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शारदा नदी में उफान, बाढ़ को लेकर अलर्ट

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 26 Sep 2022 12:33 AM IST
सार

बनवसा बैराज से शारदा नदी में रविवार को 1.35 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी उफान पर आ गई।नदी तट किनारे बसे गांव में पानी घुसने की आशंका को लेकर लोग सतर्क हो गए हैं।मैदानी क्षेत्र के साथ पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद शनिवार को एक बार फिर शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया।

नगरिया खुर्द कला में शारदा नदी क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान अभियंताओं से जानकारी करते डीएम प्रव?
नगरिया खुर्द कला में शारदा नदी क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान अभियंताओं से जानकारी करते डीएम प्रव? - फोटो : PILIBHIT
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विस्तार

पूरनपुर। बनवसा बैराज से शारदा नदी में रविवार को 1.35 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी उफान पर आ गई। नदी तट किनारे बसे गांव में पानी घुसने की आशंका को लेकर लोग सतर्क हो गए हैं। नहरोसा के समीप नदी 50 मीटर दूरी पर रह गई है। बाढ़ की आशंका पर कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है।

पहाड़ों पर हुई बारिश से बनवसा बैराज से 18 सितंबर को पानी रिलीज होने से नदी उफना गई थी। चंदिया हजारा, राहुलनगर समेत आसपास की आबादी में जलभराव हो गया था। दो दिन बाद नदी का जलस्तर कम होने से आबादी में भरा पानी निकल गया। मगर नदी का जलस्तर पहले से ही बढ़ा चल रहा है।

बनवसा बैराज से रविवार को कई चरणों में शारदा नदी में पानी रिलीज किया गया। इससे नदी फिर उफना गई। दोपहर 12 बजे 1.35 लाख क्यूसेक पानी रिलीज हुआ। रविवार शाम तक क्षेत्र में पहुंचने की आशंका है। नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी के बाहर पानी निकलना शुरू हो गया है। नदी के किनारों पर बसे गांव में बाढ़ की आशंका से लोग चिंतित हैं। एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने पर कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है। पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।
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बारिश के बाद बढ़ा शारदा का जलस्तर
पीलीभीत। मैदानी क्षेत्र के साथ पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद शनिवार को एक बार फिर शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे माधोटांडा क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में शारदा नदी किनारे बसे गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
जानकारी होने के बाद सिंचाई अभियंताओं ने नदी क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। अभियंताओं का दावा है कि अभी खतरे की कोई स्थिति नहीं है। शनिवार सुबह बनवसा बैराज से शारदा नदी में 33 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे नदी का जलस्तर डेढ़ लाख क्यूसेक से ऊपर पहुंच गया। सीमावर्ती क्षेत्र से प्रवेश के बाद नदी की धार का प्रवाह तेज हो गया। जलस्तर बढ़ने से नौजल्हा नंबर दो, गभिया सहराई, भूड़ा गोरख डिब्बी, नगरिया खुर्द कला, रमनगरा बुझिया समेत इलाकों में पूर्व में कराए गए बाढ़ नियंत्रण कार्य डूब गए।
शारदा सागर खंड के सहायक अभियंता राज कुमार ने बताया कि फिलहाल खतरे की स्थिति नहीं है। संवाद
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फोटो 7
पुलिस ने बाढ़ प्रभावित लोगों को किया जागरूक
पीलीभीत। सीमावर्ती क्षेत्र में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पुलिस प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सतर्क करना शुरू कर दिया है।
माधोटांडा इंस्पेक्टर ने गांव नौजल्हा, रमनगरा, सेल्हा आदि गांव दौरा कर नदी के जलस्तर को लेकर सचेत किया। कहा कि पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। क्षेत्र में कही भी खतरे की जानकारी मिलने पर तुरंत सूचना साझा करें। नदी क्षेत्र में बच्चों को अनावश्यक भेजने से बचे। संवाद
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डीएम ने बाढ़ से निपटने की तैयारियों का लिया जायजा
ग्रामीणों से बातचीत की, अधिकारियों से कहा कि हालात पर रखी जाए नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। डीएम ने रविवार को सीमावर्ती क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। यहां शारदा नदी के आसपास बसे गांवों की स्थिति देखी। बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत भी की।
डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने नगरिया खुर्द कलां गांव बाढ़ से निपटने के लिए बनाई गईं ठोकरों (9ए स्पर) का निरीक्षण किया। बाढ़ नियंत्रण को लेकर वहां कराए गए कार्यों को देखा। अभियंताओं से खतरे की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान शारदा नदी के खतरे को रोकने के लिए बनाए गए स्पर संख्या 9ए की गुणवत्ता देखी। डीएम ने कहा कि तार काफी ढीले हैं। इसपर पत्थर एक स्थान पर नहीं रुक पा रहे हैं। इसमें सुधार किया जाए। इसके बाद डीएम गोरखडिब्बी क्षेत्र में पहुंचे। यहां शारदा नदी के पास की आबादी की जायजा लिया। ग्रामीणों से बातचीत की। लोगों ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ा तो कटान हो सकता है। फिलहाल अभी कटान की स्थिति नहीं है। ग्राम प्राधान विवेकानंद ने बाढ़ की स्थिति के बारे में डीएम को अवगत कराया। डीएम ने शारदा खंड के अभियंताओं को क्षेत्र की सुरक्षित के लिए जियोट्यूब लगाने के निर्देश दिए। डीएम ने पूछा कि इस वक्त जलस्तर कितना है, कितने जलस्तर पर हालात बिगड़ते हैं। इसपर विशेषज्ञ नजर रखें। बाढ़ चौकियों और बाढ़ शरणालय की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देेश दिए। एसडीएम कलीनगर शिखा शुक्ला को हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए। इस दौरान एडीएम एफआर राम सिंह गौतम, बाढ़ खंड के एक्सईएन शैलेष कुमार, सहायक अभियंता ध्रुव नारायण शुक्ला आदि मौजूद रहे।
डीएम ने लौटते वक्त कलीनगर के निर्माणाधीन तहसील भवन का निरीक्षण किया। यहां पानी भरा होने पर नाराजगी जताई।

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