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बारिश के बाद मंडराने लगा डेंगू और मलेरिया का खतरा

Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 27 Sep 2022 12:46 AM IST
सार

बारिश के बाद शहर से लेकर देहात तक डेंगू और मलेरिया का खतरा मंडराने लगा है।मोहल्ला नकाशा, जयसंतरी मंदिर, बल्लभ नगर क्षेत्र के नीचले हिस्से में पानी रुकने की समस्या से लार्वा पैदा होने की आशंका बढ़ गई है।शहर से सटे चिड़ियादाह में भी जलभराव से रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है।

गांव चिड़ियादाह में भरा बारिश का गंदा पानी। संवाद
गांव चिड़ियादाह में भरा बारिश का गंदा पानी। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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विस्तार

पीलीभीत। बारिश के बाद शहर से लेकर देहात तक डेंगू और मलेरिया का खतरा मंडराने लगा है। बारिश से हुए जलभराव के चलते मच्छरों का लार्वा पनपने का खतरा बढ़ गया है।

मौसम के बदलाव के बाद एक माह पूर्व से वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ गया था। दिन में गर्मी और शाम के बाद ठंड महसूस होने से बुखार, खांसी, जुकाम की समस्या लोगों में अधिक बढ़ गई थी। इसके बाद शहर से लेकर देहात क्षेत्र के अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी। अब पिछले कुछ दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के साथ मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की काफी भीड़ रही। रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की चार टीमों के साथ नगर पालिका की भी सचेत किया गया है।

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शहर में भी जलभराव से बढ़ा खतरा
शनिवार रात हुई मूसलाधार बारिश से शहर में जलनिकासी की व्यवस्था धड़ाम हो गई थी। शहर के अधिकतर इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। हालांकि नगर पालिका प्रशासन के प्रयास के बाद जलभराव को दूर किया गया, मगर बीमारियों का खतरा बढ़ गया। मोहल्ला नकाशा, जयसंतरी मंदिर, बल्लभ नगर क्षेत्र के नीचले हिस्से में पानी रुकने की समस्या से लार्वा पैदा होने की आशंका बढ़ गई है। शहर से सटे चिड़ियादाह में भी जलभराव से रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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जिले में मलेरिया के 31 और डेंगू के पांच केस
जिले में अब तक मलेरिया के 31 और डेंगू के पांच केस सामने आ चुके हैं। इसमें बिलसंडा और बरखेड़ा क्षेत्र से मरीज अधिक निकलते थे। हालांकि उपचार के बाद अधिकतर मरीजों की सेहत में सुधार हो चुका है। विभाग का दावा है कि चार टीमें अलग से कार्य कर रही है। इसके अलावा सीएचसी स्तर पर आरआरटी टीम संभावित केस की जानकारी होने पर भी गांव जाकर कैंप कर जांच पड़ताल करने के साथ दवा का छिड़काव कर रही है।
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मच्छर जनित बीमारी के लक्षण
तेज व अचानक बुखार आना, सिरदर्द होना, नाक बहना, थकावट महसूस होना, बैचनी महसूस होना, त्वचा पर रैशेज हो जाना बीमारियों के लक्षण है। समय से दवा का छिड़काव किया जाए तो मच्छरों के लार्वा शुरुआत में ही नष्ट हो जाते हैं।
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वर्ष 2018 से फरवरी 2021 तक मरीजों का आंकड़ा
वर्ष मलेरिया डेंगू फाइलेरिया
2018 588 08 119
2019 658 81 74
2020 38 04 26
2021 37 318 07
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ऐसे होगा मलेरिया और डेंगू से बचाव
- साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- पानी को किसी जगह इकट्ठा न होने दें।
- गमलों के पानी को हर हफ्ते बदलते रहें।
- मेनहोल, सेप्टिक टैंक, रुकी हुई नालियां और कुएं आदि जगहों को नियमित रूप से चेक करते रहें।
- मच्छर मारने वाली मशीन और जाली का उपयोग करें।
- सोने से पहले मच्छरदानी को अच्छी तरह से सेट कर लें।
- प्रारम्भिक लक्षणों को अनदेखा न करें।
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मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए टीमों को पूर्व से ही सक्रिय किया गया है। एक अक्तूबर से संचारी अभियान की शुुरुआत भी जा रही है।
- डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ

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