मिर्जापुर में सनसनीखेज वारदात: लोहा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या, भीड़ ने आरोपी को भी पीटकर मार डाला

अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 23 Sep 2021 10:06 AM IST

सार

मिर्जापुर के ददरा बाजार स्थित दुकान में घुस कर लोहा व्यवसायी सत्यम को बदमाश ने गोली मारी और भागने लगा। मौके पर सत्यम की मौत हो गई। भागने के क्रम में बदमाश एक निर्माणाधीन मकान में छिप गया। भीड़ ने उसे पीट-पीटकर उसे मार डाला। 
आरोपी की पिटाई करती भीड़
आरोपी की पिटाई करती भीड़ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

यूपी के मिर्जापुर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर हत्या की सनसनीखेज वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। मड़िहान थाना क्षेत्र के ददरा बाजार में बुधवार की दोपहर किसी बात पर विवाद के बाद बदमाश ने लोहा व्यवसायी की दुकान में गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद एक मकान में छिपे आरोपी को भीड़ ने पुलिस के सामने ही पीटकर मार डाला।
विज्ञापन


सूचना पर डीआईजी आरके भारद्वाज, डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार, एसपी अजय सिंह पहुंच गए। व्यवसायी की हत्या की वजह का पता नहीं चल सका। क्षेत्र निवासी सत्यम पटेल (26) लोहा व्यवसायी था। वह बुधवार को अपनी दुकान में बैठा था। इस दौरान दोपहर करीब दो बजे पहुंचे ऋषभ पांडेय (27) निवासी करौंदा से किसी बात को लेकर उसका विवाद हो गया।


आरोप है कि इस दौरान ऋषभ ने तमंचे से फायरिंग कर दी। इसमें सत्यम को दो गोलियां लगीं। सत्यम को लोग सीएचसी ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उधर, आरोपी भाग कर पास ही एक मकान में छिप गया।

उसका पीछा कर पहुंची भीड़ ने मकान को घेर लिया और शटर तोड़कर आरोपी को बाहर निकालकर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडे व धारदार हथियार से पिटाई शुरू कर दी। सूचना पर मड़िहान पुलिस पहुंची पर उनके सामने भी पिटाई होती रही। इसके चलते आरोपी ऋषभ की भी मौत हो गई। घटना की वजह का पता नहीं चल सका।

सत्यम और ऋषभ का गांव पांच-छह किलोमीटर की दूरी पर है। ऋषभ के पिता वीरेंद्र पांडेय के अनुसार, मंगलवार को सत्यम और उसके दोस्तों ने ऋषभ की पिटाई की थी। हो सकता है कि इसी वजह से उसने यह कदम उठाया हो। उधर, मौके पर फोर्स तैनात कर दी गई है।

 एसपी अजय कुमार सिंह ने कहा कि लोहा व्यवसायी सत्यम की एक युवक ने गोली मारकर हत्या कर दी। भीड़ ने आरोपी युवक की पिटाई कर दी। अस्पताल ले जाने पर उसकी भी मौत हो गई। मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। 
पढ़ेंः महंत नरेंद्र गिरि ने गंगा में मूर्ति विसर्जन का किया था विरोध, काशी से था गहरा लगाव

हत्यारोपी ने महिला को बना लिया था बंधक

मड़िहान थाना क्षेत्र के ददरा बाजार में बुधवार की दोपहर लोहा कारोबारी सत्यम को गोली मारने के बाद ऋषभ तमंचा लहराते हुए घटनास्थल से कुछ दूर स्थित अनादि विश्वकर्मा के घर में घुस गया। सीढ़ियों से ऊपर जाकर छत के रास्ते घर के पड़ोस में स्थित डॉ. जसवंत मौर्या के मकान में कूद गया। वहां एक महिला को बंधक बनाकर कमरे में बंद कर दिया। जब घर के बाहर भीड़ जुटने लगी तो खुद को घिरा देखकर उसने खुद को दूसरे कमरे में बंद कर लिया।

उधर, भीड़ सीधे अनादि विश्वकर्मा के घर पहुंची, क्योंकि लोगों ने हत्यारे को उनके घर में घुसते देखा था। अनादि से बदमाश को बाहर निकालने को कहा जाने लगा। अनादि के बार बार कहने के बावजूद कि वह उनके घर में नहीं है आक्रोशित भीड़ कुछ सुनने को तैयार नहीं थी।

पहले अनादि से ही लोगों ने विवाद कर लिया। बाद में कुछ लोगों ने घर में घुसकर खुद तलाशी ली और उसके न मिलने पर बगल के घर में गए। वहां से ऋषभ को पकड़कर बाहर निकाला। तब तक बगल में कोटे की दुकान की चल रही चयन प्रक्रिया में मौजूद पुलिसकर्मी भी सूचना पर पहुंच गए। पुलिस के सामने ही ऋषभ की पिटाई की गई।

मां के सामने ही सत्यम को मारी गोली

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसी बात को लेकर सत्यम और ऋषभ के बीच दुकान में तू-तू मैं-मैं हुआ और मामला मारपीट तक पहुंच गया। शोर शराबा सुनकर कुछ दूर स्थित घर के बाहर बैठी सत्यम की मां भी पहुंच गई। सत्यम और ऋषभ झगड़ते हुए सड़क पर आ गए। वहीं पर मां की आंखों के सामने ही ऋषभ ने सत्यम के सीने में दो गोली उतार दी।

इससे पहले कि मां को कुछ समझ आता ऋषभ वहां से भाग गया। सत्यम दो भाइयों में छोटा था। बड़ा भाई शाहगंज रोड पर फर्नीचर की दुकान चलाता है। चर्चा है कि सत्यम और ऋषभ पहले मित्र रहे हैं। दोनों अविवाहित हैं। किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया था। कुछ साल पहले सत्यम के पिता ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

वीडियो वायरल : पुलिस नजर आ रही बेबस

ददरा में हुई घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें लोग हत्यारोपी ऋषभ को मार रहे हैं। डंडे, लाठियों और ईंट से उसकी पिटाई कर रहे हैं। जबकि पुलिस बेबस नजर आ रही है। राजगढ़ पुलिस चौकी के पुलिसकर्मी घटना के दौरान मौके पर पहुंच गए थे पर उनके सामने ही हत्यारोपी की कुछ लोग पिटाई करते रहे।

मारने वाले कम थे ललकारने वाले अधिक थे। अगर पुलिस गंभीरता दिखाती तो हत्यारोपी की जान बच सकती थी। वीडियो वायरल होने के बाद अब पुलिस सफाई देने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि ऋषभ को बचाकर अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

घटना के बाद कई लोग भीड़ के आक्रोश का शिकार हुए। मौके पर मोबाइल से फोटो और वीडियो बना रहे कुछ लोगों की भी भीड़ ने पिटाई कर दी। उनका मोबाइल फोन छीन लिया। बाद में पुलिस के बीचबचाव के बाद वापस कर दिया गया पर उसमें फोटो, वीडियो डिलीट थे।

पिता का आरोप, पुलिस ने ऋषभ को किया भीड़ के हवाले

 ऋषभ के पिता वीरेंद्र पांडेय का आरोप है कि उनका पुत्र घर में छिपा था। पुलिस के बुलाने पर वह घर से बाहर निकला। पुलिस ने ही ऋषभ को भीड़ के हवाले कर दिया। पिता ने बताया कि एक दिन पहले मंगलवार को सत्यम और उसके दोस्तों ने ऋषभ की पिटाई कर दी थी। हो सकता है कि इसी वजह से उसने इस तरह का कदम उठाया हो। 

आर्म्स एक्ट में जेल जा चुका था ऋषभ 
ऋषभ की अलग-अलग मामलों में कई बार पुलिस से शिकायत हुई थी। 2012 में आर्र्म्स एक्ट में वह जेल जा चुका था। दो भाइयों में वह छोटा था। क्षेत्र में उसके नाम की दहशत थी।
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00