बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

Omicron Impact On Economy: ओमिक्रॉन वैरिएंट के साये से दहशत में वैश्विक अर्थव्यवस्था, यहां जानें क्यों चिंतित हैं विशेषज्ञ

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक चतुर्वेदी Updated Fri, 03 Dec 2021 12:49 PM IST

सार

Omicron variant Impact On Global Economy: आर्थिक थिंकटैंक ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) ने कहा कि ओमिक्रॉन अधिक गंभीर होता है, तो यह सरकारों को कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए मजबूर कर सकता है। ऐसे में वस्तुओं और सेवाओं की मांग को जो झटका लगेगा, वो 2020 में कोरोना की शुरुआत जैसा होगा। 
ओमिक्रॉन वैरिएंट ग्लोबल अर्थव्यवस्था
ओमिक्रॉन वैरिएंट ग्लोबल अर्थव्यवस्था - फोटो : pixabay
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

दक्षिण अफ्रीका में मिला कोविड-19 का ओमिक्रॉन वैरिएंट तेजी से दुनिया भर के कई देशों में अपनी दस्तक दे चुका है। भारत भी इससे अछूता नहीं है, गुरुवार को देश में दो संक्रमितों के मिलने की पुष्टि की गई है। ऐसे में एक बार फिर कोरोना का काला साया वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराने लगा है। ओमिक्रॉन के अर्थव्यवस्था पर प्रभाव को लेकर विशेषज्ञों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं। 
विज्ञापन


आर्थिक सुधार में बन सकता है रोड़ा 
कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर पहले ही कई पश्चिमी देशों में दहशत का महौल है। जैसे-जैसे यह अपना दायरा बढ़ा रहा है दहशत और भी बढ़ती जा रही है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी यह बुरी खबर है। विशेषज्ञों ने भी वैश्विक आर्थिक सुधार पर इसके प्रभाव के बारे में चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में आ रहे सुधार में यह एक बार फिर रोड़ा बन सकता है। 


डब्ल्यूएचओ की घोषणा के बाद दहशत
गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा कोविड-19 के ओमिक्रॉन वैरिएंट को 'चिंताजनक' के रूप में वर्गीकृत किए जाने के बाद दुनिया भर में इसकी दहशत बढ़ गई। शीर्ष वैज्ञानिकों ने हाल ही में दुनिया भर में इसकी उच्च संचरण क्षमता और कम वैक्सीन पैठ का हवाला देते हुए ओमिक्रॉन के खिलाफ चेतावनी जारी की थी। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि यह डेल्टा वैरिएंट से भी 30 गुना तक तेज है। यही कारण है कि भारत सहित कई देशों को यात्रा दिशा-निर्देशों को संशोधित करने के लिए मजबूर किया गया है। कुछ देश नए मामले आने पर नए प्रतिबंधों की तैयारी भी कर रहे हैं। 

विेशेषज्ञों ने जताई यह बड़ी चिंता
विशेषज्ञों ने कहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के प्रसार को रोकने में विफल रहने से वैश्विक संक्रमणों की संख्या में भारी वृद्धि हो सकती है, जिससे कम टीकाकरण पहुंच वाले देशों में स्वास्थ्य प्रणाली चरमराने की संभापना बढ़ गई है। आर्थिक थिंकटैंक ऑर्गनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) ने कहा कि ओमिक्रॉन पश्चिमी सरकारों को व्यवसायों और घरों के लिए नए सिरे से आपातकालीन वित्तीय सहायता लाने के लिए मजबूर कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि ओमिक्रॉन वायरस गंभीर वैश्विक मंदी को ट्रिगर करता है तो ऐसा संभव है।

ओमिक्रॉन गंभीर हुआ तो क्या होगा?
ओईसीडी के विशेषज्ञों ने कहा है कि यदि कोरोनावायरस का ओमिक्रॉन वैरिएंट अपेक्षा से अधिक गंभीर हो जाता है, तो यह दुनिया भर की विभिन्न सरकारों को कड़े प्रतिबंध लागू करने के लिए मजबूर कर सकता है। जो कि निश्चित तौर पर वस्तुओं और सेवाओं की मांग के लिए ठीक उसी तरह से एक बड़ा झटका साबित होगा, जैसा साल 2020 में कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद आर्थिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के बाद देखने को मिला था। 

लंबे समय तक कायम रह सकती है महंगाई
ओईसीडी के मुख्य अर्थशास्त्री लॉरेंस बूने ने कहा कि संभावित परिदृश्यों की बात करें तो ओमिक्रॉन संस्करण का प्रभाव वैश्विक संकट को ट्रिगर कर सकता है। यह आपूर्ति व्यवधान पैदा करते हुए उच्च मुद्रास्फीति को लंबे समय तक कायम रख सकता है। दूसार ओर अगर यह गंभीर होता है और कड़े प्रतिबंध एक बार फिर लागू होते हैं तो इस मामले में मांग में गिरावट आ सकती है।

टीकाकरण में विफलता बड़ी वजह
लॉरेंस बूने ने कहा कि अमीर देशों के G20 समूह ने महामारी की शुरुआत के बाद से आपातकालीन सहायता में लगभग 10 खरब डॉलर खर्च किए, दुनिया भर में टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए करीब 50 खरब डॉलर का खर्च अनुमानित है। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट वास्तव में इस बात को याद दिला सकती है कि विफलता कितनी अदूरदर्शी रही है। हम अपनी अर्थव्यवस्थाओं का समर्थन करने के लिए खर्च कर रहे हैं, जबकि हम पूरी दुनिया को टीका लगाने में विफल रहे हैं, इसीका परिणाम है कि दुनिया वास्तव में बेहतर नहीं दिख रही है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00