Hindi News ›   World ›   Happiest country in the world: Finland tops for fifth year in row, India is at 139th rank, neighboring Pakistan got 121st rank

दुनिया का सबसे खुशहाल देश : फिनलैंड लगातार पांचवें साल अव्वल, भारत 139वां, इस पायदान पर है पड़ोसी पाकिस्तान

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 19 Mar 2022 04:18 AM IST
सार

दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की सूची बीते 10 सालों से तैयार की जा रही है। इसे तैयार करने के लिए लोगों की खुशी के आंकलन के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक आंकड़ों को भी देखा जाता है। इसकी गणना के लिए तीन साल के आंकड़ों को लिया जाता है। इसके साथ्ज्ञ ही खुशहाली को शून्य से 10 अंक तक के पैमाने पर आंका जाता है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट रूस के यूक्रेन पर आक्रमण करने से पहले ही बनकर तैयार हो गई थी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : social media
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विस्तार

दुनिया का सबसे खुशहाल देश कौन सा है? इस सवाल का जवाब है फिनलैंड। जी हां, सबसे खुशहाल देश की रैंकिंग में फिनलैंड लगातार पांचवें साल अव्वल रहा है। इसके साथ ही शीर्ष पांच देशों में डेनमार्क, आइसलैंड, स्विटजरलैंड और नीदरलैंड शामिल हैं। अमेरिका 16वें और ब्रिटेन 17वें स्थान पर हैं। अब बात करें भारत की तो हमारा देश इस रैंकिंग में 139वें स्थान पर है। सबसे खास और चौंकाने वाली बात यह है कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान 121वें स्थान पर है। 



शुक्रवार को जारी हुई इस सूची में सर्बिया, बुल्गारिया और रोमानिया कुछ ऐसे मुल्क हैं जहां बेहतर जीवन जीने की परिस्थितियां सुधरी हैं। वहीं लेबनान, वेनेजुएला और अफगानिस्तान ऐसे देश हैं जो कि इस सूची में अंतिम पायदानों पर हैं। 


लेबनान जैसे देश सबसे नाखुश क्यों?
लेबनान इन दिनों आर्थिक मंदी का सामना कर रहा है, यह देश सूची में 144वें स्थान पर है। जबकि जिम्बाब्वे 143वें स्थान पर है। बीते वर्ष अगस्त में तालिबान के फिर से सत्ता में आने के बाद से युद्ध से पीड़ित अफगानिस्तान, पहले से ही इस सूची में सबसे नीचे है। यूनिसेफ की ओर से अनुमान जताया गया है कि यदि मदद न दी गई तो वहां पांच साल से कम उम्र के दस लाख बच्चे इस सर्दी में भुखमरी का शिकार हो सकते हैं।

यूक्रेन संकट से पहले बन गई थी रिपोर्ट
दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की सूची बीते 10 सालों से तैयार की जा रही है। इसे तैयार करने के लिए लोगों की खुशी के आंकलन के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक आंकड़ों को भी देखा जाता है। इसकी गणना के लिए तीन साल के आंकड़ों को लिया जाता है। इसके साथ्ज्ञ ही खुशहाली को शून्य से 10 अंक तक के पैमाने पर आंका जाता है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र की यह रिपोर्ट रूस के यूक्रेन पर आक्रमण करने से पहले ही बनकर तैयार हो गई थी। इस वजह से सूची में रूस 80वें और यूक्रेन 98वें नंबर पर है।

इन आधारों पर तैयार की गई सूची
रिपोर्ट के सह लेखक जेफरी सैक्स ने लिखा है कि सालों से वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट का बनाने के बाद यह सीखा है कि सामाजिक सद्भाव, उदारता, सरकार की ईमानदारी खुशहाली के लिए बेहद जरूरी हैं। विश्व के नेताओं को यह ध्यान रखना चाहिए। रिपोर्ट बनाने वालों ने कोरोना महामारी के पहले और बाद के समय का इस्तेमाल किया। वहीं लोगों की भावनाओं का तुलनात्मक अध्ययन करने के लिए सोशल मीडिया से भी आंकड़े जुटाए। सूची में शामिल 18 देशों में चिंता और उदासी में वृद्धि देखी गई। लेकिन, क्रोध की भावनाओं में गिरावट देखी गई।

यहां रही शीर्ष 20 देशों की सूची (कोष्ठक में बीते वर्ष की तुलना में हुआ स्थान परिवर्तन)
(1.)
फिनलैंड (=)

(2.) डेनमार्क (=)

(3.) आइसलैंड (+1)

(4.) स्विटजरलैंड (-1)

(5.) द नीदरलैंड्स (=)

(6.) लग्जमबर्ग (+2)

(7.) स्वीडन (=)

(8.) नॉर्वे (-2)

(9.) इस्राइल (+3)

(10.) न्यूजीलैंड (-1)

(11.) ऑस्ट्रिया (-1)

(12.) ऑस्ट्रेलिया (-1)

(13.) आयरलैंड (+2)

(14.) जर्मनी (-1)

(15.) कनाडा (-1)

(16.) यूनाइटेड स्टेट्स(+3)

(17.) यूनाइटेड किंगडम (=)

(18.) चेक रिपब्लिक (=)

(19.) बेल्जियम (+1)

(20.) फ्रांस (नया प्रवेशकर्ता)

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