लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli ›   Fish dying due to increase in silt in Pindar river

पिंडर नदी में गाद बढ़ने से दम तोड़ रही मछलियां

Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2022 10:00 PM IST
सार

बागेश्वर जिले के कुंवरगढ़ क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन से पिंडर नदी में गाद बढ़ गई जिससे नदी में महाशीर और ट्राउट मछलियों का जीवन संकट में पड़ गया है।साथ ही नदियों में सड़कों के निर्माण का मलबा भी डाला जा रहा है।

Fish dying due to increase in silt in Pindar river
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

बागेश्वर जिले के कुंवरगढ़ क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन से पिंडर नदी में गाद बढ़ गई जिससे नदी में महाशीर और ट्राउट मछलियों का जीवन संकट में पड़ गया है। वहीं कई मछलियां भी दम तोड़ रही हैं। इसके साथ ही निर्माणाधीन सड़कों का मलबा भी डंपिंग जोन में न डालकर पिंडर नदी में फेंका जा रहा है। इससे नदी के पानी में गाद की मात्रा बढ़ गई है।

गंगा की सहायक पिंडर नदी बागेश्वर जिले के पिंडारी ग्लेशियर से निकलकर कर्णप्रयाग में अलकनंदा नदी के साथ मिल जाती है, लेकिन पिछले तीन महीने से बागेश्वर के कुंवारी गांव के आसपास हो रहे भूस्खलन से नदी का पानी गादयुक्त हो गया है। जंतु विज्ञान के जानकारों का कहना है कि इन दिनों मछलियों के प्रजनन का समय है। नदी के मटमैले और गादयुक्त पानी से पिंडर में मछलियों की संख्या काफी कम हो गई है। साथ ही नदियों में सड़कों के निर्माण का मलबा भी डाला जा रहा है। कहा यदि जल्द वहां हो रहे भूस्खलन और सड़कों के मलबे को नदी में फेंकने से नहीं रोका गया तो नदी के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने से मछलियों की प्रजाति समाप्त हो सकती है। वहीं, कुंवरगढ़ से कर्णप्रयाग तक नदी किनारे सैकड़ों मछलियाें की तड़पकर मौत हो रही है। वहीं बहुगुणा विचार मंच के गढ़वाल/कुमाऊं संयोजक हरीश पुजारी ने मत्स्य व पशुपालन विभाग मंत्री सौरभ बहुगुणा से नदी के पर्यावरण को बचाने की मांग उठाई है। इसके अलावा हरमल-झलिया-बदियाकोट, खेता-सौरीगाड़-झलिया, खेता-मानमती-रामपुर सड़कों का मलबा पिंडर नदी में न गिराए जाने की मांग भी उठाई।

कोट
बागेश्वर व चमोली जिले की सीमा कुंवरगढ़ में काफी बड़ा भूस्खलन जोन बना है। यहां पर करीब एक किलोमीटर के दायरे में लगातार पहाड़ी से मिट्टी खिसककर पिंडर नदी में गिर रही है। साथ ही वहां जो सड़कें बन रही हैं उनका मलबा भी नदी में डाला जा रहा है। इस संबंध में बागेश्वर प्रशासन को बता दिया गया है। - सर्वेश कुमार दूबे डीएफओ चमोली।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00