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ब्रिटेन: प्रचलन में आया ट्यूरिंग की तस्वीर वाला 50 पाउंड का नया नोट, ये है खासियत

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Wed, 23 Jun 2021 04:08 PM IST

सार

ब्रिटेन में एलन ट्यूरिंग की तस्वीर के साथ 50 पाउंड का नया नोट प्रचलन में आ गया है।1930 की शुरुआत में ट्यूरिंग ने यूनिवर्सल मशीन का कॉन्सेप्ट तैयार किया, जो किसी भी कंप्यूटेशनल प्रॉब्लम का हल निकाल सकती थी।
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ब्रिटेन में प्रचलन में आया 50 पाउंड का नया नोट
ब्रिटेन में प्रचलन में आया 50 पाउंड का नया नोट - फोटो : Reuters
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विस्तार

ब्रिटेन में महान मैथेमेटिशियन और कंप्यूटर वैज्ञानिक एलन ट्यूरिंग की तस्वीर के साथ 50 पाउंड का नया नोट प्रचलन में आ गया है। ट्यूरिंग कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जनक होने के साथ वॉर हीरो थे। उन्होंने दूसरे युद्ध के दौरान जर्मनी से नाजियों द्वारा भेजे गए एनिग्मा कोड तोड़ने में सफलता हासिल की थी। इस कोड को तोड़ने की वजह से लाखों लोगों की जान बची थी। इन कोड का इस्तेमाल जर्मन सेना युद्ध के दौरान गोपनीय संदेशों की कोडिंग के लिए करती थी। 
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ये है खासियत
नया 50 पाउंड का बैंकनोट बैंक ऑफ इंग्लैंड के कागज वाले बैंक नोटों से ज्यादा टिकाऊ है। यह अधिक ड्यूरेबल प्लास्टिक या पॉलिमर से बना है। मौजूदा पेपर वाले 50 पाउंड के बैंक नोट नए पॉलिमर के साथ सितंबर 2022 के अंत तक प्रचलन में रहेंगे।


1930 में तैयार किया था यूनिवर्सल मशीन का कॉन्सेप्ट
1930 की शुरुआत में ट्यूरिंग ने यूनिवर्सल मशीन का कॉन्सेप्ट तैयार किया, जो किसी भी कंप्यूटेशनल प्रॉब्लम का हल निकाल सकती थी। ट्यूरिंग को दौड़ लगाना बहुत पसंद था। बहुत सारे लोग उनको नापसंद भी करते थे और उसकी वजह थी उनका समलैंगिक होना। उस वक्त समलैंगिक होना गैरकानूनी था। उन्हें विक्टोरियन कानूनों के तहत दोषी माना गया था। ट्यूरिंग ने कारावास के बजाय नपुंसक बनना स्वीकार किया था। उनकी जिंदगी पर दो फिल्में, ब्रेकिंग द कोड और द इमिटेशन गेम भी बनीं। 1954 में जहर की वजह से उनकी मौत हो गई थी। बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा प्रचलन में 4.5 अरब बैंक नोट्स में से 50 पाउंड के नोट 3570 लाख हैं। 

ट्यूरिंग को दुनिया 'गुमनाम वैज्ञानिक' के तौर पर जानती है। कई इतिहासकारों का मानना है कि वो एलन ट्यूरिंग ही थे, जिनकी वजह से द्वितीय विश्वयुद्ध दो साल पहले ही खत्म हो गया था। 23 जून 1912 को लंदन में जन्मे एलन ट्यूरिंग एक कंप्यूटर वैज्ञानिक, गणितज्ञ, तर्कज्ञ, क्रिप्टैनालिस्ट, दार्शनिक और सैद्धांतिक जीवविज्ञानी थे। ट्यूरिंग को व्यापक रूप से सैद्धांतिक कंप्यूटर विज्ञान और कृत्रिम बुद्धि का जनक माना जाता है। अपने 41 साल के छोटे से जीवनकाल में उन्होंने कई ऐसे काम किए थे, जिनकी वजह से लोग आज भी उन्हें याद करते हैं। 

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