आतंक का टैग: पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में बरकरार, तुर्की सहित ये तीन देश भी FATF की सूची में

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 21 Oct 2021 10:46 PM IST

सार

पाकिस्तान कई कोशिशों के बावजूद फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे सूची से बाहर निकलने में कामयाब नहीं हो पाया।  
पाकिस्तान के पीएम इमरान खान
पाकिस्तान के पीएम इमरान खान - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

आतंकवाद को पनाह देने वाले भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान की उम्मीदों पर एक बार फिर से पानी फिर गया है। दरअसल पाकिस्तान कई कोशिशों के बावजूद फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे सूची से बाहर निकलने में कामयाब नहीं हो पाया। वहीं एफएटीएफ की नई सूची में पाकिस्तान के करीबी तुर्की सहित तीन देशों का नाम शामिल किया गया है। 
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संस्था के 27-सूत्रीय कार्य योजना के एक महत्वपूर्ण पैरामीटर में गैर-अनुपालन के लिए पाकिस्तान पर यह कार्रवाई की गई। वहीं एफएटीएफ सूची में तीन देश जॉर्डन, माली और तुर्की शामिल किए गए हैं। ये सभी एफएटीएफ के साथ एक कार्य योजना पर सहमत हुए हैं। 




मॉरीशस और बोत्सवाना ग्रे लिस्ट से बाहर 
एफएटीएफ के अध्यक्ष मार्कस प्लेयर ने कहा कि पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में बरकरार है। इसकी सरकार के पास 34 सूत्रीय कार्य योजना है जिसमें से 30 पर काम हुआ है। सबसे हालिया कार्य योजना इस साल जून में मनी लॉन्ड्रिंग पर केंद्रित थी। उन्होंने मॉरीशस और बोत्सवाना को ग्रे लिस्ट से हटाए जाने पर बधाई दी। 

अफगानिस्तान पर जताई चिंता 
मार्कस प्लेयर ने कहा कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स अफगानिस्तान में मौजूदा विकसित हो रहे मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण जोखिम वाले माहौल के बारे में अपनी चिंता जताता है। हम अफगानिस्तान की स्थिति पर हाल के यूएनएससी प्रस्तावों की पुष्टि करते हैं। हम मांग करते हैं कि देश का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने, और वित्तपोषण में न हो।  

जून में भी ‘ग्रे लिस्ट’ में बरकरार रहा था पाकिस्तान
इस साल जून में एफएटीएफ ने पाकिस्तान को काले धन पर रोक नहीं लगाने, आतंकवाद के लिए वित्तपोषण बढ़ाने पर ‘ग्रे लिस्ट’ में बरकरार रखा था। साथ ही पाकिस्तान से आतंकी हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे लोगों के खिलाफ जांच करने और उन पर मुकदमा चलाने को भी कहा गया था।

पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में क्यों है?
पाकिस्तान आतंकी संगठनों और आतंकवादियों पर कार्रवाई करने में नाकाम रहा है। इसलिए पाकिस्तान अभी ग्रे-लिस्ट में बरकरार है। मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को लगातार काबू न कर पाने के चलते पाकिस्तान जैसे देशों को सेफ टैक्स हैवन्स भी करार दिया जाता है।

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