संकट: बेरोजगारी पर काबू पाए बिना नहीं संभलेगी अर्थव्यवस्था की तस्वीर, आर्थिक विशेषज्ञों ने सुझाए ये उपाय

Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Thu, 23 Sep 2021 06:32 PM IST

सार

बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए आर्थिक मामलों के जानकार और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन दर 2017-18 के 36.9 फीसदी से बढ़कर 2018-19 में 37.5 फीसदी हुई है। यह आंकड़ा बताता है कि देश के औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए परिस्थितियां धीरे-धीरे बेहतर हो रही हैं। आने वाले समय में शहरी बेरोजगारी की दर में भी कमी आएगी...
बेरोजगारी
बेरोजगारी - फोटो : pixabay
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विस्तार

देश के कुल निर्यात में बढ़ोतरी, औद्योगिक उत्पादन में सुधार और कृषि उत्पादों के विदेशी निर्यात में वृद्धि के अच्छे समाचारों के बाद भी नौकरियों के मोर्चे पर संकट बना हुआ है। देश में बेरोजगारी दर बढ़कर 7.4 फीसदी हो गई है। शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 9.1 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में 6.6 फीसदी तक पहुंच गई है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि बेरोजगारी के मोर्चे पर बना हुआ संकट मांग में अपेक्षित बढ़ोतरी की राह में बड़ा रोड़ा है और इसके दूर किए बिना अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना मुश्किल होगा। हालांकि, सरकार से जुड़े आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण, निर्यात और उत्पादन के क्षेत्रों में बढ़ रहे अवसरों का असर नौकरियों के नए अवसरों के रूप में जल्द ही सामने आएगा।
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आर्थिक विशेषज्ञ नागेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी ही एकमात्र रास्ता है। इससे गरीबों के हाथ में ज्यादा से ज्यादा पैसा पहुंचेगा, जो खर्च के रूप में बाजार में आएगा। इससे बाजार में आवश्यक चीजों की मांग बढ़ेगी। इसके लिए सरकार को विभिन्न योजनाओं में निवेश बढ़ाना चाहिए और महंगाई पर लगाम लगानी चाहिए।


सरकार ने इस दौरान पीएलआई योजनाओं के जरिए एमएसएमई सेक्टर और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने की कोशिश अवश्य की है, लेकिन मांग बढ़े बिना इन क्षेत्रों के उत्पादों की मांग नहीं बढ़ेगी, जिससे सरकार के प्रयास अपेक्षित परिणाम देने में कमजोर रह सकते हैं। इन योजनाओं का अपेक्षित परिणाम मिले इसके लिए सरकार को अपने स्तर पर विभिन्न योजनाओं में भारी निवेश कर और सामाजिक योजनाओं के जरिए लोगों के हाथ में पैसा पहुंचाना होगा।

जल्द कम होगी बेरोजगारी की समस्या

बेरोजगारी के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए आर्थिक मामलों के जानकार और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन दर 2017-18 के 36.9 फीसदी से बढ़कर 2018-19 में 37.5 फीसदी हुई है। अब इसके 40.1 फीसदी तक पहुंच जाने का अनुमान है। महिला श्रमिकों की भागीदारी 2017-18 में 17.5 प्रतिशत, 2018-19 में 18.6 प्रतिशत और 2019-20 में बढ़कर 22.8 फीसदी हो गया है। यह आंकड़ा बताता है कि देश के औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए परिस्थितियां धीरे-धीरे बेहतर हो रही हैं। आने वाले समय में शहरी बेरोजगारी की दर में भी कमी आएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति

ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय में वृद्धि हुई है। एनएसएसओ के एक सर्वे में यह सामने आया है कि 2012-13 में किसानों की आय 6,426 रुपये मासिक हुआ करती थी, जो 2019 में 10,218 मासिक हो गई है। किसानों की कर्जदारी भी 2013 के 52 फीसदी से घटकर 2019 में 50 प्रतिशत रह गई है।

केंद्र सरकार ने किसानों के लिए विभिन्न योजनाओं के जरिए किसानों की जेब में पैसा पहुंचाया है। किसान सम्मान निधि के रूप में मिलने वाली 6000 रुपये प्रति वर्ष की सहायता ने छोटे किसानों को आर्थिक मदद पहुंचाई है। इन योजनाओं का ही परिणाम है कि अब छोटे किसानों की कर्जदारी भी 31,100 रुपये से घटकर 26,883 रुपये रह गई है। भाजपा नेता ने कहा कि इनका असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर कम होगी।

टैक्स एकत्रीकरण में वृद्धि

कई महीने से देश का जीएसटी कर संग्रह एक लाख रुपये मासिक से ज्यादा रह रहा है। अगस्त माह में कुल जीएसटी कर संग्रह एक लाख 12 हजार 20 करोड़ रुपये रहा है। यह कोविड काल से पहले की तुलना में भी 14 फीसदी से अधिक हो चुका है। यह अर्थव्यवस्था के बेहतर होने का सबसे सशक्त प्रमाण है। अगस्त 2021 में एक्सपोर्ट 33.14 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा है। यह कोविड काल से पहले की तुलना में भी ज्यादा है।

भाजपा नेता के मुताबिक, इन विभिन्न क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था बेहतर प्रदर्शन कर रही है। इनमें कई क्षेत्र कोविड काल के पहले की स्थिति से भी ज्यादा बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। अनुमान है कि इससे आने वाले समय में जल्द ही बेरोजगारी की स्थिति में भी सुधार दिखाई पड़ेगा।
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