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मंगलवार को इन 4 राशिवालों की पलटेगी किस्मत, जेब में आएगा पैसा
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मंगलवार को इन 4 राशिवालों की पलटेगी किस्मत, जेब में आएगा पैसा

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Digital Edition

पटना: इन दो केंद्रों पर होगा 24 घंटे सातों दिन टीकाकरण, स्लॉट बुकिंग से मिलेगी राहत

बिहार की राजधानी पटना में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण को और विस्तृत करने के लिए सातों दिन चौबीसों घंटे टीका लगाने की सुविधा देने का फैसला किया गया है। इसके तहत दो टीकाकरण केंद्रों को चिह्नित किया गया है। शुरुआत में इन दो केंद्रों पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसका धीरे-धीरे विस्तार किया जाएगा। 

जिन केंद्रों पर चौबीसों घंटे सातों दिन टीकाकरण की व्यवस्था की जा रही है उनमें पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में स्थित केंद्र और होटल पाटलिपुत्र स्थित केंद्र शामिल हैं। जिलाधिकारी ने इन दोनों केंद्रों का दौरा किया है और हर वक्त सुविधा सुनिश्चित बनाए रखने का निर्देश दिया है। इस काम के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है। 

इन दोनों केंद्रों पर टीका लगवाने के पात्र सभी लोगों का टीकाकरण करने की व्यवस्था की गई है। 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के लिए सुबह नौ से शाम पांच बजे कर प्री रजिस्ट्रेशन का प्रावधान किया है। वहीं, शाम पांच बजे से अगले दिन सुबह नौ बजे तक ऑन दि स्पॉट पंजीकरण और टीकाकरण की सुविधा देने का फैसला लिया गया है।

इसके अलावा 45 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों के लिए केंद्र पर ही पंजीकरण और टीकाकरण की व्यवस्था की गई है। दोनों ही केंद्रों पर कोरोना वायरस रोधी टीके की पहली और दूसरी, दोनों खुराकें लगवाई जा सकेंगी। उल्लेखनीय है कि बिहार में शहर स्तर पर कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान में पटना पहले स्थान पर है। 
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बिहार: लॉकडाउन खत्म लेकिन जारी रहेगा नाइट कर्फ्यू, 50 फीसदी क्षमता के साथ निजी और सरकारी कार्यालय खुलेंगे

बिहार सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण पर रोकथाम के मद्देनजर पांच मई से लागू लॉकडाउन को खत्म कर दिया है। हालांकि रात्रिकालीन कर्फ्यू जारी रहेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को ट्वीट कर इस बारे में बताया।

लॉकडाउन खत्म, नाइट कर्फ्यू रहेगा जारी
मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, 'लॉकडाउन से कोरोना वायरस के संक्रमण में कमी आई है। अतः लॉकडाउन खत्म किया जाता है, लेकिन शाम सात बजे से सुबह पांच बजे तक रात्रि कर्फ्यू जारी रहेगा। 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ सरकारी एवं निजी कार्यालय शाम बजे तक खुलेंगे। दुकानें शाम पांच बजे तक खुली रहेंगी।'
 

उन्होंने अगले ट्वीट में कहा, 'ऑनलाइन शिक्षण कार्य किए जा सकेंगे। निजी वाहन चलने की अनुमति रहेगी। यह व्यवस्था अगले एक सप्ताह तक रहेगी। अब भी भीड़भाड़ से बचने की आवश्यकता है।'

बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर चार मई को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में प्रदेश में पांच मई से 15 मई तक लॉकडाउन लगाने का निर्णय लिया गया था। लेकिन मामलों में कमी नहीं आने पर पहले 25 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया गया और फिर इसमें विस्तार देते हुए लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ा दिया गया। इसके बाद लॉकडाउन की अवधि आठ जून तक बढ़ाने का फैसला किया गया।

बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण सोमवार को 43 और व्यक्तियों की मौत होने से संक्रमण से अब तक 5424 लोगों की जान गई है। प्रदेश में वर्तमान में कोविड 19 के 8230 मरीज उपचाराधीन हैं तथा अब तक 713879 लोग संक्रमित हुए हैं।

 
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बिहार: नीति आयोग की रिपोर्ट पर भाजपा-जदयू में बढ़ी रार

बिहार में एनडीए सरकार के छह महीने महीने बीतते-बीतते गठबंधन की खटर पटर बाहर सुनाई देने लगी है। हाल में आई नीति आयोग की रिपोर्ट भाजपा-जदयू के बीच आर-पार की स्थिति पैदा कर दी है।

रिपोर्ट में बिहार को आर्थिक और सामाजिक विकास के पैमाने पर देश का सबसे फिसड्डी राज्य बताया गया है। जदयू नेताओं को यह रिपोर्ट रास नहीं आई। लिहाजा उसने केंद्र से विशेष राज्य के दर्जे की पुरानी मांग दोहरा दी, जो वो भाजपा के खिलाफ रहते हुए करता रहा है।

जदयू की ओर से विशेष राज्य के दर्जे की मांग आर-पार के टकराव का हथियार बन गई है। वहीं भाजपा ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाते हुए जदयू को निशाने पर लिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने अल्पसंख्यकों द्वारा दलितों पर अत्याचार के मामले में पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा। तो वहीं नीतीश सरकार के मंत्री और भाजपा विधायक जनक राम ने भी आरोप लगाया है कि दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं। यह अत्याचार अल्पसंख्यक कर रहे हैं और नीतीश कुमार की सरकार आरोपियों पर कार्रवाई नहीं कर रही।

बिहार को विशेष दर्जा देने के लिए सियासत गरमाई 
नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार के  फिसड्डी साबित होने पर जदयू ने केंद्र सरकार से बिहार को विशेष दर्जा देने की मांग की है। जिसका समर्थन एनडीए में शामिल हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी किया। 2010 से ही सीएम नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जदयू बिहार के लिए विशेष दर्जा की मांग करते रहे हैं। लेकिन जब बिहार में एनडीए गठबंधन की सरकार बनी तब से इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली गई थी।

लेकिन नीति आयोग की रिपोर्ट में बिहार को सभी मानकों में अंतिम पायदान पर  खड़ा देख विशेष राज्य के दर्जा देने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस मुद्दे ने गठबंधन पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले पूर्व विधायक महेश्वर यादव ने तो यहां तक कह दिया है कि महंगाई से अब जनता परेशान हो रही है और तो और लोग भाजपा से काफी ज्यादा नाराज हैं।

महेश्वर यादव ने कहा है कि नीतीश कुमार अगर देश का प्रधानमंत्री बने तो जयप्रकाश नारायण के व्यवस्था परिवर्तन का सपना पूरा हो जाएगा।  जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी के साथ संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने भी ट्वीट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार  को विशेष दर्जा देने की मांग की है।

इस समय जम्मू कश्मीर ,हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, मिजोरम ,अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा ,नागालैंड, मेघालय, मणिपुर और असम को विशेष दर्जा प्राप्त है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने कहा कि यदि अभी बिहार को विशेष दर्जा नहीं मिला तो कभी नहीं मिलेगा। कम संसाधनों के बावजूद नीतीश कुमार ने राज्य की बदतर कानून व्यवस्था और बेहाल शिक्षा महकमे को दुरुस्त किया है।  
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बिहार: पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर, जहानाबाद में मृत युवक के खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

बिहार के जहानाबाद से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है।  यहां के एससी /एसटी थाने में एक मृत युवक पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। घटना जिले के घोषी थाना क्षेत्र के वैना गांव की है।  मृतक के ऊपर अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम के तहत केस दर्ज कर किया गया है। आरोपी बनाए गए शख्स की मौत दो साल (2019) पहले ही हो चुकी है। मामला उजागर होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। गांव के जिस शख्स नीरज कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है इसका मृत्यु प्रमाण पत्र ब्लॉक से जारी किया गया है लेकिन कुछ ग्रामीणों द्वारा झूठा मुकदमा बनाने के लिए मृत युवक को भी मुजरिम बना दिया गया

8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो गांव के जगदीश दास नाम के शख्स ने  8 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें  एक ऐसे व्यक्ति को भी आरोपी बनाया है जिसकी मौत साल 2019 में ही हो चुकी।  पुलिस के मुताबिक जगदीश ने बताया कि 9 जून को वह कुछ सामान लेने घर से बाहर गया था। इसी दौरान वहां मौजूद 8 लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। उसके बाद जगदीश ने थाने में उन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। 
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चिराग तले अंधेरा: अपनों की नाराजगी भांपने में क्यों नाकाम रहा 'मौसम वैज्ञानिक' का बेटा? 'तख्तापलट' की पूरी कहानी

बिहार में राजनीति का नया अध्याय लिख दिया गया। कल तक जो एक राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष था, उसे चंद लम्हों में पैदल कर दिया गया। यूं कह लीजिए कि सियासी चालों ने उसे 'राजा' से 'रंक' बना दिया। दरअसल, लोक जनशक्ति पार्टी यानी एलजेपी में हुए राजनीतिक 'तख्तापलट' से चिराग पासवान की हालत ऐसी ही हो गई है। चिराग पासवान, उन रामविलास पासवान का बेटा है, जिन्हें भारतीय राजनीति का मौसम वैज्ञानिक कहा जाता था। जिन्हें सियासी मिजाज भांपने में माहिर माना जाता था। फिर ऐसा क्या हुआ कि उनका बेटा ही अपनों की नाराजगी को समझ नहीं पाया? या इस उलटफेर की नींव बिहार विधानसभा चुनाव में ही रख दी गई थी? क्या है इन सियासी दांव-पेचों की पूरी कहानी, जानते हैं इस रिपोर्ट में...
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बिहार : एलजेपी में बड़ी फूट, पांच सांसदों ने छोड़ा चिराग पासवान का साथ

लोक जनशक्ति पार्टी के पांच सांसदों ने पार्टी प्रमुख और सांसद चिराग पासवान के नेतृत्व से अलग होने का फैसला कर लिया है। यह एलजेपी में बड़ी फूट की तरफ अंदेशा लगाया जा रहा है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, रामविलास पासवान के भाई और चिराग के चाचा पशुपति पारस लोक जनशक्ति पार्टी के संसदीय दल के नेता बनाए गए हैं। 

लोक सभा के स्पीकर ओम बिड़ला को पत्र लिखकर इसके बारे में सभी पांच सासंदों ने इसकी सूचना दी है।  सूत्र बताते हैं कि इन पांच सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मांग की है कि उन्हें एलजेपी से अलग मान्यता दी जाए। अगर ऐसा होता है तो इनका ये कदम चिराग के लिए बिहार की राजनीति में मुश्किल खड़ी करने वाला होगा।

चाचा बने बागी, भाई ने भी नहीं दिया साथ
यह फैसला तब हुआ है जब केंद्र सरकार अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार की योजना बना रही है। पार्टी के पांच सांसदों ने चिराग से अलग होने का फैसला लिया है।इनमें पासुपति पारस पासवान (चाचा), प्रिंस राज (चचेरे भाई), चंदन सिंह, वीणा देवी, और महबूब अली केशर शामिल हैं। अब चिराग पार्टी में अकेले ही रह गए हैं। पहले चार सांसदों के अलग होने की खबर आई थी।चिराग के चाचा पशुपति पारस की अगुवाई में यह टूट हुई है। उनके भाई प्रिंस भी अब अलग हो गए हैं।






केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर सियासत हुई तेज
बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा चल रही है। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में बदलाव संभव है। ऐसे में लगातार सियासत तेज हो रही है। वहीं दूसरी ओर जेडीयू में भी घमासान जारी है। 

अभी एनडीए गठबंधन में जेडीयू के 16 सांसद हैं। पिछली बार कैबिनेट विस्तार के समय जेडीयू के शामिल होने की चर्चा थी। हालांकि अंत में बात नहीं बन सकी थी। अब इधर एलजेपी में फूट की खबर ने सियासत को और तेज कर दिया है।

जेडीयू में शामिल हो सकते हैं पांचों सांसद
सूत्रों के मुताबिक, ये पांचों सांसद जेडीयू ज्वॉइन कर सकते हैं। बताया गया है कि ये सभी सांसद बिहार विधानसभा चुनाव के समय से चिराग पासवान से नाराज चल रहे थे। ऐसे में एलजेपी में इस फूट की अटकलें तो पहले से लगाई जा रही थीं, इंतजार तो बस उस वक्त का था जब ये सांसद ये बड़ा कदम उठाते, अब वो कदम उठा लिया गया है और एलजेपी के सामने बड़ा सियासी संकट खड़ा हो गया है।

वैसे भी बिहार विधानसभा चुनाव में एलजेपी ने जब भाजपा-जेडीयू से अलग होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया था, तभी से सीएम नीतीश कुमार और उनके पार्टी के लोग चिराग से नाराज चल रहे थे। चुनाव के नतीजों ने भी साफ कर दिया कि चिराग की पार्टी की वजह से ही कई जगहों पर जेडीयू की सीटें कम पड़ गई। अब इतना सब कुछ होने के बाद अगर एलजेपी के पांच सांसदों ने जेडीयू ज्वाइन कर ली, तो ये चिराग के लिए बड़ी किरकिरी साबित होगी।

बिहार विधानसभा में शून्य पर है लोजपा
बिहार में एनडीए गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ने वाली लोजपा को बिहार विधानसभा में केवल एक ही सीट मिली थी। बाद में लोजपा विधायक राज कुमार सिंह जेडीयू में शामिल हो गए थे। अब लोजपा का बिहार विधानसभा या विधान परिषद में कोई विधायक नहीं है।
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फटकार: बिहार में कोरोना से मौत के आंकड़ों में अंतर आने पर हाईकोर्ट सख्त, विस्तृत रिपोर्ट जमा करे सरकार

बिहार में कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़े को संशोधित करने के बाद राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर है। अब पटना हाईकोर्ट ने इस मामले पर सरकार को फटकार लगाई है। उच्च न्यायालय ने बिहार सरकार से उन स्रोतों के बारे में पूछा है जिन पर उसने कोविड -19 की मौत की संख्या को संशोधित करने के लिए भरोसा किया था। उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने बिहार सरकार को निर्देश दिया कि वह उन स्रोतों के बारे में विस्तृत जानकारी कोर्ट के सामने प्रस्तुत करे, जिन पर वह कोविड को संशोधित करने के लिए निर्भर थी।

दरअसल, देश में कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या में 24 घंटे में अचानक बड़ा उछाल आया। बिहार में मौत के आंकड़े में संशोधित किया गया। जिसके बाद बिहार में कोरोना से मौत का आंकड़ा एक दिन में ही 73 फीसदी तक बढ़ गया। इसी महीने सात जून को मौत का कुल आंकड़ा 5424 था, ये अगले दिन बढ़कर 9375 हो गया। यानी एक दिन में मौत का आंकड़ा 3951 बढ़ गया।  इसी आंकड़े की वजह से देशभर में मौत के आंकड़ों में भारी इजाफा हो गया। पटना में सबसे ज्यादा 1070 अतिरिक्त मौतें जोड़ी गई। वहीं बेगूसराय में 316, मुजफ्फरपुर में 314, नालंदा में 222 अतिरिक्त मौतें को शामिल किया गया। 

हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने शनिवार को मृतकों की संख्या में संशोधन पर विस्तृत सुनवाई की और सरकार से उन स्रोतों के बारे में जानकारी मांगी, जिनका इस्तेमाल सरकार आंकड़े को संशोधित करने के लिए  की थी। हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा कि मरने वालों की संख्या अपडेट से पहले मृतक के मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों का उपयोग किया था। हालांकि  हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कोई समय सीमा नहीं दी है।
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खुशखबर: ..तो अगले महीने से दरभंगा से दुबई के लिए फ्लाइट सेवा शुरू, उत्तर बिहार के यात्रियों को बड़ी सौगात

पटना हाईकोर्ट
पूर्वी और उत्तरी बिहार से दुबई जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दरभंगा एयरपोर्ट से दुबई के लिए फ्लाइट शुरू होने जा रही है। जुलाई से स्पाइसजेट और इंडिगो एयरलाइंस दुबई के लिए उड़ान सेवा शुरू करने का फैसला किया। स्पाइस जेट तीन जुलाई से वाया मुंबई फ्लाइट सेवा का संचालन शुरू कर रहा है। वहीं इंडिगो एयरलाइंस पांच जुलाई से हैदराबाद होते हुए फ्लाइट सेवा शुरू करेगी। 

3 जुलाई से स्पाइस जेट की सेवा होगी चालू 
दरभंगा से दुबई जाने वाले यात्रियों को स्पाइस जेट में 12,584 रुपये खर्च करने होंगे। स्पाइस जेट की पहली उड़ान तीन जुलाई को दोपहर ढाई बजे रवाना होगी, ये सीधे मुंबई जाएगी फिर वहां से रात 11:30 बजे दुबई के लिए फ्लाइट मिलेगी। जो करीब दो घंटे बाद रात के डेढ़ बजे दुबई पहुंचेगी। अहमदाबाद और दिल्ली होते हुए भी यात्री दुबई जा सकते हैं, हालांकि, इसके लिए किराया ज्यादा देना होगा।

इंडिगो की फ्लाइट 5 जुलाई से शुरू होगी
वहीं इंडिगो एयरलाइन की फ्लाइट दुबई के लिए 5 जुलाई से शुरू होगी। इसका किराया 14,142 रुपये रखा गया है। दरभंगा से हैदराबाद के लिए 5 जुलाई को पहली फ्लाइट दोपहर 12:45 बजे उड़ान भरेगा और दो घंटे बाद यानी दोपहर 2:45 बजे हैदराबाद एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। फिर अगले छह जुलाई की दोपहर 1:55 बजे दूसरे विमान से यात्री शाम करीब 4:30 बजे दुबई पहुंचेंगे। बता दें कि 5 जुलाई से इंडिगो एयरलाइन्स दरभंगा एयरपोर्ट से फ्लाइट का संचालन भी शुरू कर रहा है। इंडिगो की फ्लाइट दरभंगा से हैदराबाद और दरभंगा से कोलकता के लिए उड़ान भरेंगी।

पिछले साल 8 नवंबर को दरभंगा एयरपोर्ट से विमान सेवाओं का संचालन 
गौरतलब है कि बिहार के दरभंगा हवाईअड्डा से पिछले साल आठ नवंबर को विमान सेवा का संचालन शुरू हुआ था। पहले दिन यहां से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के लिए सेवा शुरू की गई थी। मार्च 2021 से दरभंगा से कोलकाता, पुणे, अहमदाबाद और हैदराबाद के लिए फ्लाइट ने उड़ान भरना शुरू किया। वहीं कोरोना संकट में दरभंगा एयरपोर्ट से एयर एंबुलेंस सेवा भी शुरू की गई है। 
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मांग : जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा- केंद्र सरकार में सहयोगियों को मिले सम्मान

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद में राजग के भागीदारों को 'सम्मानित' हिस्सा मिलना चाहिए। इसके बाद सियासी हलकों में केंद्र में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा हवा मिल गई है। बहरहाल, केंद्र में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा के बीच नीतीश के बाद पार्टी अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने भी इस संबंध में बयान दिया है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में जद(यू) दूसरा सबसे बड़ा घटक है। इस साल की शुरुआत में अपने कार्यकाल की समाप्ति से कुछ पहले मुख्यमंत्री द्वारा पार्टी के शीर्ष पद को छोड़ने के बाद सिंह जद (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे।

एक सवाल के जवाब में सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि हम राजग का हिस्सा हैं... (केंद्र में नरेंद्र मोदी नेतृत्व वाली सरकार में) सभी घटक सम्मानित हिस्से के हकदार हैं। लोकसभा में 16 सांसदों वाला जद(यू) क्या केंद्रीय मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार में अपने लिए सम्मानित हिस्से की मांग करेगा, यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मांग करने का सवाल कहां से आ गया? यह समझने की बात है। यह स्वाभाविक रूप से होना चाहिए।

जद(यू) प्रमुख का बयान केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों के बीच आया है। ऐसे में राजग से शिवसेना के बाहर होने के बाद संसद में जद(यू) भाजपा का सबसे बड़ा सहयोगी है। जद (यू) के राज्यसभा में पांच सदस्य हैं। केंद्र में अपनी बदौलत बहुमत हासिल करने के कारण मंत्रिमंडल में भाजपा द्वारा सहयोगी दलों के केवल एक सदस्य को मौका दिए जाने से उस समय कुमार नाखुश थे।

खैर, कोरोना के कारण देश के बदलते हालात के बीच उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिम बंगाल पर सियासी माहौल गर्म है। ऐसी परिस्थितियों में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में यदि जदयू को कुछ और अधिक भागीदारी मिल पाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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बिहारः 'जब चुनाव हो सकते हैं तो जनगणना क्यों नहीं?' जीतनराम मांझी ने केंद्र सरकार से पूछा सवाल

देश में आखिरी जनगणना साल 2011 में हुई थी। अब 10 साल बाद यानी 2021 में जनगणना होनी है। केंद्र सरकार के निर्देश पर बिहार में इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई, लेकिन अब कोरोना महामारी का हवाला देते हुए जनगणना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इसे लेकर हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि जब कोरोना में चुनाव कराया जा सकता है तो जनगणना क्यों नहीं?

मांझी ने ट्वीट में लिखी यह बात
जानकारी के मुताबिक, जीतनराम मांझी ने जनगणना को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, 'वर्तमान स्थिति में देश की जनगणना आवश्यक है, लेकिन के कारण जनगणना कार्य को रोककर रखा गया है। देश में जब चुनाव हो सकते हैं तो जनगणना से परहेज क्यों? भारत सरकार से अनुरोध है कि 10 वर्षीय जनगणना के साथ-साथ जाति आधारित जनगणना अविलंब शुरू की जाए।'

सरकार ने तैयारी के बाद रोका कार्यक्रम
गौरतलब है कि साल 2021 में होने वाली जनगणना के लिए प्रशासनिक तैयारी शुरू कर दी गई थी। यह जनगणना दो चरण में पूरी होनी थी, जिसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का काम भी चल रहा था। इस बीच कोरोना की दूसरी लहर पीक पर पहुंच, जिसके चलते केंद्र सरकार ने कार्यक्रम पर रोक लगा दी।

हर दस साल पर होती है जनगणना
बता दें कि जनगणना में सिर्फ लोगों की गिनती नहीं होती है, बल्कि हर शख्स से जुड़ा सारा ब्यौरा होता है। दरअसल, भारत में जनगणना एक्ट भी है, जिसके तहत हर दस साल पर जनगणना कराई जाती है। आखिरी बार जनगणना 2011 में हुई थी, जिसके बाद अब 2021 में जनगणना होनी थी। कोरोना की वजह से इसे टाला जा रहा है, जिस पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सवाल उठाया है। 
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सियासी सरगर्मी: बिहार में भी ‘खेला’ के कयास, तेज प्रताप ने की मांझी से मुलाकात

पश्चिम बंगाल की तरह ही बिहार में भी एनडीए में ‘खेला’ होने के कयास लगने लगे हैं। इन अटकलों को हवा शुक्रवार को राजद नेता तेज प्रताप यादव की हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी से मुलाकात से मिली। मांझी और वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी भाजपा को लेकर हमलावर हैं। इससे एनडीए में सबकुछ ठीक नहीं होने के संकेत मिल रहे हैं।

मांझी से मुलाकात से पहले तेज प्रताप ने कहा कि यदि हम नेता का मन डोल रहा है तो राजद में उनका स्वागत है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के 74वें जन्मदिन पर अपने बधाई संदेश में मांझी ने लालू के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना की।

पिछले मंगलवार को उन्होंने लालू और राबड़ी को शादी की 48वीं सालगिरह की भी बधाई दी थी। राजद का माय समीकरण के साथ-साथ दलितों पर भी फोकस रहा है। हम नेता मांझी भी दलित राजनीति करते हैं। पहले भी वह लालू प्रसाद के साथ रह चुके हैं। मांझी और तेज की बंद कमरे में मुलाकात करीब 45 मिनट तक चली।

सूत्रों के मुताबिक तेज प्रताप ने मांझी को राजद के साथ मिलकर सरकार बनाने का न्योता दिया है। मुलाकात के बाद हम नेता ने कहा कि उनकी तेज प्रताप से कोई राजनीतिक बात नहीं हुई है। सिर्फ संगठन, युवाओं और परिवार के बारे में बात हुई।

इस मुलाकात के बाद तेज ने कहा कि ये कोई नई बात नहीं है कि अंकल जी से हम मिले हैं। हम लगातार इनसे मिलते और मार्गदर्शन लेते रहते हैं। इधर कोरोना की वजह से काफी दिनों से मुलाकात नहीं हुई थी तो हमने सोचा कि मुलाकात करें। हमारे बीच पारिवारिक संबंध हैं।
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पटना: लालू के जन्मदिन पर बिहार में 'खेला', बंद कमरे में मांझी और तेजप्रताप की मुलाकात

आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन पर बिहार में एक बहुत बड़ी राजनीतिक घटना घटी है। लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव आज पूर्व मुख्यंमत्री जीतनराम मांझी से मिलने उनके आवास पहुंचे। बताया गया कि दोनों के बीच मुलाकात एक बंद कमरे के अंदर हुई, जिसके बाद चर्चा शुरू हो गई है कि इन दोनों के बीच मुलाकात की वजह क्या होगी?

तेजप्रताप यादव ने जीतनराम मांझी से किस विषय को लेकर चर्चा की या किस वजह से मुलाकात की, इसकी कोई जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। ऐसी संभावना जताई जा रही है इस मुलाकात के बाद दोनों नेता इस संबंध में कुछ जानकारी देंगे। हालांकि जब तक कोई औपचारिक बयान नहीं आता, तब तक अटकलों का दौर जारी रहेगा।

बता दें कि मुलाकात से पहले पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने ट्वीट कर लालू प्रसाद यादव को उनके जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय लालू प्रसाद यादव को जन्मदिन की अनंत शुभकामनाएं। आप दीर्घायु हों और सदैव मुस्कुराते रहें ईश्वर से यही कामना है। 



जब से चारा घोटाले मामले में लालू प्रसाद यादव को जमानत मिली है, तब से वो लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसके अलावा लालू प्रसाद यादव को लेकर लगातार इस बात की चर्चा है कि वो पटना वापस कब आएंगे। हालांकि मौजूदा समय में वो दिल्ली में अपनी बेटी मीसा भारती के घर पर रह रहे हैं। 

राबड़ी देवी ने कहा कि अभी कोविड के दौरान लालू प्रसाद यादव को पटना नहीं ला रहे हैं। बता दें कि बेटी मीसा भारती के आवास पर ही लालू प्रसाद यादव का केट काटा गया और बेटी मीसा ने ट्विटर पर खूब इमोशनल तस्वीरें शेयर कीं। बता दें कि आज लालू प्रसाद यादव अपना 74वां जन्मदिन मना रहे हैं और इसी खुशी में पटना कार्यालय में ब्लड डोनेशन कैंप लगाया गया है।
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बिहार: नालंदा में वृद्ध महिला का शौचालय में रहने को लेकर वीडियो वायरल, मंत्री ने बताया फर्जी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा के मकरौता पंचायत अंतर्गत दिरीपर गांव के बार्ड नम्बर 3 में एक गरीब वृद्ध महिला का पोती के साथ शौचालय में रहने को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसे राज्य के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने फेक (फर्जी) बताया है।

नीतीश के विश्वासपात्र और जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि जिला पदाधिकारी, नालंदा द्वारा कराए गए स्थल निरीक्षण में पता चला है कि उक्त महिला कौशल्या देवी शौचालय के बगल में एक झोपड़ी में रहती है।

मंत्री ने कहा कि कौशल्या देवी की एक पोती के अलावा परिवार का कोई अन्य सदस्य साथ में नहीं रहता है। महिला को वृद्धावस्था पेंशन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का अनाज मिलता है। वृद्धा को भोजन की समस्या नहीं है। जिला प्रशासन द्वारा महिला की झोपड़ी का जीर्णोद्धार और उससे लगती गली को पक्का करवाया जायेगा।

नालंदा के जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि हिलसा के अनुमण्डल पदाधिकारी द्वारा जांचोपरान्त भेजे गए में प्रतिवेदन में कहा गया है कि दिवंगत शिवनन्दन महतो की पत्नी कौशल्या देवी के चार पुत्र हैं।

उन्होंने कहा कि उनके प्रथम पुत्र अनिल प्रसाद सपरिवार दिल्ली में रहते हैं एवं निजी नौकरी करते हैं। द्वितीय पुत्र सुधीर कुमार की मृत्यु हो चुकी है। तृतीय पुत्र रामधीन प्रसाद सपरिवार हिलसा में रहते हैं और साइकिल मरम्मत का कार्य करते हैं। चौथे पुत्र सतीश प्रसाद जिनकी मृत्यु 08-10 साल पहले हो गई थी और कुछ समय बाद इनकी पत्नी जो विक्षिप्त बताई गई हैं, लापता हैं। उक्त दम्पति की एक बेटी लगभग 10 वर्ष की है, जो वृद्धा कौशल्या देवी के साथ रहती है। प्रथम पुत्र पिछले 15 वर्षों से गांव नहीं आये हैं एवं इनका वृद्धा से कोई संपर्क नहीं है।

नालंदा के जिलाधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान वृद्धा कौशल्या देवी शौचालय से सटे पुराने करकट से बने एक छोटे से कमरे में अपनी पोती के साथ मिलीं।

उन्होंने बताया कि शौचालय में रहने संबंधी समाचार जांच के क्रम में सत्य नहीं पाया गया। उन्होंने बताया कि वृद्धा कौशल्या देवी को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन मिलता रहा है एवं खाने.पीने की तकलीफ नहीं है और उन्हें वृद्धा पेंशन भी मिलती है।

उन्होंने बताया कि वृद्ध महिला के तीसरे पुत्र रामधीन प्रसाद ने बताया गया कि वे अत्यंत गरीब हैं और पैर से लाचार हैं। उन्होंने बताया कि वे हिलसा में कस्तूरबा विद्यालय के समीप साइकिल मरम्मत की दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रसाद ने अपनी मां को अपने साथ रहने के लिए कहा लेकिन उन्होंने साथ रहने से इनकार किया।

नालंदा के जिलाधिकारी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान शौचालय में रहने एवं खाने की बात सर्वथा गलत पाई गई। फिर भी वृद्धा की गरीबी को देखते हुए तत्काल वृद्धा के झोपड़ीनूमा कमरे की छत, दीवार एवं फर्श का जीर्णोद्धार कराने के लिए करायपरसुराय के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है।
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