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जिम्मेदारी और स्नेह की भावना को प्रेरित करता स्काउट गाइड

श्रावस्ती। सत्यनारायण उच्च शिक्षण संस्थान तुलसीपुर में पांच दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर का आयोजन रविवार से प्रारंभ हुआ। सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्राचार्य ने ध्वजारोहण व मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया।
प्रशिक्षण शिविर के दौरान विद्यालय के प्राचार्य डॉ. सर्वजीत वर्मा ने कहा कि स्काउट्स एंड गाइड्स भारत का नेशनल स्काउटिंग एंड गाइडिंग एसोसिएशन है। स्काउट की स्थापना भारत में 1909 में हुई थी, जबकि गाइड इन इंडिया की शुरुआत 1911 में हुई थी। स्काउट गाइड जिम्मेदारी और भरोसेमंद स्नेह की भावना को प्रेरित करता है। जिसमें पहल और नेतृत्व विकास के लिए व्यक्तिगत अवसर हों। इससे आत्म-नियंत्रण, आत्मनिर्भरता और आत्म दिशा को बढ़ावा मिलता है। जिला स्काउट संगठन कमिश्नर रोहित पांडेय ने कहा कि स्काउट गाइड का उद्देश्य चरित्र का गठन, ध्वनि स्वास्थ्य की आदतों का निर्माण, हस्तकला में प्रशिक्षण और उपयोगी कौशल प्राप्त करने के साथ कुशलता से सेवा की एक उचित भावना को बढ़ाना है।
इस लक्ष्य का पीछा करने से लड़के और लड़कियों में अच्छी नागरिकता का विकास होता है। प्रशिक्षक अटल बिहारी पांडेय ने कहा कि स्काउट गाइड का मिशन स्काउट प्रॉमिस एंड लॉ पर आधारित मूल्य प्रणाली के माध्यम से युवा लोगों की शिक्षा में योगदान करना है। जिससे एक बेहतर दुनिया का निर्माण करने में मदद मिल सके। इस मौके पर राजेश कुमार यादव, श्वेता यादव के साथ ही संस्थान के प्रशिक्षु मौजूूद रहे। (संवाद)
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तेज हवा के साथ हुई बारिश, धान की फसल को नुकसान

श्रावस्ती। जिले में विगत दो दिनों से तेज हवा के साथ रुक रुक कर बरसात हो रही है। इससे धान की फसल जमीन में गिर गई। खेतों में पानी भी भर गया। अब किसानों के सामने खेत में धान के पुन: अंकुर निकलने की संभावना बन गई है।
मौसम का मिजाज रविवार दोपहर से ही जिले में खराब हो गया था। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बरसात रात को भी जारी रही। तेज हवाओं के कारण धान की फसल खेत में ही गिर गई। वहीं बरसात सोमवार पूरे दिन होने के कारण धान के खेतों में पानी भर गया। ऐसे में फसल गिरने व जलभराव के कारण किसानों के सामने अब नई समस्य खड़ी हो गई है। किसान राम फेरन की मानें तो जहां किसानों ने अग्रिम प्रजाति के धान की फसल लगाई थी। उसे काट कर अब सरसों की बोआई करने की तैयारी कर रहे थे। उन किसानों को अब करीब एक माह तक इंतजार करना होगा, लेकिन जिन किसानों ने अभी धान की फसल काटी ही नहीं थी। उनकी फसल जमीन में गिर गई। खेत में पानी भरा हुआ है। ऐसे में संभावना है कि खेत में पानी के बीच पड़ी फसल से नए अंकुर न निकल आएं। ऐसे में पूरी तैयार फसल ही बर्बाद हो जाएगी। किसानों की यह समस्या अभी खत्म नहीं हुई है।
मौसम का मिजाज अभी खराब देख कर किसानों के चेहरों की हवाइयां उड़ी हुई हैं। किसान जगजीवन प्रसाद का कहना है कि इस बरसात ने किसानों की रीढ़ ही तोड़ दी है। इससे फसल पूरी तरह से तबाह हो गई है। कृषि विज्ञान केंद्र अध्यक्ष व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरपीएस रघुवंशी बताते हैं कि उनके द्वारा लबेदपुर सहित कई अन्य क्षेत्र जहां किसान बायोटेक हब बनाया गया है। वहां कृषि वैज्ञानिक डॉ. एपीएस दोहरे व परियोजना सहायक धर्मवीर सिंह के साथ सर्वेक्षण किया गया।
इस सर्वेक्षण में पाया गया कि जिले में रविवार से सोमवार के मध्य 35 एमएम बरसात हुई है। हवा की गति रविवार सुबह व रात को 20 किलोमीटर प्रति घंटा थी। मौसम का मिजाज 20 अक्तूबर तक ऐसे ही खराब रहेगा। मध्यम बरसात होगी। वहीं नुकसान के बारे में आकलन करते हुए बताते हैं कि जिन किसानों ने अपनी फसल काट ली थी व फसल खेत में पड़ी है। उसमें करीब 25 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। किसानों को चेतावनी देते हुए बताया कि किसी भी हालत में बीस अक्तूबर तक धान की फसल न काटें। यदि मौसम ठीक होता है तो वह अपनी फसल को पलटते रहे। इससे नुकसान कम होगा। (संवाद)
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रात भर अंधेरे में रही पांच लाख की आबादी

श्रावस्ती। जिले का अधिकांश हिस्सा रविवार पूरी रात अंधेरे में रहा। बरसात व तेज हवाओं के कारण आए फाल्ट को सोमवार दूसरे दिन देर शाम तक ठीक नहीं किया जा सका। जबकि कई फीडरों में विद्युत बदहाली की स्थिति इससे भी ज्यादा समय के लिए रही।
भिनगा नगर में खैरीमोड़ से आगे के इलाकों में रविवार रात करीब 11 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसका कारण विभाग ने रोडवेज बस स्टैंड के पास तेज हवाओं के कारण तार टूटना बताया। विद्युत कर्मियों ने इस तार को ठीक करने के लिए रात में मशक्कत की। लेकिन पूरी रात बिजली बहाल तो हुई नहीं। बल्कि सोमवार पूरा दिन इसे ठीक करने की कवायद विद्युत निगम करता रहा। जिसके चलते इस क्षेत्र के करीब 700 से अधिक उपभोक्ता 24 घंटे से अधिक समय अंधेरे में रहे। नगर की विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे।
वहीं दूसरी ओर भंगहा फीडर में रविवार में दिन के 11 बजे ही विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। इसके बाद विद्युत कर्मी सोमवार पूरे दिन तक यह तक पता नहीं लगा पाए कि यह फाल्ट कहां से आई। जिसके चलते करीब डेढ़ लाख लोग अंधेरे में है। इन्हें आपूर्ति कब मिलेगी इसकी जानकारी भी अभी तक नहीं मिल पाई है। जबकि सेमरी व लक्ष्मनपुर फीडर की आपूर्ति भी रविवार से बाधित है।
यही हाल विद्युत उपकेंद्र बगुरइयां का भी रहा। जहां कलेक्ट्रेट फीडर, मछरिहवा फीडर की आपूर्ति पूरी तरह से बाधित रही। जिसे सोमवार शाम तक बहाल नहीं किया जा सका था। विद्युत लाइनों व फीडरों में आई फाल्ट के कारण जिले के अधिकांश क्षेत्रों में पूरी रात तो अंधेरा छाया ही रहा। सोमवार दिन में भी विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। जिसके चलते जिले में करीब पांच लाख लोग प्रभावित हुए। इस बारे में एसडीओ विद्युत राजकुमार यादव बताते हैं कि भिनगा नगर सहित कई क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बहाल करा दी गई है। कलेक्ट्रेट सहित अन्य क्षेत्रों की आपूर्ति बहाल कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है देर शाम तक आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
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दुबई में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो में जाएंगे मेधावी

श्रावस्ती। हाईस्कूल के मेधावियों को दुबई में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो में जाने का मौका मिलेगा। इसके लिए नीति आयोग ने गुरुवार को जिले के छह विद्यार्थियों की परीक्षा ली। इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले को ही यह अवसर मिलेगा।
नीति आयोग हाईस्कूल के मेधावियों को दुबई में आयोजित होने वाले वर्ल्ड एक्सपो 2021-22 में प्रतिभाग करने के लिए भेजेगा। इसके लिए जिले में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान रखने वाले मेधावियों में से छात्रों का चयन किया जाना है। चयन के लिए नीति आयोग ने गुरुवार को विकास भवन स्थित राप्ती सभागार में परीक्षा का आयोजन किया। जिसमें जिले के छह छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
इन बच्चों को 100 प्रश्नों का प्रश्न पत्र दिया गया। इसमें से सफल छात्र को ही दुबई जाने का मौका मिलेगा। इस संबंध में सीडीओ ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि इस परीक्षा में हाईस्कूल में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले मेधावियों को शामिल किया गया था। प्रश्न पत्र में अंग्रेजी, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विषय से कुल 100 प्रश्न दिए गए थे। इसका मूल्यांकन नीति आयोग ही कराएगा। इसमें सफल विद्यार्थी को ही आगे जाने का मौका मिलेगा।
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दुबई में आयोजित वल्र्ड एक्सपो में ऌ्रतिभाग के लिए विकास भवन स्थित राप्ती सभागार मे परीक्षा देते ? दुबई में आयोजित वल्र्ड एक्सपो में ऌ्रतिभाग के लिए विकास भवन स्थित राप्ती सभागार मे परीक्षा देते ?

सपा महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत

कटरा (श्रावस्ती)। समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरुवार को श्रावस्ती पहुंचीं। जिनका जिले की सीमा में प्रवेश करने पर पार्टी कार्यकर्ता व पदाधिकारियों ने जोरदार स्वागत किया। बाद में उन्होंने पर्यटन आवास गृह कटरा में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह गुरुवार को बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती पहुंचीं। जिन्होंने पर्यटन आवास गृह में पार्टी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। सपा सरकार में सभी वर्गों के लोगों के विकास के लिए काम किया गया।
उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार में महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है। महंगाई रोकने के नाम पर सत्ता में आई भाजपा सरकार महंगाई रोकने मे नाकाम रही है। इस सरकार में जनमानस पूरी तरह परेशान है। पूरे प्रदेश में युवा और महिलाएं पूरी मजबूती के साथ हमारे साथ हैं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सर्वजीत यादव, पूर्व विधायक इंद्राणी देवी, पूर्व विधायक हाजी मोहम्मद रमजान व अभिषेक मिश्रा उर्फ मुन्ना सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे । (संवाद)
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किसानों को पराली के बदले मिलेगी खाद

श्रावस्ती। खेतों में धान की पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई न करनी पड़े। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से नई पहल की गई है। किसान यदि धान की पराली को नजदीकी गोशाला में देंगे तो उन्हें इसके बदले में गोबर की खाद दी जाएगी।
शासन द्वारा पराली जलाना पूर्णतया प्रतिबंध किया गया है। जिसकी सेटेलाइट से निगरानी कराई जा रही है। इसके बावजूद किसान बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में किसानों पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन उनसे जुर्माना भी वसूल रहा है। इसे देखते हुए अब जिला प्रशासन की ओर से एक नई पहल की गई है। जिसे ‘पराली दो खाद लो’ का नाम दिया गया है। यह जानकारी देते हुए मुख्य विकास अधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया है कि जिलाधिकारी टीके शिबु के निर्देश पर जिले में पराली दो और खाद लो योजना शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि फसल अवशेष व पराली को किसानों द्वारा जलाने से रोकने एवं उसके सदुपयोग के लिए जिले में संचालित गोआश्रय स्थलों पर संरक्षित गोवंश के गोबर से बनी खाद से फसल अवशेष/पराली को बदला जाएगा। इससे संबंधित सभी अभिलेख ग्राम स्तरीय समिति द्वारा अपडेट रखा जाएगा। जिससे आवश्यकतानुसार ऑडिट के लिए समय-समय पर उपलब्ध कराया जा सके। सीडीओ ने निर्देश दिया है कि फसल अवशेष पराली से गोबर की खाद की इस योजना को तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस योजना के क्रियान्वयन में आवश्यक कार्रवाई करें। ताकि इसका लाभ किसानों को मिल सके।
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रंगोली के माध्यम से मतदान के प्रति किया जागरूक

श्रावस्ती। जिला प्रशासन की ओर से आगामी विधानसभा चुनाव में शत-प्रतिशत मतदान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए जिले में स्वीप कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके तहत जनता इंटर कॉलेज पटना खरगौरा में गुरुवार को रंगोली प्रतियोगिता कराई गई। जिसमें छात्राओं ने विभिन्न रंगोलियों के माध्यम से मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया।
मतदाताओं को जागरूक करने के लिए गुरुवार को जनता इंटर कॉलेज पटना खरगौरा में रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में 200 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिनके द्वारा 20 रंगोली बनाई गईं। जिसमें ‘घर से निकलो मतदान करो’ की प्रेरणा दी गई थी। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रभुराम ने कहा कि मतदाताओं को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे मतदाता जागरूकता अभियान (स्वीप) में इस बार बालिकाओं की भागीदारी प्रमुखता से देखी जा रही है।
ग्राम पंचायतों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक छात्राओं द्वारा अभियान चला कर लोगों को मतदान के दिन सब काम छोड़ मतदान करो की सीख दी जा रही है। इसी अभियान के तहत बृहस्पतिवार को रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं द्वारा विभिन्न प्रकार की रंगोली बनाई गई। किसी रंगोली में ग्रामीण अंचल का चित्रण करते हुए घर में बैठी बहुओं को मतदान के लिए प्रेरित करते हुए दिखाया गया। तो किसी में लालच से बच कर मतदान करने की प्रेरणा दी गई। जबकि कुछ में ईवीएम व वीवीपैट का चित्रण कर मताधिकार का प्रयोग करने का संदेश दिया गया। सभी रंगोलियों द्वारा घर का करो जल्दी काम, जल्द करने पहुंचो मतदान... का स्लोगन का प्रमुखता से चित्रण किया गया है। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित जिला समन्वय सर्व शिक्षा अभियान अजीत उपाध्याय, सभी शिक्षक, शिक्षिकाएं व छात्र छात्राएं मौजूद रहीं।
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पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

जनता इंटर कॉलेज पटना खरगौरा में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के दौरान आयोजित रंगोली प्रतियोगिता म?
श्रावस्ती। पुलिस स्मृति दिवस पर एसएसबी मुख्यालय व पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर सेवा के दौरान शहीद हुए पुलिस कर्मियों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार मौर्य ने कहा कि 21 अक्तूबर 1949 को इंडो-चायना सीमा लद्दाख में राष्ट्र की सुरक्षा में तैनात भारतीय जवानों को चीन ने धोखे से चारों तरफ से घेर लिया था। मातृभूमि की रक्षा के लिए सभी जवान दुश्मनों का मुकाबला करते हुए शहीद हो गए थे। उस दिन से उन अमर शहीदों की याद में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने इस दौरान कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने फर्ज के लिए जान देने वाले प्रदेश के पुलिस कर्मियों की याद में दो मिनट का मौन रख उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दुबे, पुलिस क्षेत्राधिकारी भिनगा हौसला प्रसाद, इकौना महेंद्र पाल शर्मा, प्रतिसार निरीक्षक विनोद कुमार सिंह सहित काफी संख्या में उप निरीक्षक, हेडकांस्टेबिल व पुलिस कर्मियों ने अमर शहीद जवानों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
वहीं एसएसबी 62वीं वाहिनी भिनगा मुख्यालय पर कमान अधिकारी रवींद्र कुमार राजेश्वरी की अध्यक्षता में देश की रक्षा में शहीद हुए पुलिस व सशस्त्र सीमा बल के कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर उन्होंने शहीद पुलिस कार्मिकों व उनके परिवारीजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शहीद पुलिस कर्मियों के बलिदान एवं सेवा को देश हमेशा याद रखेगा। इस मौके पर सभी अधिकारी व जवान मौजूद रहे।
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खेत में सड़ने लगी धान की फसल, किसान बेहाल

श्रावस्ती। बाढ़ के कारण फसल अब खेतों में ही सड़ने लगी है। गुरुवार किसान कई स्थानों पर मलबे के रूप में फसल को उठाते हुए देखे गए। वहीं पांचवें दिन भी राप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर रही। जिसके चलते किसानों में बेचैनी है।
बरसात के बाद राप्ती नदी में आई बाढ़ से किसान पहले से ही परेशान था। लेकिन लगातार पांच दिनों से खेत में ही फसल कट कर पड़ी रहने के कारण अब वह सड़ने लगी है। गुरुवार को जमुनहा क्षेत्र में कई स्थानों पर किसान कटी फसल को मलबे के रूप में निकालते हुए दिखाई दिए। यही नहीं किसानों का दावा है कि बाढ़ के कारण उनकी कटी हुई फसल लगभग 50 फीसदी बह गई है। केवल वही फसल बच पाई है, जिसके ऊपर बाढ़ के साथ आया मलबा पट गया था। अब वह मलबे से फसल निकाल रहे हैं।
ऐसे ही जमुनहा के किसान दयराम का दावा है कि बाढ़ के पानी के साथ कटी फसल बह गई थी। जो फसल काटी नहीं गई थी वह बाढ़ के साथ आए मलबे में दबी है। जिसे अब काट कर निकाला जा रहा है। यह मलबा फसल निकालने से पहले सूख गया तो फसल जमीन के नीचे दब कर रह जाएगी। ऐसी ही स्थिति इकौना में राप्ती नदी के तटीय इलाकों में देखने को मिली। जमुनहा इकौना व हरिहरपुररानी के आंशिक वह इलाके जहां राप्ती नदी का प्रभाव है। वहां की फसल 75 फीसदी से अधिक नष्ट हो चुकी है। जबकि जो फसल खड़ी थी वह नदी के गाद से पटी पड़ी है।
जलस्तर नहीं हो रहा कम
बुधवार देर रात राप्ती नदी का जलस्तर 128.45 मीटर नापा गया। रात 11 बजे तक यही स्थिति बनी रही। लेकिन गुरुवार सुबह राप्ती का जलस्तर 128 मीटर रहा। पूरे दिन राप्ती की यही स्थिति रही। ऐसे में देखा जाए तो राप्ती नदी औसतन 30 से 40 सेंटीमीटर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
बाढ़ व जलभराव के कारण किसानों को नुकसान हुआ है। इसका मूल्यांकन किया जा रहा है। जल्द ही मूल्यांकन कर किसानों को मुआवजा व अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। -कमल कटियार, उप कृषि निदेशक
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खेत से मवेशियों को भगाने गया वृद्ध बाढ़ में लापता

तुलसीपुर (श्रावस्ती)। रेहारपुरवा निवासी वृद्ध किसान गुरुवार को धान की फसल देखने गया था। जहां मौजूद मवेशियों को वह भगाने लगा। इस बीच अचानक नाले में बाढ़ के पानी के तेज बहाव के कारण वह बह गया। परिवारीजनों की सूचना पर पहुंची पीएसी की टीम बुजुर्ग की तलाश कर रही है। जिसका अब तक कोई पता नहीं चल सका है।
भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रेहरापुरवा निवासी मोहनलाल (60) पुत्र रामलाल का खेत राप्ती नदी के किनारे स्थित है। जिसमें उसने धान की फसल लगा रखी है। गुरुवार सुबह मोहनलाल अपना खेत देखने गया था। इस दौरान उसने देखा कि खेत में कुछ मवेशी धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिन्हें भगाने के लिए वह राप्ती नदी की बाढ़ के पानी से होकर जाने लगा। इस दौरान रास्ते में नाला होने के कारण वह नाले में उतर गया। जहां बाढ़ के पानी का बहाव काफी तेज होने के कारण वह पानी में डूबने लगा। इस दौरान उसकी चीख पुकार सुन आसपास मौजूद लोग वहां पहुंचते तब तक वह लापता हो चुका था।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे परिवारीजनों द्वारा काफी तलाश की गई। लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं लगा। ग्रामीणों की सूचना पर पीएसी के गोताखोरों के साथ पहुंचे उप जिलाधिकारी भिनगा राजेश मिश्र द्वारा वृद्ध किसान की तलाश कराई जा रही है। जिसका अब तक कहीं पता नहीं चल सका है। वहीं बाढ़ में डूबने के कारण परिवारीजनों का रो-रो कर हाल बेहाल है।
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32 परिषदीय विद्यालय बाढ़ से घिरे, पढ़ाई ठप

श्रावस्ती। राप्ती में आई बाढ़ का असर केवल खेत व फसल पर ही नहीं पड़ा। बल्कि शिक्षण कार्य पर भी इसका असर पड़ा है। जिले के करीब 32 विद्यालय बाढ़ से घिरे हाने के कारण बंद हो गए। यहां शिक्षण कार्य पुन: प्रारंभ होने में हफ्तों का समय लग सकता है।
लगातार बारिश व नेपाल से पानी आने के कारण राप्ती नदी बुधवार रात तक खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही थी। यदि राप्ती बैराज के गेज पर नजर डाली जाए जो नदी बुधवार रात करीब 11 बजे तक 128.45 मीटर रही। जो खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर ऊपर रहा। इसका असर फसल के साथ शिक्षण कार्य पर भी सीधे तौर पर देखने को मिला। बाढ़ से घिर जाने के कारण जमुनहा विकास खंड के करीब 15 विद्यालय, इकौना के 10 व हरिहरपुरानी के सात विद्यालय बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।
यहां आने जाने का कोई रास्ता नहीं है। कुछ विद्यालयों में तो बाढ़ का पानी अंदर घुस चुका है। जिसके चलते शिक्षण कार्य पूरी तरह से ठप है। यहां तक कि बाढ़ से प्रभावित स्कूलों को शिक्षण कार्य बंद रखने को कहा गया है। इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य तभी प्रारंभ हो पाएगा जब बाढ़ का पानी सूख जाएगा व रास्ता चलने लायक हो जाएगा। ऐसा होने में कई हफ्ते का समय लग सकता है।
इन विद्यालय में भरा बाढ़ का पानी, हुए बंद
विकास खंड जमुनहा - प्राथमिक विद्यालय गुढ़वा, प्राथमिक विद्यलय भौंसाव, संविलियन उच्च प्राथमिक विद्यालय मिश्रपुरवा, संगमपुरवा, वीरपुर, उत्तमापुर, जोगिया पूर्वी, जोगिया, लक्ष्मनपुर सेमरहनिया, धोबिया, धूमबोझी दुर्गा के साथ प्राथमिक विद्यालय बड़ीबाग, नारायनजोत व पोदिला।
विकास खंड इकौना - कंपोजिट विद्यालय बगहा, मुश्काबाद, डिंगुराजोत, हजरिया, प्राथमिक विद्यालय कोटवा, झलुहिया व गनेेशीजोत बाढ़ के पानी के कारण बंद हैं।
जमुनहा व इकौना विकास खंड के कई स्कूलों में या तो बाढ़ का पानी भरा हुआ है या फिर चारों तरफ की जमीन पानी से डूबी हुई है। जिसके चलते यह विद्यालय अस्थाई रूप से बंद हैं। पानी निकलने के बाद ही यहां पठन पाठन की स्थिति बहाल हो पाएगी। -प्रभुराम, बीएसए
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फल उत्पादकों को वितरित किए गए खाद्य प्रसंस्करण के उपकरण

श्रावस्ती। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा कृषि विभाग के सहयोग से किसान बायोटेक हब योजना चलाई जा रही है। बुधवार को उपकृषि निदेशक द्वारा फल उत्पादन करने वाले किसानों को उनकी आय बढ़ाने के लिए फल प्रसंस्करण यंत्र प्रदान किए गए। उप कृषि निदेशक कमल कटियार ने कहा कि उत्पादित फलों को यदि प्रसंस्कृत कर लिया जाये तो बाइ प्रोडक्ट सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाकर अधिक आय अर्जित की जा सकती है।
आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या की ओर से कृषि विज्ञान केंद्र में चल रहे किसान बायोटेक हब योजना अंतर्गत कृषकों को यंत्र निशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं। प्रगतिशील किसान परसाडेहरिया निवासी रणवीर सिंह, लबेदपुर निवासी सीताराम कनौजिया, शाहपुर कठौतिया निवासी दिवाकर मिश्रा को केला चिप्स मेकर, फ्रूट क्रेशर तथा जैम जैली बनाने वाली मशीन, पैकिंग मशीन प्रदान किया गया। इस दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. आरपीएस रघुवंशी, वैज्ञानिक डॉ. एपीएस दोहरे, डॉ. उमेश बाबू व परियोजना सहायक धर्मवीर सिंह भी मौजूद रहे। (संवाद)
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बाढ़ के पानी के साथ खेतों से बह रही धान की कटी फसल

श्रावस्ती। जिले में लगातार तीन दिन से हो रही बरसात अब बाढ़ का रूप ले चुकी है। राप्ती नदी विगत तीन दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। राप्ती नदी जमुनहा सहित अन्य इलाकों में बुधवार को भी तबाही मचाए हुए है। बाढ़ के कारण खेतों में कटी पड़ी धान की फसल पानी में बह रही है। तीसरे दिन भी राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है।
बुधवार दोपहर तीन बजे राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर 128.30 मीटर मापा गया, जबकि सुबह 10 बजे यह जलस्तर 128.15 मीटर था। इसका खामियाजा जमुनहा के नदी तट पर बसे गांव व खेतों में फसलों पर दिखाई पड़ रहा है। गंधवार गंगाभागड़, बेलरी, डेहरिया, मोहम्मदपुर, धर्मनगर, गाजोबारी, मोहनपुर, सुलतान जोत, चहलवा, लक्ष्मनपुर कोठी, नेवादा, शिकारी, सर्रा, जोगिया, टेपरा, वीरपुर लौकिहा, हंसनापुर, बरंगा, अशरफ नगर, लक्ष्मनपुर सेमरहनीय, हरिहरपुर करनपुर, संगमपुरवा, पोंदला, पोंदली, बेलरी, गंगाभागड, मुरावपुरवा, सहित कई अन्य गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। यहां खेतों में पहले से कटी पड़ी फसल बाढ़ के पानी के साथ बह रही है। यही नहीं नदी में चारों तरफ कटी हुई फसल ही दिखाई दे रही है। बाढ़ के कारण आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
कई पंचायतें ऐसी हैं जिनका संपर्क मुख्य मार्ग व दूसरे गांवों से कट चुका है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि जमुनहा क्षेत्र में लगभग 82 फीसदी धान की फसल बाढ़ व जलभराव से प्रभावित है। मालूम रहे कि जिले में धान की फसल लगाने के लिए सरकार की ओर से 75,500 हेक्टेअर का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष जिले में 77,753 हेक्टेअर धान बोया गया। इसमें 56 प्रतिशत हाइब्रिड धान, तीन प्रतिशत बासमती व अन्य जबकि 41.7 प्रतिशत सामान्य प्रजाति का धान था। बाढ़ के पानी से भिनगा मल्हीपुर मार्ग पूरी तरीके से बंद है। ऐसे ही सर्रा, बीरबल कुटी, भंगहा के निकट मार्ग पर जलभराव होने से आवागमन बाधित है।
जिन क्षेत्रों में फसलें कट चुकी हैं। वहां जलभराव का सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। फिलहाल आगे मौसम साफ रहने की उम्मीद है। किसानों को चेतावनी दी जा रही है कि वह मौसम साफ होते ही फसल को ऊंचे स्थान पर डाल कर उसे सुखा लें, इससे नुकसान कम होगा।
डॉ. आरपीएस रघुवंशी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष कृषि विज्ञान केंद्र श्रावस्ती।
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