Bitcoin Price India INR: बिटक्वाइन में फिर आई तेजी, 50 लाख रुपये के करीब पहुंची कीमत

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार संभव Updated Sat, 30 Oct 2021 04:45 PM IST

सार

Cryptocurrency Bitcoin Price INR: दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन की आज की कीमत 61,885.40 डॉलर (49,24,333 रुपये) के करीब है।
बिटक्वाइन प्राइस टुडे
बिटक्वाइन प्राइस टुडे - फोटो : pixabay
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विस्तार

दुनियाभर में बिटक्वाइन का वर्चस्व बढ़ रहा है। बिटक्वाइन एक आभासी मुद्रा है, जिसका इस्तेमाल केवल ऑनलाइन लेनदेन के लिए किया जाता है। बिटक्वाइन के मूल्यों में भारी उतार-चढ़ाव के कारण अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या एक मुद्रा के रूप में कार्य करने में यह सक्षम है। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन की आज की कीमत 61,885.40 डॉलर (49,24,333 रुपये) के करीब है। 
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और कितना बढ़ेगा बिटक्वाइन का दाम?
विश्लेषकों के अनुमान के अनुसार, अगले महीने के अंत तक बिटक्वाइन दोबारा अपने 64000 डॉलर यानी 48,00,000 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है। नवंबर में यह 98000 डॉलर (73,50,000 रुपये) का स्तर छू सकता है और दिसंबर में यह दोबारा रिकॉर्ड तोड़कर एक लाख डॉलर यानी करीब 75 लाख रुपये पर पहुंच जाएगा। साल 2021 के अंत तक इसकी कीमत 1,35,000 डॉलर (1,01,25,000 रुपये) तक पहुंच जाएगी, जो मौजूदा कीमत से लगभग तीन गुना ऊपर है। 


सभी क्रिप्टोकरेंसी में बिटक्वाइन का मूल्य सबसे अधिक
क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी करेंसी है जिसे आप देख नहीं सकते। आसान शब्दों में आप इसे डिजिटल रुपया कह सकते हैं। क्रिप्टोकरेंसी को कोई बैंक जारी नहीं करती है। इसे जारी करने वाले ही इसे कंट्रोल करते हैं। इसका इस्तेमाल डिजिटल दुनिया में ही होता है। मौजूदा समय में पूरे विश्व में कई तरह की वर्चुअल करेंसी हैं। इनमें से बिटक्वाइन का मूल्य सबसे अधिक है। पिछले कुछ समय से निवेशकों का आकर्षण बिटक्वाइन की ओर तेजी से बढ़ा है। बिटक्वाइन ने निवेशकों को जोरदार रिटर्न भी दिया है। 

क्या है बिटक्वाइन?
बिटक्वाइन वर्चुअल करेंसी है। इसकी शुरुआत साल 2009 में हुई थी, जो कि अब इतनी लोकप्रिय हो गई है कि इसकी एक बिटक्वाइन की कीमत लाखों रुपये में के बराबर पहुंच गई है। इसपर कोई सरकारी नियंत्रण नहीं हैं। क्रिप्टोकरेंसी को कोई बैंक जारी नहीं करती है। इसे जारी करने वाले ही इसे कंट्रोल करते हैं। इसका इस्तेमाल डिजिटल दुनिया में ही होता है। इसको कोई बैंक या सरकार कंट्रोल नहीं करती है। लोग मानते हैं कि साल 2009 में सतोशी नाकामोतो नामक समूह ने पहली बार बिटक्वाइन को दुनिया के सामने पेश किया था। 

कितना सुरक्षित है बिटक्वाइन?
यह क्रिप्टोकरेंसी अत्यधिक अस्थिर है और इसलिए बहुत जोखिम भरा है। उदाहरण के लिए, जनवरी में बिटक्वाइन का मूल्य बढ़कर 42,000 डॉलर हो गया, और फिर 30,000 डॉलर तक गिर गया, फिर एक हफ्ते के दौरान फिर से बढ़कर 40,000 डॉलर हो गया था। बिटक्वाइन के लिए आपके पास एक एप होता है जिसके जरिए आप लेन देन करते हैं। मान कर चलिए कि सर्वर से आपकी फाइल हट गई या पासवर्ड गलत हो गया तो समझ लो आपके पैसे हमेशा के लिए खो गए। हाल ही में ऐसी खबरें आई थीं कि कुछ लोगों ने लाखों के बिटक्वाइन इसलिए खो दिए क्योंकि उनके पास पासवर्ड नहीं है वह भूल गए।

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