लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Business ›   Banking Beema ›   Government mulls selling at least 51 Percent stake in IDBI Bank

IDBI: आईडीबीआई बैंक में 51% से ज्यादा हिस्सा बेचेगा केंद्र, सौदे के स्वरूप पर मंत्रियों की समिति करेगी फैसला

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 25 Aug 2022 05:15 AM IST
सार

ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से कहा कि सौदे का स्वरूप क्या होगा, इस पर अंतिम फैसला मंत्रियों की एक समिति को करना है। सरकार और एलआईसी सितंबर अंत में आकलन करेंगे कि खरीदारों की बैंक में कितनी दिलचस्पी है।

IDBI Bank
IDBI Bank - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

सरकार आईडीबीआई बैंक में कम-से-कम 51 फीसदी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के अधिकारी हिस्सेदारी बेचने की योजना पर बातचीत कर रहे हैं। दोनों पक्षों की मिलाकर आईडीबीआई बैंक में 94 फीसदी हिस्सेदारी है। बिक्री के बाद भी दोनों पक्ष बैंक में कुछ हिस्सेदारी अपने पास रख सकते हैं।



ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से कहा कि सौदे का स्वरूप क्या होगा, इस पर अंतिम फैसला मंत्रियों की एक समिति को करना है। सरकार और एलआईसी सितंबर अंत में आकलन करेंगे कि खरीदारों की बैंक में कितनी दिलचस्पी है। आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश और प्रबंधन नियंत्रण के स्थानांतरण के लिए मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने पिछले साल मई में सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। इसके लिए आईडीबीआई बैंक के कानून में जरूरी संशोधन किया जा चुका है। इस बैंक में सरकार की 45.48 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि एलआईसी के पास 49.24 फीसदी शेयर हैं। हालांकि, वित्त मंत्रालय और आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों ने इस पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया, जबकि एलआईसी ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।


427.7 अरब रुपये है बाजार पूंजीकरण
आईडीबीआई बैंक के शेयरों में पिछले 12 महीने में 6.3 फीसदी की तेजी आई है। इससे बैंक का बाजार पूंजीकरण बढ़कर 427.7 अरब रुपये पहुंच गया। बुधवार यानी 24 अगस्त को बीएसई पर दिन के कारोबार में बैंक का शेयर करीब 5 फीसदी चढ़कर 41 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। आखिर में 2.82 फीसदी की बढ़त के साथ 40.10 रुपये पर बंद हुआ।

प्रबंधन का नियंत्रण सौंप सकती है सरकार
सरकार फिलहाल आईडीबीआई बैंक में अपनी और एलआईसी की कम-से-कम कुछ हिस्सेदारी बेचने के साथ उसका प्रबंधन नियंत्रण सौंपने की तैयारी में है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, आरबीआई निवेशकों को 40 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति दे देगा। केंद्रीय बैंक के दायरे में काम करने वाली कंपनियों को तय सीमा से ज्यादा हिस्सेदारी खरीदने के लिए अनुमति लेनी होती है। इसके दायरे से बाहर वाली कंपनियां 10-15 फीसदी हिस्सेदारी ही खरीद सकती है।

  • इस सीमा में छूट से संभावित खरीदारों की संख्या बढ़ सकती है। इससे सरकार की निजीकरण योजना को रफ्तार मिल सकती है।
  • सरकार ने इस साल 65,000 करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य रखा है। इसमें से एक तिहाई एलआईसी के आईपीओ से जुटाए जा चुके हैं।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00