रेल रोको आंदोलनः पटरियों तक पहुंचने से पहले ही गिरफ्तार किए गए किसान

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 19 Oct 2021 02:12 AM IST
गिरफ्तार कर पुलिस लाइन में बैठाए गए किसान।
गिरफ्तार कर पुलिस लाइन में बैठाए गए किसान।
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बरेली। संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी रेल रोको आंदोलन के चलते सोमवार को जिले में जगह-जगह प्रदर्शन हुए। हालांकि आंदोलन के चलते ट्रेन संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। ट्रेन रोकने के लिए पटरियों की ओर जाने के दौरान ही किसानों को बीच रास्ते से गिरफ्तार कर लिए गया। जिले में एक भी जगह किसान पटरियों तक पहुंचने में कामयाब नहीं हो पाए।
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लखीमपुर-खीरी प्रकरण में केंद्रीय मंत्री की बर्खास्तगी की मांग को लेकर सोमवार को किसान संगठनों ने रेल रोको आंदोलन का एलान किया था। किसानों के आंदोलन को लेकर सोमवार को पूरा दिन पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। किसान रेलवे स्टेशन तक न पहुंच पाएं, इसके लिए जगह-जगह बैरीकेड लगाने के साथ भारी संख्या में पुलिस फोर्स भी तैनात रहा। ट्रेन रोकने जंक्शन की ओर से जा रहे किसान एकता संघ से जुड़े किसानों को जंक्शन से पहले ही गिरफ्तार कर सुभाषनगर थाने ले जाया गया। भारतीय किसान यूनियन ने रेल रोको आंदोलन के तहत गन्ना विभाग के दफ्तर में सभा का आयोजन किया। विरोध सभा में किसानों ने लखीमपुर घटना में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी की भूमिका संदिग्ध बताते हुए उन्हें तत्काल केंद्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की। सभा के बाद दोपहर दो बजे जैसे ही किसानों ने रेलवे जंक्शन की ओर कूच किया मौके पर तैनात पुलिस ने किसानों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भिजवाया दिया। देर शाम तक निगरानी में रखने के बाद पटरियों की ओर न जाने के वादे पर किसानों को रिहा किया गया।

अलर्ट रहा प्रशासन
किसानों के रेल रोको आंदोलन को लेकर पूरा दिन पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर रहा। आंदोलन को देखते हुए जीआरपी ने जंक्शन, बरेली सिटी समेत सभी रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार पर बैरीकेडिंग कर दी। जंक्शन के मुख्य प्रवेश द्वार पर दिनभर जीआरपी के जवान तैनात रहे। दोपहर में एसपी सिटी रवीन्द्र कुमार भी जंक्शन पर निरीक्षण को पहुंचे।
किसानों की बातचीत
‘लखीमपुर प्रकरण को सरकार दबाने का प्रयास कर रही है। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। वीडियो में साफ है कि किसानों को जानबूझकर कुचला गया। इसके बाद भी मंत्री पर सरकार कोई कार्रवाई नहीं की गई।’
- राकेश कुमार
‘लखीमुपर की घटना सभ्य समाज के माथे पर कलंक है। किसानों को बर्बर तरीके से गाड़ी से कुचल देना जघन्य अपराध है। घटना के दोषियों को सरकार बचाने का प्रयास कर रही है।’
- वशीर खान
‘लखीमपुर खीरी घटना के पीछे केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी की भूमिका है। मंत्री के बेटे की गाड़ी से ही किसानों को कुचला गया। इसके बावजूद अब तक मंत्री को बर्खास्त न करना सरकार के किसान विरोधी चेहरे को उजागर करता है।’ - सुनील बालियान
‘संयुक्त किसान मोर्चा की मांग है कि लखीमपुर खीरी प्रकरण में जो भी दोषी हैं, तत्काल गिरफ्तारी हो। सरकार अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर केंद्रीय मंत्री को बचा रही है। जब तक केंद्रीय मंत्री को बर्खास्त नहीं किया जाता है, हमारा आंदोलन चलता रहेगा।’
- ढाकन लाल गंगवार

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