चंदन से सुधरेगी कर्ज में डूबे किसानों की आर्थिक सेहत

अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली Updated Mon, 25 Jun 2018 11:43 AM IST
Sandalwood cultivation
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कर्ज की मार झेल रहे पंजाब के किसानों के चेहरों पर अब चंदन से मुस्कुराहट आएगी। इसके लिए प्रदेश की सरकार ने एक लाख किसानों को मुफ्त में चंदन का पौधा वितरित करने का फैसला किया है। इन पौधों को किसान कुछ सालों तक देखभाल कर उन्हें तैयार करने के बाद बाजार में बेच पाएंगे। इससे होने वाली लाखों रुपये की आमदनी किसान अपने पास ही रखेंगे। यह पुष्टि खुद कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश यही है कि किसानों के समक्ष कोई मुश्किल पेश न आए।
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जानकारी के मुताबिक, राज्य के किसानों को कर्ज के बोझ से निकालने के लिए सरकार की तरफ से कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सरकार के थिंक टैंक ने इस योजना पर काम शुरू किया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसान खेती के साथ चंदन के पौधे की देखभाल आसानी से कर सकते हैं, क्योंकि इसके लिए किसी खास तरह की तैयारी की जरूरत नहीं होती।


वहीं, यह पौधा किसानों के लिए एक फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह काम करेगा। इतना ही नहीं, राज्य सरकार की तरफ से सभी डीसी को आदेश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन आने वाले सारे दफ्तरों में भी खाली पड़ी जगहों पर पौधे लगाएं। इसके लिए विभिन्न जिलों के डीसी द्वारा अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे अपने दफ्तरों में खाली पड़ी जगह की फोटो मोबाइल पर खींचकर डीसी ऑफिस भेजें, जिसके बाद उन्हें पौधे वितरित किए जाएंगे। 

चार साल में तैयार हो जाता है चंदन का पौधा

अधिकारियों का मानना है कि पंजाब की जमीन उपजाऊ होने की वजह से चंदन का पौधा तीन से चार साल में पूरी तरह तैयार हो जाता है। ऐसे में किसानों को चार से पांच साल में एक पौधे से ही पांच लाख रुपये तक का फायदा होगा। जानकारों की मानें, तो चंदन पंजाब का पौधा नहीं है, बल्कि यह पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर की ठंडी जगह पर होता है।

ऐसे में प्रदेश में इसकी कामयाबी को लेकर संशय जताया गया है, लेकिन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह प्रयोग सफल रहेगा। अगर होशियारपुर जैसे गर्म इलाके में सेब की खेती हो सकती है, तो चंदन की खेती भी पंजाब में आसानी से संभव है। इससे पहले, सरकार कई विदेशी पौधे लगा चुकी है, जो प्रदेश में कामयाब रहे हैं।

मुगलों के जमाने के पौधों से हराभरा होगा पंजाब
सरकार द्वारा पंजाब में पर्यावरण को बचाने की भी पूरी कोशिश की जा रही है, जिसके तहत आने वाले तीन साल में आठ करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाने हैं। इनमें से तीन करोड़ पौधे अकेले मोहाली में लगाए जाएंगे। यहां पर लगने वाले सारे पौधे पंजाब में कई सालों से चले आ रहे होंगे। इनमें मुगलों के जमाने के काठी आम, कीकर, नीम व बेरी जैसे नाम शामिल हैं। सूबे के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि ये पौधे यहां के पर्यावरण के अनुकूल हैं। साथ ही इनसे किसानों को फायदा मिलेगा।
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