। कहा कि जिन 11 कर्मचारियों के दस्तावेज अधूरे हैं, उनके भुगतान में दिक्कत होने पर वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।

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