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बाढ़ से सैकड़ों बीघा जमीन यमुना में समाई

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 26 Sep 2022 11:45 PM IST
चिलकाना क्षेत्र में यमुना में बाढ से कटाव तथा फैला हुआ पानी।
चिलकाना क्षेत्र में यमुना में बाढ से कटाव तथा फैला हुआ पानी। - फोटो : SAHARANPUR
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चिलकाना (सहारनपुर)। यमुना में आई बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। यमुना से लगे गांव टोडरपुर, भूखड़ी, नारायणपुर तथा पंचकुआं के किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन कटाव के कारण यमुना में समा गई। खेतों में खड़े पॉपुलर के पेड़ तथा गन्ने की फसल भी यमुना में बह गई। गांव सोंधेबास में बाढ़ का पानी घुस गया।

रविवार की रात करीब 11 बजे यमुना में अचानक पानी का बहाव तेज होने लगा था। पानी का बहाव सोमवार दोपहर तक बढ़ता रहा। यमुना में अचानक बाढ़ का पानी आने से नदी में खड़ी धान तथा गन्ने की फसल पूरी तरह डूब गई है। गांव टोडरपुर भूखेड़ी के पास बने पांच तटबंध तथा कटर यमुना में बह गए हैं। इन तटबंध तथा कटर के बहने से यमुना का बहाव गांव की तरफ और ज्यादा बढ़ गया है। गांव टोडरपुर निवासी रामपाल सिंह, धर्मवीर सिंह, देवी सिंह की करीब 20-20 बीघा तथा पूरन सिंह, मोल्हड़ सिंह, शराब सिंह, चौ. संजय, संजीत की करीब 10-10 बीघा गांव नारायणपुर निवासी राजपाल सिंह, चौधरी अच्छे सिंह, कंवरपाल सिंह, हरीश पंवार, जनक सिंह की करीब 10-10 बीघा तथा पंचकुआं के किसानों रफल सिंह, अनूप चौधरी, ईश्वर सिंह, ओम्मी, जसवीर सिंह, मैनपाल की करीब 10-10 बीघा जमीन भी यमुना में कटाव के कारण नदी में समा गई है। इस सभी जमीन में पॉपुलर के पेड़ तथा गन्ना खड़ा हुआ था। किसानों की यह फसल उनके सामने ही नदी में समा रही थी और किसान कुछ भी नहीं कर पा रहे थे।

गांव टोडरपुर के पूर्व प्रधान चौधरी संजय ने बताया कि नदी में आई बाढ़ का रुख टोडरपुर की तरफ है। इसलिए ज्यादा नुकसान यमुना के पूर्वी घाटों पर है। इन घाटों से जुड़ी हुई सैकड़ों बीघा जमीन की फसलें नदी में समा चुकी हैं। गांव सोंधेबांस के विजेंद्र सैनी ने बताया कि बाढ़ का पानी उनके गांव के चारों तरफ फैला हुआ है, जो गांव की गलियों में बह रहा है। गांव पंचकुआं के प्रधान चौधरी अनूप तथा आल्हनपुर के पूर्व प्रधान चौधरी निर्दोष ने बताया कि यमुना में असमय में आई बाढ़ से किसान पूरी तरह टूट गया है। यमुना के तटबंधों के आसपास खड़ी सभी फसलें नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई हैं।
बाढ़ग्रस्त गांवों की फसलों का सर्वेक्षण हल्का लेखपालों द्वारा कराया जा रहा है। बाढ़ से हुए नुकसान की सर्वे रिपोर्ट के बाद किसानों को प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत मुआवजा दिया जाएगा। गांव टोडरपुर के पास हुए कटाव की जानकारी की जा रही है। उसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। सभी हल्का लेखपाल क्षेत्र में ही हैं।
किंशुक श्रीवास्तव
एसडीएम सदर

चिलकाना क्षेत्र में यमुना में बाढ से कटाव तथा फैला हुआ पानी

चिलकाना क्षेत्र में यमुना में बाढ से कटाव तथा फैला हुआ पानी- फोटो : SAHARANPUR

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